Wednesday, May 31, 2017

रामचन्द्र पोटलिया एसडीएम सूरतगढ़ का क्या हुआ?


 पोटलिया का एडीएम परमोशन हुआ-
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 30 सितम्बर 2016.
अप डेट 31-5-2017.

राजस्थान सरकार द्वारा एसडीएम रामचन्द्र पोटलिया वरिष्ठ आरएएस को परमोट कर अतिरिक्त जिला कलक्टर बनाया गया है।
यह परमोशन कुछ महीनों पहले हो गया था लेकिन यह आदेश पत्र लिफाफे में बंद कर दिया गया था। किसी प्रकार की जाँच चल रही हो तब जो भी निर्णय होता है उसे लिफाफे में बंद कर दिया जाता है चल रही जांच के पूर्ण होने पर बंद लिफाफा खोला जाता है। अब जयपुर में लिफाफा खुला तो उसमें परमोशन का आदेश निकला। 


पोटलिया यहां पर एसडीएम पद पर कार्यरत होते हुए एसीबी जांच के दिन
 25-5-2016. से मेडिकल अवकाश पत्रों पर चल रहे थे।कलक्टर ने अनुपस्थिति मानी और सरकार को सूचित किया तब पोटलिया को सस्पेंड कर दिया गया।
एसीबी की कार्यवाही में आय से अधिक संपत्ति की जांच का कार्य चल रहा है।
सेवा काल 31जुलाई तक ही है।
इससे अधिक कोई सूचना फिलहाल नहीं है।

नरेंद्र मोदी की रैली वास्ते बुक रेलगाड़ी के 12 लाख रुपए बकाया

आगरा.31-5-2017.
 आगरा के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता विनोद सामरिया को भारतीय रेलवे की ओर से 12 लाख रुपये का बकाया चुकाने के 6 नोटिस भेजे जा चुके हैं। ये बिल साल 2014 से लंबित हैं।
 लोकसभा चुनावों से पहले विनोद सामरिया ने 2 मार्च, 2014 को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की विजय शंखनाद रैली के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को फतेहपुर सीकरी से लखनऊ लाए थे।
रेलगाड़ी बुकिंग का खर्चा 18.4 लाख रुपये था, जिसमें 5 लाख की सिक्योरिटी भी शामिल थी। इसका भुगतान उन्होंने पार्टी फंड से किया था।
रेलवे ने इस खर्चे को 30.68 लाख तक बढ़ा दिया, क्योंकि ट्रेन को 4 स्टेशनों पर समर्थकों को लेने के लिए रोका गया था।
अग्रिम भुगतान को समायोजित करते हुए अंतिम बिल राशि 12.3 लाख रुपये के करीब आई।
सामरिया को उम्मीद थी कि पार्टी फंड से इस बिल का भुगतान भी हो जाएगा, लेकिन नहीं हुआ।
 लेकिन 11 मई को रेलवे के ताजा नोटिस के बाद सामरिया की चिंता बढ़ गई।

2014 में फतेहपुर सीकरी नगर यूनिट में पार्टी अध्यक्ष रहे सामरिया के नाम पर रेलगाड़ी बुक थी।
सामरिया किसान है और इतने ज्यादा बिल का भुगतान नहीं कर सकते। पार्टी नेताओं से गुजारिशों के बावजूद  सिर्फ दिलासे ही मिले हैं।
 पार्टी यह बिल नहीं भरती तो रेलवे संपत्ति कुर्क कर सकती है।
राज्य के बड़े नेताओं ने उससे कहा है कि खिलाफ में कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, क्योंकि दिल्ली में अपनी सरकार है। सामरिया ने कहा कि उन्होंने पार्टी के जिला अध्यक्ष, राज्य के पार्टी अध्यक्ष, रेलमंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा से बात की है।

तंबाकू सेवन से मुंह जीभ गला फेफड़ों व अन्य अंगों में कैंसर का खतरा बढ़ता है

- करणीदानसिंह राजपूत -

 *अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकु निषेध दिवस 31 मई पर विशेष*


तम्बाकु का सेवन चाहे धुम्रपान के रुप बीड़ी​, सिगरेट, हुक्का या खाने चबाने के रुप जर्दा गुटखा, खैनी इत्यादी हर रुप मे स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध होता है।

 तम्बाकु के सेवन ने मुंह, जीभ, होठ, गला, फेफडों के साथ-साथ शरीर के अन्य अंगों में भी केंसर का खतरा तेजी से बढता है, जो कि मनुष्य की मौत का कारण होता है।
तम्बाकु के सेवन से हाथों, पैरों की नाड़ियों मे खून का दौरा कम हो जाता है, जिससे बरगर रोग हो जाता है, हार्ट अटेक की संभावनाएं भी काफी हद तक बढ जाती है।


इसलिए आज अन्तर्राष्ट्रीय तम्बाकु निषेध दिवस के अवसर पर हम सब सामूहिक रुप से तम्बाकु नामक नशे को जड़ से खत्म करने का संकल्प लेकर नशा मुक्त भारत के निर्माण मे सहयोगी बने।

नशा करना गलत है, क्योकि इससे परिवार बर्बाद हो जाते है। नशे के कारण भाई भाई का दुश्मन बन जाता है।

गुरुओ एवं महापुरुषों ने भी नशा ना करने का उपदेश दिया है, जिस पर हमे चलना चाहिये ।

नशा मानवता का दुश्मन है। नशे के कारण व्यक्ति मानव को मानव नही समझता तथा अत्याचारी बनकर मानवता के विरुद्ध गलत राह पर चलने लग जाता है, जबकि हम सभी को महापुरुषों के बताये मार्ग पर चलकर  खुद को नशे से बचाना चाहिये और दूसरे लोगों को भी नशे से बचाना चहिये।





Tuesday, May 30, 2017

घनश्याम तिवाड़ी ने विधायकों को पत्र लिखें:व्यक्ति विशेष की खातिरदारी नहीं जनता की सेवा करें

जयपुर 30-5-2017.
राजस्थान में भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने अपने बगावती तेवर कम नहीं किए हैं। ताजा मामले के तहत मंगलवार 30 मई को उन्होंने अपनी पार्टी के विधायकों सहित अन्य पार्टी के विधायकों को खुला पत्र लिख कर अप्रत्यक्ष तौर पर सीएम वसुंधरा राजे के खिलाफ मोर्चा खोलने की अपील की है।

तिवाड़ी ने मंगलवार को सभी विधायकों के नाम ये खुला पत्र जारी किया। इस पत्र में सीएम वसुंधरा राजे का नाम लिए बिना उन्होंने विधायकों से ​कहा कि उनका पहला काम जनता की सेवा करना है। किसी व्यक्ति विशेष की खिदमत करना उनका काम नहीं है।

उन्होंने विधानसभा से निलंबित विधायक हनुमान बेनीवाल और मनोज न्यांगली की बहाली के लिए पार्टी पर दबाव बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इन्हे निलंबित किया जाना लोकतंत्र और संसदीय परम्पराओं के खिलाफ है।

तिवाड़ी इससे पहले भी कई बार सीएम राजे पर निशाना साध चुके हैं। यहां तक कि उन्होंने कहा कि सीएम राजे वर्तमान में जिस बंगले में रह रही है वे उसे हथियाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जाने वाले आवास समेत अन्य सुविधाओं का भी कड़ा विरोध किया है।

तिवाड़ी के इस व्यवहार को देखते हुए भाजपा की केंद्रीय अनुशासन समिति भी उन्हें नोटिस जारी कर चुकी है। तिवाड़ी ने इस पत्र के उत्तर में भी अपने तेवर दिखाते हुए उल्टे सवाल खड़े किए हैं।

सूरतगढ़ SDM पद पर रामचंद्र पोटलिया फिर आएंगे?


- करणीदानसिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ 30 मई 2017.
पूर्व विधायक गंगाजल मील  ने पत्रकार वार्ता में कहा कि  एसडीएम के पद पर रामचंद्र पोटलिया फिर से लगाए जाएंगे। मील ने कहा कि उनको जानकारी मिली है कि वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू से सैटिंग होने की बात आई है। मील ने कहा कि आख़िरी एक डेढ़ महीने में पोटलिया को फिर से लगाया जाएगा और भादू अपने काम करवाएगा। मील ने पत्रकार वार्ता में दावा किया कि अगर पोटलिया को लगाया गया तो वह ऐसा नहीं होने देंगे और धरना लगा देंगे।
 विदित रहे कि रामचंद्र पोटलिया 25 मई 2016 को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग की कार्यवाही के बाद से अनुपस्थित और फिर सस्पेंड की कार्यवाही में चल रहे हैं और पूरा एक वर्ष बीत चुका है। रामचंद्र पोटलिया का सेवाकाल 31 जुलाई तक है।  मील के कथन को सही माने तो पदस्थापन और कार्य करवाने का मानें तो रामचंद्र पोटलिया की नियुक्ति जून के पहले दूसरे हफ्ते में संभावित मानी जानी चाहिए।
यह पत्रकार वार्ता 22 मई को आयोजित की गई थी जिसमें राजेंद्र भादू पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए गए थे। पत्रकारों ने रामचंद्र पोटलिया के मैटर को गोल कर दिया।आरोपों को एक दो पंक्तियों में सीमित कर दिया जो डिटेल मील ने पत्रकार वार्ता में दी उसे प्रकाशित करने से रोक दिया गया। वीडियोग्राफी के कैमरे मोबाइल कैमरे रिकॉर्डिंग के सभी साधन होते हुए भी थी जब आरोप लगा रहे थे तो उनकी रिकॉर्डिंग ही नहीं की गई । इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने भी यही स्थिति अपनाई।
राजस्थान पत्रिका ने 23 मई के अंक में कुछ पंक्तियों में यह समाचार लगाया मगर रामचंद्र पोटलिया और भ्रष्टाचार के मामले गायब कर दिए। पत्रिका का यह समाचार चित्र यहां दिया है।

 पत्रकार समझौतावादी हो गए हैं।समाचारों को रोकते हैं या फिर डरते हैं।


ब्लास्ट की आवाज साप्ताहिक ने मील की पत्रकार वार्ता मैं भादू पर लगाए आरोपों को प्रकाशित किया है और सवाल उठाया है कि क्या भादू पलटवार करते हुए मील को जवाब देंगे?

ब्लास्ट की आवाज ने छापा है कि मील राज में भी भ्रष्टाचार खूब  हुए थे। अब चुनाव का समय नजदीक है इसलिए आरोप प्रत्यारोप का दौर चलेगा।


उदंत मार्तंड हिंदी का प्रथम समाचार पत्र 30 मई 1826 ईस्वी में प्रथम अंक छपा:






उदन्त मार्तण्ड हिंदी काप्रथम समाचार पत्र था। इसका प्रकाशन 30 मई, 1826 ई. में कलकत्ता से एक साप्ताहिक पत्र के रूप में शुरू हुआ था। कलकता के कोलू टोला नामक मोहल्ले की 37 नंबर आमड़तल्ला गली से पं. जुगलकिशोर शुक्ल ने सन् 1826 ई. में उदन्त मार्तण्ड नामक एक हिंदी साप्ताहिक पत्र निकालने का आयोजन किया। उस समय अंग्रेज़ी, फारसी और बांग्ला में तो अनेक पत्र निकल रहे थे किंतु हिंदी में एक भी पत्र नहीं निकलता था। इसलिए "उदंत मार्तड" का प्रकाशन शुरू किया गया। इसके संपादक भी श्री जुगुलकिशोर शुक्ल ही थे। वे मूल रूप से कानपुर संयुक्त प्रदेश के निवासी थे।

शाब्दिक अर्थ

उदन्त मार्तण्ड का शाब्दिक अर्थ है ‘समाचार-सूर्य‘। अपने नाम के अनुरूप ही उदन्त मार्तण्ड हिंदी की समाचार दुनिया के सूर्य के समान ही था। उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन मूलतः कानपुर निवासी पं. युगल किशोर शुक्ल ने किया था। यह पत्र ऐसे समय में प्रकाशित हुआ था जब हिंदी भाषियों को अपनी भाषा के पत्र की आवश्यकता महसूस हो रही थी। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर ‘उदन्त मार्तण्ड‘ का प्रकाशन किया गया था।

उद्देश्य

उदन्त मार्तण्ड के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए जुगलकिशोर शुक्ल ने लिखा था जो यथावत प्रस्तुत है-

‘‘यह उदन्त मार्तण्ड अब पहले पहल हिंदुस्तानियों के हेत जो, आज तक किसी ने नहीं चलाया पर अंग्रेज़ी ओ पारसी ओ बंगाली में जो समाचार का कागज छपता है उसका उन बोलियों को जान्ने ओ समझने वालों को ही होता है। और सब लोग पराए सुख सुखी होते हैं। जैसे पराए धन धनी होना और अपनी रहते परायी आंख देखना वैसे ही जिस गुण में जिसकी पैठ न हो उसको उसके रस का मिलना कठिन ही है और हिंदुस्तानियों में बहुतेरे ऐसे हैं‘‘

हिंदी के पहले समाचार पत्र उदन्त मार्तण्ड ने समाज के विरोधाभासों पर तीखे कटाक्ष किए थे। जिसका उदाहरण उदन्त मार्तण्ड में प्रकाशित यह गहरा व्यंग्य है-

