Thursday, August 31, 2017

सूरतगढ़ इलाके में 31 अगस्त शाम की तेज वर्षा

सूरतगढ़ में 31 अगस्त शाम को मूसलाधार बारिश शुरू। वर्षा करीब 5:45 बजे शुरू हुई। तेज वर्षा के कारण करीब 6:00 बजे तक सड़कें और गलियां लबालब हो गई । आज रामदेव  जाल मंदिर पर मेला भरा हुआ है, जो श्रद्धालु शाम को धोक लगाने पहुंचे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।



Wednesday, August 30, 2017

मुख्यमंत्री हैल्प लाईन 181 के प्रकरणों का निपटारा टाईमलाईन अनुसार करना होगा: अन्यथा कार्यवाही होगी

के अनुसार निर्धारित अवधि में समस्या का हल श्रीगंगानगर, 30 अगस्त। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 15 अगस्त 2017 को प्रारम्भ की गई 181 हैल्पलाईन से प्राप्त होने वाले प्रकरणों को निर्धारित अवधि में टाईमलाईन के अनुसार निस्तारित करने होंगे। समय पर निस्तारण नही होने पर प्रकरण एल वन से एल टू इसी प्रकार एल टू से एल थ्री के पास स्वतः ही पहुंच जायेगा। इसका अर्थ यह होगा कि संबंधित अधिकारी ने समय पर प्रकरण निस्पादित नही किया। प्रकरण निस्पादित नही करने वाले संबंधित अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जायेगी। 

जिला कलक्टर बुधवार को कलैक्ट्रेट सभा हॉल में जिला स्तरीय बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई 181 हैल्पलाईन से 5 प्रकरण प्राप्त हुए है, जिनमें से 4 समाज कल्याण विभाग से तथा 1 चिकित्सा विभाग से संबंधित है। इन प्रकरणों का 1 सितम्बर तक आवश्यक रूप से निपटारा करना होगा। 


सरकारी ड्यूटी पर Facebook चलाना संकट में डाल देगा: सरकारी वेतन लेना काम नहीं करना हरामखोरी है

- करणीदानसिंह राजपूत-

 सरकारी नौकरी में ड्यूटी समय में फेसबुक पर पोस्ट डालना अपने कमेंट्स डालना पूर्ण रुप से हरामखोरी है। पोस्ट और कमेंट पर डालते हैं तब उसका समय भी नोट होता है। किसी भी शिकायत पर ऐसे सरकारी कर्मचारी और अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही हो सकती है और वह पोस्ट और कमेंट को लेकर संकट में भी पड़ सकते हैं। मनमाने पोस्ट डालने और कमेंट डालने पर कोई भी ऐसे हरामखोरी करने वालों की शिकायत कर सकता है।

 सरकार से वेतन लेते हैं तो अपनी ड्यूटी भी पूरी सरकार के पक्ष में करनी चाहिए। ऐसे कर्मचारी भी है जो सरकारी ड्यूटी काल में किसी अन्य स्थान पर किसी आयोजन में समारोह में कार्यक्रमों में उपस्थित रहते हैं। ऐसे नेता गिरी करने  वाले सरकार से वेतन लेने वाले और काम नहीं करने वालों की यह नीति हरामखोरी कहलाती है और ऐसा कार्य करने वाला खुद हरामखोर कहलाता है।  कुछ दिन पहले एक समाचार आया था कि राजस्थान सरकार द्वाराअपने दफ्तरों में स्मार्टफोन का इस्तेमाल रोका जाएगा क्योंकि सरकारी कर्मचारी मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने कमेंट करने या फिल्में आदि देखने में अपना समय बर्बाद करते हैं और सरकारी कार्य में उनकी रुचि नहीं होती जिससे कार्य पेंडिंग चलते रहते हैं।

इस संकट में फंसने के बजाय अपनी आदत में सुधार कर लेना बेहतर है।

यह उनसे कहा जा रहा है, जो सरकारी ड्यूटी समय में फेसबुक पर लगे रहते हैं या गैर सरकारी संगठनों के कार्यक्रमों में हाजिर रहते हैं। यह खबर न भ्रामक है और न झूठी है।

 सावधान रहें।

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सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की बीकानेर की जमीनों​ की जांच सीबीआई करेगी

 सीबीआई ने आज 30अगस्त 2017 को राजस्थान सरकार के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

रॉबर्ट वाड्रा की कथित कंपनी स्काई लाईट हॉस्पिटलिटी के बीकानेर में किए गए विवादित जमीन सौदों की जांच अब सीबीआई करेगी। इसी माह की 20 तारीख को राजस्थान सरकार ने इस सबंध में सीबीआई से जांच की सिफारिश की थी जिसे आज सीबीआई ने मंजूर कर लिया है।

गौरतलब है कि बीकानेर के दो पुलिस स्टेशन में जमीन घोटाले के सबंध में कुल 18 एफआईआर दर्ज की गई। इनमें 16 एफआईआर बीकानेर के गजनेर में जबकि दो एफआईआर कोलायत पुलिस स्टेशन में दर्ज है। जिसमें चार एफआईआर रॉबर्ट वाड्रा की कथित कंपनी के विरुद्ध है। राज्य सरकार ने सभी एफआईआर से सबंधित फाइलें सीबीआई को भेज दी थी। यह जानकारी के राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने दी थी।


सेठिया परिवार में वैशाली और भूमिका का पर्यूषण माह में आठ दिवसीय तप


- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़। स्वर्गीय छगनमल सेठिया परिवार में उनकी पौत्रियों वैशाली और भूमिका के अठाई तप पर परिजनों रिश्तेदारों सहित जैन समुदाय व अन्य समुदाय के अनेक लोगों ने शुभकामनाओं आशीर्वाद के साथ अभिनन्दन किया। जैन समुदाय में तप का बड़ा महत्व है तथा तप करने को आत्म शुिद्ध माना जाता है। बड़े ही नहीं छोटे छोटे बच्चे बच्चियां भी तप करने में आगे रहते हैं। तप के इस महत्व के लिए तप करने वालों का अभिनन्दन किया जाने की परंपरा है।
सुशीलकुमार सेठिया की पुत्री वैशाली /16 वर्ष/और माणकचंद सेठिया की पुत्री भूमिका / 9 वर्ष/के अठाई तप पूर्ण होने पर उनका अभिनन्दन किया गया। 


हिमाचल के पुलिस आई जी सहित 8 पुलिसकर्मी गुड़िया रेप केस जांच में गिरफ्तार



हिमाचल प्रदेश की सरकार सवालों में घिरी है।

बहुचर्चित गुड़िया दुराचार और कत्ल के मामले में  चौंकाने वाला मोड़ आया है। सूरज लॉकअप हत्याकांड मामले में सीबीआई ने आईजी एस. जहूर जैदी और ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी समेत आठ पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया।


ऐसा हिमाचल के प्रशासनिक इतिहास में पहली बार हुआ कि किसी मामले में इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस समेत इतने पुलिस वाले फंसे हैं।


सीबीआई के इस कदम से राज्य सरकार कटघरे में खड़ी हो गई है क्योंकि आईजी जैदी के नेतृत्व में ही गुडिया मामले की जांच चल रही थी। सीबीआई ने ये गिरफ्तारी मंगलवार को शिमला में रेलवे बोर्ड बिल्डिंग स्थित शाखा में लंबी पूछताछ के बाद की है।

सीबीआई का आरोप है कि सूरज हत्याकांड को पुलिस कर्मियों ने ही अंजाम दिया और इस मामले की जांच को बनाई गई एसआईटी के प्रमुख आईजी जैदी ने न केवल असलियत को छिपाने में अहम भूमिका निभाइ बल्कि हत्या का इलजाम एक दूसरे आरोपर पर थोप दिया।

गिरफ्तारी के बाद इन आठों पुलिस कर्मियों को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। सीबीआई को उम्मीद है कि आईजी समेत पुलिस वालों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं। इसलिए कोर्ट ने सीबीआई के आग्रह पर इन आठों को चार सितंबर तक रिमांड पर भेज दिया है।

सीबीआई ने जिन आठ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों को गिरफ्तार किया है, उनमें आईजी दक्षिणी रेंज रहे एस. जहूर जैदी, ठियोग के डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई पुलिस थाने के पूर्व एसएचओ राजेंद्र सिंह, पुलिस स्टेशन कोटखाई के पूर्व एएसआई दीप चंद, इसी पुलिस स्टेशन में एचएचसी रहे सूरत सिंह, मोहन लाल, हेड कांस्टेबल रफीक अली और कांस्टेबल रंजीत स्ट्रेटा शामिल हैं।

ये गिरफ्तारियां 18 जुलाई की रात को कोटखाई थाने में हुए लॉकअप हत्याकांड में की गई हैं। शिमला के कोटखाई थाने के लॉकअप में गुड़िया दुराचार मामले में पुलिस की ओर से बनाए गए आरोपी नेपाली सूरज सिंह की हत्या कर दी गई थी। पुलिस की एसआईटी ने इस मामले की जांच के बाद गुड़िया मामले में बनाए प्रमुख आरोपी राजू को ही हत्यारा करार देते हुए उसके खिलाफ केस दर्ज कर दिया था।


हालांकि, बाद में जब गुड़िया दुराचार एवं कत्ल मामले की जांच सीबीआई को दी गई तो इसकी छानबीन में ये बात सामने आई है कि सूरज की हत्या राजू ने नहीं की है बल्कि पुलिस की ही इसमें भूमिका रही है।


सीबीआई को पुलिस के इस हत्याकांड में शामिल होने के ठोस सबूत मिले बताए जा रहे हैं। सीबीआई मुख्यालय दिल्ली के प्रवक्ता आरके गौड़ ने आईजी एस जहूर जैदी समेत आठ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की।बीती छह जुलाई को शिमला के कोटखाई क्षेत्र के दांदी जंगल में दसवीं कक्षा की एक छात्रा का दुराचार के बाद शव फेंका मिला था। इस मामले में हिमाचल पुलिस ने पांच लोगों को पकड़कर मामला सुलझाने का दावा किया। इनमें से एक आरोपी सूरज की गुडिया की मौत के चौदह दिन बाद कोटखाई थाने के लॉकअप में हत्या कर दी गई थी।


पुलिस ने हत्या का आरोप दूसरे मुलजिम पर लगाया था। इस पर गुस्साए लोगों ने थाने समेत कई गाड़ियां फूंक दीं। जनता का कहना था कि पुलिस पैसा लेकर मामले को घुमा रही है। बाद में इस मामले की जांच हिमाचल हाईकोर्ट ने सीबीआई को दे  दी थी।

6 जुलाई : कोटखाई के जंगल में गुड़िया का मिला शव

7 जुलाई : पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दुराचार का हुआ खुलासा
8 जुलाई : पुलिस दरिंदों तक नहीं पहुंची, जनाक्रोश भड़का
9 जुलाई : सीबीआई जांच की उठी मांग
10 जुलाई : सरकार ने एसआईटी की गठित
11 जुलाई : पीड़ित परिवार को पांच लाख मुआवजा
12 जुलाई : सीएम के फेसबुक पर फोटो हुईं वायरल
13 जुलाई : एसआईटी ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया
14 जुलाई : ठियोग थाने पर पथराव, सीबीआई जांच की संस्तुति
15 जुलाई : सीबीआई जांच के लिए पीएम को पत्र लिखा
17 जुलाई : राजभवन पहुंची भाजपा ने सरकार की बर्खास्तगी की मांग उठाई
18 जुलाई : सरकार ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच शुरू करने के लिए दाखिल किया आवेदन
19 जुलाई : कोटखाई थाने में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या
23 जुलाई : सीबीआई ने दर्ज किए दो मामले
24 जुलाई : सीबीआई पहुंची शिमला, जांच शुरू
02 अगस्त : हाईकोर्ट में पुलिस ने सौंपी स्टेट्स रिपोर्ट, दो सप्ताह का समय मांगा
03 अगस्त : कस्टडी में मौत पर पुलिस अधिकारियों से पूछताछ
07 अगस्त : गुड़िया की बहनों ने पहनाई सीबीआई के अफसरों को राखियां
14 अगस्त : कोटखाई थाने में तैनात संतरी के हुए बयान
17 अगस्त : सीबीआई को हाईकोर्ट की फटकार, मांगा दो सप्ताह का समय
21 अगस्त : सीबीआई ने कई रईसजादों के घरों पर छापे मारे।

राजस्थानी रा मानीता साहित्यकार मनोज कुमार स्वामी रो परिचय अर पोथियां





मनोज कुमार स्वामी राजस्थानी भाषा री मान्यता सारूं आपरै जीव नै जितरो तोड़्यो मरोड़्यो, उण रो बखान करण वास्ते कई दिन चाईजै।पण अठै परिचय देवण री कोसिस करीजी है- करणीदानसिंह राजपूत-


