गुरुवार, 15 जुलाई 2021

जन सूचना पोर्टल पर 427 प्रकार की सूचनाएं रहेगी उपलब्ध- जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन

 



* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 15 जुलाई 2021.

राजस्थान सरकार द्वारा क्रियान्वित सभी योजनाओं की जानकारी आॅनलाइन प्लेटफार्म पर एक ही जगह उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से जन सूचना पोर्टल प्रारम्भ किया गया है।

जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने बताया कि लगभग हर वर्ग के व्यक्ति विद्यार्थी, श्रमिक, सामाजिक पैंशनर्स, किसान, विशेष योग्यजन अपने से संबंधित विभिन्न विभागीय योजनाओं की व्यक्तिगत एवं अपने इलाके की जानकारियां एक क्लिक पर अपने मोबाईल, कम्प्यूटर, नजदीक के ई-मित्रा सेवा प्रदाता से जनसूचना पोर्टल के माध्यम से प्राप्त कर सकते है।

उन्होंने बताया कि जन सूचना पोर्टल पर 72 विभागों की 175 योजनाओं एवं 427 प्रकार की सूचनाओं की जानकारी उपलब्ध है। जन सूचना पोर्टल पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली, किसान कर्ज माफी, पालनहार, एसबीएस, ई-पंचायत, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, श्रमिक कार्ड, नरेगा श्रमिक, विशेष योग्यजन उधोग आदि से संबंधित सूचना प्राप्त की जा सकती है। जन सूचना पोर्टलः http://jansoochna.rajasthan.gov.in का उपयोग किया जा सकता है। 
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बुधवार, 14 जुलाई 2021

केजरीवाल ने पंजाब उतराखंड के बाद गोवा में भी फेंका फ्री बिजली का पासा- दिल्ली में है तो यहां भी होगी

 



** करणीदानसिंह राजपूत **


केजरीवाल ने गोवा में भी फेंका फ्री बिजली का पासा, बोले- माफ हो जाएंगे पुराने बिल

केजरीवाल ने पणजी में कहा कि अगर दिल्ली में लोगों को मुफ्त बिजली मिल सकती है तो गोवा के लोगों को क्यों नहीं। इससे पहले केजरीवाल ने उत्तराखंड, पंजाब में भी हर घर में हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था।


दिल्ली में अपनी सफलता को दोहराने के बाद सीएम अरविंद केजरीवाल दूसरे चुनावी राज्यों में उपभोक्ताओं को सब्सिडी वाली बिजली देने का वादा कर रहे हैं। 


आप अध्यक्ष ने उत्तराखंड और पंजाब में इसी तरह की घोषणाओं के बाद बुधवार को गोवा में प्रत्येक परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया।


केजरीवाल ने पणजी में कहा कि हर परिवार को प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली में लोगों को मुफ्त बिजली मिल सकती है तो गोवा के लोगों को क्यों नहीं। गोवा में अगले साल फरवरी में चुनाव होना है। इससे पहले केजरीवाल ने रविवार को उत्तराखंड में भी हर घर में हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। उन्होंने राज्य में निर्वाचित होने पर लंबित बिलों की माफी, कृषि के लिए मुफ्त बिजली और निर्बाध आपूर्ति की भी घोषणा की।


केजरीवाल ने कहा कि उत्तराखंड में मुफ्त बिजली के वादे को पूरा करने में करीब 12 सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। राज्य के 50 हजार करोड़ रुपये के बजट से इसे आसानी से किया जा सकता है। 


पिछले महीने केजरीवाल ने वादा किया था कि अगर पार्टी 2022 में सत्ता में आती है तो पंजाब के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। केजरीवाल ने कहा कि मुफ्त बिजली का मतलब 80 फीसदी घरों में बिल शून्य होगा।


केजरीवाल की घोषणा को देखते हुए उत्तराखंड में भाजपा और कांग्रेस ने भी इसी तरह की योजनाओं की घोषणा की। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम हरीश रावत ने घोषणा की है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो यह सुनिश्चित करेगी कि सभी लोगों को पहले वर्ष में 100 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिले और दूसरे वर्ष में 200 यूनिट तक बिजली मिले।


पंजाब में कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति प्रदान करने के लिए अपनी ही सरकार पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने सभी घरों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था। अमरिंदर सरकार अब उस वादे को पूरा करने के लिए प्रयास कर रही है।०0०

14-7-2021.