‘‘एक यशी वकील अदालत का काम करते-करते बुड्ढा होकर अपने दामाद को वह सौंप के आप सुचित हुआ। दामाद कई दिन वह काम करके एक दिन आया ओ प्रसन्न होकर बोला हे महाराज आपने जो फलाने का पुराना ओ संगीन मोकद्दमा हमें सौंपा था सो आज फैसला हुआ यह सुनकर वकील पछता करके बोला कि तुमने सत्यानाश किया। उस मोकद्दमे से हमारे बाप बड़े थे तिस पीछे हमारे बाप मरती समय हमें हाथ उठा के दे गए ओ हमने भी उसको बना रखा ओ अब तक भली-भांति अपना दिन काटा ओ वही मोकद्दमा तुमको सौंप करके समझा था कि तुम भी अपने बेटे पोते तक पालोगे पर तुम थोड़े से दिनों में उसको को दोगे।

उदन्त मार्तण्ड ने समाज में चल रहे विरोधाभासों एवं अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध आम जन की आवाज़ को उठाने का कार्य किया था। क़ानूनी कारणों एवं ग्राहकों के पर्याप्त सहयोग न देने के कारण 19 दिसंबर, 1827 को युगल किशोर शुक्ल को उदन्त मार्तण्ड का प्रकाशन बंद करना पड़ा। उदन्त मार्तण्ड के अंतिम अंक में एक नोट प्रकाशित हुआ था जिसमें उसके बंद होने की पीड़ा झलकती है। वह इस प्रकार था-

‘‘आज दिवस लौ उग चुक्यों मार्तण्ड उदन्त। अस्ताचल को जाता है दिनकर दिन अब अंत।।‘‘

उदन्त मार्तण्ड बंद हो गया, लेकिन उससे पहले वह हिंदी पत्रकारिता का प्रस्थान बिंदु तो बन ही चुका था।

विशेष बिंदु

यह साप्ताहिक पत्र पुस्तकाकार (12x8) छपता था और हर मंगलवार को निकलता था।इसके कुल 79 अंक ही प्रकाशित हो पाए थे कि डेढ़ साल बाद दिसंबर, 1827 ई. को इसका प्रकाशन बंद करना पड़ा।इसके अंतिम अंक में लिखा है- उदन्त मार्तण्ड की यात्रा- मिति पौष बदी 1 भौम संवत् 1884 तारीख दिसम्बरसन् 1827। उन दिनों सरकारी सहायता के बिना, किसी भी पत्र का चलना प्रायः असंभव था।कंपनी सरकार ने मिशनरियों के पत्र को तो डाक आदि की सुविधा दे रखी थी, परंतु चेष्टा करने पर भी "उदंत मार्तंड" को यह सुविधा प्राप्त नहीं हो सकी।इस पत्र में ब्रज और खड़ी बोली दोनों के मिश्रित रूप का प्रयोग किया जाता था जिसे इस पत्र के संचालक "मध्यदेशीय भाषा" कहते थे।




Monday, May 29, 2017

भारत-पाक जल समझौते को फिर से देखा जा रहा है- इस्पात मंत्री



भारत-पाकिस्तान जल समझौते  को फिर से देखा जा रहा है

हरियाणा, पंजाब व राजस्थान को मिलेगा फायदाः- केन्द्रीय मंत्री

केन्द्रीय मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत व पाकिस्तान में जल बंटवारे को लेकर 1960 में जो तय किया गया था। उस समझौते का अध्ययन किया जा रहा है तथा समझौते के पहलुओं को समझा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समझौते के अनुसार सतलुज, व्यास तथा रावी का पानी भारत के हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान तथा दिल्ली को पीने के लिये देने संबंधी तथा झेलम तथा चिनाब नदियों का पानी पाकिस्तान को देने की बात हुई थी। भारत सरकार इस समझौते के अनुरूप भारत के हिस्से का पानी किसी भी सूरत में पाकिस्तान न जाये, इस पर अध्ययन किया जा रहा है।

                   केन्द्रीय मंत्री ने यह बात ग्रीनवैली में आयोजित एक कार्यक्रम एवं प्रेस वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भारत को मिलने वाले पानी का पूरा सदूपयोग करने से पंजाब हरियाणा के साथ-साथ राजस्थान के किसानों का भी भला होगा। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों की आय दौगुणी करने के लिये विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर चूरू के किसानों की आय दौगुनी होती है, तो निश्चित तौर पर गंगानगर के किसानों की आय चार गुना होगी।

                 उन्होंने कहा कि देश का विकास उसके नेतृत्व पर निर्भर करता है कि वे देश को किस दिशा में ले जाना चाहते है। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर पूरे देश को भरोसा है। सरकार बनने से पहले भी देश की जनता ने अपना पूरा समर्थन देकर जो विश्वास व्यक्त किया था, उस पर सरकार खरी उतरी है। देश की जनता को एक आशा की किरण के रूप में माननीय नरेन्द्र मोदी दिखाई दिये, जिन्होंने आज यह जता दिया है कि भारत किसी भी मुल्क से कम नही है तथा सबसे तेज गति से तरक्की करने वाला देश भारत ही है। देश की गरीब जनता ने भी सरकार पर भरोसा किया है। जिसका परिणाम पिछले कई चुनावों में देखने को मिला है। उन्होंने उतरप्रदेश, चंडीगढ़, उड़ीसा इत्यादि का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से देश के 6 करोड़ युवाओं ने लाभ लिया।

                  अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री जसबीर सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार की गत तीन वर्ष की उपलब्ध्यिं देश को आगे बढ़ाने वाली है। सरकार की नितियों से देश की दिशा व दशा बदली है तथा आने वाले वक्त में देश की तस्वीर बदलेगी। उन्होंने कहा कि आगे बढ़ते एवं बदलते भारत के निर्माण के यज्ञ में प्रत्येक नागरिक की आहूति जरूरी है। देश में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 125 करोड़ लोगो के जीवन को बदलने पर काम कर रही है। प्रधानमंत्री जी की नितियां से आमजन में विश्वास बढ़ा है। हमारी जिम्मेदारी है कि केन्द्र व राज्य सरकार की नितियों को जन-जन तक पहुंचाया जाये।

                   सासंद एवं पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री निहालचंद ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। गांव व गरीब के विकास के लिये सरकार ने पहली बार पंचायतों को सीधे ही राशि भिजवाने का निर्णय किया तथा ग्राम पंचायतों को सीधे दिल्ली से जोड़ा। विश्वगुरू कहलाने वाला भारत का दुनिया तमाशा देश रही थी, लेकिन गत तीन वर्षों में भारत की विश्व में साख बढ़ी है तथा भारत फिर से दुनिया का विश्वगुरू बनेगा।

                    इस अवसर पर श्री हरिसिंह कामरा, अनूपगढ़ विधायक श्रीमती शिमला देवी बावरी, सूरतगढ विधायक श्री राजेन्द्र सिंह भादू, जिला प्रमुख श्रीमती प्रियंका श्योरान, सादुलशहर विधायक एवं पूर्व राज्यमंत्री श्री गुरजंट सिंह बराड़ ने भी सरकार की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री उम्मेद सिंह राठौड़ ने किया।
  आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्य सचेतक डॉ. ओपी महेन्द्रा, पूर्व विधायक श्री लालचंद, पूर्व जिला प्रमुख श्री सीताराम मोर्य, न्यास सचिव श्री संजय महिपाल, श्री हरभगवान सिंह बराड, श्री बलवीर सिंह , श्री रमेश राजपाल, श्री गुरवीर सिंह बराड़, श्री सुशील श्योराण, श्री सुरेन्द्र भांभू, श्री प्रदीप धेरड़, श्री रमजान अली चौपदार, डॉ. बृजमोहन सहारण, श्री ओमी नायक, श्री बलवीर सिंह बूरा, श्री बाबू खां रिजवी, श्री प्रहलाद राय टॉक, श्री राजकुमार सोनी, श्री हंसराज पूनिया सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा महिलाएं उपस्थित थी। आयोजित कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया।


पीलीबंगा क्षेत्र की 13 वर्षीय लड़की से सामूहिक दुष्कर्म,:सूरतगढ़ के पास छोड़ भागे


दुष्कर्म करने वाले सभी पर पीलीबंगा थाने में मामला दर्ज हुआ है​

 पीलीबंगा 29 मई 2017. पीलीबंगा मंडी से कुछ दूरी पर स्थित दुलमाना गांव की 13 वर्षीय लड़की को घर से उठा ले जाने और सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है।घटना 26 मई की रात को घटित हुई और और उसी रात दुष्कर्म कर सूरतगढ के पास छोड़ भागे।
 लड़की के पिता ने पुलिस​ में मामला दर्ज कराया। पिता ने लिखाया। उसकी 13 वर्षीय पुत्री लघुशंका के लिए बाहर गई तब  सूरतगढ़ के किशनपुरा निवासी भागीरथ पुत्र सुखराम जाट,
 पल्लू  थाना क्षेत्र रानीसर गांव के राजू राम पुत्र जीवन राम जाट और चेतराम जाट लड़की को बाइक पर ले गए।
पल्लू क्षेत्र में कहीं सुनसान जगह पर दुष्कर्म किया और रात में ही सूरतगढ क्षेत्र में छोड़ कर भाग गए।
 लड़की को सुबह होश आया तब उसने यह जानकारी दी इस जानकारी के आधार पर परिजनों को सूचना मिली तब-पीलीबंगा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया।

Sunday, May 28, 2017

केरल में गाय काटने के आरोपी युवक कांग्रेस अध्यक्ष पर FIR

28-5-2017.
केरल में कथित तौर पर सरेआम गाय काटने के आरोप में पुलिस ने यूथ कांग्रेस के प्रसिडेंट व अन्य कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज की है। यह मामला कन्नूर पुलिस थाने में दर्ज किया गया है। बता दें कि सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो में कुछ लोग कथित तौर पर गोवध करते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो में कई लोग यूथ कांग्रेस जिंदाबाद के नारे लगाते हुए नजर आ रहे थे और एक शख्स ने कांग्रेस का झंडा भी पकड़ा हुआ था।

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकार है। केरल सरकार पहले ही साफ कर चुकी है की पशुओं की बिक्री रोक को लेकर जारी किसी भी नोटिफिकेशन को वो नहीं मानेंगे। दिल्ली भाजपा प्रवक्ता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्विटर पर कुछ तस्वीरें और वीडियों पोस्ट की थीं। बग्‍गा का दावा है कि ”कांग्रेस ने खाली ये गाय नही काटी बल्कि 100 करोड़ हिन्दुओं को चुनौती दी है । 100 करोड़ हिन्दुओं की  भावनाओ को भड़काने के काम किया है।”

सूरतगढ थर्मल क्षेत्र में धारा 144 लगाई गई:एटा सिंगरासर माइनर आंदोलन

श्रीगंगानगर, 28 मई। एटा सिंगरासर माईनर निर्माण की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति द्वारा 29 मई 2017 को प्रदर्शन एवं थर्मल ठप करने के प्रस्तावित कार्यक्रम के मध्यनजर उपखण्ड अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट सूरतगढ श्री बनवारी लाल ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए प्रतिबन्धात्मक आदेश जारी किए है।
आदेशानुसार सूरतगढ थर्मल पावर के चारों और एक किलोमीटर की परिधि में, कानौर हैड से चारों ओर की 500 मीटर की परिधि तक तथा सूरतगढ़ थर्मल के गेट नम्बर 1 से लेकर एसआर पेट्रोल पम्प थर्मल कॉलोनी की दीवार तक धारा 144 के तहत प्रतिबन्धात्मक आदेश लागू रहेंगे। प्रतिबन्धात्मक आदेश 28 मई सायं 6 बजे से लेकर आगामी आदेश तक प्रभावी रहेंगे। प्रतिबन्धात्मक क्षेत्र में व्यक्तियों का आना, धारदार हथियार, फावडा, कस्सी, कुल्हाडी, दराती, पत्थर, ईंट, कोई नुकुली एवं धारदार औजार, लाठी, अग्नेय शस्त्र तथा किसी प्रकार के घातक हथियार को लाने व ले जाने पर प्रतिबन्ध रहेगा।




आंदोलनकारियों​ का थर्मल गेटों तक पहुंचना मुश्किल:6कार्यपालक मजिस्ट्रेट लगाए गए

29 मई को थर्मल ठप उनकीकरने की घोषणा की हुई है


श्रीगंगानगर, 28 मई। सूरतगढ क्षेत्र में ऐटा सिंगरासर माईनर नहर की मांग को लेकर किसान संघर्ष समिति द्वारा 29 मई 2017 को थर्मल पावर को ठप करने के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान शान्ति व कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये 6 कार्यपालक मजिस्ट्रेट लगाये गये है।

जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट श्री ज्ञानाराम ने एक आदेश जारी कर महिला बाल विकास विभाग के उपनिदेशक को सूरतगढ थर्मल पावर स्टेशन के गेट नम्बर एक पर, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद को ठुकराना टी पाइंट पर, उपखण्ड मजिस्ट्रेट सूरतगढ को एस्सार पेट्रोल पम्प के पास, तहसीलदार सूरतगढ को कालूसर फांटा के पास, उपखण्ड मजिस्ट्रेट पदमपुर को सोमासर टी पाइंट पर तथा नगर विकास न्यास सचिव को ठुकराना से कच्चा रास्ता एसटीपीएस की ईकाई 7 व 8 के मुख्य गेट पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट लगाए गये है।

समस्त कार्यपालक मजिस्ट्रेटों को निर्देशित किया गया है। कि वे 29 मई 2017 को प्रातः 7 बजे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में उपस्थित रह कर सुनिश्चित करेगें कि कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति किसी भी सूरत में बिगड़ने नही पाये। संबंधित पुलिस अधिकारियों से समन्वय रखते हुए आपस में संपर्क बनाये रखेंगे तथा समस्त व्यवस्था के प्रभारी अतिरिक्त जिला कलक्टर सूरतगढ रहेंगे। समस्त व्यवस्था के प्रभारी एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट जिला प्रशासन को समय-समय पर वस्तुस्थिति से अवगत करवायेंगे। समस्त कार्यपालक मजिस्ट्रेट अपनी सुरक्षा हेतु हैलमेट तथा बाजू पर मजिस्ट्रेट लिखी लाल पट्टी का प्रयोग करेंगे। जिला पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिये आवश्यकतानुसार पुलिस जाब्ता लगाना सुनिश्चित करेगें।

Saturday, May 27, 2017

आम आदमी पार्टी सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या करे?

