मंगलवार, 4 दिसंबर 2018

सूरतगढ:टिब्बा क्षेत्र व शहर में कासनिया भाजपा के काम:कोई मुकाबला नहीं







***** पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। 
 इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे। उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, प
*****पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे।
उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।इन रिकार्डों को कोई चुनौती नहीं दे।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, पत्रकार. सूरतगढ़)
सूरतगढ:टिब्बा क्षेत्र व शहर में कासनिया भाजपा के काम:कोई मुकाबला नहीं
*****पांच सितारा विशेष रिपोर्ट: करणीदानसिंह  राजपूतः
सूरतगढ़ तहसील के टिबा क्षेत्र में करीब 5 हजार किसान परिवारों को रामप्रताप कसनिया के विधायक कार्यकाल और वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री काल में सन 2007-2008 में बारानी भूमि दो मुरब्बा तक का मुफ्त में खातेदारी अधिकार दिया गया।
50 सालों से किसान पीढ़ी दर पीढ़ी टीसी( अस्थायी) जोत रहे थे लेकिन मालिकाना अधिकार नहीं था। यह जमीन निशुल्क दी गई। कोई कीमत नहीं ली गई। इसके अलावा करीब दो हजार से ज्यादा किसानों को बालिग पुत्रों की भूमि पुख्ता आवंटित की गई। यह एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है जिसका कोई मुकाबला नहीं है। किसी भी विधायक के कार्यकाल में इतना बड़ा कार्य नहीं हुआ। इसके अलावा रामप्रताप कासनिया के पूर्व के विधायक काल में रायसिख आदि को जमीने आवंटित की गई। विभिन्न प्रकार के समाज जो नहर निकलने के समय से जमीनों पर काबिज थे मगर उनके पास पट्टा नहीं था उनको पुख्ता आवंटन नहीं था।वे जमीनों के मालिक नहीं थे। ऐसी हजारों बीघा जमीन रामप्रताप कसनिया के विधायक काल में और मुख्यमंत्री वसुंधरा के राज में खातेदारी अधिकार मालिकाना अधिकार दिए गए। यह काम बहुत बड़ा काम था लेकिन कासनिया के काल में हुआ।
करीब चालीस पचास सालों से जो किसान जमीनों पर थे उनको मालिकाना अधिकार दिए गए।
कासनिया के काल में ही सेम ग्रस्त इलाकों का भी कायापलट करवाने के लिए करोड़ों रुपए की योजनाएं बनाई गई। जहां अब खेती हो रही है। रामप्रताप कसनिया सन 2003 से 8 तक पीलीबंगा के निर्दलीय विधायक थे।
उस समय सूरतगढ तहसील का  टिब्बा व अन्य क्षेत्र पीलीबंगा में था।
भाजपा के राज  वर्ष 2003 से 8 तक में सूरतगढ़ विधानसभा सीट से अशोक नागपाल विधायक थे। अशोक नागपाल के सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र में सन 2007-8 में करीब 1 हजार किसानों को बारानी भूमिका पुख्ता आवंटन कर मालिकाना अधिकार दिए गए। यह भी एक रिकॉर्ड है।उस समय भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की थी।इन रिकार्डों को कोई चुनौती नहीं दे।