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प्रिया ओझा सूरतगढ़ का RAS में चयन.



* करणीदानसिंह राजपूत *
प्रिया ओझा पुत्री (स्व. शिवप्रकाश ओझा - श्रीमती चंचल ओझा) सूरतगढ़ का राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा 2018 बैच में 134 वीं रैंक में चयन हुआ।

राजस्थान लोकसेवा आयोग ने दि. 13 जुलाई 2021 को यह परिणाम घोषित किया।





प्रिया के मामा एडवोकेट हितेंद्र सारस्वत राजियासर निवासी श्रीबिजयनगर में वकालत करते हैं। मामा ने बताया कि प्रिया के पिता शिव ओझा का सपना था कि पुत्रियों को प्रशासनिक सेवाओं में देखूं। शिव ओझा राजनीतिक लोकप्रिय व्यक्ति रहे।प्रिया के नाना स्व.सत्यनारायण सारस्वत राजस्व तहसीलदार पद पर रहे थे। प्रिया के दादा वेदप्रकाश ओझा हैं।
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मंगलवार, 13 जुलाई 2021

मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना’ में श्रीगंगानगर राज्य में प्रथम: जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन का टीमवर्क.




* करणीदानसिंह राजपूत *


श्रीगंगानगर, 13 जुलाई 2021.


‘मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना’ में श्रीगंगानगर जिला राज्य में प्रथम स्थान पर घोषित होने की सूचना बोल रही है कि जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन का टीमवर्क कुशलता से चलने से हर कार्य सफलता से पूर्ण होते रहे हैं। कोरोना का संकट काल और उसमें जिले के शहरों और गांवों को संक्रमण से बचाए रखने से महामारी पर बहुत कुछ रोक रही।


 श्रीगंगानगर जिले के सभी चिन्हित कोरोना लाभार्थियों की स्वीकृति एवं भुगतान कर दिया गया है। श्रीगंगानगर जिला 100 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहले नंबर पर है। सवाई माधोपुर 98 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे नंबर पर है।

 ’मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना’ में शीर्ष दस स्थानों पर श्रीगंगानगर, सवाईमाधोपुर, अलवर, अजमेर, झालावाड़, जोधपुर, झुंझनू, बीकानेर, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ हैं।


मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना में कोविड से मृत्यु होने पर परिवार को एक मुश्त एक लाख की सहायता के अलावा विधवा महिला को प्रतिमाह 1500 रूपये तथा दो बच्चों को 18 वर्ष तक 2500-2500 प्रतिमाह देने का प्रावधान है। बच्चे 18 वर्ष की आयु के होने पर उन्हें पांच लाख रूपये स्वरोजगार के लिये दिये जायेंगे। शिक्षा में प्रवेश में प्राथमिकता दी जायेगी तथा कौशल प्रशिक्षण में भी ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जायेगी।

जिला कलेक्टर जाकिर हुसैन ने इस घोषणा पर समस्त प्रशासन की प्रशंसा की है।

दि. 13 जुलाई 2021.

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श्रीगंगानगर के डीएम व एसपी की डीसी फाजिल्का के साथ बैठक :नहरों से पानी चोरी रुकवाने अतिक्रमण हटवाने।

 






* करणीदानसिंह राजपूत *


14 जुलाई से अभियान का पहला चरण होगा शुरू होगा। यह अभियान धरातल पर चलेगा इसलिए संभावना है कि इसका अच्छा परिणाम भी मिलेगा.


श्रीगंगानगर, 12 जुलाई 2021.


 जिला कलक्टर श्री जकिर हुसैन एंव पुलिस अधीक्षक श्री राजन दुष्यंत ने सिंचाई अधिकारियों के साथ सोमवार को नहरी तंत्र को लेकर फाजिल्क(पंजाब) के डीसी व एसएसपी व सिंचाई अधिकारियों के साथ बैठक लेकर पानी चोरी सहित विभिन्न बिन्दुओं को प्रमुखता से रखा तथा जोर देकर कहा कि राजस्थान के हिस्से के पानी में किसी प्रकार की चोरी रोकनी होगी व नहरों के पास अतिक्रमण हटाने होंगे।  