- करणीदानसिंह राजपूत -


 सूरतगढ़ आम आदमी पार्टी ने 24 मई को फेसबुक पर सुझाव मांगे कि सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार रोकने के लिए क्या किया जाए? 4 दिन में करीब 20 लोगों ने  सुझाव दिए हैं जिनमें एक सुझाव है कि आरटीआई के तहत सूचनाएं ली जाए और कोर्ट का रुख किया जाए। बाकी सुझावों में कोई दमदार सुझाव नहीं है।
 आम आदमी पार्टी की सदस्यता के लिए सूरतगढ़ में बड़ा उत्साह था और जगह-जगह काउंटर लगा कर दफ्तर खोल कर सदस्य भी बनाए गए थे।  लेकिन सच्चाई यह है कि लोग उस पार्टी की सदस्यता बढ़ाते हैं जिसमें दम खम नजर आता हो।
अभी तो भ्रष्टाचार मिटाने के लिए Facebook पर राय मांगी गई है। Facebook आम जनता की राय नहीं होती। Facebook के कुछ सदस्य होते हैं वह अपनी राय दे देते हैं।जैसा कि अभी हुआ है करीब 20 लोगों ने अपनी राय दी है जिसमें भी फालतू की बातें।
आम आदमी पार्टी में पार्टी की स्थापना के समय के सदस्य भी हैं लेकिन उनकी तरफ से आजतक कोई कार्यवाही नहीं हुई। कहीं शिकायत नहीं कोई मुकदमा नहीं।
कोई कोशिश भी नहीं हुई। अगर उनकी रुचि होती तो खुद आगे बढ़कर कार्यवाही करते और नए सदस्यों को प्रेरणा मिलती। नए सदस्य उत्साहित होते और कार्यवाही होने से लोगों का जुड़ाव भी बढता।
अभी भी यही कहा जा सकता है कि सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार के समाचार तथ्यों  कागजातों सहित छपते रहे हैं।
आम आदमी पार्टी चाहे तो संबंधित विभागों से सूचना के अधिकार में नकलें लेकर उच्च स्तरीय शिकायत कर सकती है और भ्रष्टाचार​ निरोधक ब्यूरो में शिकायत कर सकते हैं। लोकायुक्त में शिकायत करते हैं तो जांच के बाद लोकायुक्त की तरफ से जांच रिपोर्ट​ सरकार के पास भेजी जाती है।सरकार के अधिकारियों की मर्जी होती है जैसे निपटाते हैं।लीपापोती करते हैं इसलिए अच्छा तो यही हो सकता है कि दस्तावेज प्राप्त कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत कर दी जाए।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो जांच के बाद दोषियों की गिरफ्तारी करने की शक्ति रखता है और उन्हें अदालत के समक्ष प्रस्तुत करता है। ब्यूरो रिश्वत के मामले में रंगे हाथों गिरफ्तार भी करता है ऐसा मामला हो तो ब्यूरो की सहायता तुरंत ली जानी चाहिए।
 भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कोई कार्यवाही शुरू करनी हो तो संबंधित व्यक्ति के मेल-मिलाप रिश्ते मित्रता परिचय आदि को दरकिनार रखना होगा।
 पार्टी में जोशीले उत्साहित व्यक्ति आगे बढ़ें।
पार्टी की स्थापना काल के और पुराने पदाधिकारी वह कार्यकर्ताओं के लिए एक बात स्पष्ट कर दी है कि वे भ्रष्टाचार के विरोध करने वाले होते तो बहुत पहले कर चुके होते।

 अभी गुसाईसर सड़क का मामला आप की Facebook पर लगा हुआ है।मामला गंभीर है उस से संबंधित विभाग से सूचना के अधिकार में जानकारी ली जाए कि सड़क कब पूर्ण हुई और उसका भुगतान कितना और कब हुआ? उसके बाद कार्यवाही आगे की जा सकती है।
एक बात महत्वपूर्ण है कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में बहुमत से चुनी हुई सरकार है जिसे आरोप लगा लगाकर बाधाएं डालने में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी लगी हुई है। मंत्रीपद से निकाले गए कपिल मिश्रा की ओर से आरोप दर आरोप लगाए जा रहे हैं। अखबार और चैनल बढ़ा-चढ़ाकर प्रसारित कर रहे हैं ।हर मामला जांच का है। परिणाम जांच के बाद होंगे। लेकिन वो सच चुनी हुई सरकार को शुरू से लेकर अब तक काम नहीं करने दिया गया।
आम आदमी पार्टी सूरतगढ़ हो या अन्य स्थान की हो उससे उम्मीद है कि वह कब तक चुप रहेगी।उसके कार्यकर्ता कब तक चुप रहेंगे। वे स्थानीय भ्रष्टाचार करने वाले सत्ताधारियों के खिलाफ विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही मैं आगे बढ कर कार्यवाही कर सकते हैं और करनी चाहिए।
पार्टी के नेता पर रोजाना राजनीतिक आक्रमण हो रहे हैं ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं की कोई अणख है या नहीं?
कोई आन बान शान होती है।जहां जिस स्तर का भ्रष्टाचार मिले सत्ताधारी स्थानीय नेताओं कार्यकर्ताओं के विरुद्ध डट जाएं।

सूरतगढ़ में विधायक भारतीय जनता पार्टी का,नगर पालिका अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी की,पंचायत समिति की प्रधान भारतीय जनता पार्टी की यानी संपूर्ण क्षेत्र पर भाजपा का राज।

 यहां भ्रष्टाचार, अनियमितताएं, कार्य में देरी पर प्रतिपक्ष कांग्रेस पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और जमींदारा पार्टी एकदम चुप है। इस चुप्पी के रिकॉर्ड को कायम रखना है तो आम आदमी पार्टी को भी चुप रहना चाहिए अगर इस रिकॉर्ड को तोड़ना है तो आम आदमी पार्टी को अपना कदम आगे बढ़ाना ही होगा। लोग क्या कहते हैं? क्या टिप्पणियां करते हैं ? इनकी अनदेखी करते हुए भ्रष्टाचार के विरुद्ध मोर्चा लेना ही होगा।


केजरीवाल पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म सेंसर बोर्ड में अटकी:बोर्ड पर आरोप

अरविंद केजरीवाल के एक कार्यकर्ता से लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने तक की कहानी बखान करने वाला एक वृत्तचित्र केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के पास अटक गया है।

फिल्म निर्माताओं ने दावा किया है कि उन्हें इसमें से भाजपा और कांग्रेस का जिक्र हटाने को कहा गया है। खुशबू रांका और विनय शुक्ला के निर्देशन में बनी यह फिल्म ‘एन इनसिग्निफिकंट मैन’ केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के गठन के बारे में है। खुशबू ने कहा, ‘‘हमने अपनी फिल्म में एक बाहरी व्यक्ति को राजनीति में प्रवेश करते दिखाया है, यह इस बारे में है कि प्रदर्शन करने वाला कोई व्यक्ति कैसे एक नेता बन जाता है। हमने अपनी फिल्म के लिए किसी तरह के संकट की उम्मीद नहीं की थी।’’ उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक फिल्म है इसलिए किसी भी संख्या में चीजें समस्या पैदा करने वाली, या नहीं करने वाली हो सकती हैं।

 सीबीएफसी के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने उनके दावों का खंडन करते हुए कहा कि उनसे नियमित प्रक्रिया का पालन करने को कहा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनसे नियमित प्रक्रिया का पालन करने को कहा है। हमने उनसे कोई और चीज देने को नहीं कहा है। हमने उन्हें एक नोटिस दिया है। हमने उन्हें कुछ शब्दों को ‘म्यूट’ करने को कहा है और उनके बारे में पत्र में बताया गया है, जिसे उन्हें मीडिया को साझा करना चाहिए।’’

दोनों निर्माताओं ने इस साल फरवरी में प्रमाणन के लिए आवेदन किया था और छानबीन समिति ने फिल्म देखी। विनय ने दावा किया, ‘‘फिल्म जब समीक्षा समिति के पास गई तब हमसे फिल्म को हरी झंडी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय व दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से एक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) लेने को कहा गया ।’’ उन्होंने कहा कि अगले कदम के लिए वे लोग अपने वकीलों से मशविरा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोई फिल्म निर्माता जब एक यथार्थवादी फिल्म बनाने की कोशिश करता है तब उसे सीबीएफसी के मनमाने नियमों से सजा मिलती है। गौरतलब है कि 90 मिनट का यह वृत्तचित्र पिछले साल टोरंटो फिल्म उत्सव में दिखाया जा चुका है।




राष्ट्रपति चुनाव में NDA का पलड़ा भारी मगर जीत से कितनी दूर

भारत के वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई में खत्म हो रहा है। 25 जुलाई से पहले भारत का नया राष्ट्रपति चुन लिया जाएगा। मोदी सरकार और विपक्ष ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एनडीए का पलड़ा भारी नजर रहा है। दूसरी ओर सोनिया गांधी ने विपक्षी एकता का आह्वान किया। शुक्रवार को उन्होंने संसद भवन में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अगले कुछ दिनों में सरकार और विपक्ष जल्द ही अपने उम्मीदवारों का नाम तय कर लेगी।

राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया

भारत में राष्ट्रपति चुनाव अप्रत्यक्ष मतदान से होता है। लोगों की जगह उनके चुने हुए प्रतिनिधि राष्ट्रपति को चुनते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव एक निर्वाचन मंडल या इलेक्टोरल कॉलेज करता है। इसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। इसमें राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य मतदान में हिस्सा नहीं लेते हैं। दो केंद्रशासित प्रदेशों, दिल्ली और पुडुचेरी के विधायक भी चुनाव में हिस्सा लेते हैं जिनकी अपनी विधानसभाएं हैं।

सांसदों और विधायकों के वोटों का मूल्य अलग

राष्ट्रपति चुनाव में अपनाई जानेवाली आनुपातिक प्रतनिधित्व प्रणाली की विधि के हिसाब से प्रत्येक वोट का अपना मूल्य होता है। सांसदों के वोट का मूल्य निश्चित है मगर विधायकों के वोट का मूल्य अलग-अलग राज्यों की जनसंख्या पर निर्भर करता है। 1971 की जनगणना के अनुसार, राज्य की जनसंख्या को वहां की विधानसभा के निर्वाचित सदस्यों की संख्या से भाग दिया जाए, परिणाम में जो भी संख्या आए, उसे फिर से 1000 से भाग दिया जाए। इसके बाद जो परिणाम निकलेगा, वह उस राज्य के एक विधायक के वोट की वैल्यू होगी। जैसे देश में सबसे अधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश के एक विधायक के वोट का मूल्य 208 है तो सबसे कम जनसंख्या वाले प्रदेश सिक्किम के वोट का मूल्य मात्र सात।

दूसरी ओर प्रत्येक सांसद के वोट का मूल्य 708 है। देशभर के 4120 विधायकों और 776 सांसदों को मिलाकर चुनाव मंडल बनता है। उनके मतों का कुल मूल्य 10, 98, 882 बनता है और जीतने के लिए 5,49,442 मत की जरूरत है।

 बहुमत से कितनी दूर है मोदी सरकार

एनडीए सरकार के पास फिलहाल 5,37,614 वोट है। उसे वाईएसआर कांग्रेस के 9 सांसदों का समर्थन मिल गया है। इसके अलावा एनडीए की नजर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी पर है। इन दोनों दलों में से कोई अगर एनडीए के साथ आ जाता है तो उनका उम्मीदवार आसानी से जीत जाएगा। दूसरी ओर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, बीएसपी, आरजेडी जैसे प्रमुख विपक्षी दल संयुक्त उम्मीदवार उतारने की कवायद में है। इनके पास फिलहाल  4,02,230 इतने वोट है। इसके अलावा गैर यूपीए-एनडीए दलों के पास करीब 1.60 लाख मत है।