मायड़ भासा राजस्थानी री संवैधानिक मान्यता सारू संकळपित‘ संघर्ष मांय सामल।
कन्या भू्रण हत्या रोकण सारू संकळपित गर्भस्थ शिशू संरक्षण समिति मांय सामल।
रंगमंच सूं जुड़ाव, साक्षरता, जनचेतना नाटकां रो स्थापित मंचा अर नुक्कड़ नाटकां रो मंचन।
‘‘गांव की गळी-गाळी‘‘ अर ‘‘कफन’’ रो मंचन घणों सराइज्यो।
दूरदर्शन रै कल्याणी कार्यकम मैं ‘‘द्रोपदी’’ फीचर मांय अभिनय।
सन् 1982 सूं आकाशवाणी केन्द्र सूरतगढ़ सूं लगो लग कहाणी पाठ अर लिख्योड़ै नाटकां रो प्रसारण। जिणां मांय ‘‘कुवारो’’ नाटक तो सो सूं बैसी बार प्रसारित।
कहाणी ‘‘औसर’’ पर भगवान दास शर्मा रै निर्देसण मांय बणी टेली फिलम, ’ओसर द पार्टी आफ डेथ’ श्रेष्ठ कथानक सूं पुरस्कृत।
बाल नाटकां री पोथी ‘‘ तांतड़ै रा आसूं’’ पर राजस्थान सरकार रो ’’ राजस्थानी भासा साहित्य एंव सुस्कृति अकादमी बीकानेर संू, ‘‘बाल साहित्य पुरस्कार 2006।’’
स्वर्गीय कुरड़ाराम ढिल राजस्थानी साहित्य सम्मान ( बरवाली- नोहर) स्वर्गीय नानूराम संस्कर्ता राजस्थानी साहित्य सम्मान (लूणकरणसर- बीकानेर)
 सुरजाराम जारीवाला राजस्थानी सृजन-सम्मान (श्रीगंगानगर 

 अमेरिका री संस्था 'राना' रो पदमश्री कन्हैया लाल सेठिया राजस्थानी साहित्य सम्मान( समारोह स्थल जोधपुर-राजस्थान)
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जागती जोत, राजस्थली, माणक, बिणजारो, नैणसी, हथाई, लीलटांस, अपरन्च, कथैसर, दिल्ली प्रेस युगपक्ष, सीमां संदेश, सूं लगो लग रचनावं रो प्रकासन।
मायड़ भासा सारू, 30 बरसां सूं पखवाड़ियै अखबाकर ‘‘सूरतगढ़ टाईम्स’’ रो प्रकासण।
पंजाब केसरी जालंधर सारू 22 बरसां स्यूं संवाद प्रेसण।
खास -मायड़ भासा राजस्थानी मांय देस मांय पैली बारी 10 दिना ताई रामलीला रौ सफल मंचन

छप्योड़ी पोथी

1. तांतड़ै रा आसूं ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

2. काचो सूत ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

3. बेटी ः- राजस्थानी कविता संग्रै

4. रिचार्ज ः- राजस्थानी नाटक संग्रै

5. इमदाद ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

6. किंया...!! ः- राजस्थानी कहाणी संग्रै

7. खैचळ अर खैचळ ः- राजस्थानी आत्मकथा

8. नाव अर जाळ ः- राजस्थानी उल्थौ 
उपन्यास मछुआरे (चेम्मीन)

लेखक पिल्लैई शिव शंकर

9. रामलीला राजस्थानी माय:- नाटक


10. टोपां-टोपां जूण ः- राजस्थानी उल्थौ 

उपन्यास कतरा-कतरा जिदगीं -

लेखक यादवेन्द्र शर्मा चंद्र


छपणै री अडीक में हिन्दी सूं राजस्थानी मांय उल्थौ

तिरस्कृत - सूरजपाल चौहान

संतप्त - सूरजपाल चौहान
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मनोज कुमार स्वामी अर जोड़ायत गंगादेवी
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 ठिकाणों:-    पुराणो बस   स्टैण्ड, सूरतगढ़़,335804,
                
                    जिला श्रीगंगानगर ‘राजस्थान’,


कानाबातीः  9414580960.


                 9782113751.

ईमेल पता.  manojswami2011@gmil.com

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डूंगर गेदर के 51वें जन्मदिवस पर 51 स्थानों पर रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे: सूरतगढ़ में मुख्य कार्यक्रम होगा

 

 

सूरतगढ़ -28/08/2017 प्रातः 10:00 बजे बसपा कार्यालय में बहुजन समाज पार्टी की नगर मंडल की बैठक नगर अध्यक्ष पवन सोनी  की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पवन सोनी  ने बताया कि 4 सितंबर 2017 को प्रात 10 बजे लोकप्रिय  बसपा नेता डूंगरराम गेदर  के 51 वें जन्मदिन के उपलक्ष में पूरे राजस्थान के 51 शहरों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा एवं मुख्य कार्यक्रम अंबेडकर भवन सूरतगढ़ में विशाल रक्तदान शिविर लगाया जाएगा जिसमें सैकड़ों कार्यकर्ता रक्तदान करेंगे। सोनी ने रक्तदान के दौरे फायदे बताएं एक तो किसी रोगी के जीवन की रक्षा होती है और दूसरा रक्तदाता स्वयं स्वस्थ रहता है इसलिए अधिक से अधिक रक्त दान करने का आह्वान किया ।


रक्तसंग्रहण  का कार्य मैत्री ब्लड बैंक सूरतगढ  द्वारा  किया जाएगा ।

बैठक में बसपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य डूंगरराम गेदर, अमित कल्याणा, रामेश्वर भोभरिया ,गुरविंदर सिंह ,राकेश मेघवाल, विपिन यादव ,कर्मचंद, रामप्रताप ,महावीर शर्मा, हजारी गेदर, धन्नाराम ,बाबूलाल ,संदीप गेदर, संजय भारती ,देवीलाल ,जयचंद जालप,  महेंद्र पाल, हरफूल सिंह ,महेंदर घोड़ेला ,राजपाल कारगवाल, जसराम महार ,बृजलाल जालप, राजेंद्र , रविंद्र ,कुलदीप कुमावत आदि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

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Thursday, August 24, 2017

हरियाणा के सिरसा में कर्फ्यू: घरों से बाहर न निकलें: सेना को पत्र

सिरसा 24अगस्त2017. डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर साध्वियों से बलात्कार के मामले में 25 अगस्त (शुक्रवार) को पंचकुला सीबीआई कोर्ट का फ़ैसला आना है. लेकिन दो दिन पहले से ही उनके अनुयायी बड़ी संख्या में चंडीगढ़ से लेकर पंचकुला तक इकट्ठा हो गए हैं. इसे देखते हुए सरकार ने सिरसा में रात 10 बजे से कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिलाधिकारी प्रभजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने यह आदेश जारी किए. प्रशासन पूरी तरह से हाईअलर्ट पर है और हरियाणा-पंजाब के अन्य कई जगहों पर कर्फ्यू जैसे हालात हैं. 

कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के बाद अधिकारियों ने लिया फैसला. सिरसा शहर व नजदीकी गांव बाजेकां, शाहपुर बेगु तथा नेजियाखेड़ा में कर्फ्यू लगाने के आदेश दिये. आज 24 अगस्त को रात्रि के 10 बजे के बाद उपरोक्त गांवों व सिरसा शहर में कोई भी व्यक्ति घर से बाहर न निकले. कानून व्यवस्था की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए सेना को बुला लिया गया है. आदेशों की कड़ाई से पालना करने के निर्देश दिए.

हरियाणा और पंजाब सरकार ने सेना को चिट्ठी लिखी है. चिट्ठी में संभावित खतरे को लेकर सेना को जानकारी दी गई है. इस चिट्ठी में कहा गया है कि  ज़रूरत पड़ने पर सेना को बुलाया जा सकता है. दोनों ही राज्य सरकारों द्वारा इस चिट्ठी में कहा गया है कि शांति ब्यवस्था बनाये रखने के लिये वह सेना से अपील कर सकते हैं. सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सेना बुलाने पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है. उधर, चिट्ठी के बाद स्थानीय प्रशासन सेना के संपर्क में है. हर घटना का अपडेट दे रही है. स्थानीय प्रशासन अभी हालात का जायजा ले रहा है. 


चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में पैरामिलिट्री फॉर्सेज की 167 कंपनिया तैनात हैं और 10 की और मांग की गई है. एक कंपनी में 100 जवान और अफसर हैं. 

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पंजाब और हरियाणा सरकार ने संयुक्त फैसले में 72 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवा बंद कर दी है. दरअसल, अफवाहों के कारण भी स्थिति खराब हो जाती है, जिसके चलते दोनों राज्यों की सरकारों ने यह फैसला किया है.

बाबा के अदालती फैसले के मद्देनजर कौनसी रेलों को रद्द किया गया

 डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ चल रहे साध्वी यौनशोषण मामले में पंचकूला सीबीआइ कोर्ट फैसला सुनाएगी। इसको लेकर पंजाब व हरियाणा में जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। ट्राईसिटी में बढ़ रहे तनाव को देखते हुए रेलवे ने हरियाणा से होकर जाने वाली तकरीबन 28 ट्रेनों को रद कर दिया। रेलों काम आवागमन गंगानगर, हनुमान गढ, बीकानेर को भी प्रभावित कर रहा है।

इन 28 ट्रेनों में तकरीबन 12 ट्रेनें चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन से जाने व आने वाली शामिल हैं। रद ट्रेनों में कुछ अंबाला, भिवानी और हिसार को जाने वाली हैं। हालांकि रेलवे विभाग की ओर से दावा किया जा रहा की रैक के अभाव के चलते इन ट्रेनों को रद किया गया है। इनमें अधिकतर वहीं ट्रेनें हैं जोकि डेरा प्रेमियों समर्थक  इलाकों से होकर गुजरती हैं।। 

ट्रेनों के अचानक रद होने से लोगों की भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ पड़ी है। लोग टिकट रद करवाने के लिए मारामारी कर रहे हैं। उधर, ट्रेनों को रद होने के कारण जिन लोगों ने हरियाणा पंजाब में होटल बुक कराए थे वे भी फोन से अपनी बुकिंग रद करवाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं।


ये प्रमुख गाड़ियां हुई रद 


19717 - जयपुर-चंडीगढ़                      24,25 व 26 अगस्त तक


19718 -चंडीगढ़-जयपुर                       25,26 व 27 अगस्त तक


14888- बाड़मेर-कालका                       25,26 व 27 अगस्त तक


14887 कालका-बाडमेर                        25,26 व 27 अगस्त तक

14614  फिरोजपुर-चंडीगढ़                    25 व 26 अगस्त तक


14613 चंडीगढ़-फिरोजपुर-                    25 व 26 अगस्त तक


14795- दिल्ली-सराय रोहिला-कालका     25 व 26 अगस्त तक


14796  कालका-सराय रोहिला-दिल्ली     25 व 26  अगस्त तक


54531 (पैसेंजर) अंबाला-कालका             24,25 व 26 अगस्त तक


54532 (पैसेंजर) कालका-अंबाला             25,26 व 27 अगस्त तक


54303(पैसेंजर) दिल्ली-कालका                24,25 व 26 अगस्त तक


54304 (पैसेंजर) कालका-दिल्ली               25,26 व 27 अगस्त तक।

अधिकारी श्री तरूण जैन ने बताया कि गाड़ी संख्या 14526 श्रीगंगानगर-अम्बाला कैंट एक्सप्रेस रेल सेवा 26 अगस्त तक श्रीगंगानगर से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 14525 अम्बाला कैंट-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस रेल सेवा 25 व 26 अगस्त को अम्बाला कैंट से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 54758 श्रीगंगानगर-अम्बाला कैंट रेल सेवा 25 व 26 अगस्त को श्रीगंगानगर से प्रस्थान नही करेगी। इसी प्रकार गाड़ी संख्या 54757 अम्बाला कैंट-श्रीगंगानगर रेल सेवा 25 व 26 अगस्त को अम्बाला कैंट से प्रस्थान नही करेगी।