फाजिल्का डीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा हुई। जिला कलक्टर ने कहा कि हमारी नहरों के दोनों ओर जो भूमि नहर की है, उस पर किसी प्रकार का अतिक्रमण नहीं होना चाहिए, जो अतिक्रमण है, उन्हें चिन्हित किये जायें। बैठक में यह तय किया गया कि राजस्थान जल संसाधन के अभियंता, पंजाब जल संसाधन के अभियंता व पंजाब पुलिस संयुक्त रूप से कार्यवाही करेगी। संयुक्त कार्यवाही में जो पाईपें दिखाई दे रही है, इन पाईपों द्वारा पानी चोरी होता है, को तत्काल हटाई जायेगी। 

बैठक में यह तय किया गया कि राजस्व विभाग से मिलकर नहरी भूमि पर जो अवैध ढ़ांचे बने हुए है, उन्हें नियमानुसार हटाने की कार्यवाही की जायेगी। बैठक में यह तय किया गया कि 14 जुलाई 2021 से प्रथम चरण का अभियान चलाकर कार्यवाही की जायेगी। नहरों के ऊपर पाईप डालकर पानी चोरी को रोका जायेगा तथा अवैध अतिक्रमण चिन्हित कर हटाये जायेंगे। राजस्व विभाग नियमानुसार नोटिस तैयार कर संबंधित को दिये जायेंगे तथा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जायेगी। 

बैठक में फाजिल्का पंजाब के डीसी श्री अरविन्द पाल सिंह सिधु, एसएसपी श्री दीपक हिलोरी, अधीशाषी अभियंता गंगानगर श्री धीरज चावला तथा पंजाब जल संसाधन के अधिकारी उपस्थित थे। ०0०

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रविवार, 11 जुलाई 2021

सूरतगढ़ में पानी में आग! लोग पानी का टैंकर ₹500 में मंगवाने को मजबूर

 


*  करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 11 जुलाई 2021.

जलदाय विभाग के होते हुए पानी का गंभीर संकट पूरे शहर में हाहाकार मचा है।सर्दी गर्मी हर मौसम में  एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की व्यवस्था रही है जिसे कभी सुधारने की चेष्टा नहीं हुई। पहले प्रतिदिन पानी मिलता था लेकिन पिछले 12 सालों से अनेक वार्डों में पानी का वितरण एक दिन छोड़कर होने लगा।

बहुत कम पानी की सप्लाई और गर्मी आते ही पानी में आग लग जाती है।


 शहर के लगभग चारों और के वार्डों में गर्मी के इन दिनों में ₹500 का एक पानी टैंकर मंगवाने को मजबूर हैं। घरों में भूमिगत टैंक बने है, जिन में यह पानी टैंकर खाली करवाए जाते है और बाद में पानी का उपयोग किया जाता है। पांच सौ का पानी परिवार में पन्द्रह बीस दिन चल पाता है।


शहर के अनेक वार्डों में दैनिक मजदूरी करने वाले,अल्प आय वाले, बीपीएल श्रेणघ के लोग हैं इनको कोरोना काल में मजदूरी  यदा-कदा मिल पाती है और इतना महंगा पानी उनको मजबूरी में लेना पड़ता है।

 ओवर हैड टैंक हैं जिनसे किस किस वार्ड मोहल्ले को जोड़ना चाहिए की सर्वे तुरंत होनी भी जरूरी है। स्थानीय अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं है। गर्मी की तपन में जिला प्रशासन को तुरंत ही कोई व्यवस्था करवानी चाहिए।०0०

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शनिवार, 10 जुलाई 2021

राजस्थान-कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी-11 जुलाई से लागू-

 



अब 8 बजे तक खुलेंगे बाजार। जिन दुकानदार स्टाफ ने 60 प्रतिशत तक वैक्सीन डोज लगवा ली है, उन्हें शाम 4 बजे से 7 बजे तक की अनुमति में 1 घंटा बढाया है और 8 बजे तक की अनुमति दी है। वैक्सीन लगाई होने की सूचना प्रदर्शित करनी होगी।

फर्स्ट डोज वालों के लिए सिनेमाघर खुलेंगे
दुकानों को रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति
सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक शादी समारोह की अनुमति
बाजार में बारात निकासी की नहीं होगी अनुमति
11 जुलाई सुबह 5 बजे से लागू होगी नई गाइडलाइन

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मंगलवार, 6 जुलाई 2021

813 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर वीडियो निगरानी: 47 और स्टेशनों पर कार्य शीघ्र ही पूरे होंगे