घर में शाम की पूजा में घंटी शंख बजाना अशुभ माना जाता है

हिन्दु धर्म में सुबह व शाम पूजा का काफी महत्व है और लगभग सभी घरों में दोनों समय पूजा होती है। कहा जाता है सूरज की पहली किरण के साथ ही पूजा करना काफी शुभ होता है और उस समय घंटियां और शंख बजाने को भी शुभ माना गया है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शाम कीपूजा में शंख व घंटियां नहीं बजानी चाहिए। शाम की पूजा करते समय वैसे विशेष ध्यान रखना चाहिए। जा‌निए शाम की पूजा में ध्यान रखने की जरूरी बातें

- अधिकतर घरों की शाम की पूजा और सुबह की पूजा में कोई खास फर्क नहीं होता। शाम की पूजा में भी घंटी और शंख बजाई जाती है, जिसे अशुभ माना गया है। ज्‍योतिषियों के अनुसार सूर्यास्त के बाद देवी देवताओं के सोने का समय हो जाता है, ऐसे में शंख और घंटी नहीं बजानी चाहिए।

- शाम की पूजा के लिए दिन में भी फूल तोड़कर रखें, क्योंकि शाम को वनस्पति को छेड़ना अशुभ होता है। इसीलिए कभी भी शाम को फूल नहीं तोड़ना चाहिए।

- भगवान विष्‍णु व श्रीकृष्‍ण की पूजा तुलसी के पत्ते के बिना अधूरी मानी जाती है, लेकिन अगर आप इनकी पूजा शाम को कर रहे हैं तो उस समय कभी भी तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।

- भगवान सूर्य को दिन का देवता माना जाता है। इसीलिए शाम को या रात में इनकी पूजा नहीं करनी चाहिए।

प्रत्याशियों को अपने आय के स्रोत के साथ जीवनसाथी की आय का स्रोत भी बताना होगा



दि 27-5-2017.
अब चुनाव लड़ने से पूर्व प्रत्याशियों को नामांकन भरने के दौरान खुद के साथ पत्नी की आय का भी स्त्रोत बताना होगा। चुनाव आयोग का कहना है कि इससे चुनाव में ज्यादा पारदर्शिता होगी। सरकार ने चुनाव आचार संहिता में संशोधन करते हुए हलफनामें में एक नया कॉलम बनवाया है। जिसके तहत उम्मीदवार को अपना और जीवन साथी पत्नी/पति  की आय का स्त्रोत भी बताना होगा। बीते साल योजना आयोग ने इस सिलसिले में कानून मंत्रालय से संपर्क भी किया था। चुनाव आयोग का मानना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया में और ज्यादा पारर्शिता आएगी।
 इस संबंध में साल के शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट में भी एक हलफनामा दाखिल किया गया था। वहीं चुनाव निगरानी दल का कहना है कि लोकतंत्र की बेहतरी की लिए ये किया गया है। इससे मतदाता को उम्मीदवार और उसके परिवार की आय का स्त्रोत पता होगा। नए नियम को बीती सात अप्रैल (2017) को कानून मंत्रालय ने अधिसूचित किया था।

इससे पहले चुनाग आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि एक उम्मीदवार ने नामांकन पत्र के दौरान अपना और अपने परिवार की आय का कोई स्त्रोत नहीं दिया था। जबकि फॉर्म नंबर 26 में अपना, पत्नी और परिवार के आश्रित सदस्यों की आय का ब्यौरा देना था जबकि ऐसा नहीं किया गया। बता दें कि देश में भारतीय नागरिक ही चुनाव लड़ सकता है। लेकिन अब एक विशिष्ट कॉलम होगा जिसमें उम्मीदवार को ये बताना होगा कि वो भारतीय नागरिक है या नहीं? साथ ही उम्मीदवार को ये भी बताना होगा कि क्या उसके पास कोई प्रोफिट ऑफिस है। उम्मीदवार को ये भी बताना होगा कि वो किसी सरकारी कंपनी में मैनेजर तो नहीं है। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को ये भी बताना होगा कि क्या वे केन्द्र या राज्य सरकार में भ्रष्टाचार या अन्य किसी वजह से पद से खारिज किए गए थे।

वहीं चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को सहूलियत देते हुए कहा अगर उम्मीदवार चाहें तो नामांकन पत्रों में ईमेल और सोशल मीडिया के खातों का विवरण भी दे सकते हैं।

घग्घर बहाव क्षेत्र सेअवैध बंधे हटाने का आदेश: नुकसान हुआ तो कार्यवाही होगी




- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ 27 मई2017.
 घग्घर बाढ़ नियंत्रण एवं ड्रेनेज खंड हनुमान गढ ने अपने क्षेत्र में घग्घर बहाव क्षेत्र के भूमि मालिकों को पूर्व में नोटिस जारी किए और अब समाचार पत्र के माध्यम से विज्ञापित किया है कि निर्धारित बहाव क्षेत्र में से बनाए गए अवैध बंधे हटा लिए जाए।अवैध बंधे टूटने पर विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। अवैध बंधों से किन्हीं बस्तियों को व अन्य नुकसान हुआ तो बंधा बनाने वाले मालिक के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी होगी। यह सूचना भी दी गई है कि भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता के विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी जिसमें दंड भी दिया जा सकता है।
विभाग ने 29  गांवों शहरों को  चिन्हित किया है जहां खतरे की आशंका हो सकती है, इलाका प्रभावित हो सकता है।
 इन क्षेत्रों में
1. पीर कमरिया 2. पन्नी वाली 3.शेरेका 4.कमरानी 5. फतेहपुर 6. ढालिया 7.अमरपुरा 8.चक बूड़सिंह वाला 9.गाहड़ू 10. सतीपुरा
11.ज्वालासिंह वाला 12. हनुमानगढ़ जंक्शन व टाउन 13.गंगा गढ़14. श्रीनगर15. 23 एसटीजी16. 26 एसटीजी17. 5 पीबीएन18. 29 एसटीजी19. मशरू वाला 20.सरामसर 21.रामपुरा 22.बारेका 23. रंग महल 24. सूरतगढ 25.मानकसर 26.अमरपुरा 27.सिलवानी28. सरदारगढ 29.  लुढाणा आदि हैं।






अफसर कर्मचारी के भ्रष्टाचार दस्तावेज व्यक्तिगत कहकर देने से मना नहीं किया जा सकता

वैभव श्रीधर, भोपाल। प्रदेश सरकार आरटीआई के तहत किसी भी अधिकारी-कर्मचारी के भ्रष्टाचार या अनियमितता की जांच से जुड़े दस्तावेज ये कहकर देने से इंकार नहीं कर सकती कि वो व्यक्तिगत जानकारी का हिस्सा है। राज्य सूचना आयुक्त हीरालाल त्रिवेदी ने ये महत्वपूर्ण फैसला तीन आईएएस अफसरों के मामले में सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए दस्तावेजों की अपील पर सुनवाई करते हुए दिया। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया,जिसके तहत जानकारी के लोकहित से जुड़े नहीं होने और तीसरे पक्ष से संबंधित बताकर दस्तावेज देने से इंकार किया जा सकता।

सूचना आयुक्त हीरालाल त्रिवेदी ने आदेश में कहा कि भ्रष्टाचार और मानव अधिकार से जुड़े मुद्दे सरकारी अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ होते रहते हैं। हर प्रकरण में किसी न किसी का नाम जुड़ा होता है, यदि किसी का नाम आने मात्र से वह व्यक्तिगत जानकारी मान ली जाए, तो ऐसी कोई जानकारी नहीं बचेगी, जो दी जा सके। भ्रष्टाचार के मामले को व्यक्तिगत कहकर जानकारी नहीं देना सूचना का अधिकार कानून की मूलभावना के खिलाफ है।

वहीं, दुबे का कहना है कि आईएएस अधिकारियों से जुड़ा मामला होने की वजह से जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही थी। आयोग के फैसले के बाद अब जांच से जुड़े दस्तावेज देने ही पड़ेंगे। उन्होंने इसके लिए शुक्रवार को मुख्य सचिव और सचिव सामान्य प्रशासन 'कार्मिक" के यहां आवेदन लगाकर तीनों अधिकारियों की जांच से जुड़े दस्तावेज देने की मांग की है।

बीएम शर्मा- तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ, छिंदवाड़ा। मनरेगा के तहत खरीदी से जुड़े सभी दस्तावेज।

सुखबीर सिंह- तत्कालीन कलेक्टर सीधी। मनरेगा के तहत जेट्रोफा पौधारोपण में अनियमितता।

चंद्रशेखर बोरकर- तत्कालीन सीईओ सीधी। मनरेगा के तहत जेट्रोफा पौधा रोपण में अनियमितता।

इस मामले में सामान्य प्रशासन विभाग ने ये कहते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया था कि इससे लोकहित का समाधान नहीं होता है। जानकारी तीसरे पक्ष से जुड़ी है। फैसले के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के गिरिश रामचंद्र देशपांडे विरुद्ध केंद्रीय सूचना आयुक्त में पारित आदेश को आधार बनाया गया। इसमें कहा गया कि दंड, जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई और शासकीय सेवक व नियोक्ता के बीच सेवा संबंधी मामले व्यक्तिगत सूचना की श्रेणी में आते हैं।

आदेश में कहा गया कि सामग्री खरीदना, शासकीय काम करना, उसकी शिकायत और जांच सूचना का अधिकार की धारा 8 (1) में नहीं आता है। इससे जुड़े दस्तावेज किसी अधिकारी-कर्मचारी के व्यक्तिगत नहीं हैं। हाईकोर्ट जबलपुर ने भी सेवा पुस्तिका या व्यक्तिगत नस्ती को ही व्यक्तिगत रिकार्ड माना है। भ्रष्टाचार या अनियमितता जैसी चीज को व्यक्तिगत जानकारी का हिस्सा नहीं माना जा सकता है।

दिल्ली मैं सतर्कता लश्कर ए तैईबा के आतंकवादी घुसने की आशंका

नई​ दिल्ली 27-5-2017.
दिल्ली पुलिस को इस खुफिया जानकारी के बाद अत्यंत सतर्क कर दिया गया है कि लश्कर ए तैयबा के 20-21 आतंकवादियों का समूह हमले करने के लिए देश में घुस आया है।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने एक परामर्श जारी करके अपने जिलों, मेट्रो पुलिस एवं रेलवे पुलिस इकाइयों को सतर्क करते हुए उनसे बाजार वाले इलाकों, धार्मिक स्थानों, मॉल, मेट्रो एवं रेलवे स्टेशनों में सुरक्षा कड़ी करने को कहा है। परामर्श में विभिन्न पुलिस इकाइयों से अत्यंत सतर्कता बरतने और ‘‘संदिग्ध लोगों, वस्तुओं एवं वाहनों पर तीखी नजर रखने’’ और वाहनों एवं व्यक्तियों की अच्छी तरह जांच करने को कहा गया है। यह परामर्श ऐसे में जारी किया गया है जब हाल में ब्रिटेन के मैनचेस्टर और दुनिया के कई अन्य स्थानों में हाल में आतंकी हमले हुए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि ऐसा संदेह है कि लश्कर के सदस्य दिल्ली, मुंबई, राजस्थान या पंजाब में हो सकते हैं।

अधिकारियों से अपने स्टाफ की तैयारी की जांच करने के लिए मॉक ड्रिल करने को कहा गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने ‘पीटीआई’ को हाल में दिए एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्हें सतर्कता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने की आवश्यकता है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी आतंकवादी संगठनों का पसंदीदा निशाना है। संवेदनशील स्थानों पर पीसीआर की 10 वैन तैनात की गई हैं जिनमें राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड-प्रशिक्षित चालक एवं कमांडो हैं। विजय चौक, पालिका बाजार, आईपी मार्ग, साकेत में सेलेक्ट सिटीवॉक मॉल, वसंत कुंज मॉल, सुभाष नगर में पैसिफिक मॉल, नेताजी सुभाष पैलेस बाजार एवं मॉल परिसर, अक्षरधाम मंदिर, लोटस टेम्पल और झंडेवालान में ‘पराक्रम’ वैन तैनात की जाएंगी।

बता दें कि इसी साल के शुरुआत में भी उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा जिले से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े एक संदिग्ध आतंकी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के एक प्रवक्ता के मुताबिक खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने जिले के हंडवारा इलाके से आशिक अहमद उर्फ अबु हैदर को गिरफ्तार किया था। से पुलिस और 21RR ने ज्वाइंट ऑपरेशन के दौरान पकड़ा था। उन्होंने बताया कि उसके पास से एक एके 47 राइफल, तीन मैगजीन, एक चीनी पिस्तौल और मैगजीन, तीन हथगोले, एक मैगजीन पाउच और एक मानचित्र जब्त किया गया था। प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ में अहमद ने बताया कि वह अबु बकर का करीबी सहयोगी था जोकि लश्कर का कमांडर था जिसे पिछले महीने सोपोर में एक मुठभेड़ में मार गिराया गया था।

Friday, May 26, 2017

राजस्थान पंजाब दिल्ली महाराष्ट्र में अलर्ट :आतंकी हमले हो सकने के इनपुट मिले

आईबी ने राजस्थान समेत चार राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
आईबी ने राजस्थान के अलावा महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली को भी अलर्ट जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक आईबी को लश्कर के 20-21 आधुनिक हथियारों से लैस आतंकियों के सीमा पार से भारतीय सीमा में घुसपैठ कर आतंकी हमला करने के इनपुट मिले।​
सूत्रों ने बताया कि कुछ आतंकियों के भारतीय सीमा के भीतर घुस आने के भी संकेत हैं और कुछ घुसपैठ का प्रयास कर रहे हैं। एेसे में आईबी ने देश में भारत पाक सीमा से सटे राजस्थान, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में अलर्ट जारी किया।
अलर्ट के बाद राजस्थान में बार्डर पर सीमावर्ती पुलिस थानों, स्टेट के इंटेलीजेंस, मिलिट्री इंटेलीजेंस और बीएसएफ के अधिकारी व जवान मुस्तैद हो गए हैं।