इसी प्रकार पंजाब व हरियाणा के रास्ते गुजरने वाली गाड़ी संख्या 19717 जयपुर-चण्डीगढ़ एक्सप्रेस 26 अगस्त तक जयपुर से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 19718 चण्डीगढ़-जयपुर एक्सप्रेस 27 अगस्त तक चण्डीगढ़ से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 14888 बाड़मेर-कालका एक्सप्रेस रेल सेवा 25 व 26 अगस्त को बाड़मेर से प्रस्थान नही करेगी। इसी क्रम में गाड़ी संख्या 14888 कालका-बाड़मेर एक्सप्रेस रेल सेवा 27 अगस्त तक कालका से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 24888 बाड़मेर/कालका-हरिद्वार एक्सप्रेस रेल सेवा 25 से 27 अगस्त तक बाड़मेर/कालका से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 24887 हरिद्वार/कालका-बाड़मेर  एक्सप्रेस रेल सेवा 25 से 27 अगस्त तक हरिद्वार/कालका से प्रस्थान नही करेगी। 


गाड़ी संख्या 14795 भिवानी-कालका एक्सप्रेस रेल सेवा 26 अगस्त तक भिवानी से प्रस्थान नही करेगी। गाड़ी संख्या 14796 कालका-भिवानी एक्सप्रेस रेल सेवा 25 व 26 अगस्त को कालका से प्रस्थान नही करेगी। इसी क्रम में गाड़ी संख्या 14888 बाड़मेर-कालका एक्सप्रेस रेल सेवा जो 24 अगस्त को बाड़मेर से रवाना हुई है, वह मेडता रोड तक ही संचालित होगी अर्थात यह रेल सेवा मेड़ता रोड़-कालका के मध्य आंशिक रद्द रहेगी। 

ताज़ा सूचना के लिए रेलवे से संपर्क करें।


2 साध्वियों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था-अदालत में भी अपने बयानों पर डटी रही

चंडीगढ 24 अगस्त 2017.केवल गुमनाम पत्र पर ही मुकदमा नहीं चला है। यौन शोषण की शिकार दो साध्वियों ने सीबीआई जांच में आरोप लगाए  थे जो अदालत में अपने बयानों पर डटी रहीं।

साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा मुखी पर सीबीआइ कोर्ट का फैसला शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे आएगा। इसके चलते पंचकूला सीबीआइ कोर्ट के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और चप्पे-चप्पे पर पुलिस व अर्ध सैनिक बलों के जवान तैनात हैं। हाईकोर्ट ने भी हरियाणा सरकार को सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले फैसला आने में चंद घंटे बाकी हैं। पंचकूला स्थित विशेष सीबीआइ कोर्ट के न्यायाधीश जगदीप सिंह शुक्रवार दोपहर 2.30 बजे 15 साल पुराने यौन शोषण मामले में फैसला सुनाएंगे। विशेष जज को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट परिसर तक पहुंचाया जाएगा। जबकि डेरा प्रमुख के कोर्ट में पहुंचने को लेकर संशय की स्थिति बरकरार है। हालांकि डेरा प्रमुख ने ट्वीट के जरिये कहा है कि वह कोर्ट में पहुंचेंगे। सीबीआई कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं। हरियाणा और पंजाब बॉर्डर को पूरी तरह सील किया गया है। डेरा अनुयायियों की बढ़ती संख्या और प्रदेशभर के हालात देख पुलिस हर घंटे अपनी प्लानिंग बदल रही है। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों में चर्चा है कि डेरा प्रमुख यदि सरकार के साथ तालमेल बैठाकर पंचकूला आते हैं तो प्रबल संभावना है कि उन्हें हेलीकॉप्टर से लेकर आया जाए। हालांकि इसपर अभी तक औपचारिक फैसला नहीं हो पाया है।

बता दें कि इस मामले में दो साध्वियों ने डेरा प्रमुख के खिलाफ यौन शोषण के आरोप लगाए थे और वे दोनों अदालत में अपने बयानों पर अड़ी रही थी। बचाव पक्ष की ओर से मामले में साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा पक्ष की ओर से 98 गवाहों की सूची अदालत को सौंपी गई थी। इनमें से 37 गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज करवाई गई थी। जबकि सीबीआइ ने 15 लोगों की गवाही करवाई थी।

तत्कालीन पीएम वाजपेयी को लिखा था पत्र


बता दें कि विशेष सीबीआइ कोर्ट में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर दो साध्वियों से यौन शोषण समेत दो हत्या के मामले चल रहे हैं। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को लिखे गुमनाम पत्र के माध्यम से एक साध्वी ने डेरा प्रमुख पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। उच्च न्यायालय ने पत्र का संज्ञान लेते हुए सितंबर 2002 को मामले की सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। सीबीआइ ने जांच में उक्त तथ्यों को सही पाया और डेरा प्रमुख के खिलाफ विशेष अदालत के समक्ष 30 जुलाई 2007 में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था।


न्याय की जीत होगी : वर्मा


इस केस को फैसले की घड़ी तक  लाने वाले सीबीआइ के वकील एचपीएस वर्मा का कहना है कि हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा है। डेरा प्रमुख के खिलाफ दोनों साध्वियों ने बिना किसी दबाव के आरोप लगाए और वह अदालत में भी अपने बयानों पर कायम रहीं। इन दोनों साध्वियों का बयान ही डेरा प्रमुख को सजा दिलवाने के लिए काफी है। वर्मा ने कहा कि शुक्रवार के दिन न्याय की जीत होगी।

पहली बार कोर्ट में फैसले की घड़ी पर आएंगे डेरा मुखी

डेरा प्रमुख को जान का खतरा होने के चलते सरकार से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और अदालत से इसी खतरे का हवाला देकर पर्सनल पेशी से छूट मिली थी। अदालत ने सिरसा अदालत से वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा करवाए जाने की छूट दे रखी थी। पंचकूला में जब से सीबीआइ कोर्ट आई है, तब से एक बार भी डेरा प्रमुख कोर्ट नहीं आए, वह केवल वीडियो कांफे्रंसिंग से पेश होते थे। वीरवार को पहली बार उन्हें निजी तौर पर सीबीआइ कोर्ट में पेश होना है।

हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार

इससे पहले वीरवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को जमकर फटकार लगाई। पंचकूला में डेरा प्रेमियो के बड़ी तादाद पर कोर्ट ने कहा कि सरकार की मर्जी से यह ही यह भीड़ इकट्ठी हुई है। सरकार ने मामले में आंख बंद रखी और जरूरी सक्रियता नहीं दिखाई। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को भी  सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए और अधिक फोर्स तैनात करने को कहा। कोर्ट के मुताबिक हरियाणा के डीजीपी मामले से निपटने में पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं।

सेक्टर-5 में है हेलीपैड

डेरा मुखी को लाने के लिए सेक्टर-5 में जहां पर सीएम और केंद्रीय मंत्रियों के हेलीकॉप्टर उतरते हैं, वहीं पर प्रशासन हेलीपैड तैयार करवा सकता है। जहां से कोर्ट तक पहुंचने का रास्ता मात्र तीन से पांच मिनट का है। सेक्टर-5 से लेकर सेक्टर एक कोर्ट परिसर तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित है और यहां पर डेरा प्रेमियों का जमावड़ा भी नहीं है।


हमें तो बस दर्शन करवा देना


डेरा प्रेमी लगातार प्रशासन एवं पुलिस से गुहार लगा रहे हैं कि हमें एक ऐसी जगह बैठा दिया जाए जहां पर उनके सतगुरु आएं और उन्हें अपने दर्शन देकर वापस सिरसा चले जाएं। डेरा प्रेमी लगातार डेरा द्वारा किए जा 133 मानव भलाई कार्यों का हवाला देते रहे। उनके गुरु को झूठे मुकदमे में उलझाया गया है।


बाबा को शक्ति दिखाने की चाहत लगती है, भक्तों को घर लौटने का आदेश नहीं दे रहे

- करणीदानसिंह राजपूत-

बाबा चाहते तो पहले ही आदेश दे देते की सभी भक्त अपने अपने निवास वाले शहरों गांवों कस्बों में रहेंगे।कोई भी हरियाणा-पंजाब पंचकूला आदि में नहीं आएगा, लेकिन ऐसा आदेश हुआ नहीं। पंचकूला में भक्तों की संख्या लाखों तक पहुंच गई है और वहां से कोई हटने का नाम नहीं ले रहा है। बाबा जी भी भक्तों को अपने-अपने घरों को लौट जाने का आदेश नहीं दे रहे हैं। बाबाजी का बयान आया है कि शांति बनाए रखें ईश्वर पर भरोसा है।  बाबा जी शांति बनाए रखने का कह रहे हैं तब घर लौटने का कहने में क्या अड़चन है? घर लौटने का नहीं कहने के पीछे क्या कारण है?भक्तों की भीड़ को जमाई रखने के पीछे एक ही कारण हो सकता है वह है इनके बलबूते शक्ति का प्रदर्शन करना। बाबा जी आखिर क्या करना चाहते हैं? खबरें आ रही है वह अच्छे संकेत नहीं दे रही?कुछ भी हो सकता है ? पांच प्रदेशों में अलर्ट होना और पंजाब हरियाणा के अनेक शहरों का छावनी जैसे हालात में तब्दील हो जाना क्या संकेत दे रहा है? राजस्थान के श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ जिलों की सीमाएं भी पंजाब हरियाणा से लग रही हैं। इन दोनों जिलों में भी पुलिस और प्रशासन अलर्ट है।

 पंजाब हरियाणा के उच्च न्यायालय ने सेना तक का प्रबंध रखने का निर्देश दिया है। 

बाबा के भक्तों में हजारों लोग मेहनत मजदूरी और सामान्य व्यापार करके अपने परिवारों का पालन पोषण करने वाले हैं। हालात बिगड़े तो इन लोगों का क्या होगा?किसी प्रकार की दुर्घटना का शिकार हो गए तो उनके परिवारों का क्या होगा? मुकदमों में फंसे तब क्या होगा? बाबा जी को इन भक्तों की चिंता क्यों नहीं है? 

यहां यह कहना उचित होगा कि जो कुछ तैयारियां हो रही हैं,उससे लगता है कि किसी दूसरे देश से युद्ध की तैयारी चल रही है। बाबाओं का कार्य देश में विकास को गति देना हो सकता है लेकिन सरकार से किसी भी रूप में भक्तों के माध्यम से संघर्ष करना नहीं हो सकता। आशा की जानी चाहिए कि  जो भी फैसला हो उसके बाद भक्त शांति बनाए रखें और अपने अपने घरों को लौट जाएं।

 अच्छा तो यह होगा कि फैसला सुनाए जाने से पूर्व ही बाबाजी को भगवान कोई दृष्टि दे दे और बाबाजी लोगों को अपने घरों को लौट जाने का कह दें।

पंचकूला में हजारों डेरा समर्थकों के जमा होने​ पर हाईकोर्ट की सरकार को फटकार

24अगस्त। प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर आने वाले फैसले के मद्देनजर पंचकूला में बढ़ रही डेरा समर्थकों की भीड़ पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकार को जमकर फटकार लगाई है. कोर्ट ने कहा कि यदि वहां धारा 144 लगाई गई है, तो लोग कैसे एकत्रित हो रहे हैं. क्यों न डीजीपी को डिसमिस कर दिया जाए. जरूरत पड़े तो आर्मी को तैयार रखा जाए.

वकील रविंद्र धुल द्वारा दायर जनहित याचिक पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा केंद्र और राज्य सकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था पर रिपोर्ट मांगी है. इसके साथ ही डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को भी नोटिस जारी करते हुए कोर्ट ने उनसे कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में सहयोग के बारे में पूछा है. इसके बाद डेरा प्रमुख बयान भी आया है.

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने ट्विटर पर लिखा, 'हमनें सदा कानून का सम्मान किया है, हालांकि हमारी पीठ में दर्द है, फिर भी कानून की पालना करते हुए हम कोर्ट ज़रूर जाएंगे. हमें भगवान पर दृढ़ यक़ीन है. सभी शान्ति बनाए रखें.'‬ हालांकि, उनकी इस अपील के बाद भी पंचकूला में उनके समर्थकों का जाना जारी है. हजारों की भीड़ पहले से जमा है.

कानून का उल्लंघन किया तो कार्रवाई

सीआरपीएफ के डीजी पीआर भटनागर ने कहा कि हमने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भारी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया है. सीआरपीएफ के जवान राज्य पुलिस के अधीन रहकर कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में मदद करेंगे. कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी. जिलाधिकारी पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.

हजारों की संख्या में जुटने लगे समर्थक

जानकारी के मुताबिक, चंडीगढ़ और पंचकूला में हजारों की संख्या में डेरा समर्थक पहुंच रहे हैं. इन्होंने पार्कों में डेरा लगा लिया है. डेरा प्रमुख के पेशी वाले दिन लाखों समर्थकों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. डेरा समर्थक महिलाओं बच्चों को भारी तादाद में पहुंचने की हिदायत दे रहे हैं. यदि फैसला उनके खिलाफ रहा तो वे कुछ भी कर गुजरने की योजना में हैं.