* करणीदानसिंह राजपूत *


 भारतीय रेलवे और उसके सार्वजनिक उपक्रम रेलटेल ने देशभर के 813 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए हैं। 

 रेलटेल की वरिष्ठ प्रबन्धक जनसंपर्क सुचरिता प्रधान ने बताया कि यात्रियों, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की संरक्षा और सुरक्षा की ओर अधिक ध्यान देते हुए 47 और स्टेशनों पर कार्य चल रहा है, और शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। भारतीय रेलवे और रेलटेल द्वारा मार्च 2022 तक 756 स्टेशनों को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।





 यह परियोजना सभी ए1, ए, बी, सी, डी और ई श्रेणी के रेलवे स्टेशनों और प्रीमियम ट्रेनों और उपनगरीय ईएमयू के कोचों को कॅवर करने वाली है, जिसमें से करीब 5000 स्टेशनो में रेलटेल सीसीटीवी लगाएगा। इसके लिये भारतीय रेलवे ने 25 जून 2020 को रेलटेल के साथ एक एमओयू किया था। घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए, राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए, सीईआरटी-इन पैनलबद्ध सरकारी एजेंसियों द्वारा संपूर्ण प्रणाली की लेखापरीक्षा के लिए और भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों की भागीदारी को रोकने के लिएए भारतीय रेलवे द्वारा व्यापक आधार, मजबूत संशोधित विनिर्देश जारी किए गए थे और इसके आधार पर वही रेलटेल ने मई 2021 में 456 स्टेशनों पर सीसीटीवी के लिए 4 टेंडर जारी किए हैं।

इन सीसीटीवी को आॅप्टिकल फाइबर केबल पर नेटवर्क किया जा रहा है और सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फीड न केवल स्थानीय आरपीएफ चैकियों पर बल्कि मंडल और जोनल स्तर पर एक केंद्रीकृत सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष में भी प्रदर्शित की जा रही है। 


रेलवे परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने के लिए स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों और वीडियो फीड की निगरानी 3 स्तरों पर की जा रही है। 

रेलटेल ने 14 जोनल रेलवे पर केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष की स्थापना का कार्य पूरा कर लिया है और शेष जोनों के कार्य प्रगति पर हैं। ये केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष संबंधित जोनों के स्टेशनों पर रेलटेल द्वारा स्थापित सीसीटीवी से वीडियो फीड प्रदर्शित कर रहे हैं, कैमरे, सर्वर, यूपीएस और स्विचों की निगरानी के लिए नेटवर्क प्रबंधन प्रणाली एमएमएस भी उपलब्ध करायी गई है जिसे अधिकृत कार्मिक द्वारा किसी भी वेब ब्राउजर से देखा जा सकता है।

 रेलवे परिसर के अंदर अधिकतम कॅवरेज सुनिश्चित करने के लिए 4 प्रकार के आईपी कैमरे-डोम टाइप, बुलेट टाइप, पैन टिल्ट जूम टाइप और अल्ट्रा एचडी4 के स्थापित किया जा रहा है। इससे सुरक्षा में सुधार के लिए आरपीएफ अधिकारियों को अतिरिक्त सहयोग मिलेगा। सीसीटीवी कैमरों से प्राप्त होने वाली वीडियो फीड की रिकाॅर्डिंग 30 दिनों के लिए स्टोर की जाएगी। कोविड 19 महामारी लाॅकडाउन, सामग्री की आपूर्ति में कमी और आवाजाही पर प्रतिबंध के कारण निष्पादन में कुछ देरी हुई। हालांकि स्थिति सामान्य होने के साथ, वर्तमान में परियोजना को पूरा करने का काम पूरे जोरों पर है।