भारतीय सेना के पाकिस्तान की नौशेरा सेक्टर चौकी उड़ाने और उसका वीडियो जारी करने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गर्माहट आ गई थी। पा​क सेना के सैन्य अधिकारियों द्वारा भी सिया​चिन में वायुसेना का जहाज उड़ाने की जानकारियां मिली थी। वहीं भारतीय सेना के अधिकारियों ने भी जवानों को अलर्ट रहने को कहा था।

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान में पिछले कई दिनों में बीएसएफ और बॉर्डर पुलिस के द्वारा कई संदिग्ध लोगों को पकड़ा जा चुका है। जिनसे पूछताछ के बाद भी अहम जानकारियां मिली

राजस्थान सीमा पर बीएसएफ ने चौकसी बढाई

भारतीय सेना की ओर से सीमा पार स्थित पाकिस्तान के बंकरों को नष्ट करने के बाद बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स ने भी असामान्य गतिविधियों के चलते चौकसी बढ़ा दी है। इसका कारण पाकिस्तान के लडाकू विमानों को आसमान में देखा जाना भी बताया जा रहा है।

दरअसल, नौशेरा सेक्टर के पास मौजूद पाकिस्तानी बंकरों को नष्ट करने के बाद पाक सेना के लड़ाकू विमानों को सियाचिन ग्लेशियर के पास उड़ान भरते देखा गया था। यहां तक कि पाक ने सियाचिन के पास एयरफोर्स के फॉरवर्ड बेस को भी सक्रिय कर दिया है। पाक वायुसेना के अध्यक्ष सोहेल अमन ने भी लडाकू विमान में उड़ान भरी थी। जिसके बाद उन्होंने भारत को धमकी भरे अंदाज में चेताया भी था कि पाक भारत की किसी भी हरकत का करारा जवाब देगा, जिसे भारत की नस्लें याद रखेंगी। इसके बाद से ही राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी सीमा सुरक्षा बलों के जवानों ने बृहस्पतिवार को चौकसी बढ़ा दी है। गंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर में पाक से लगती सीमाओं पर जवानों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग भी की जा रही है।

गौरतलब है कि भारतीय वायुसेना के प्रमुख बीएस धनोआ ने बीते दिनों वायुसेना के अफसरों को पत्र लिखकर तैयार रहने को कहा था। 

मोदी सरकार के 3 साल: 29 मई को केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह कार्यक्रमों में भाग लेंगे


श्रीगंगानगर, 26 मई। देश के प्रधानमंत्री माननीय नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के गौरवशाली तीन साल सबका साथ-सबका विकास के कार्यक्रमों के दौरान केन्द्रीय मंत्री श्रीगंगानगर आयेंगे।
केन्द्रीय इस्पात मंत्री चौधरी वीरेन्द्र सिंह 29 मई को प्रातः 7.30 बजे श्रीगंगानगर पहुंचेंगे। दोपहर 12 बजे स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। सायं 3 बजे प्रेस कान्फ्रेंस होगी, सायं 5 बजे  युवा सम्मेलन तथा सायं 7 बजे जनसंवाद कार्यक्रम होगा तथा रात्रि 10.40 बजे रेल द्वारा दिल्ली के लिये प्रस्थान करेंगे।

मोदी के तीन मंत्री अरुण जेटली, सुरेश प्रभु, राधा मोहन सिंह, नाकाम रहे

मोदीफेस्ट’ नाम से केंद्र सरकार अपने तीन साल पूरे होने का जश्न मना रही है। भाजपा इस दौरान तीन सालों की उपलब्धियां गिनाने में जुटी है, कुछ मंत्रियों का काम शानदार रहा, तो कुछ फ्लॉप रहे। वे अपनी जिम्मेदारी संभालने में नाकाम साबित हुए।

 अरुण जेटलीः

  नोटबंदी को ऐतिहासिक फैसला बताकर मोदी सरकार ने 500 व 1000 के पुराने नोट बंद किए, उसी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के ढीले-ढाले रवैये और लापरवाही को उजागर किया। नोटबंदी को लेकर सरकार ने कई बार स्टैंड बदला था, जिससे साफ था कि वित्त मंत्रायल ने इस बड़े फैसले का गहराई से अध्ययन नहीं किया था। आलम यह था कि लोग कैश की किल्लत के लिए घंटों एटीएम-बैंक के चक्कर काटते फिरते नजर आते थे। पैसे पाने के अलावा बैंकों में ड्राफ्ट, चेक और एंट्री जैसे अन्य काम भी प्रभावित हुए थे। अनऔपचारिक बातचीच में सरकार के कई मंत्री भी स्वीकार चुके हैं कि वित्त मंत्रालय से उन्हें उतनी मदद नहीं मिल रही, जितनी वे उम्मीद करते हैं। यह भी कई क्षेत्रों के काम प्रभावित करने का अहम कारण बन रहा है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय की छवि उस मंत्रालय के रूप में बनी, जो कई संस्थाओं की स्वायत्तता के लिए संकट बना। उदाहरण के तौर पर पहले भारतीय रिजर्व बैंक को नीतिगत दर तय करने में जहां आजादी थी, वह अब सरकार ने सीमित कर दी है। इसके लिए सरकार ने समिति बनाई है।

सुरेश प्रभुः

 शिवसेना से भाजपा में लाकर रेलमंत्री बनाए गए प्रभु शुरुआत के दो सालों में जरूर हिट रहे हों, लेकिन तीसरे साल उनका रिपोर्ट कार्ड लचर नजर आया। बुलेट ट्रेन का अधूरा सपना, रेलवे स्टेशन पर फैली गंदगी और हाल ही में हुए कई बड़े रेल हादसे इसकी प्रमुख वजह रहे। प्रभु कुछ ऐसे नियम लाए, जिससे यात्रियों को भारी घाटा हुआ। मसलन किसी कारणवश ट्रेन छूटने पर पैसे रिफंड न होना। पहले आधे पैसे रिफंड हो जाते थे। त्योहार के मौकों पर पहले चलने वाली स्पेशल ट्रेनों में सामान्य किराया होता था। केंद्र सरकार ने इनका नाम बदलने के साथ किराए में भी इजाफा कर दिया। फिर भी रेलवे की हालत पटरी पर आने का नाम नहीं ले रही।

राधा मोहन सिंहः

 केंद्र सरकार के तीन साल पूरे होने पर इसके कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह का काम बुरा बताया जा रहा है। किसानों को लेकर मोदी सरकार का सबसे बड़ा वादा 2022 तक किसानों की आय दोगुना करना है, लेकिन अब तक साफ नहीं हो सका है कि सरकार किसानों की असल आय दोगुनी करना चाहती है या नॉमिनल आय (महंगाई के कारण अपने आप बढ़ जाने वाली आय)। राष्ट्रीय सैंपल सर्विस ऑफिस ने भी स्वीकारा है कि छह साल में किसानों की नॉमिनल आय दोगुनी हो जाती है, लेकिन अभी तक यह बात जमीनी स्तर पर सच साबित होती नहीं दिखी। हैरान करने वाला एक आंकड़ा यह भी है कि थोक बाजार में जो दाल 50 रुपये किलो के आसपास है वह अभी भी हमें और आपको करीब 120 रुपये में खरीदनी पड़ रही है। इस समस्या का प्रमुख कारण बिचौलिए हैं, जिसके लिए भी सरकार तीन सालों में कोई खास उपाय नहीं कर सकी है।

पशु बाजार में खरीद बिक्री पर केंद्र सरकार का नया नियम: महत्वपूर्ण

सरकार ने वध के लिये पशु बाजारों में मवेशियों की खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लगा दिया है। पर्यावरण मंत्रालय ने पशु क्रूरता निरोधक अधिनियम के तहत सख्त ‘पशु क्रूरता निरोधक (पशुधन बाजार नियमन) नियम, 2017’ को अधिसूचित किया है। अधिसूचना के मुताबिक पशु बाजार समिति के सदस्य सचिव को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी शख्स बाजार में अवयस्क पशु को बिक्री के लिये न लेकर आये। ‘‘किसी भी शख्स को पशु बाजार में मवेशी को लाने की इजाजत नहीं होगी जबतक कि वहां पहुंचने पर वह पशु के मालिक द्वारा हस्ताक्षरित यह लिखित घोषणा-पत्र न दे दे जिसमें मवेशी के मालिक का नाम और पता हो और फोटो पहचान-पत्र की एक प्रति भी लगी हो।’’ अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘मवेशी की पहचान के विवरण के साथ यह भी स्पष्ट करना होगा कि मवेशी को बाजार में बिक्री के लिये लाने का उद्देश्य उसका वध नहीं है।’’ पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अधिसूचना पशु कल्याण के निर्देश के अनुरूप है।

देशभर में हर साल करीब 1 लाख करोड़ रुपए का मांस कारोबार होता है, साल 2016-17 में 26,303 करोड़ रुपए का निर्यात भी हुआ। उत्‍तर प्रदेश मांस निर्यात के मामले में सबसे ऊपर, उसके बाद आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का नंबर आता है। ज्‍यादातर राज्‍यों में साप्‍ताहिक पशु बाजार लगते हैं और उनमें से कई राज्‍य पड़ोसी राज्‍यों से लगी सीमा पर पशु-मेले आयोजित करते हैं ताकि व्‍यापार फैलाया जा सके।

केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए यह नियम अगले तीन महीनों में लागू किए जाने हैं। इनमें कई कागजातों का प्रावधान किया है, हालांकि गरीब-अनपढ़ किसान और गाय-व्‍यापारी इन झंझटों से कैसे निपटेंगे, यह देखने वाली बात होगी। नए नियम के अनुसार, सौदे से पहले क्रेता और विक्रेता, दोनों को ही अपनी पहचान और मालिकाना हक के दस्‍तावेज सामने रखने होंगे। गाय खरीदने के बाद व्‍यापारी को रसीद की पांच कॉपी बनवाकर उन्‍हें स्‍थानीय राजस्‍व कार्यालय, क्रेता के जिले के एक स्‍थानीय पशु चिकित्‍सक, पशु बाजार कमेटी को देनी होगी। एक-एक कॉपी क्रेता और विक्रेता अपने पास रखेंगे।

नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, धर्म परिवर्तन का दबाव डाला, गिरफ्तार

जयपुर।
24-5-2017.
राजस्थान के सीकर जिले के दांतारामगढ़ कस्बे में एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में राजाखान और रोशनखान को गिरफ्तार किया है। वहीं एक बाल अपराधी को भी पकड़ा है। चौथे आरोपी सद्दाम खान की तलाश की जा रही है।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने एक गिरोह बना रखा है। ये लड़कियों को प्यार के जाल में फांसकर उनका देह शोषण करते हैं। ये चारों सात माह पहले पीड़िता को बहला-फुसला कर सीकर ले गए और उसके साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म का वीडियो भी बना लिया।

बाद में इन चारों युवकों ने पीड़ित बालिका से जबरन धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दबाव बनाते हुए घर से गहने और पैसे लाने की बात कही और बात नहीं मानने पर वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी।

बालिका के मना किए जाने पर युवकों ने फर्जी फेसबुक आईडी से वीडियो फेसबुक और व्हाट्सऐप पर डाल दिया।

बालिका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने  युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे पुल का उद्घाटन किया





दि.26-5-2017.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम में ब्रह्मपुत्र की सहायक लोहित नदी के ऊपर बने देश के सबसे बड़े पुल का उद्घाटन किया. इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी खुद पुल का जायजा लेने पैदल ही निकल पड़े. पीएम मोदी ने इस पुल का नाम विश्व प्रसिद्ध लोकगायक भूपेन हजारिका के नाम पर रखने का ऐलान किया.

असम के सादिया को अरुणाचल प्रदेश के ढोला जिले से जोड़ने वाले इस पुल को बनाने में 2,056 करोड़ रुपये आई है. यह पुल 28.50 किलोमीटर लंबा है, जो कि मुंबई के बांद्रा-वर्ली सी लिंक से 3.55 किलोमीटर ज्यादा है. इस पुल के बन जाने से चीन सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश तक सैनिकों और आर्टलरी को तुरंत पहुंचाने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पुल को टैंकों के गुजरने के हिसाब से डिजाइन किया गया है.

इस पुल के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियां गिनाईं. पीएम मोदी ने लोगों से कहा, 'आप सब लोग अपने फोन का कैमरा ऑन कर लीजिए ताकि पता चले कि कितना बड़ा जश्न हो रहा है.' पीएम मोदी के इस आह्वान पर लोगों ने अपने मोबाइल फोन के फ्लैश जलाकर पुल के उद्घाटन का उत्सव मनाया.