जमा किए पेट्रोल-डीजल और हथियार

आईबी रिपोर्ट के मुताबिक, फरीदकोट में डेरा समर्थकों ने घर की छतों पर भारी मात्रा में पेट्रोल, डीजल और काफी नुकीले हथियार जमा कर लिए हैं. यदि फैसला डेरा प्रमुख के खिलाफ जाता है, तो वे भारी उपद्रव कर सकते हैं. ये लोग सरकारी संपत्ति और वाहनों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके मद्देनजर पुलिस अधिकारियों को अलर्ट किया गया है.

स्कूल और कॉलेज बंद, जवान तैनात

पंचकूला और चंडीगढ़ में 25 अगस्त तक स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं. गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की 167 कपनियां भेजी हैं. इसमें 97 CRPF, 16 RAF, 37 SSB, 12 ITBP, 21 BSF की कंपनियां पंजाब और हरियाणा में तैनात कर दी गई हैं. केंद्र सरकार वहां के हालात पर 24 घंटे वहां नजर बनाए हुए है. हाई अलर्टजारी किया गया है.


डेरामुखी गुरमीत राम रहीम 25 अगस्त को अदालत में पेश होंगे

चंडीगढ  24अगस्त 2017.। गुरमीत राम रहीम ने ट़वीट कर बताया है कि वे कानून का हमेशा सम्मान करते रहे हैं। हालांकि उनकी रीढ की हडिडयों में दर्द है, फिर भी वे निर्देशों का पालन करते हुए अदालत में हाजिर रहेंगे। कहा कि उन्हें ईश्वर पर पूरा विश्वास है। सभी को चाहिए कि वे शांति बनाए रखें।
 गुरमीत राम रहीम पर अपने दो साध्वियों का यौन शोषण का आरोप है जिस पर पंचकूला सीबीआई अदालत 25 अगस्त को फैसला सुना सकती है। बाबा को व्यक्तिगत रूप में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया था।

निजता का अधिकार मौलिक अधिकार-सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय: आधार कार्ड योजना पर फैसला



नई दिल्ली 24अगस्त 2017.सर्वोच्च न्यायालय ने आज गुरुवार को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है और यह जीवन एवं स्वतंत्रता के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.एस. खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय पीठ ने एक राय  से यह फैसला दिया।

नौ जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मती से निजता के अधिकार पर यह फैसला दिया है। पीठ ने कहा कि निजता एक मौलिक अधिकार है। निजता राइट टू लाइफ का हिस्‍सा है। निजता के हनन करने वाले कानून गलत हैं। शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर कर आधार योजना को चुनौती दी गई थी और कहा गया था कि यह निजता के अधिकार का उल्लंघन है।

याचिकाकर्ता और मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि कोर्ट ने निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार माना है और कहा है कि ये अनुच्छेद 21 के तहत आता है। 


2 अगस्त को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था

आठ दिनों की सुनवाई के बाद 2 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक रूप से उपलब्ध निजी सूचना के संभावित गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में प्राइवेसी की सुरक्षा 'हारी हुई बाजी' है।


SC की 9 सदस्यीय पीठ का फैसला 

इस मामले में करीब आठ दिनों तक सुनवाई चली थी। चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अध्यक्षता वाली नौ सदस्यीय बेंच में जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस एसए बोब्डे, जस्टिस आरके अग्रवाल, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस अभय मनोहर सप्रे, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। 


कौन हैं याचिकाकर्ता?

सुप्रीम कोर्ट में कुल 21 याचिकाएं हैं। इस मामले में याचिकाकर्ता कर्नाटक हाईकोर्ट के पूर्व जज जस्टिस केएस पुट्टस्वामी, नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के पहले चेयरपर्सन रहे मैग्सेसे पुरस्कार सम्मानित शांता सिन्हा और रिसर्चर कल्याणी सेन मेनन शामिल हैं।


आधार का पक्ष

यूआईडीएआई ने कहा था कि निजता एक महत्वपूर्ण अधिकार है और इसे आधार एक्ट में भी सरंक्षण दिया गया है। आधार के जरिए नागरिक को ट्रैक नहीं किया जा सकता है। यहां तक कि अगर कोर्ट अनुमति दे तो भी सरकार इसे सर्विलांस के लिए इस्तेमाल नहीं कर सकती।


केंद्र ने सुनवाई के दौरान क्या तर्क रखा?

सुनवाई के दौरान केंद्र ने दलील दी थी कि निजता को पूरी तरह से मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। केंद्र की ओर से अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि निजता को पूरी तरह से मौलिक अधिकार नहीं माना जा सकता। सरकार का ये भी कहना था कि निजता के अधिकार के कुछ हिस्सों को मौलिक अधिकारों के तरह संरक्षण दिया जा सकता है। तब कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि आपके हिसाब से किस हिस्से को मौलिक अधिकार माना जा सकता है?


महाराष्ट्र सरकार ने क्या कहा था 

महाराष्ट्र सरकार ने कहा था कि कोर्ट निजता के अधिकार को संविधान के तहत मौलिक अधिकार के रूप में शामिल नहीं कर सकती है, सिर्फ संसद ही ऐसा कर सकती है। निजता के अधिकार विधायी अधिकार है और ये मौलिक अधिकार नहीं हैं। संसद चाहे तो संविधान में इसके लिए बदलाव कर सकती है। उन्होंने कहा था कि निजता धारा 21 के तहत संरक्षण मिला हुआ है।


गुजरात सरकार का क्या था विरोध 

गुजरात सरकार ने निजता को मौलिक अधिकार में शामिल करने का विरोध करते हुए कहा था कि इसे मौलिक अधिकार में शामिल करने से पहले इसकी अलग से पड़ताल करनी चाहिए। गुजरात ने कहा था कि जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार बढ़ जाते हैं जब सूचना सार्वजनिक की जाती है। हर सार्वजनिक की गई सूचना निजता का उल्लंघन नहीं है।


राज्यों का क्या रुख है?

चार राज्यों कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, पंजाब और पुडुचेरी ने कहा था 1954 और 1962 के सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट में उस तरह कभी विचार नहीं किया जा सकता था जैसी तकनीक आज 21वीं सदी में मौजूद है। निजता का अधिकार संपूर्ण अधिकार नहीं है और ना ही हो सकता है, लेकिन कोर्ट को इसमें संतुलन बनाना है। 


याचिकाकर्ताओं की दलील

जबकि याचिकाकर्ताओं ने दलीलें पेश करते हुए कहा था कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है। अरविंद दातार ने कहा कि निजता तीन हिस्सों में बंटी हुई है। शारीरिक निजता, सूचना की निजता और निर्णय संबंधी निजता। सज्जन पोवैय्या ने कहा कि जिस प्रकार भारतीय ज्योतिष प्रणाली में ग्रह हैं, वैसे ही निजता का अधिकार किसी केस में किसी घर में होता है। निजता की अस्वीकृति किसी मामले में स्वतंत्र अभिव्यक्ति की अस्वीकृति हो सकती है। 


'...तो अधिकारों को खत्म मत कीजिए'

मीनाक्षी अरोड़ा ने बहस शुरू करते हुए कहा था कि 2017 में अधिकारों का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। उन्होंने कहा कि धारा 14, 19 और 21 में दिए गए अधिकारों को खत्म मत कीजिए। ये सब जगह मौजूद है। उन्होंने कहा कि धारा 17, 24 और 25 में किसी को अपनी जाति बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। स्वतंत्रता और गरिमा के साथ-साथ बराबरी और गैर विभेद के तत्व मौजूद हैं।

(आधार कार्ड पर सुनवाई अलग से होगी)



आधार कार्ड पर फैसला छोटी बैंच करेगी

आधार कार्ड वैध है या अवैध है, इस पर अभी कोर्ट ने कुछ नहीं बोला है। आधार कार्ड के संबंध में मामला छोटी खंडपीठ के पास जाएगा। प्रशांत भूषण ने बताया कि इस फैसले का मतलब ये है कि अगर सरकार रेलवे, एयरलाइन रिजर्वेशन के लिए भी जानकारी मांगी जाती है, तो ऐसी स्थिति में नागरिक की निजता का अधिकार माना जाएगा।

डेरा सच्चा सौदा क्यों है विवादों में घिरा: हैरान करते आरोप: सच्चा सौदा का सच्च क्या है?

बाबा ने नाम धारण किया हिंदू मुस्लिम सिख के हिसाब से राम रहीम गुरमीत सिंह, लेकिन फिर भी विवादों में रहे। सिखों के साथ सर्वाधिक विवाद रहे।

: स्थापना से लेकर विवादों तक डेरा सच्चा सौदा


- 1948 में डेरा सच्चा सौदा की स्थापना शाह मस्ताना ने की।


- 1990 में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने गद्दी संभाली।


- 1998 में गांव बेगू का एक बच्चा डेरा की जीप तले कुचला गया। गांव वालों के साथ डेरा का विवाद हो गया। घटना का समाचार प्रकाशित करने वाले समाचार पत्रों के नुमाइंदों को धमकाया गया। डेरा के अनुयायी गाडिय़ों में भरकर सिरसा के सांध्य दैनिक रामा टाईम्स के कार्यालय में आ धमके और पत्रकार विश्वजीत शर्मा को धमकी दी। डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति व मीडियाकर्मियों की पंचायत हुई। जिसमें डेरा सच्चा सौदा की ओर से लिखित माफी मांगी गई और विवाद का पटाक्षेप हुआ।


- मई 2002 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए डेरा की एक साध्वी द्वारा गुमनाम पत्र प्रधानमंत्री को भेजा गया। जिसकी एक प्रति पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई।


- 10 जुलाई 2002 को डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे कुरुक्षेत्र के रणजीत का मर्डर हुआ। आरोप डेरा सच्चा सौदा पर लगे। डेरा छोड़ चुके प्रबंधन समिति के सदस्य रणजीत सिंह पर डेरा प्रबंधको को शक था की उक्त गुमनाम चिठ्ठी उसने अपनी बहन से ही लिखवाई है. गौरतलब है की रणजीत की बहन भी डेरा में साध्वी थी. पुलिस जांच से असंतुष्ट रणजीत के पिता ने जनवरी 2003 में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की।


- 24 सितंबर 2002 को हाईकोर्ट ने साध्वी यौन शोषण मामले में गुमनाम पत्र का संज्ञान लेते हुए डेरा सच्चा सौदा की सीबीआई जांच के आदेश दिए। सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।


- 24 अक्तूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक 'पूरा सच' के संपादक रामचन्द्र छत्रपति पर डेरा के गुर्गों द्वारा कातिलाना हमला किया गया। छत्रपति को घर के बाहर बुलाकर पांच गोलियां मारी गईं।


- 25 अक्तूबर 2002 को घटना के विरोध में सिरसा शहर बंद। डेरा सच्चा सौदा के विरोध। उत्तर भारत में मीडियाकर्मी पर हमले को लेकर उबाल। मीडियाकर्मियों ने जगह-जगह धरने-प्रदर्शन किए।


- 16 नवंबर 2002 को सिरसा में मीडिया की महापंचायत बुलाई गई और डेरा सच्चा सौदा का बाईकाट करने का प्रण लिया।


- 21 नवंबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचन्द्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मृत्यु हुई।


- दिसंबर 2002 को छत्रपति परिवार ने पुलिस जांच से असंतुष्ट होकर मुख्यमंत्री से मामले की जांच सीबीआई से करवाए जाने की मांग की। परिवार का आरोप था कि मर्डर के मुख्य आरोपी व साजिशकर्ता को पुलिस बचा रही है।


- जनवरी 2003 में पत्रकार छत्रपति के पुत्र अंशुल छत्रपति ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर छत्रपति प्रकरण की सीबीआई जांच करवाए जाने की मांग की। याचिका में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह पर हत्या किए जाने का आरोप लगाया गया। उच्च न्यायालय ने पत्रकार छत्रपति व रणजीत हत्या मामलो की सुनवाई इकठी करते हुए 10 नवंबर 2003 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर जांच के आदेश जारी किए।


- दिसंबर 2003 में सीबीआई ने छत्रपति व रणजीत हत्याकांूड में जांच शुरू कर दी।


- दिसंबर 2003 में डेरा के लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सीबीआई जांच पर रोक लगाने की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त याचिका पर जांच को स्टे कर दिया।


- नवंबर 2004 में दूसरे पक्ष की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने डेरा की याचिका को खारिज कर दिया और सीबीआई जांच जारी रखने के आदेश दिए।