रेलटेल के बारे में

 रेलटेल एक ’’मिनी रत्न (श्रेणी-1)‘‘ केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है, जो देश के सबसे बड़े तटस्थ दूरसंचार अवसंरचना प्रदाताओं में से एक है, जिसके पास देश के कई कस्बों एवं शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को कॅवर करने वाला अखिल भारतीय आॅप्टिक फाइबर नेटवर्क है। आॅप्टिक फाइबर के 59500 से अधिक मार्गिकिलोमीटर के एक मजबूत विश्वसनीय नेटवर्क के साथ, रेलटेल के पास दो टियर थर्ड डेटा सेंटर भी हैं। अपने अखिल भारतीय उच्च क्षमता नेटवर्क के साथए रेलटेल विभिन्न फ्रंटों पर एक नाॅलेज सोसाइटी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है और इसे दूरसंचार क्षेत्रा में भारत सरकार की विभिन्न मिशन-मोड परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए चुना गया है। रेलटेल एमपीएलएस-वीपीएन, टेलीप्रेजेंस, लीज्ड लाइल, टाॅवर को-लोकेशनए डाटा सेंटर सेवाएं जैसी सेवाओं का एक समूह उपलब्ध कराती है। रेलटेल देश भर के रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक वाई-फाई उपलब्ध कराकर रेलवे स्टेशनों का डिजिटल हब में बदलने के लिए भारतीय रेलवे के साथ भी कार्य कर रही है। 

( 6 जुलाई 2021)

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रविवार, 4 जुलाई 2021

नगर पालिका बैठक में भाजपा पार्षदों के व्यवहार पर पूरा शहर चकित है। क्या है संभावित कारण?

 



* भाजपा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत नहीं करती है तो वह आरोप के भाषण कर नाटक कर रही है। *


* करणीदानसिंह राजपूत *


सूरतगढ़ नगर पालिका की 2 जुलाई की बैठक में विधायक रामप्रताप कासनिया ने जब बैठक का बहिष्कार किया उस समय भाजपा के कुछ पार्षद बैठक में से उठे नहीं और यह व्यवहार शहर में चर्चा बन गया। विधायक नगर पालिका मैं सदस्य के रूप मान्य है लेकिन असल में नगर पालिका में पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। 

पार्षद अपनी अहमियत साधारण शब्दों में कीमत शब्द से समझाया जा सकता है पार्षद अपनी कितनी कीमत अहमियत मानते हैं?

नगर पालिका सूरतगढ़ का पिछले कई सालों का इतिहास देखा जाए तो आश्चर्य होता है पार्षद पहले खूब शोर करते हैं हल्ला मचाते हैं। नगर पालिका के अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार और नियम विरुद्ध कार्य करने के आरोप लगाते हैं।इसके साथ ही सर्वसम्मति से हर साल एक सौ करोड़ रू. से अधिक का बजट पारित हो जाता है और हर बैठक में सारे प्रस्ताव पारित हो जाते हैं। 

प्रस्तावों पर कभी मत भिन्नता होने पर मत विभाजन होना चाहिए। कौन किस प्रस्ताव के पक्ष में है कौन प्रस्ताव के विरोध में है और कौन बीच में है न इधर ना उधर। 

करीब 10 सालों से अगर देखा जाए तो एक दो प्रस्ताव निरस्त हुए या रोके गए हैं जिनकी संख्या लगभग शून्य सी है। 

जब हर प्रस्ताव पारित ही किया जाना है तो फिर शोर-शराबे का नाटक क्यों होता है?


 नगर पालिका बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष करते हैं जब जब शोर-शराबा हुआ तब एक ही आरोप लगाया जाता है कि बोलने नहीं दिया गया।

 नगर पालिका की बैठक शोर-शराबे से खत्म नहीं हो इसलिए हर नागरिक चाहता है कि शांति से अपनी अपनी बात सभी पक्ष विपक्ष के पार्षद करें और महिला सदस्यों को भी बोलने का मौका दिया जाए। 

जिनको पक्ष में बोलना है वे पक्ष में बोलें और जिनको विरोध में बोलना है वे अपनी बात का उल्लेख करें। 

जब कोई भी पार्षद उत्तेजित होकर के बोलने लगता है तो उस उत्तेजना में प्रस्ताव के तथ्य तो लुप्त हो जाते हैं और शोर-शराबा शुरू हो जाता है,जो तथ्य सामने आने चाहिए वह सामने नहीं आ पाते। 

नगर पालिका सूरतगढ़ की 2 जुलाई की बैठक में यही हुआ शोर-शराबे की भेंट में सभी प्रस्ताव पारित हो गए। 

विधायक रामप्रताप कासनिया द्वारा बहिष्कार हुआ। उनके साथ भारतीय जनता पार्टी के कितने पार्षद बाहर गए और कितने सभाकक्ष में बैठे रहे,क्यों बैठे रहे? 