Thursday, May 25, 2017

बेरोजगार युवकों की सुरक्षा जवान व सुरक्षा सुपरवाइजर पदों पर भर्ती होगी

श्रीगंगानगर, 25 मई। भारतीय सुरक्षा दस्ता परिषद नई दिल्ली व एस.आई.एस एवं पसरा एक्ट 2005 के तहत ग्रामीण व शहरी शिक्षित बेरोजगार नव युवकों को सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपर वाईजर के पद पर चयन हेतु भर्ती परीक्षा केम्प का जिला श्रीगंगानगर राजस्थान में तहसील स्तर पर किया जा रहा है।
29 मई 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय घडसाना में, 30 मई को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अनूपगढ़ में, 31 मई 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीकरणपुर में, 1 जून 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पदमपुर, 2 जून 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रायसिंहनगर में, 3 जून 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मल्टीपर्पज स्कूल श्रीगंगानगर, 4 जून 2017 को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरतगढ में भर्ती परीक्षा शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसका समय प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक सुनिश्चित हुआ है।
आवेदक शिक्षित एवं शारीरिक फिट आयु 20 से 35 वर्ष 10 वीं पास लम्बाई 170, एससी/एसटी 168, वजन 55 किलो, सीना 80 से 85 सेमी, मापदण्ड पूरा करता हो सफल अभ्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन भर्ती स्थल पर किया जायेगा। एक माह का प्रशिक्षिण के लिये कॉल लेटर उपलब्ध करवाया जावेगा तथा प्रशिक्षण के बाद 65 वर्ष तक स्थाई नौकरी दी जायेगी एवं भारत सरकार की ऐतिहासिक स्मारकों, दिल्ली लाल किला, कुतुबमीनार, हिमाईटोम का मकबरा, आगरा का लालकिला, फतेहपुर सिकरी का बुलन्दगेट, जैसलमेर का किला, औद्योगिक क्षेत्र एवं मल्टीनेशनल क्षेत्रों में नौकरी दी जायेगी। 

मोदी सरकार के 3 साल समारोहों में एनडीए के मुख्यमंत्रियों नेताओं को शामिल नहीं किया गया

नई दिल्ली: भाजपा ने मोदी सरकार के 3 साल पूरे होने के जश्न में एनडीए के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को शामिल नहीं किया है। पिछले साल की तरह इस साल भी मोदी सरकार के तीन साल की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्रियों मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं का कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें एनडीए के घटक दल के मुख्यमंत्रियों और उनके वरिष्ठ नेताओं को जगह नहीं दी गई है।
 जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू का नाम इस कार्यक्रम में शामिल नहीं है।
कुछ राज्यों में गठबंधन की सरकार
 कुछ राज्यों में बीजेपी एनडीए के घटक दलों के साथ सरकार चला रही है। लेकिन इनके बीच राजनीतिक संबंध मधुर नहीं है। लिहाजा गैरबीजेपी मुख्यमंत्रियों को इस काम में नहीं लगाया गया है।
एनडीए के घटक दलों के मंत्रियों की लिस्ट तैयार
 बीजेपी ने कश्मीर घाटी में बिगड़े हालात को देखते हुए जश्न कार्यक्रम से दूरी बनाई है। कश्मीर में मोदी सरकार के तीन साल की उपलब्धियां​ गिनाने के लिए मुख्यमंत्री या किसी केंद्रीय मंत्री का कार्यक्रम भी नहीं बना है। यहां कार्यक्रम करने का जिम्मा प्रदेश इकाई पर ही छोड़ दिया गया है।
जम्मू में उत्तराखंड के सीएम बताएंगे खूबियां
 जम्मू के लिए पार्टी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टमटा और प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना को भेजने का कार्यक्रम बनाया है।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी धुंआधार प्रचार करेगी

मोदी सरकार के 3 साल जश्न के जरिए पार्टी अपने आधार के विस्तार में भी जुटी हुई है। यही वजह है कि जश्न के कार्यक्रमों को उन राज्यों में ज्यादा करने की तैयारी है जहां बीजेपी अपने पैर पसारना चाह रही है। बीजेपी का पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ करीब 60 से अधिक कार्यक्रम करने की योजना है।

तोमर, स्मृति ईरानी समेत रमन व रघुवर दास करेंगे ममता के खिलाफ प्रचार
केंद्र सरकार के मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, सुरेश प्रभु, संतोष गंगवार और स्मृति ईरानी सरीखे मंत्री ममता के खिलाफ आवाज़ बुलंद करेंगे । इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह और झारखंड के सीएम रघुवर दास को भी ममता के खिलाफ उताराने की तैयारी है।
गैर बीजेपी शासित राज्यों में कई कार्यक्रम
पश्चिम बंगाल के बाद बीजेपी ओडिशा केरल और कर्नाटक में भी आक्रमक तरीके से मोदी सरकार के तीन साल के जश्न को रखने की तैयारी में है।
बीजेपी उन राज्यों में ज्यादा जोर दे रही है,जहां  2019 में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सके या फिर सरकार बनाए।

नाबालिक से बलात्कार मूवी बनाकर डर पैदा कर 1 साल से देह शोषण

सूरतगढ़ 25 मई 2017.
 सिटी पुलिस थाना क्षेत्र में​ घर में अकेली  एक किशोरी से पहले जबरन बलात्कार किया और मोबाइल पर वीडियोग्राफी की बाद में डर पैदा कर 1 साल तक देह शोषण किया जाता रहा।
यह संगीन मामला पीड़िता के पिता की ओर से मंगलवार 23 मई शाम को दर्ज कराया गया। द
बलात्कार और देह शोषण के शिकार पीड़िता 17 वर्षीय किशोरी अनुसूचित जाति की है और आरोपी श्रवण भादू स्वर्ण जाति का है। पुलिस ने यह प्रकरण पोक्सो एक्ट और अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम में दर्ज किया है। इसकी जांच श्रीगंगानगर के पुलिस उपाधीक्षक चेतराम सेवदा को सौंपी गई है।उप अधीक्षक  सूरतगढ़ पहुंचे और उन्होंने अनुसंधान शुरू किया। सिटी पुलिस थाने में दर्ज
रंग महल गांव का यह मामला है जो पीड़ित किशोरी के पिता ने दर्ज करवाया है।
प्रकरण के अनुसार पिता ड्राइवरी करता है और माता छोटे बच्चों की एक सरकारी योजना में काम करती है।

करीब 1 साल पहले माता पिता दोनों के बाहर होने पर किशोरी घर में अकेली थी। श्रवण भादू गाड़ी किराए पर लेने के लिए बात करने आया और उसने देखा कि  घर में किशोरी अकेली है तो उसका मन खराब हुआ। वह किशोरी को जबरन कमरे में ले गया और जबरदस्ती बलात्कार किया तथा अपने मोबाइल से अश्लील फिल्म बना ली।उसके बाद जब मौका मिलता वह किशोरी को डराता कि फिल्म लोगों को दिखा देगा। यह डर पैदा कर ब्लैकमेलिंग करते हुए 1 साल तक देह शोषण करता रहा।
 किशोरी इस डर और देहशोषण से गुमसुम रहने लगी। किशोरी की हालत पर मां बाप की नजर गई तो उन्होंने पूछा तब उसने पूरा घटनाक्रम बताया कि श्रवण ने उसके साथ बुरा काम किया है और डरा कर 1 साल से बुरा काम कर रहा है। श्रवण भादू बडोपल डेहर का निवासी है और बेरल पॉइंट चलाता है।

इस घटना से सावधान रहने की आवश्यकता है जहां माता पिता दोनों बाहर काम के लिए जाते हैं और घर में लड़कियां अकेली होती हैं।

Wednesday, May 24, 2017

BSNL ने सैटेलाइट फोन सेवा शुरू की

सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने इन्मारसैट के जरिए सैटेलाइट फोन सेवा पेश की है। शुरुआत में इसे सरकारी एजेंसियों को दी जाएगी और बाद में चरणबद्ध तरीके से इसे नागरिकों को भी उपलब्ध कराया जाएगा। 


 यह सेवा उन इलाकों को भी जोड़ सकती है जहां कोई नेटवर्क नहीं है। इन्मारसैट अंतराष्ट्रीय नौवहन उपग्रहण दूरसंचार संगठन है जो उपग्रहमंड का परिचालन करता है। इस मंडल में 14 उपग्रह काम करते हैं। इस सेवा को शुरू किए जाने के मौके पर दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा, ‘‘पहले चरण में आपदा प्रबंध, राज्य पुलिस, सीमा सुरक्षा बल कामकाज देखने वाले विभागों और अन्य सरकारी एजेंसियों को यह फोन दिया जाएगा। बाद में विमान यात्रा करने वाले और जहाजों से सफर करने वालों को यह सेवा उपलब्ध होगी।

अभी उपग्रह दूरसंचार सेवाएं टाटा कम्यूनिकेशन्स लि. संभालती है जिसने सरकारी क्षेत्र की विदेश संचार निगम लि:बीएसएनएल: के अधिग्रहण के साथ विरात में इसका लाइसेंस प्राप्त किया था। बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हम वॉयस और एसएमएस के साथ आज से सैटेलाइफ फोन सेवा शुरू कर रहे हैं।

देश में फिलहाल सैटेलाइट फोन सेवा टाटा कम्युनिकेशंस उपलब्ध कराती है। श्रीवास्तव ने बताया कि टाटा कम्युनिकेशंस की सेवा 30 जून, 2017 को समाप्त हो जाएगी। फिलहाल देश में 1,532 अधिकृत सैटेलाइट फोन कनेक्शन हैं, जो देश में परिचालन कर सकते हैं। इनमें से ज्यादातर का इस्तेमाल सुरक्षा बलों द्वारा किया जा रहा है। टाटा कम्युनिकेशंस ने समुद्र से जुड़े समुदायों को जहाजों पर ऐसे फोन के इस्तेमाल के 4,143 परमिट दिए हैं।

मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन में श्री सीमेंट ने 3लाख 51हजार की राशि भेंट की



मुख्यमंत्री जलस्वावलम्बन में संस्थाएं करें सहयोग


श्री सीमेंन्ट ने दिया 3 लाख 51 हजार रूपये की राशि का सहयोगः- जिला कलक्टर


श्रीगंगानगर, 24 मई। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान जल सरंक्षण का एक महत्वपूर्ण कार्य है। प्रथम चरण में इस कार्यक्रम को अभूतपूर्व सफलता मिली, इसके पश्चात दूसरा चरण प्रारम्भ किया गया है।

जिला कलक्टर बुधवार 24 मई को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्षा जल की एक-एक बूंद बेकार न जाये, इसके लिये संसाधन विकसित करने होंगे। सरकारी भवनों, विभिन्न संस्थाओं के परिसर तथा निजी घरों में भी जल प्रबंधन के लिये वाटर हार्वेस्टिंग को अपनाना होगा, जिससे जल की हर बूंद को संचित किया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र में भी पुराने जोहड़, बावड़ियों का जीर्णांद्वार कर ठीक करवाया जा रहा है तथा जोहड़ों को पक्का बनाने के कार्य प्रारम्भ किये गये है।

जिला कलक्टर ने बताया कि प्रथम चरण में भी विभिन्न संस्थाओं द्वारा दिल खोलकर आर्थिक सहयोग दिया गया था। दूसरे चरण में श्री सीमेन्ट सूरतगढ़ द्वारा 3 लाख 51 हजार रूपये की राशि का चैक  भेंट किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जन भागीदारी की आवश्यकता है। किसी भी कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये कार्यक्रम में जनजुड़ाव होना जरूरी है।

इस अवसर पर श्री सीमेंट के शरद भटनागर, उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक श्रीमती मंजू नैण गोदारा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


वसुंधरा राजे का द्रव्यवती नदी पुनरोद्धार प्रोजेक्ट वैंकेया नायडू ने देखा

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय शहरी व विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बुधवार 24 मई सुबह हैलिकॉप्टर से जयपुर शहर का चक्कर लगाया।

इसका मुख्य उददेश्य  मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले द्रव्यवती प्रोजेक्ट को देखना था।
 मुख्यमंत्री राजे ने नायडू को प्रोजेक्ट की जानकारी दी। नायडू ने प्रोजेक्ट को देखने के बाद राजे को इस अनूठे कार्य के लिए बधाई दी। गौरतलब है 47 किमी लंबी द्रव्यवती नदी जो नाले में तब्दील हो गई थी उसे पुन:जीवित करने का यह प्रोजेक्ट है।

सरकार इस प्रोजेक्ट पर 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। इस प्रोजेक्ट का काम टाटा कंसल्टेंसी शंघाई की एक कंपनी के साथ मिलकर कर रही है। इस प्रोजेक्ट के वर्ष 2018 तक तक पूरा होने की उम्मीद है। इस नदी के कायाकल्प के लिए 180 एमएलडी क्षमता के 11 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाएं जाएंगे। यहां से जो पानी साफ होगा उसे दस रुपए प्रति हजार लीटर की दर से बेचा जाएगा। साथ ही नदी के किनारे फ्लोटिंग गार्डन बनाने के साथ इसमें पर्यटकों के लिए बोट भी चलाई जाएगी।
 नदी के दोनों किनारों पर जॉगिंग पार्क बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। विभिन्न प्रकार के गार्डन व ​कियोस्क भी बनाए जा रहें है। इस प्रोजेक्ट में कल्चरल प्लाजा के अतिरिक्त टाउन स्कवायर बनाने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि द्रव्यवती नदी करीब 47.5 किमी लंबी है। प्रोजेक्ट के बाद इसकी चौड़ाई करीब 150—210 मीटर रहेगी। जबकि नदी की 16 किमी लंबाई में दोनों और सड़कें बनाई जाएंगी।