- सीबीआई ने पुन: उक्त मामलों में जांच शुरू कर डेरा प्रमुख सहित कई अन्य लोगों को आरोपी बनाया। जांच के बौखलाए डेरा के लोगों ने सीबीआई के अधिकारियों के खिलाफ चंडीगढ़ में हजारों की संख्या में एकत्रित होकर प्रदर्शन किया।

[8/20, 7:12 PM] Anshul: मई 2007 में डेरा सलावतपुरा (बठिंडा, पंजाब) में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह ने सिख गुरु गुरुगोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा धारण कर फोटो खिंचवाए और उन्हें अखबारों में प्रकाशित करवाया।


- 13 मई 2007 को सिखों ने गुरु गोबिंद सिंह की नकल किए जाने के विरोध स्वरूप बठिंडा में डेरा प्रमुख का पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी सिखों पर डेरा प्रेमियों ने हमला बोल दिया, जिसके बाद 14 मई 2007 को पूरे उत्तर भारत में हिंसक घटनाएं हुईं। सिखों व डेरा प्रेमियों के बीच जगह-जगह टकराव हुए।


- 17 मई 2007 को प्रदर्शन कर रहे सिखों पर सुनाम में डेरा प्रेमी ने गोली चलाई, जिसमें सिख युवक कोमल सिंह की मौत हो गई, जिसके बाद सिख जत्थेबंदियों ने डेरा प्रमुख की गिरफ्तारी को लेकर आंदोलन किया। पंजाब में डेरा प्रमुख के जाने पर पाबंदी लग गई। डेरा सच्चा सौदा इस मामले में झुकने को तैयार नहीं था। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पूरे पंजाब व हरियाणा में सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया।


- 18 जून 2007 को बठिंडा की अदालत ने राजेन्द्र सिंह सिद्धू की याचिका पर डेरा प्रमुख के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। जिससे डेरा सच्चा सौदा में और बौखलाहट बढ़ गई और डेरा प्रेमियों ने पंजाब की बादल सरकार के खिलाफ जगह-जगह हिंसक प्रदर्शन किया।


- 16 जुलाई 2007 को सिरसा के गांव घुक्कांवाली में प्रशासनिक पाबंदी के बावजूद डेरा सच्चा सौदा ने नामचर्चा रखी। नामचर्चा में डेरा प्रमुख काफिले सहित शामिल होने के लिए पहुंचा। सिखों ने काफिले को काले झंडे दिखाए। इस बात से दोनों पक्षों में टकराव शुरू हो गया। देखते ही देखते भीड़ ने उग्र रूप धारण कर लिया और दोनों पक्षों में पथराव शुरू हो गया। डेरा प्रमुख को नामचर्चा बीच में ही छोड़कर भागना पड़ा।


- 24 जुलाई 2007 को गांव मल्लेवाला में नामचर्चा से विवाद उपजा। एक डेरा प्रेमी ने अपनी बंदूक से फायर कर दिया जिसमें तीन पुलिस कर्मियों सहित आठ सिख घायल हो गए। माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गया। सिखों ने डेरा प्रेमियों पर लगाम कसने को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन किए। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने घायलों का हाल-चाल जाना और हरियाणा सरकार से सिखों की सुरक्षा के प्रबंध करने की बात कही।


- 31 जुलाई 2007 को सीबीआई ने हत्या मामलों व साध्वी यौन शोषण मामले में जांच पूरी कर चालान न्यायालय में दाखिल कर दिया। सीबीआई ने तीनों मामलों में डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया। न्यायालय ने डेरा प्रमुख को 31 अगस्त 2007 तक अदालत में पेश होने के आदेश जारी कर दिया। डेरा ने सीबीआई के विशेष जज को भी धमकी भरा पत्र भेजा जिसके चलते जज को भी सुरक्षा मांगनी पड़ी। न्यायालय ने हत्या तथा बलात्कार जैसे तीनो संगीन मामलों में मुख्य आरोपी डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह को नियमित जमानत दे दी जबकि हत्या मामलो के सहआरोपी जेल में बंद थे.


-तीनों मामले पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में विचाराधीन हैं। 2007 से लेकर अब तक इन तीनों मामलों की अदालती कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए डेरा सच्चा सौदा ने कोई कसर नहीं छोड़ी। 


-वर्ष 2007 में सीबीआई अदालत अंबाला में थी। उस दौरान पेशी के लिए न्यायालय द्वारा अंबाला बुलाए जाने पर डेरा प्रमुख की ओर से वहां हजारों समर्थकों को एकत्रित कर शक्ति प्रदर्शन किया गया और लगातार अदालत पर दबाव की रणनीति के तहत लोगों का हुजूम इक_ा किया गया। 


-लोगों को मुक्ति दिलाने का दावा करने वाले स्वयंभू ईश्वर ने खुद को जान का खतरा बताकर सरकार से जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त की और अदालत से इसी खतरे का हवाला देकर पेशी से परमानेंट छूट दिए जाने की मांग कर डाली। अदालत ने लगातार छूट देने की बजाय पेशी सिरसा अदालत से वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा करवाए जाने की मोहलत डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह को दी। 


-लेकिन सिरसा अदालत में भी गुरमीत सिंह की पेशी के दौरान डेरा के समर्थकों का हुजूम एकत्रित कर लगातार दबाव बनाने की कोशिश जारी है। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के बावजूद डेरा प्रमुख को जान का खतरा बताते हुए डेरा सच्चा सौदा से लेकर अदालत परिसर तक डेरा के लठैत पेशी के दौरान मानव शृंखला बनाए रहते हैं। गुरमीत सिंह के डेरा से निकलकर अदालत में पहुंचने तक उस मार्ग को बंद कर दिया जाता है जिससे राहगीरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


- इस बीच गुरमीत सिंह द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर मामले खारिज करने की मांग कर डाली।  लेकिन इसमें भी डेरा सच्चा सौदा सफल नहीं हो पाया तो मामलों को लटकाने की ओर प्रयास तेज कर दिए गए। बार-बार विभिन्न याचिकाएं ऊपरी अदालत में लगाकर निचली अदालत की कार्रवाई बाधित करने के प्रयास डेरा की ओर से किए गए।


- तीनों मामलों में गवाहियों का दौर अभी तक जारी है। साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा पक्ष की ओर से 98 गवाहों की सूची अदालत को सौंपी गई थी। इनमें से 29 गवाहों की गवाही अदालत में दर्ज की जा चुकी थी। सीबीआई की विशेष अदालत के न्यायाधीश आर.के. यादव ने प्रतिवादी पक्ष की और गवाहियां करवाने से इंकार कर दिया। न्यायाधीश ने अंतिम गवाह के रूप में फतहाबाद के टेक चंद सेठी की गवाही पूरी करने के आदेश प्रतिवादी पक्ष को दिए। यहां गौरतलब है कि टेक चंद सेठी की गवाही अदालत में दर्ज हो चुकी थी जबकि उसकी गवाही पर वादी पक्ष की ओर से क्रॉस की कार्रवाई बाकी थी। इस संबंध में टेक चंद सेठी को समन जारी किए गए थे लेकिन डेरा की ओर से साध्वी यौन शोषण मामले में 4 और गवाह करवाए जाने की याचिका लगाई गई। अदालत ने  याचिका को खारिज करते हुए टेक चंद सेठी की गवाही पूर्ण करने की बात प्रतिवादी पक्ष से कही। लेकिन डेरा का गवाह अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इस पर अदालत ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए टेक चंद सेठी के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। अब डेरा सच्चा सौदा ने और गवाहों की गवाही करवाने की याचिका लेकर उच्च न्यायालय पहुंचा है।


- इसके बाद वर्ष 2010 में डेरा के ही पूर्व साधु राम कुमार बिश्नोई ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर डेरा के पूर्व मैनेजर फकीर चंद की गुमशुदगी की सीबीआई जांच मांगी। बिश्नोई का आरोप था कि डेरा प्रमुख के आदेश पर फकीरचंद की हत्या कर दी गयी. इस मामले में भी उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच के आदेश दिए। बौखलाए डेरा प्रेमियों ने हरियाणा, पंजाब व राजस्थान में एक साथ सरकारी सम्पति को नुकसान पहुंचाया और बसों में आगजनी की गई। हालांकि सीबीआई जांच के दौरान  मामले में सुबूत नहीं जुटा पायी और क्लोज़र रिपोर्ट फाइल कर दी. बिश्नोई ने उच्च न्यायालय में क्लोज़र को चुनौती दे रखी है.


- दिसंबर 2012 में सिरसा में डेरा सच्चा सौदा की नामचर्चा को लेकर एक बार फिर सिख व प्रेमी आमने सामने हुए। यहां डेरा प्रेमियों ने गुंडई दिखाई और गुरुद्वारा पर धावा बोला। इसके अलावा सिखों के वाहनों को आग के हवाले किया गया और पत्थर भी फेंके गए। सिरसा में स्थिति को काबू करने के लिए कफ्र्यू लगाना पड़ा।


- प्रशासन ने डेरा प्रेमियों पर मामला दर्ज कर लिया।

- फतेहाबाद जिला के कस्बा टोहाना के रहने वाले हंसराज चौहान (पूर्व डेरा साधु) ने 17 जुलाई 2012 को उच्च न्यायालय ने याचिका दायर कर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर डेरा के 400 साधुओं को नपुंसक बनाए जाने के आरोप लगाया था। चौहान का कहना था कि डेरा प्रमुख गुरमीत सिंह के गहने पर डेरा के चिकित्कों की टीम द्वारा साधुओं को नपुंसक बनाया जाता है। इन साधुओं को नपुंसक बनाने के बाद भगवान के दर्शन होने की बात कही जाती है। चौहान ने न्यायालय के समक्ष 166 साधुओं का नाम सहित विवरण प्रस्तुत किया था। चौहान ने अपनी याचिका ने बताया था कि छत्रपति हत्या प्रकरण में आरोपी निर्मल व कुलदीप भी डेरा सच्चा सौदा के नपुंसक साधु है। इसके बाद न्यायालय ने हत्या मामलों में जेल में बंद डेरा के साधुओं के पूछताछ के आदेश दिए जिसमें उन्होंने भी स्वीकार किया कि वे नपुंसक हैं लेकिन वे अपनी मर्जी से बने हैं। याचिका में यह भी बताया गया था कि डेरा के एक साधु विनोद नरूला ने डेरा मुखी की पेशी के समय सिरसा न्यायालय में स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या की थी। वह साधु भी नपुंसक ही था। याचिकाकर्ता ने मृतक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की थी। जिसके बाद से यह मामला अदालत में विचाराधीन है।


- इस मामले में सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार को एक महीने के अंदर जांच कर रिपोर्ट पेश करने के आदेश जारी किये हैं.

( पूरा सच्च सांध्यकालीन दैनिक)

25 अगस्त को संवेदनशील 9 जिलों में हरियाणा रोडवेज बंद रहेंगी

हरियाणा सरकार ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के मामले के मद्देनजर रोडवेज बसों के संचालन पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। 25 अगस्त को नौ संवेदनशील जिलों पंचकूला, सिरसा, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, हिसार, फतेहाबाद और जींद में बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहेगा।

अन्य जिलों से चंडीगढ़-पंचकूला के लिए कोई बस नहीं आएगी। संवेदनशील जिलों के अलावा अन्य जिलों में हालात को मद्देनजर रखते हुए बसें चलाई जाएंगी। परिवहन विभाग के महानिदेशक विकास गुप्ता ने सभी डिपो व सब डिपो महाप्रबंधकों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। 25 अगस्त को हालात बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर बसें बंद रखने के लिए कहा है।

बुधवार शाम को जारी निर्देश अनुसार दिल्ली और अन्य जिलों में रूटों पर गई बसें पंचकूला और चंडीगढ़ नहीं आएंगी। इन बसों को अंबाला व नारायणगढ़ तक ही संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। बसें चंडीगढ़-पंचकूला न आकर अगले निर्देश तक अंबाला और नारायणगढ़ से ही रूट पर चलेंगी। संवेदनशील जिलों में डिपो प्रबंधकों ने बुधवार को कई रूट की बसें चंडीगढ़ और पंचकूला नहीं आने दीं। 

Wednesday, August 23, 2017

सिरसा जिला: माहौल खराब नहीं होने देंगे: उपायुक्त प्रभजोत सिंह

चंडीगढ़, 21 अगस्त- हरियाणा के जिला सिरसा का प्रत्येक नागरिक अमन व शांति बनाए रखें और किसी प्रकार की हिंसा न फैलाएं बल्कि प्रेम व सौहार्द का माहौल बनाए रखने में जिलावासी सहयोग करें। यह बात सिरसा के नवनियुक्त उपायुक्त श्री प्रभजोत सिंह ने आज जिलावासियों से अपील करते हुए कही। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर जिला का माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है। 