यह महत्वपूर्ण है। असल में निर्वाचन के बाद राजनीतिक दल अपने पार्षदों पर नियंत्रण नहीं रखते। उनसे मेलजोल नहीं रखते,स्वच्छंद छोड़ देते हैं। स्वछंद छोड़े हुए पार्षद फिर अपनी मनमर्जी का रवैया अपनाते हैं। अपनी व्यक्तिगत मित्रता को निभाते हैं। वे अपनी लाभ हानि सोचकर निर्णय करते हैं। 

होना तो यह चाहिए कि नगर पालिका की जब भी बैठक हो उससे पहले पार्टियों की बैठकें हो जिनमें हर प्रस्ताव पर चर्चा हो। 

नगरपालिका की  बैठक के अंदर क्या करना है? जब इस प्रकार के नीतिगत कोई बैठक नहीं हो समझाइश नहीं हो तब अकेले पार्षदों को कोसना, उनके व्यवहार को गलत बताना, अनुचित रहेगा। 

भारतीय जनता पार्टी के पार्षद विधायक के बहिष्कार के बावजूद बैठक में उपस्थित रहे। इस पर आगे के लिए मनन किया जाना चाहिए।

 

केवल नगर पालिका बैठक से पहले ही पार्टी पार्षदों की बैठक क्यों हो, समय समय पर बैठकें होनी चाहिए। 

नगर मंडल की एक बैठक हर माह होनी चाहिए। ऐसी बैठकें अगर हो और उसमें पार्षद भी उपस्थित हो तो सभा आदि में एक निश्चित तरीके से व्यवहार किया जा सकता है। आजकल भारतीय जनता पार्टी में लेसन देने का पाठ पढ़ाने का कोई कार्य संपादित नहीं होता। जब किसी को शिक्षा ही नहीं दी जाए तब उससे हर समय नीतिगत व्यवहार की आशा ही क्यों की जा सकती है। 

विधायक ने बहिष्कार किया उस समय सभी को बाहर आना चाहिए था यह आशा की जाती है लेकिन उस अचानक घोषणा पर कुछ पार्षद तो तत्काल निर्णय लेने जितने सतर्क ही नहीं होते। क्या करना है की सोच में बैठे रह जाते हैं।

विधायक के बहिष्कार करते ही या तो विधायक ही कहते कि बाहर चलो या फिर कोई भाजपा पार्षद ही सभी को उठने के लिए कहता। उसके बाद कोई नहीं उठे और बैठा रहे तो दोषी। 

यदि नगरपालिका में भ्रष्टाचार हो रहा हो तो बैठक में उठाना ही चाहिए। लेकिन बैठक निश्चित नहीं हो तो बैठक के बाहर भी जनता में मीडिया में मामले रखे जा सकते हैं। यदि प्रमाण हो तो फिर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भी दिए जा सकते हैं। नगरपालिका बैठक में तो केवल चर्चा तक ही सीमित होते हैं। अब सबसे बड़ा प्रश्न है कि विश्व में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का ढिंढोरा पीट कर सर्वोच्च साबित करने वाली पार्टी के द्वारा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत करने से पीछे क्यों रहा जाता है? कोई कार्यकर्ता कोई पार्षद ब्यूरो में शिकायत करे। यदि कोई पार्षद नागरिक शिकायत नहीं कर रहा हो तो नगरमंडल अध्यक्ष का प्रथम कर्तव्य है कि वह शिकायत करे। आखिर वह किस लिए अध्यक्ष पद पर है?अब जो प्रश्न पार्षदों पर हो रहे हैं वे नगर मंडल अध्यक्ष पर होने चाहिए। 

भ्रष्टाचार शब्द को नाटक के रूप में नहीं खेला जा रहा है तब भाजपा नगर अध्यक्ष को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में बिना देर किए शिकायत देनी चाहिए। ०0०









वृक्षमित्र संस्था की ओर से सूरतगढ़ नंदीशाला में पौधारोपण अभियान: विशेष रिपोर्ट-

 



 सूरतगढ़ शहर की सूर्योदय नगरी में सुबह  सूर्योदय की किरणो के साथ नंदी शाला में वृक्षमित्र परिवार संस्था और पर्यावरण प्रेमियों की ओर से पौधारोपण अभियान का शुभारंभ हुआ। नंदी शाला में इस संस्था की ओर से  300 पौधे लगाए जाएंगे। पौधरोपण अभियान एक सप्ताह तक चलेगा।  कोई भी नागरिक यहां आकर अपने खास दिन और खास की स्मृति में पौधरोपण कर सकता है और इस अभियान का भागीदार बन सकता है।