धर्मशाला सामाजिक संस्था जमीन पर अवैध व्यावसायिक निर्माण पर कार्यवाही हो सकती है

- करणीदान सिंह राजपूत-

नगर विकास न्यास, नगर परिषद और नगर पालिका जैसी संस्थाएं सामाजिक व धार्मिक संगठनों को प्रचलित दरों से बहुत कम दरों पर और मुफ्त में जमीनें देती रही हैं।
 आवेदन में सामाजिक कार्य के लिए धर्मशालाओं के लिए उपयोग लिखा जाता है। यह लिखकर बहुत कम दर पर जमीन ले ली जाती है और बाद में समाज के धनपति वह राजनीतिक प्रभाव रखने वाले बड़े लोग वहां पर दुकान या बड़े स्टोरों का निर्माण कर लेते हैं। धर्मशाला आदि का स्वरूप सड़कों के किनारे बदल दिया जाता है।यह सब नियम विरुद्ध और गैरकानूनी होता है।
नगर पालिका नगर परिषद नगर विकास न्यास से जब नक्शा मंजूर कराया जाता है तब उसमें दुकानें और स्टोर नहीं होते।

 धर्मशाला सामाजिक संस्था में दुकानें और व्यवसायिक स्टोर खोले जाते हैं वह निर्माण बिना मंजूरी के पूरा अवैध होता है।
समाज के कई सद्भावी लोग अवैध निर्माणों का  विरोध करते हैं। अनुबंध के आधार पर ही भवन का निर्माण की मांग करते हैं  लेकिन नगर पालिका अधिकारी सूचनाओं को फाइलों में दबाते रखते हैं।आवेदन करने वालों को चक्कर कटवाते रहते हैं।
 ऐसी स्थिति में शिकायतकर्ता को नगर पालिका अधिकारियों को दंडित करने और उनके सस्पेंड करने की मांग करनी चाहिए।वे सरकार से वेतन लेते हैं और सरकार के हित में काम नहीं करते। इसके लिए उपखंड अधिकारी को भी चेतावनी पत्र दिए जा सकते हैं। स्वायत्त शासन निदेशालय को शिकायत की जा सकती है।भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को भी शिकायत की जा सकती है। नगरपालिका से धोखा देकर सस्ते में जमीनें लेकर और व्यवसायिक उपयोग करके सरकार को लाखों कार्यकर्ताओं नुकसान पहुंचाया जिसमें पालिका के कर्मचारी शामिल रहे हैं। सरकार से धोखा देकर सामाजिक कार्य के नाम पर जमीनें ली और
इन जमीनों का उपयोग अनुबंध के आधर पर किए जाने के बजाय व्यावसायिक या अन्य प्रकार से किया जाने लगा। पालिका अधिकारी ने अवैध निर्माण को मिलीभगत से नहीं रुकवाया यानी सरकार को जानते बूझते नुकसान पहुंचाया।
 संगठन में संस्थाओं में चाहे हजारों लोग सदस्य हों लेकिन जमीनों का लाभ चंद गिने चुने लोग ही उठाते हैं। ऐसे बली लोगों के विरूद्ध मोर्चा दो चार लोग ही खोलते हैं।

अवैध निर्माण पर जमीन को सीज करवाने की कार्यवाही भी करवाई जा सकती है। इसके लिए उपखंड अधिकारी को शिकायत करनी होती है। इससे पहले चाहे तो संचालक समिति को अवैध निर्माण रोकने का लिखा जाए उसमें चेतावनी भी हो की अवैध निर्माण रोका नहीं गया तो जमीन को सीज करने की अर्जी दी जाएगी।समाज का भला चाहते हैं तो अवैध निर्माण रोक दें बाद में सीज  की कार्रवाई का दोष हमें नहीं दिया जाए।
 इस पर समाज के लोग संस्था के संचालक अवैध निर्माण नहीं रोकें तो सीज की अर्जी लगाने में देरी करने की जरूरत ही नहीं होगी। यह कार्य कोई बोल्ड व्यक्ति ही कर सकता है।

प्रभावशाली और बली लोगों से टकराना मामूली नहीं होता। पहले तो इनके विस्द्ध शिकायत करने को कोई तैयार ही नहीं होता। कोई तैयार होता है तो उसे दबाया जाता है और धिकारा जाता है कि वह समाज के विरूद्ध कार्य कर रहा है। जो प्रभावशाली होते हैं उनके साथ लाभ उठाने वाले भी जुड़े हुए होते हैं जो शिकायतकर्ता के विरूद्ध जहर उगलने लगते हैं और प्रताड़ित करते हैं। अनेक लोग अखबारों तक समाचार छपवा कर विरोध में एक दो शिकायतें कर चुप हो कर बैठ जाते हैं। अखबार वाले भी चुप हो जाते हैं।
लेकिन अनेक लोग ऐसे भी होते हैं जो चुप नहीं होते तथा जंग को तैयार रहते हैं।
 आप के शहर व कस्बे में ऐसा हो रहा है और आप सही कराना चाहते हैं तो डट जाएं और गलत का विरोध करें। जीत आपके और सच्चाई की होगी।
 यह पोस्ट इसीलिए डाली गई है कि आपके इलाके में कहीं गलत हो रहा है तो कार्यवाही करें।

Tuesday, May 23, 2017

सेठ रामदयालराठी राजकीय उ.मा.विद्यालय सूरतगढ़ भवन खतरे में:



सैंकड़ों छात्रों व अध्यापकों की जान जोखिम में:
नगरपालिका के बनाए नाले से हुआ बंटाधार:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 16 जून 2016.
आप डेट 23-5-2017.
***
सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन खतरे में है और यहां पढऩे वाले छात्रों और पढाने वाले व्याख्याताओं की जान जोखिम में है। 


धर्मशालाओं को छूट दरों और मुफ्त दी गई जमीनें लोकायुक्त जांच के घेरे में


= करणीदानसिंह राजपूत =

20-4-2014.
अप डेट 1-8-2016.
अप डेट 23-5-2017.

राजस्थान सरकार के नगरीय विकास विभाग नगरपालिका नगरपरिषद व नगर विकास न्यास जैसी संस्थाएं सामाजिक व धार्मिक संगठनों को प्रचलित दरों से बहुत कम दरों पर और मुफ्त में जमीनें देती रही हैं। इन जमीनों का उपयोग अनुबंध के आधर पर किए जाने के बजाय व्यावसायिक या अन्य प्रकार से किए जाने की शिकायतें भी होती रही है। इनका अन्य प्रकार से इस्मेमाल प्रभावशाली लोग करते हैं जिनका राजनैतिक दलों से या उनके नेताओं से संबंध या संपर्क होता है। 

Monday, May 22, 2017

मोदी सरकार के 3 साल, 450 नेता 900स्थानों पर उपलब्धियां बताएंगे

नई दिल्ली.22-5-2017.

26 मई को मोदी सरकार के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं। अपनी उपलब्धियोँ को आम लोगों तक पंहुचाने के लिए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने कमर कस ली है। पार्टी के लगभग 450 से ज्यादा नेता 25 मई से देश के 900 जगहों का दौरा करेंगे और मोदी सरकार के काम का गुणगान करेंगे।

प्रधानमंत्री समेत कई केंद्रीय मंत्री रैली के जरिये अपने तीन सालों का लेखा जोखा देंगे।

पीएम मोदी 26 मई को गुवाहाटी में एक रैली करेंगे तथा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह त्रिवेंद्रम और गंगटोक के कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

इन दोनों नेताओं के अलावा सरकार के सभी मंत्री अपने अपने मंत्रालयों का कामकाज का लेखाजोखा देने के साथ ही मोदी सरकार की महत्वपूर्ण और महत्वकांक्षी योजनाओं को भी जनता के सामने प्रमुखता से रखेंगे।

कार्यक्रमों की शुरुआत 25 मई से होगी। गृह मंत्री राजनाथ सिंह जयपुर, विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज लखनऊ, वित्‍त मंत्री अरुण जेटली अहमदाबाद में , वेंकैया नायडू छत्‍तीसगढ़ तथा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी रांची में रैली करेंगे।

बीजेपी के सभी मुख्‍यमंत्री और उप मुख्‍यमंत्री प्रेस कॉन्‍फ्रेंस या किसी और कार्यक्रम के जरिए मोदी सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्‍यनाथ पटना जाएंगे, उप मुख्‍यमंत्री केशव मौर्या नालंदा में होंगे, एमपी के मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कटक जाएंगे तथा छत्‍तीसगढ़ के सीएम रमन सिंह पश्चिम बंगाल के आसनसोल जाएंगे।

जानकारी के अनुसार मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक उसके बाद नोटबंदी और हाल ही में अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में कूलभूषण मामले में भारत की जीत को भी मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धियों के रूप में जनता के बीच रखा जाएगा।

2019 के आम चुनाव में दो-तिहाई बहुमत से जीतने की तैयारी में जुटी भाजपा ने मोदी सरकार की योजनाओं का प्रचार और तीन साल की उपलब्धियों का गुणगान करने के लिए खासतौर से अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए आरक्षित 131 सीटों का चयन किया है।

इन योजनाओं को जनता के सामने रखेंगे भाजपा नेता 

1=स्वच्छ भारत मिशन
2=मेक इन इंडिया
3=बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
4=अटल पेंशन योजना
5=प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना
6=प्रधानमंत्री आवास योजना
7=प्रधानमंत्री उज्‍ज्‍वला योजना
8=सुकन्या समृद्धि योजना
9=दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
10=प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
11=प्रधानमंत्री जनधन योजना
12=डिजिटल इंडिया
13=मिशन इन्द्रधनुष
14=स्टार्ट अप इंडिया
15=प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना
16=प्रधानमंत्री मुद्रा योजना

आपातकाल लोकतंत्र सेनानी मेघराज बंम आदि की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से पहली बार सीधी वार्ता

पाली 22-5-2017.

आपातकाल लोकतंत्र सेनानी मेघराज बम, चंद्रशेखर भायल व अरविंद गुप्ता राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से मिले और आपातकाल में CRPC में जेलों में बंद रहे सेनानियों को भी पेंशन व अन्य सुविधाएं देने की मांग रखी। मुख्यमंत्री को इस बाबत एक ज्ञापन भी दिया गया।  लोकतंत्र एवं
पाली के भाजपा जिला अध्यक्ष करण सिंह जी ने सभी का नेतृत्व किया।
राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक मदन जी राठौड़ के साथ समस्याओं को लेकर मिलना हुआ।
मुख्यमंत्री ने पूरी बात सुनी और आश्वस्त किया की आपका काम शीघ्र ही करेंगे।
लोकतंत्र सेनानियों ने मुख्यमंत्री को  गुलदस्ता भेंट कर और चुनरी ओढ़ाकर स्वागत किया।
 मेघराज जी बंब के अथक प्रयास से राजस्थान में पहली बार मुख्यमंत्री  महोदय से आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों की भेंट हुई।
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे अलग जी मंदिर में पधारी थी।

विदित रहे कि राजस्थान विधानसभा में आपातकाल 1975 के सीआरपीसी बंदियों को भी पेंशन व सुविधाएं देने के लिए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव रखा गया था।उसके बाद राजस्थान सरकार ने एक समिति का गठन किया जो विभिन्न राज्यों में व राजस्थान में अध्ययन कर शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश करेगी। उस कमेटी में श्याम सिंह राजपुरोहित आईएएस अध्यक्ष हैं व गौरव चतुर्वेदी एवं ईश्वर मोटवानी सदस्य हैं। समिति के सदस्य विभिन्न राज्यों का दौरा कर लौट आए हैं और आशा की जाती है कि 1 सप्ताह के अंदर अंदर रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत कर दी जाएगी।

आज जयपुर में आपातकाल लोकतंत्र सेनानी संगठन के गिरिराज अग्रवाल सुरेश जी आदि ने आपातकाल में सीआरपीसी धाराओं में बंद रहे लोगों को पेंशन व अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की व दस्तावेज समिति के माननीय दो सदस्यों को सौंपे ।

(प्रस्तुतकर्ता करणीदानसिंह राजपूत, सूरतगढ, आपातकाल लोकतंत्र सेनानी)


  

कांग्रेस राज और गंगाजल मील के काल में हुआ छल:ऐटा सिंगरासर माइनर


पहले 9- 5-2016.
अप डेट  22-5-.2017.*
- करणीदानसिंह राजपूत -
ऐटा सिंगरासर माइनर का निर्माण पानी की उपलब्धता से जुड़ा हुआ है। इस मांग को ध्यान से समझने की जरूरत है कि जो गंगाजल मील वर्तमान भाजपा सरकार व विधायक राजेन्द्रसिंह भादू को कोसने में और आरोप लगाने में लगे हुए हैं। गंगाजल मील और कांग्रेस पार्टी इस मांग में जो खेल खेलती रही है उसमें छल और कपट भरे हुए रहे हैं तथा अभी भी वही नीति है।
कांग्रेस राज और मील के काल में किसानों को भरमाने का जो छल हुआ इसे जानेंगे तो हैरत में रह जाऐंगे कि नहर बन जाती तो किसान पानी के लिए सदा तड़पता रहता। यह छल भी साधारण नहीं था। बहुत सोच कर किया हुआ छल था। ऐटा सिंगरासर माइनर की मांग सबसे पहले प्रभावी रूप में राजेन्द्र भादू ने सन 2006 में कानौर हैड पर धरना प्रदर्शन कर रखी थी। यह तो निश्चित था कि भादू का कदम भी चुनाव के लिए था ताकि लोग जुड़ जाएं और राजनैतिक व्यक्ति के लिए इस वास्ते कठघरे में खड़ा नहीं किया जा सकता। जब चुनाव का दौर शुरू हुआ तब कांग्रेस के प्रत्याशी गंगाजल मील इस मांग और सूरतगढ़ में रेल ओवर ब्रिज की समस्या को ले उड़े। मील ने भादू से पहले अपने चुनावी प्रचार में इनको आधार बना लिया। मील चुनाव जीत गए।