 उन्होंने कहा कि जिले में सीआरपीएफ के जवान पहुंच चुके हैं और उन्हें संवेदनशील इलाकों में तैनात किया जा रहा है। उन्होंने जिला की जनता से यह भी अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सअप, फेसबुक, ट्विटर आदि पर भी भ्रामक फोटो, वीडियो या किसी बात को न फैलाएं, जिनसे शांति भंग होने की आशंका हो। 

उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन के आईटी एक्सपर्ट सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखे हुए हैं, यदि कहीं से यह जानकारी मिली कि कोई व्यक्ति शांति भंग करने की मंशा से भ्रामक बातें प्रचारित कर रहा है तो उस पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। इसके अतिरिक्त पंजाब के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी हरियाणा के पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक की जा रही हैं ताकि दोनों राज्यों में किसी भी प्रकार की हिंसा को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि जिला के किसी भी नागरिक को यदि यह पता लगे कि कोई व्यक्ति अफवाह या भ्रामक बातें फैला रहा है, जिससे हादसा होने की आशंका है तो उसकी सूचना अधिकारियों को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और शांति बनाए रखने के लिए उसे सम्मानित भी किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की सूचना देने हेतु 

अतिरिक्त उपायुक्त के दूरभाष नम्बर 01666-247235 व मोबाईल नम्बर 98122-20009, 

एसडीएम सिरसा के दूरभाष नम्बर 01666-247245 व मोबाईल नम्बर 98123-00902,

 नगराधीश के दूरभाष नम्बर 01666-248881 व मोबाईल नम्बर 98123-00901, 

जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी के दूरभाष नम्बर 01666-248883 व मोबाईल नम्बर 98123-00907,

 तहसीलदार डबवाली के दूरभाष नम्बर 01668-230035 व मोबाईल नम्बर 98123-00912, 98,960-51,999, 

तहसीलदार ऐलनाबाद के दूरभाष नम्बर 01698-220289 व मोबाईल नम्बर 98123-00913, 94169-23029, 

तहसीलदार रानिया के दूरभाष नम्बर 250279 व मोबाईल नम्बर 98123-00914, 94162-55665, 

तहसीलदार सिरसा के दूरभाष नम्बर 247130 व मोबाईल नम्बर 98123-00911, 94663-35492, 

तहसीलदार नाथुसरी चोपटा के मोबाईल नम्बर 98123-00919, 94162-55665, 

तहसीलदार, कालांवाली के मोबाईल नम्बर 97280-90819, 98123-00918 पर सम्पर्क कर सकते हैं।

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 25 अगस्त की पेशी पर हेलीकॉप्टर से लाया जाएगा


चंडीगढ़, 23 अगस्त 2017

साध्वी यौन शोषण केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पर 25 अगस्त को आने वाले कोर्ट के फैसले से पहले प्रशासन और पुलिस ने कमर कस ली है. पंचकूला में उनके समर्थकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस डेरा प्रमुख को हेलीकॉप्टर के जरिए कोर्ट में सुनवाई के लिए लाने की तैयारी में है। ड्रोन कैमरे से पूरे इलाके पर नजर रखी जा रही है.सरकार ने फैसला किया है कि उन्हें हेलिकॉप्टर से सिरसा से पंचकूला के सेक्टर-5 के परेड ग्राउंड तक लाया जाएगा. परेड ग्राउंड से लेकर कोर्ट तक भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में सुनवाई के लिए लाया जाएगा. इसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी योजना बनाई जा चुकी है.

डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला होने की स्थिति में हालात से निपटने के लिए पुलिस तैयारी कर चुकी है. पूरे राज्य में 16 हजार पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं. इतना ही नहीं गृह मंत्रालय ने भी अतिरिक्त बल की मांग के बाद सीआरपीएफ के 9700 जवानों को भेज दिया है. राज्य से लगी सीमाओं को सील कर ड्रोन कैमरों से नजर रखी जा रही है।

रेल मंत्री प्रभु ने इस्तीफा देने की पेशकश की:पीएम से मिले:

नई दिल्लीः रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट कर कहा कि वे यूपी को दोनों रेल हादसों की जिम्मेदारी लेते हैं। प्रभु ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और इस्तीफे की पेशकश की। पीएम ने उन्हें इंतजार करने को कहा है। प्रभु ने कहा कि मैंने रेलवे के लिए खून-पसीना एक किया है। मुझे हादसों से गहरा दुख पहुंचा है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी प्रभु का इस्तीफा मंजूर कर सकते हैं क्योंकि जिस तरह से लगातार हादसे हो रहे हैं उससे सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है।

रेल दुर्घटनाओं के बाद से विपक्ष रेल मंत्री प्रभु से लगातार इस्तीफे की मांग कर रहा है

सीबीआई को सौंपी:सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा की जमीन की 18 एफआईआर

कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद एवं प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। राज्य सरकार ने बीकानेर जमीन घोटाले से संबंधित सभी 18 एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है। जमीनों की खरीद-फरोख्त के मामले में वाड्रा की स्काईलाइट  हॉस्पिटैलिटी (एसएलएच) कंपनी का नाम भी शामिल है। इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने से संबंधित आवश्यक कार्यवाही पूरी कर ली गई है। नोटिफिकेशन जारी कर केंद्रीय कार्मिक विभाग के सचिव को सिफारिशी चिट्ठी भी भेज दी है।

जमीन घोटाला कोलायत में महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के विस्थापितों के नाम पर जमीनों के फर्जी आवंटन से जुड़ा है। दरअसल, जिन लोगों के नाम पर जमीनें आवंटित हुईं, वे असल में थे ही नहीं। ऐसे में आरोपियों ने तत्कालीन पटवारी, गिरदावर, नायब तहसीलदारों से मिलकर जमीनों का फर्जी तरीके से साल 2006-07 में नामांतरण करवा लिया। जमीनें आगे से आगे बिकती गईं, इनमें वाड्रा की कंपनी स्काइलाइट्स ने भी 150 बीघा और 125 बीघा जमीन खरीदी थी। राज्य सरकार के अनुसार मामले का खुलासा 2010 में हुआ, लेकिन राज्य की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया। 

प्रदेश में सरकार बदलने के बाद फर्जी आवंटन से जुड़े 16 केस गजनेर और दो केस कोलायत पुलिस थाने में वर्ष 2014 में दर्ज हुए हैं। इनमें चार केस वाड्रा की कंपनी से जुड़े हैं। पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट में चालान तो पेश कर दिया, लेकिन जांच 173 (8) में पेंडिंग रखी गई है। वाड्रा की कंपनी की भूमिका की जांच लंबित है। आरोप है कि वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने सरकार के अधिकारियों की मिलीभगत से महज 79 लाख रुपए में बीकानेर में 275 बीघा जमीन खरीदी।  

ईडी कर चुका है कार्रवाई  

बीकाडनेर में किसानों की जमीन हड़पने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय चार अभियुक्तों की 1.18 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को कुर्क कर चुका है। इनमें जय प्रकाश बगरवा,  पूर्व पटवारी उमा चरण शर्मा, पूर्व नायब तहसीलदार फकीर मोहम्मद और पूर्व पटवारी महावीर स्वामी शामिल है। इन पर गैर-मौजूदा व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन को फर्जी तरीके से आवंटित करने का आरोप है।


राजनीतिक मायने : गांधी, वाड्रा एवं कांग्रेस की मुसीबत  

माना जा रहा है कि केंद्र भी इस मामले में सीबीआई जांच कराने में ज्यादा देर नहीं लगाएगा। क्योंकि, गांधी एवं वाड्रा परिवार और कांग्रेस को घेरने के लिए इससे बड़ा कोई मामला और नहीं है। प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं और इस दौरान जमीन घोटाले से जुड़ा यह मामला कांग्रेस के लिए मुसीबत बन सकता है।   हीं इस लैंड डील की सीबीआई जांच की सिफारिश पर रॉबर्ट वाड्रा भड़क गए हैं और उन्होंने फेसबुक पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। वाड्रा ने कहा है कि सच्चाई की जीत होगी।

वाड्रा ने फेसबुक पर लिखा है कि पहले राजस्थान पुलिस ने 26 अगस्त 2014 को एफआईआर दर्ज की। तीन साल में उन्होंने चार्जशीट दाखिल की, कंपनी के अफसरों को समन किया लेकिन उनको कोई सबूत हाथ नहीं लगा। न तो एफआईआर में और न ही चार्जशीट में मुझे किसी तरह से आरोपी बनाया गया। जब पुलिस की कार्रवाई से कुछ नहीं हुआ तो मुझे परेशान करने के लिए ईडी को लगा दिया गया।

उन्होंने आगे लिखा है कि ईडी ने छापेमारी की, दस्तावेज जब्त किए और हर तरह से मुझे परेशान करने की कोशिश की। जब वो इसमें भी हार गए तो उन्होंने अब सीबीआई का सहारा लिया है। क्या राजस्थान सरकार को अपनी पुलिस और उसकी जांच पर भरोसा नहीं है? मुझे जितना परेशान करना है कर लो लेकिन इस तरह के झूठ से सच कभी छिप नहीं सकता। सच्चाई की जीत होगी। राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के अनुसार विवादित जमीन सौदों के सबंध में बीकानेर के दो पुलिस स्टेशन में कुल 18 एफआईआर दर्ज की गई थीं। जिसमें 16 एफआईआर बीकानेर के गजनेर पुलिस स्टेशन में जबकि दो एफआईआर कोलायत में दर्ज की गई थी।

कटारिया के अनुसार केस से सबंधित सभी दस्तावेज और एफआईआर की कॉपी सीबीआई को भेज दी गई है। जानकारी के अनुसार वाड्रा की कंपनी पर आरोप है कि वर्ष 2009 से 2011 के दौरान यह बीकानेर जिले में करीब 375 हैक्टेयर जमीन का फर्जी दस्तावेजों की मदद से सौदा किया गया।

गौरतलब है कि इस केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर रहा हैं। इस सबंध में ईडी कई छापे भी मार चुका है। जानकारी के अनुसार बीकानेर के कोलायत में 30 से ज्यादा गांव ऐसे है जहां जमीन का अवैध बेचान​ किया गया।

यहां के राजस्व विभाग से कर्मचारियों के अनुसार जिस जमीन के अवैध सौदे किए गए है वह सेना के फायरिंग रेंज के लिए थी। लेकिन भूमाफिया के मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर जमीनें आगे बेच दी गई।

Tuesday, August 22, 2017

25 अगस्त को क्या होगा अदालती फैसला? पंजाब हरियाणा में व्यापक सुरक्षा प्रबंध

जालंधर: 22-8-2017.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की विशेष सीबीआइ अदालत में पेशी को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हो गई हैं। हर तरह के हालात से निपटने के लिए पंजाब के विभिन्न जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स पहुंच गई हैं। सोमवार को कई जिलों में पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने फ्लैग मार्च निकाल कर सुरक्षा का जायजा लिया। वहीं, एहतियात के तौर पर पंजाब से सटे सभी राज्यों की सीमाएं सील कर दी गई हैं।

मोहाली पुलिस के कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। एसएसपी ऑफिस की तरफ से सभी अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के रीडर अन्य ऑफिसों में बैठे मुलाजिमों की ड्यूटियां भी लगा रहे हैं। मोहाली के एसएसपी कुलदीप सिंह चहल ने बताया कि मोहाली जिले के चंडीगढ़, पंचकूला व अन्य जिलों से सटे मार्गों को सील किया गया है। हर मार्ग पर एक टुकड़ी तैनात की गई है। इस मार्ग पर वीडियोग्राफी के लिए फोटोग्राफर भी तैनात किए गए हैं। ड्रोन मंगवाए गए हैं और स्पेशल वीडियोग्राफर लगाए गए हैं।

हरियाणा ने 150 कंपनियों की मांग की थी। 35 टुकडिय़ों ने  संवेदनशील जिलों में मोर्चा संभाल लिया है।  आगजनी जैसी घटनाएं रोकने के लिए अग्निशमन यंत्र उपलब्ध करवा दिए गए हैं। इसके अलावा बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड भी तैनात की गई है। चंडीगढ़ में सभी सरकारी व गैर सरकारी गेस्ट व रेस्ट हाउसेज के प्रबंधकों को आदेश जारी किए हैं कि कोई भी नई बुकिंग बिना पुलिस वेरीफिकेशन न की जाए।


कंट्रोल रूम बनाए


सभी जिलों में पुलिस ने कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। अमृतसर में विशेष चौकसी बरती जा रही है। डीसी कमलदीप ङ्क्षसह संघा और डीसीपी एएस पवार ने गुरु नगरी की जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध दिखे तो इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को दे।