शुभारंभ पर विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया वृक्ष प्रेमी पर्यावरण प्रेमी संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।







संस्था संस्थापक नवनीत मुंजाल के संयोजन में कार्यक्रम में भाग लेने वालों के वक्तव्य और विभिन्न विवरण दिए गए जिनमें छोटी बड़ी अनेक सफलताओं की कहानियां प्रगट हुई।


आज के शुभारंभ कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा, पुलिस उप अधीक्षक शिवरतन गोदारा,नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा,पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नंदीशाला के अध्यक्ष राजाराम गोदारा,रोटेरियन राजेंद्र तनेजा,युवा पर्यावरण संस्था के संयोजक प्रेमसिंह सूर्यवंशी, लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत, योगेंद्र प्रतापसिंह, शरणपालसिंह मान,सुभाषचंद्र गुप्ता,सुरेशचंद्र मिश्रा, वृक्षमित्र संस्था के संरक्षक पवन बाघला,मारवाड़ी युवा मंच के पदाधिकारी व सदस्यों सहित,पर्यावरण प्रेमी पत्रकारों नवलकिशोर भोजक,शिव सारड़ा, ने भाग लिया।


कार्यक्रम में पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा, राजेंद्र तनेजा, मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष नरेन्द्र सोमाणी, सुभाष चन्द्र गुप्ताआदि ने वक्तव्य दिए।

 उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा और पुलिस उप अधीक्षक शिवरतन गोदारा ने पर्यावरण और पौधरोपण में सहयोग देने के वक्तव्य दिए।


नंदीशाला के अध्यक्ष राजाराम गोदारा ने बताया कि अध्यक्ष का दायित्व मिला तब  300 के करीब नंदियों का पालन करने की दायित्व पूर्ण चुनौती मिली थी। उस समय 6 लाख रू की देनदारियां और तूड़ी के खाली गोदाम मिले। गोदारा ने बताया की जनता से संपर्क और जानकारी से अपार जनसहयोग मिला और लगातार मिल रहा है। सारी देनदारियां चुकता कर दी गई है और अच्छी रकम पास में हो गई है। तूड़ी के गोदाम भरे हैं। इस समय 1 हजार नंदी हैं जिनमें 300 बछड़े हैं। इन बछड़ों में अच्छी नस्ल के सांड तैयार करने की प्रक्रिया भी चलाई जा रही है जिसमें उनको अलग से खाने की सामग्री दी जा रही है, जिसमें पालिकाध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा का भरपूर सहयोग है। यह बताया गया कि जो सांड तैयार होंगे उनको इलाके की गौशालाओं में दिया जाएगा। गोदारा ने बताया कि पहले चार शैड थे और अब दस के करीब हैं।

नगरपालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने बताया कि शहर में अनेक स्थानों पर बगीचों का निर्माण कराया जाएगा। कालवा ने बताया कि उपखंड कार्यालय के आगे काफी जमीन बेकार पड़ी है जिसमें बगीचा लगाया जाएगा। यह जमीन उपखंड अधिकारी मनोज कुमार मीणा ने सुझाई और उपलब्ध कराई है। सैनी मोहल्ले में पार्क बनाने का भी कहा गया। अशोक नागपाल ने केशव पार्क को विकसित करने का कहा। 

मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष नरेन्द्र सोमाणी ने कहा कि नंदी शाला में पेड़ पौधों की सिंचाई के लिए जलसंग्रहण टैंक.निर्माण कराने के लिए अपनी संस्था में शीघ्र ही प्रस्ताव रखेंगे। 



 नवनीत मुंजाल ने कहा कि नंदी शाला में पेड़ पौधों की रक्षा जरूरी है। चारदीवारी हो या फिर पिल्लर वायरफेनसिंग करवा दी जाए। मुंजाल ने कहा कि पुलिस अभ्यास का केंद्र बनने के बाद उसमें पौधारोपण से लेकर पेड़ बनने तक की जिम्मेदारी वृक्षमित्र परिवार संस्था लेती है। मुंजाल ने जानकारी दी कि संस्था की शहर में इस समय 8 साइट्स हैं जहां पौधरोपण के बाद सभी रखरखाव हो रहे हैं।०0०

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