इसके अलावा पिछले भारतीय जनता पार्टी के राज में 2013 से 2018 तक में विकास के अनेक कार्य हुए। गावों को सड़कों से जोड़ा गया। उच्च कोटि की पेयजल योजनाएं बनाई गई।शिक्षा और चिकित्सा के केंद्र खोले गए।सूरतगढ़ से अनूपगढ़ तक की सड़क बनाई गई। सूरतगढ़ शहर में गौरव पथ का निर्माण हुआ( जिसे बीकानेर रोड कहते हैं )आज आसानी से वाहन दौड़ रहे हैं।सीवरेज का कार्य महत्वपूर्ण कार्य है।निर्माण के समय निश्चित है कि खुदाई के बिना यह कार्य संभव नहीं था लेकिन अब आने वाले समय में संपूर्ण शुरुआत से शहर में एक नई प्रकार की सफाई व्यवस्था होगी और पानी शुद्ध होकर किसानों के खेतों को सिंचित करेगा जिसका एक बहुत बड़ा लाभ होगा।
टिब्बा क्षेत्र में सिंचाई के लिए सुविधा देने में कोई कमी नहीं रखी गई। टिब्बा क्षेत्र में खेतों में सिंचाई के लिए नलकूप लगाने के लिए बिजली के कनेक्शन आधी दरों पर दिए गए यानी कि 50% अनुदान दिया गया। इस प्रकार से करीब 500 किसानों को बिजली के कनेक्शन दिए गए। जिन खेतों में नलकूप पूर्ण काम कर रहे हैंवह खेत आज हरे भरे हैं और अच्छा उत्पादन कर रहे हैं। करीब 700 आवेदन बिजली के लिए और पड़े हैं आने वाले कार्यकाल में निश्चित रूप से उनके कार्य भी संभव होंगे।इसके अलावा खेतों में सिंचाई के लिए डिगियां  भी काफी बनाई गई है।
कहना है कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में अनेक कार्य हुए हैं जिनका कोई मुकाबला नहीं है।
रेल सुविधाओं का विस्तार हुआ है।श्री गंगानगर हनुमानगढ़ सूरतगढ़ इलाके के अंदर से दूर दूर तक जाने वाली रेलें शुरू हुई है या ये जुड़े हैं। यात्रा का महत्वपूर्ण साधन इलाके को मिला है। बठिंडा से सूरतगढ़ तक रेल लाइन बिजली से जोड़ी जा रही है। जहां बिजली से रेल चलेगी और उनकी गति और अधिक हो सकेगी।
पेयजल की योजनाओं में सूरतगढ़ शहर में सूर्योदय नगरी और कच्ची बस्तियों में कई उच्च जलाशय बनाए गए हैं और कुछ का निर्माण अभी चल रहा है। सूर्योदय नगरी को शहर से जोड़ने के लिए 3 अंडरपास दिए गए हैं जिन पर करोड़ों रुपए का खर्चा हुआ है और नागरिकों की महत्वपूर्ण मांग पूरी हुई।
सूर्योदय नगरी के लिए एक डिस्पेंसरी भी खोली गई। सूर्योदय नगरी के लिए रेलवे का एक नया मुख्य द्वार भी बनाने की योजना है।
सूरतगढ़ की अनेक सड़कें और नाले नालियों का विकास हुआ है कुछ पार्क भी विकसित किए गए हैं।
सामाजिक संस्थाओं को नगर पालिका क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकाल में धर्मशाला आदि के लिए विशेष छूट पर भूमि दी गई है और वहां पर संस्थाओं के भवन बन चुके हैं। वहां सामाजिक कार्य और समारोह हो रहे हैं। सूरगढ शहर के बीच बिश्रोई धर्मशाला के लिए पट्टा दिया गया जिसके लिए करीब तीस चालीस साल से मांग हो रही थी।
भाजपा के राज में पंचायत समिति कार्यालय के पास लाखों का अम्बेडकर भवन तैयार है। बस्तियों के ऊपर से गुजरती उच्च शक्ति की बिजली तारें हटाने का कार्य भी काफी क्षेत्र में हुआ है।
शहर में विशाल नंदी शाला का निर्माण हुआ जिसमें करीब 300 बेसहारा गौवंश को रखा हुआ है।
पुरानी धानमंडी परिसर जो गंदे पानी गंदगी में भरा रहता था को इंटरलॉकिंग टाईल्स लगाकर साफसुथरा रूप दिया गया जिससे वहां व्यवसाय करने वाले सुखी हुए हैं।
आलोचना करने वालों के पास थोथे बयानों के अलावा कोई प्रमाण नहीं है।
( मेरी जानकारी व अध्ययन से यह रिपोर्ट है - करणीदानसिंह राजपूत, पत्रकार. सूरतगढ़)




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