राजपत्रित अधिकारियों को मिली कार्यकारी मजिस्ट्रेट की पावर


पंजाब सरकार ने एहतिहात के तौर पर सभी राजपत्रित अधिकारियों को 30 सितंबर तक कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्ति दी है। राज्य के सभी डिप्टी कमिश्नरों को भेजे गए आदेश के अनुसार पंजाब के मुख्य सचिव करण अवतार सिंह ने बताया कि राज्यपाल पंजाब ने राज्य के सभी राजपत्रित अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां प्रदान की है।

यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर तक के लिए प्रभावी होगी। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए भारतीय रेलवे के अधिकारियों ने डेरा सच्चा सौदा के श्रद्धालुओं द्वारा रेल रोकने व रेल को नुकसान पहुंचाने की संभावना से अवगत करवाया है। ऐसी स्थिति से निपटने को स्थानीय पुलिस, जीआरपी, आइबी और राज्य की गुप्तचर एजेंसियों से संपर्क बना एहतियाती उपाय करने की सलाह दी गई है।


हरियाणा में खाली कराई जा रहीं बैरकें


हरियाणा पुलिस का कहना है कि हंगामा करने वाले डेरा समर्थकों को तुरंत गिरफ्तार कर जेलों में डाला जाएगा। आपात स्थिति से निपटने के लिए जेल प्रशासन ने पहले से बंद डेरा अनुयायियों को अलग बैरकों में शिफ्ट कर कुछ बैरकों को खाली कराना शुरू कर दिया है। अगले आदेश तक जेल स्टाफ की छुट्टियां बंद कर दी गई हैं। जेल महानिदेशक डॉ. केपी सिंह ने सभी जेल अधीक्षकों को पत्र जारी कर साफ कर दिया है कि 25 अगस्त को पुलिस की ओर से कोई भी कार्रवाई की जा सकती है।


अदालती फैसला कुछ भी हो-संगत हालात बिगड़ने जैसा काम न करें


   22 अगस्त 2017.


मोगा जिले के डेरा प्रेमियों का एक वफद वीरवार शाम को डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत राम रहीम से सिरसा में मिला। मुलाकात के दौरान संत राम रहीम ने संगत को आदेश दिया कि अपने जिले में संगत ऐसा कोई काम न करे, जिससे हालात खराब हों। कोर्ट का फैसला कुछ भी हो, लेकिन संगत फैसले पर गलत प्रतिक्रिया न दे। संगत धैर्य रखे। जो भी गलत करेगा उसे भगवान देखेगा।


डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआइ अदालत के 25 अगस्त को आने वाले फैसले से पहले पंजाब व हरियाणा सरकार पूरी तरह चौकस हो गई। पंजाब ने डेरों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस व पैरामिलिट्री फोर्स तैनात कर दी है। सिर्फ पटियाला में ही 80 कंपनियां तैनात की गई हैं।


केंद्र ने हरियाणा को 35 कंपनियां भेज दी हैैं। यहां खुला पेट्रोल बेचने पर रोक लगाई जा चुकी है। कुछ जिलों में कभी भी इंटरनेट सेवा बंद की जा सकती है। धारा 144 लागू कर दी गई है।

पंजाब के मालवा के सबसे संवेदनशील शहर बठिंडा में शुक्रवार को पुलिस टीमों ने कड़ी नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की। मोगा में नाम चर्चा घर के बाहर भी एहतियात के लिए पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। फरीदकोट में भी पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। फिरोजपुर में पुलिस ने काउंटर इंटेलीजेंस के कुछ कर्मचारी डेरों के अंदर व बाहर लगाए हैं। बरनाला जिला प्रशासन ने पांच कंपनियों की मांग ही है। राजस्थान व महाराष्ट्र में भी अनुयायियों पर नजर रखी जा रही है।

शांति भंग नहीं होने देंगे: कैप्टन


पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंद सिंह ने स्पष्ट किया है कि किसी को भी सूबे के अमन-चैन में विघ्न डालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस को चौकस रहने के निर्देश दिए जा चुके हैं। हर हाल में शांति कायम रहेगी।


Monday, August 21, 2017

रामचंद्र पोटलिया की एसीबी मुकदमे की मुसीबतें और बढी: सूरतगढ में जांच



- करणीदानसिंह राजपूत-

सूरतगढ़ 21 अगस्त 2017. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो बीकानेर चौकी के एडिशनल SP पर्वत सिंह ने आज सूरतगढ़ एसडीएम कोर्ट में पोटलिया से संबंधित जांच की कुछ दस्तावेज भी लिए गए हैं। पोटलिया सूरतगढ़ में एसडीएम पद पर रहे तब से भ्रष्टाचार की शिकायतों वे दर्ज मुकदमे की जांच चल रही है। पोटलिया के विरूद्ध दर्ज मुकदमे पर 25 मई 2016 को एडीशनल SP पर्वतसिंह  ने ही दफ्तर को खंगाला था। उस दिन से अनुपस्थित हुए पोटलिया यहां एसडीएम पद पर नहीं लौट पाए। पोटलिया की 31 जुलाई 2017 को सेवानिवृत्ति हो गई और वे घर चले गए मगर एसीबी से पिंड नहीं छूट पाया।


हास्य कलाकार नगेंद्र सिंह शेखावत ने राजस्थानी रामलीला कलाकारों को अभिनय के गुर सिखाए



सूरतगढ़ 19 अगस्त- राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए जूझ रहे राजस्थान के लोगों की आवाज को बुलंद करने की कड़ी में प्रयासरत मायड़ भाषा राजस्थानी लोककला रंगमच के कलाकारों द्वारा राजस्थानी भाषा में रामलीला के मंचन की रिर्हसल करणी माता मंदिर परिसर में जोरशोर से जारी है। रिर्हसल के दौरान हास्य कलाकार नगेन्द्रसिंह शेखावत ने पहुंचकर राजस्थानी रामलीला में अभियन कर रहे कलाकारों को अभिनय के गुर बताए। शेखावत ने कहा कि मंच पर अपना अभिनय प्रदर्शित करने से पहले कलाकार को दिए गए पात्र को पूरी तरह से आत्मशात कर लेना चाहिए। शेखावत ने कला के 9 रसों के प्रदर्शन कर उपस्थित जनों का मनमोहा। गौरतलब है कि नगेन्द्रसिंह शेखावत सूरतगढ़ की राजनीति में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए राजस्थानी फिल्मों में भी अपने अभिनय के जौहर दिखा चुके हैं। उन्होंने गौरी व राजू राठौड़ राजस्थानी फिल्मों में अभिनय किया है। रिर्हसल के दौरान राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति छात्र मोर्चा संयोजक डां. गौरीशंकर निमिवाल ने अपने उदबोधन में कहा कि राजस्थानी भाषा को संवैधानिक मान्यता मिलने पर ही राजस्थान के नौजवानों की बेरोजगारी दूर होगी। उन्होंने राजस्थानी रामलीला के मंचन को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाने वाला कार्य बताया।  इसी अवसर पर नोहर से पधारी जननेता चौधरी शांति देवी ने कलाकारों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि वे अपना प्रयास जारी रखें। वह दिन शीघ्र​ ही आएगा जब राजस्थानी भाषा भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूचि में शामिल होगी। कार्यक्रम में देवीलाल ने भी अपने विचार रखे। संस्था अध्यक्ष ओमसाबणियां ने सबका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर ईमिलाल प्रजापत, धन्नाराम स्वामी, निदेशक अमरिश जबरियां, रमेश सिंह, मोहनी शर्मा, रविना, मनोजकुमार स्वामी आदि सहित रामलीला के कलाकारों ने शिरकत की व रामलीला की रिर्हसल का भी प्रदर्शन किया तथा आहवान किया कि राजस्थानी भाषा साहित्य और संस्कृति को आगे बढाने के लिए हमें निरन्तर प्रयासरत रहना चाहिए। नगेन्द्र सिंह शेखावत की सूरतगढ़ में शीघ्र प्रर्दशित होने वाली राजस्थानी फिल्म राजू राठौड़ को सपरिवार देखने का आहवान किया गया।

ओम साबणिया राजस्थानी​ भाषा मान्यता संघर्ष समिति के सूरतगढ तहसील अध्यक्ष मनोनीत


  सूरतगढ़ 21 अगस्त-अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष डा. राजेन्द्र बारहठ ने सूरतगढ़ के ओम साबणियां को संघर्ष समिति का तहसील अध्यक्ष नियुक्त किया है।  साबणियां को अपनी 20 सदस्यीय कार्यकारिणी गठित करने को अधिकृत किया है।  साबणियां काफी समय से राजस्थानी भाषा की मान्यता के लिए चल रहे आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभा रहे है और पिछले दो वर्षो से मायड़ भाषा राजस्थानी लोककला रंगमच के अध्यक्ष पद का दायित्व सभालते हुए राजस्थानी भाषा में रामलीला का मचन करवा रहे हैं, जो कि देश में एक मात्र पहला अकेला कार्य है। 

हंसवाहिनी संस्था नें रामलीला कलाकारों को करवाया अभ्यास

स्थानीय हंसवाहिनी संगीत कला संस्थान की संचालिका उमा स्वामी, श्रवण कुमार, गणेश कुमार नें मायड़ भाषा राजस्थानी लोककला रंगमच द्वारा खेली जाने वाली राजस्थानी रामलीला की रिर्हसल में पहुचकर कलाकारों को रामलीला के गीतो का रियाज करवाया व उन्होंने संगीत की बांरिकियों की जानकारी दी। संस्थाध्यक्ष ओम साबणियां, उपाध्यक्ष सुभाष सैन, निदेशक अमरिश जबरियां, ईमिलाल प्रजापत व नवरंगलाल उपाध्याय नें संगीत कला संस्थान का आभार व्यक्त किया।



Sunday, August 20, 2017

सूरतगढ़ में अवैध संचालित हॉस्टल बंद कराने की मांग

सूरतगढ़ 5 जुलाई 2017.

 आवासीय क्षेत्र में बॉयज हॉस्टल के छात्रों द्वारा  छत पर अर्धनग्न घूमते हुए आसपास के घरों पर ताका झांकी  वह रात को हुड़दंग से परेशान लोगों ने हॉस्टल बंद कराने की मांग की।

वार्ड नंबर 16 के निवासियों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया और इसकी कापी स्थानीय पुलिस प्रशासन व नगरपालिका प्रशासन को भी दी है।

 इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि उक्त हॉस्टल में रहने वाले 20- 25 लड़कों ने मोहल्ले वालों का जीना हराम कर रखा है। 

हास्टल के मालिक से मोहल्ले वालों ने शिकायत की तो वह उल्टा मोहल्ले वालों से ही झगड़ा करने पर उतारू हो गया। इसकी शिकायत थाना अधिकारी को की गई लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। 

हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों द्वारा रात को हुड़दंग करने की शिकायतें पूर्व में अनेक बार पुलिस को की जा चुकी है लेकिन पुलिस कुछ भी कार्यवाही नहीं करती।सीएलजी बैठक में भी अनेक बार मांग उठ चुकी है व बीट कांस्टेबलों से हर मोहल्ले की स्थिति का मालूम कराने काम भी कहा जाता रहा है लेकिन थाना अधिकारी चुप्पी साधे हुए रहता है। कितनी ही शिकायतें हो चुकी है।पुलिस के ढुलमुल रवैया से कभी झगड़ा-फसाद बढ़ सकता है और कोई हादसा भी हो सकता है। पुलिस को तत्काल समुचित कार्यवाही करनी चाहिए।

रामप्रताप कासनिया की सूरतगढ़ से चुनाव लड़ने की तैयारी





- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़। पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कासनिया सूरतगढ़ सीट से सन 2018 का विधानसभा चुनाव लड़ने को तैयार हैं।

 कासनिया ने चुनाव संबंधी वार्तालाप में 19 अगस्त को स्पष्ट संकेत दिया की वह आगामी विधानसभा चुनाव 2018 लड़ने को तैयार है।

सवाल- अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे?

कासनिया- राजनीति में तो हर वक्त जी करता है। चुनाव जनता लड़ाती है।  जनता कहेगी तो चुनाव लड़ने को एकदम तैयार हैं।

सवाल- कैसे लड़ेंगे?

कासनिया- पार्टी टिकट देगी तो चुनाव लड़ेंगे।

सवाल-चुनाव लड़ने की घोषणा कब करेंगे? पत्रकार वार्ता बुला कर घोषणा करदें।एक साथ सभी को मालूम हो जाएगा।

कासनिया-ब्याह के गीत तो ब्याह पर ही गाए जाते हैं। अभी नहीं।चुनाव के वक्त ही चुनाव की बात करना अच्छा रहेगा।

कासनिया घोषणा चाहे चुनाव के वक्त करें लेकिन हमारा मानना है कि उनकी तैयारी शुरू है। कासनिया सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग लेने के जिस तरीके का इस्तेमाल कर रहे हैं वह चुनाव लड़ने की तैयारी का संकेत करता है।

कासनिया का शहरी व ग्रामीण कार्यकर्ताओं से लोगों से मिलना-जुलना चुनावी तैयारी के अनुरूप होने लगा है।


पुरी से हरिद्वार:कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में घायलों के नाम: देखें कोई आपका हो

19 अगस्त 2017.पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस शनिवार शाम मुजफ्फरनगर जिले में खतौली के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। ट्रेन की कई बोगियां एक दूसरे के ऊपर चढ़ गईं और कई पटरी से उतरी गईं। चश्मदीदों ने हादसे में 50 से अधिक लोगों की मौत की बात कही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि 23 मौतों की हुई है। 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं। रेलवे लाइन के पास बने कुछ मकान भी बोगियों की चपेट में आए हैं। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने देर रात घटनास्थल पर खतौली पहुंचे और मुआवजे का ऐलान किया।

केन्द्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस हादसे में मरने वाले यात्रियों के परिवारवालों को 3.5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मरने वाले यात्रियों के परिवार को दो लाख रुपये और घायलों के परिवार को 50 हजार रुपये का मुआवजा राशि देने की घोषणा की है। जानकारी मिलते ही केन्‍द्रीय राज्‍यमंत्री संजीव बालियान डीएम, एसएसपी के साथ मौके पर पहुंच गए हैं। ट्रेन की चपेट में रेलवे लाइन के आसपास रहने वाले लोग भी आए हैं। रेलवे ने हेल्पलाइन नंबर 9760534054/ 5101 भी जारी कर दिया है। बताया जा रहा है कि हादसे के पीछे आतंकियों की साजिश हो सकती है। इसकी जांच के लिए एटीएस की टीम रवाना हो चुकी है।

ट्रेन की तीन बोगियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई हैं और 10 डिब्बे डिरेल हो गए हैं। हादसा 5:50 बजे खतौली की जगत कालोनी में हुआ। ट्रेन कुछ ही देर पहले खतौली स्टेशन से आगे को रवाना हुई थी। अचानक तेज आवाज के साथ बोगियां एक दूसरे पर चढ़ गईं और कई डिरेल हो गईं। चीख-पुकार मच गई। हादसा होते ही आसपास रहने वाले लोग मदद में दौड़ पड़े। मुजफ्फरनगर के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी राहत टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर बचाव में जुट गए। केन्द्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान भी वहां आ गए।

मौके पर कितने ही लोग लहूलुहान हालत में पड़े नजर आ रहे हैं। चीख-पुकार मची है। मेरठ से राहत एवं बचाव दल मौके पर रवाना हो गए हैं। बता दें कि पिछले साल पुखरायां और दिसंबर में रूला रेल हादसे के पीछे भी आतंकी साजिश सामने आई थी। बता दें कि घायलों को आसपास के अस्‍पतालों में भर्ती कराया गया है। ज्‍यादातर स्‍लीपर कोच दुर्घटनाग्रस्‍त हुए हैं। वहीं, दो बोगी तहस-नहस हो गई है। इसके अलावा एसी बोगी भी पटरी से उतरी हैं। ट्रेन हादसे के बाद दिल्ली से देहरादून की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को बीच में रोका गया।मेरठ-देहरादून ट्रैक पर ट्रेनों को रोक दिया गया। देर शाम एनडीआरएफ की टीम पहुंचकर राहत-बचाव कार्य में जुट गई हैं। चश्मदीदों का कहना है कि ट्रेन दुर्घटना में 50 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। घायलों की तादाद 80 से 100 के बीच बताई जा रही है। हालांकि डीजीपी और रेलवे ने 23 लोगों की मौत और 40 के घायल होने पुष्टि की है। मौके पर मौजूद अफसर अंधेरा होने की वजह से न अधिक मौतों से इनकार कर रहे और पुष्टि कर रहे हैं।

मलबे में और भी लोग दबे हो सकते हैं। मृतक संख्या बढ़ने की आशंका है। मृतकों की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। देर रात तक दुर्घटनाग्रस्त बोगियों को ट्रैक से हटाने का काम जारी था। अंधेरा होने से बचाव कार्य में बाधा आ रही है। मौके पर बिजली एवं सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। आसपास के जिलों से डाक्टरों की टीम भी मौके पर भेज दी गई हैं।

सूचना पर मुजफ्फरनगर के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी राहत टीमों के साथ मौके पर पहुंचकर बचाव में जुट गए हैं। मेरठ से भी टीमें मौके पर भेज दी गई हैं। तमाम घायलों को आसपास के अस्पतालों में  भेजा गया है। चश्मदीदों ने ट्रेन दुर्घटना में कई लोगों के मारे जाने की बात कही है। यात्री बोगियों के बीच फंसे नजर आ रहे हैं।


रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने किया ट्वीट


हादसे के बाद रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि वरिष्ठ डॉक्टर, मेडिकल वैन मौके पर पहुंच रहे हैं।  मैं और मनोज सिन्हा लगातार घटना पर नजर बनाए रखें हैं। इसके अलावा यूपी सरकार से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।


ट्रेन हादसा के घायलों की पूरी सूची



जिला अस्पताल में भर्ती घायल

1.    खालिद पुत्र यामीन निवासी रथेड़ी, मुजफ्फरनगर

2.     दिलशाद पुत्र असरग, निवासी मिमलाना रोड, मुजफ्फरनगर

3.    आसिफ पुत्र जुल्फिार निवासी दक्षिणी खालापार, मुजफ्फरनगर

4.     विशाल पुत्र अनिल निवासी साकेत कालोनी, मुजफ्फरनगर

5.    लक्ष्मी नारायण पुत्र अज्ञात निवासी मुरैना

6.    मनोज प्रधान पुत्र अज्ञात निवासी मुरैना

7.    गजेन्द्र त्यागी पुत्र अज्ञात निवासी रामपुरी

8.    तारिक नसीम पुत्र अज्ञात निवासी बकरा मार्किट

9.    सुहैल पुत्र जुबैर निवासी देवबंद

10.    प्रदीप शर्मा पुत्र अज्ञात निवासी मुरैना

11.    दिनेश शर्मा पुत्र अज्ञात निवासी रामपुरी

12.    अनिल शर्मा पुत्र अज्ञात निवासी दिल्ली

13.    हदप्रसाद पुत्र अज्ञात निवासी सेवनी खुर्द

14.    दीपक रानी पुत्री अज्ञात निवासी साकेत कालोनी

15.    मधुर मंडल पुत्र अज्ञात निवासी उड़ीसा

16.    मुरारी लाल शर्मा पुत्र माधव निवासी ग्वालियर

17.    पराशु पुत्र रघु निवासी ललितपुर

18.    सुभाष शर्मा पुत्र मुरारी लाल शर्मा गवाहटी

19.    मुश्ताक अली पुत्र रहमतअली पोढीगढवाल

20.    लक्ष्मण शर्मा पुत्र मुरारीलाल शर्मा गवाहटी

2.    गिरधारीलाल पुत्र अजरुदी निवासी ललितपुर

22.    पशुराम पुत्र अज्ञात निवासी ग्वालियर

23.   लक्ष्मण पुत्र पन्नू निवासी ग्वालियर

24.    प्रभु पुत्र तिरीसु वासी घलौरी राजस्थान

25.
 शान्ति पत्नी श्री निवासी ललितपुर
26.    गणेशप्रसाद तिवारी पुत्र सुग्रीव प्रसास छतीसगढ
27.    करण सिंह तोमर पुत्र रामसिंह निवासी मध्यप्रदेश
28.    प्रदीप शर्मा पुत्र लक्ष्मीनारायण शर्मा मुरैना
29.    रामनारायण शर्मा पुत्र बाबूलाल निवासी ग्वालियर
30.    कमला देवी पत्नी रामप्रकाश निवासी ग्वालियर
31.    हरिओम पुत्र मुलु निवासी ललितपुर
32.    गणेश पुत्र चरुणी निवासी ललितपुर
33.    मधु पुत्र जोगीमोंदार निवासी उडीसा
34.    मुबारिक अली पुत्र आजाद निवासी बागपत
35.    सुरेश पुत्र कलीराम शर्मा निवासी मुजफ्फरनगर
36.    मनोज कुमार पुत्र भारत निवासी छतीसगढ
37.    चंदो सोनी पत्नी फुलचंद सोनी निवासी मध्यप्रदेश
38.    छविराम पुत्र नंदलाल निवासी कुरक्षेत्र
39.    ब्रिजेश शर्मा पुत्र आसाराम शर्मा निवासी ग्वालियर
40.    केदार शर्मा पुत्र विधाराम शर्मा निवासी ग्वालियर
41.    मुन्ना लाल शर्मा पुत्र शोभाराम शर्मा निवासी ग्वालियर
42.    परमावती पत्नी राधाचरण निवासी आगरा
43.    बसंती शर्मा पत्नी बाबूलाल शर्मा ग्वालियर
44.    पदम पुत्र रामकिशन निवासी मुजफ्फरनगर

बैगराजपुर मैडिकल कालेज में भर्ती घायल
45.    रैल्ली पुत्री सुल्तान निवासी ललितपुर
46.    रामकिशन शर्मा पुत्र रोशन लाल निवासी मथुरा
47.    शांति पत्नी नाथीलाल निवासी मध्यप्रदेश
48.    उषा शर्मा पत्नी ब्रजकिशोर शर्मा निवासी आगरा
49.    दिलीप सिंह यादव पुत्र रामनारायण निवासी मुरैना
50.    रामखिलारी पुत्र कंचन निवासी  मध्यप्रदेश
51.    सविता पुत्री अज्ञात निवासी अज्ञात
52.    संकेत कुमार पुत्र श्रवण कुमार निवासी भरतिया कलोनी
53.    सतीश पुत्र रतनलाल निवासी ग्वालियर
54.    स्वामी सरस्वती पुत्री माता प्रसाद निवासी मुजफ्फरनगर
55.    अंगुरी बाई पत्नी हरदाश ग्वालियर
56.    रामस्वरुप पुत्र रतनलान निवासी राजस्थान
57.    राधेदेवी शर्मा पुत्री तुलाराम शर्मा निवासी हाथरस
58.    रामवीर शर्मा पुत्र रामसिंह निवासी आगरा
59.    प्रवीण कुमार पुत्र चंद्रसिंह निवासी मुजफ्फरनगर
60.    संतो पुत्री सियाराम निवासी मध्यप्रदेश
61.    रेवती पुत्री रामनिवास निवासी मुरैना
62.    लीला सैन पुत्री रमेश सैन निवासी मध्यप्रदेश
63.    कविता पुत्री किशोर सैन निवासी मध्यप्रदेश
64.    रिशिका पुत्री किशोर सैन निवासी मध्यप्रदेश
65.    सोम्या पुत्री सोमबाबू निवासी रुडकी
66.    खिलान दास पुत्र नंदलाल निवासी मध्यप्रदेश।

( सरकारी। सूची को ही अधिकृत मानें)

Saturday, August 19, 2017

मोदी के लापता होने के पोस्टर लगने से हड़कंप मचा


जाने वह कौन-सा देश जहां तुम चले गए

वाराणसी 19 अगस्त2017.

उत्तर प्रदेश के वाराणसी की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं. पीएम मोदी वाराणसी संसदीय क्षेत्र से ही सांसद हैं. दीवारों पर चिपकाए गए इन पोस्टरों में लिखा है कि लापता वाराणसी सांसद. साथ में पीएम मोदी की तस्वीर लगी है. इनमें पीएम मोदी को संबोधित करते हुए नारा लिखा है- 'जाने वह कौन सा देश जहां तुम चले गए.' हालांकि इन पोस्टर को लगाने वाले का नाम नहीं लिखा है। पोस्टर के सबसे नीचे निवेदक में लिखा है- लाचार, बेबस एवं हताश काशीवासी. वहीं, वाराणसी में पीएम मोदी के लापता होने के पोस्टर लगने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया. पुलिस फौरन हरकत में आई और देर रात इन पोस्टरों को हटा दिया. फिलहाल पोस्टर लगाने वाले के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई है. इन पोस्टरों में यह भी लिखा है कि मोदी का पता नहीं लगने पर मजबूरन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने को काशीवासी मजबूर होंगे.

पुलिस पोस्टर लगवाने वाले की तलाश में जुटी हुई है।




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