 ऐटा सिंगरासर माइनर बनवाने का दबाव चला तब किसानों के साथ छल किया गया। भादू की मांग थी कि इंदिरागांधी नहर से पानी दिया जाए। इसके लिए इंदिरागांधी नहर से एक लोटा पानी भी लेना संभव नहीं था। पहले केन्द्रीय जल आयोग की मंजूरी के बिना माइनर नहर भी संभव नहीं थी। 

कांग्रेस राज और मील का काल जिसमें छल किया गया। माइनर के निर्माण के लिए इस योजना को घग्घर झील से पानी देने का प्रस्ताव तैयार किया गया व योजना को लघु सिंचाई योजना में केवल 5 ग्रामों की बना दिया गया। अगर मान लें कि मील यह माइनर बनवा देते तो 54 ग्रामों के बजाय पानी केवल 5 ग्रामों की जमीन को ही मिलता। यह पानी घग्घर झील में होता तो मिलता। घग्घर झीलों में पानी केवल बाढ़ का आता है जो पिछले पांच सात सालों से आया ही नहीं है। अगर यह माइनर बन जाती तो मील साहेब से सवाल पूछने का है कि इसमें पानी कहां से चलता। 49 ग्रामों से धोखा भी होता।

अब गंगाजल मील और उनके भतीजे पृथ्वीराज मील इस आँदोलन में जुड़े हैं और कांग्रेस भी कह रही है कि साथ देंगे। लेकिन जो हालात बने उन पर नजर डालें कि आँदोलन में जुटे गंगाजल मील और पृथ्वीराज मील का क्या पैंतरा रहा कि वे कई दिनों बाद बोले कि गांधीवादी तरीके से आँदोलन चलाऐंगे। यह गांधीवादी तरीका कई दिनों बाद अचानक कैसे याद आया। इसके पीछे भी चुनावी सोच रही है। हर कोई शायद इसे न समझ पाए।
इस आँदोलन के उग्र रूप धारण करने के विचार लगातार आ रहे थे। इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला भी बन जाने की पूर्ण संभावना थी। इसकी धाराएं और सजा का काल ऐसा होता कि उसके तहत चुनाव लड़ नहीं सकते थे। मील अगले चुनाव में उतरने की तैयारी में है जो धरी रह जाती इसलिए घोषणा की गई कि गांधीवादी तरीका अपनाया जाएगा।
यहां यह भी सोचने बिंदु है कि इस आँदोलन में तो कांग्रेस गांधीवादी बनी लेकिन अन्य कार्यों में गांधीवादी तरीके कहां गायब हो जाते हैं ।
यह आँदोलन आगे किस हालात में जाएगा यह वक्त बताएगा लेकिन सरकार से समझौते की स्थितियां कई बार बनी और अभी भी बनी हुई है।

Sunday, May 21, 2017

अनुशासनहीनता वसुंधरा राजे ने की है घनश्याम तिवारी का जवाब


राजस्थान की राजनीति में चल रहा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा के संगठन और  पार्टी से नाराज चल रहे विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने पार्टी के नोटिस के बाद अपना दूसरा जवाब केंद्रीय संगठन को  भेजा है।
गौरतलब है कि विधायक तिवाड़ी पर पार्टी ने अनुशासन हीनता के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। पार्टी ने चार बिंदुओं पर सफाई मांगी थी, अब तिवाड़ी ने चार पेजों का जवाब लिखकर भेजा है। पत्र के आखिर में तिवाड़ी ने पार्टी चुनावों को ध्यान में सोचसमझकर निर्णय लेने की बात कही है। तिवाड़ी ने अपने जवाब में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पर निशाना साधा है। तिवाड़ी ने अपने दूसरे जवाब में सीएम पर अनुशासनहीनता करने का आरोप लगा दिया है। उन्होंने लिखा है कि मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों जिस तरह के बयान दिए हैं, उससे यह अंदाज लगाया जा सकता है कि अनुशासन हीनता किसने की है।

अब तिवाड़ी ने बृहस्पतिवार को जो जवाब दिया है, उसमें पार्टी विरोधी व्यवहार व एक अन्य राजनीतिक दल को खड़ा करने को लेकर सफाई दी है। तिवाड़ी ने लिखा है कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जब प्रतिपक्ष की नेता थी, तब उनसे कई बार पार्टी ने इस्तीफा मांगा, लेकिन वे अड़ी रही और इस्तीफा नहीं दिया। इसी तरह चुनावों से ठीक पहले उन्होंने पार्टी के दिग्गज नेता गुलाब चंद कटारिया को यात्रा नहीं निकालने दी।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारोह में राजस्थान से मंत्रियों को शामिल होने पर भी रोकने की कोशिशकी। इतना सब होने के बाद भी उनसे कुछ नहीं कहा गया।

सीएम राजे पर आरोप लगाने के बाद तिवाड़ी ने अपने राजनीतिक जीवन और भाजपा के प्रति अपने समर्पण को भी दर्शाया। उन्होंने लिखा कि जिस संगठन को राजनीतिक संगठन बताकर आरोप लगाया जा रहा है, वह बहुत पहले का है, किसी तरह को समानान्तर राजनीतिक दल नहीं है। पार्टी के प्रति मेरे समर्पण पर सवाल उठाए गए हैं।

उन्होंने लिखा कि मैंने पार्टी की जो सेवा की उसे एक तरफ कर दिया गया है। पार्टी व विचारधारा में बदलाव आ गया है। ऐसे में इस तरह के नोटिसों का कोई मतलब नहीं रहता।
तिवाड़ी ने पार्टी से उन कागजातों की मांग की है, जिनके आधार पर प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी शिकायत की है।

Saturday, May 20, 2017

वसुंधरा राज के मंत्रियों व घनश्याम तिवाड़ी के बीच जबानी आरोपों का युद्ध तेज

राजस्थान में वसुंधरा सरकार के मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ विधायक घनश्याम तिवाड़ी के बीच वॉक युद्ध तेज हो गया है। शनिवार को तीन मंत्रियों और एक पूर्व केंद्रीय मंत्री ने​ तिवाड़ी पर निशाना साधा। तिवाड़ी ने जवाबी हमला करते हुए इन मंत्रियों समेत सीएम पर आरोप लगाए।
पंचायती राज मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने चुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि घनश्याम तिवाड़ी जिसे पेड़ की डाली पर बैठें है उसे काट रहे है। उन्होंने तिवाड़ी पर राष्ट्रीय अनुशासन समिति का आपमान करने का आरोप लगाया। जयपुर में चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री अरूण चतुर्वेदी ने भी बयानों में तिवाड़ी को निशाना बनाया। इसी तरह पूर्व केंद्रीय मंत्री निहाल चंद मेघवाल ने भी तिवाड़ी की ओर से इन दिनों चलाई जा रही मुहिम को संगठन विरोधी करार दिया। इन मंत्रियों ने तिवाड़ी के संगठन को लेकर भी टिप्पणियां की।
उधर, इस बयानबाजी के बाद तिवाड़ी ने एक बयान जारी कर कहा है कि ये मंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए सीएम राजे के दबाव में बयान दे रहे है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की ओर से इन मंत्रियों को बार—बार फोन करके उनके खिलाफ बयान देने के लिए कहा गया है। इसके बाद ये मंत्री बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि य​दि इस तरह की बयानबाजी से उनका मंत्री पद बचता है तो उन्हें खुशी होगी​।

राजस्थान में भाजपा विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने वसुंधरा सरकार के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज करते अब नोटिस देने वाली केंद्रीय कमेटी को भी खुली चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि वे ऐसे कई खत भेजेंगे, जिससे शिकायत करने वाला कभी किसी की शिकायत नहीं करेगा।ये चेतावनी दीनदयाल वाहिनी के प्रदेशाध्ययक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने शुक्रवार को दीनदयाल वाहिनी की प्रदेश कार्यकारिणी की जयपुर में आयोजित बैठक में दिए। तिवाड़ी ने नोटिस के जवाब में लिखे पत्रों के बारे में कहा कि अभी तक दो जवाब ही लिखकर भेजे हैं। जल्द ही ऐसे कई खत भेजेंगे, जिससे शिकायत करने वाला कभी किसी की शिकायत नहीं करेगा। उन्होंने एक बार फिर पूर्व मुख्यमत्रियों के वेतन संबंधी विधेयक को लेकर कहा कि मैं इस तरह से किसी को भी राजस्थान की जनसंपदा को खाने नहीं देंगे।

तिवाड़ी ने कहा कि उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय, भैरोंसिंह शेखावत और जेपी जैसे जननेताओं के साथ काम किया है, लेकिन इन भ्रष्टों के साथ बिल्कुल भी काम नहीं करेंगे। उन्होंने खुलकर बोलते हुए कहा है कि युद्ध का मैदान सजने वाला है और युद्ध के मैदान में जब भी कोई योद्धा जाता है तो वह यह नहीं देखता कि सामने कौन खड़ा है। बैठक में 150 विधानसभा क्षेत्रों में आंदोलन की रणनीति पर ​भी​ विचार किया गया।

वायु सेना प्रमुख ने लिखा शोर्ट नोटिस पर तैयार रहें


12,000 अफसरों को वायुसेना प्रमुख ने लिखी चिट्ठी, कहा- हो जाएं तैयार
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने अपने सभी 12,000 अधिकारियों को पत्र लिखा है।
उनसे बेहद शॉर्ट नोटिस पर किसी भी अभियान के लिए तैयार रहने को कहा है। धनोआ द्वारा वायुसेना प्रमुख का पद संभालने के महज 3 महीने बाद 30 मार्च को लिखा यह पत्र सभी अधिकारियों को भेजा गया है।
 बताया गया कि इससे पहले 1 मई, 1950 को तत्कालीन थलसेना प्रमुख केएम करिअप्पा और 1 फरवरी, 1986 को सेना प्रमुख जलसेना के. सुंदरजी ने ऐसे पत्र लिखे थे।
वायुसेना प्रमुख ने अपने पत्र में अफसरों को लिखा है कि मौजूदा हालात में, हमेशा से जारी खतरे की आशंका बढ़ गई है। इसलिए हमें शॉर्ट नोटिस पर बड़े अभियान के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
ऐसा समझा जा रहा है कि धनोआ ने संभवत: पाकिस्तान की तरफ से की जा रही घटनाओं की ओर इशारा किया है। जम्मू कश्मीर में सैन्य कैंपों पर हमले की  वारदातें काफी बढी हैं।

Friday, May 19, 2017

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने कपिल मिश्रा पर मानहानि का मुकदमा ठोका


कपिल मिश्रा ने सत्येन्द्र जैन पर सीएम अरविंद केजरीवाल को अवैध रुप से 2 करोड़ रुपये देने का आरोप लगाया था


दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येन्द्र जैन ने पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करा दिया है।
सत्येन्द्र जैन ने दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में कपिल मिश्रा और बीजेपी-शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनजिंदर सिरसा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
 कुछ दिन पहले कपिल मिश्रा ने दिल्ली के सीएम पर ये आरोप लगाकर सनसनी मचा दी थी कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन ने मेरे सामने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को 2 करोड़ रुपये दिये थे।
कपिल मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मैंने सीएम से पूछा था कि ये रकम सत्येन्द्र जैन क्यों दी है, इस रकम का स्रोत क्या है, और नगद में इतनी बड़ी रकम लेने का क्या मकसद है, लेकिन केजरीवाल ने कोई जवाब नहीं दिया।

8 मई को कपिल मिश्रा के आरोपों का जवाब देते हुए सत्येन्द्र जैन ने कहा था कि कपिल मिश्रा के आरोप झूठे हैं और वे साबित कर सकते हैं कि जिस दिन कपिल मिश्रा ने सीएम को 2 करोड़ देने का दावा किया था उस दिन वे सीएम आवास पर मौजूद नहीं थे।
सत्येन्द्र जैन ने उसी दिन ही कहा था कि कपिल मिश्रा अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं और वे उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराएंगे।
 इसके बाद शुक्रवार (19 मई) को सत्येन्द्र जैन ने झूठा आरोप लगाने और उनकी गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए कपिल मिश्रा के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। सत्येन्द्र जैन का कहना है कि अगर कपिल मिश्रा के पास सबूत हैं तो उन्हें पेश करने चाहिए।
 सीएम अरविन्द केजरीवाल ने काम में लापरवाही का आरोप लगाकर कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटा दिया था और उसके बाद कपिल मिश्रा ने आरोप लगाए थे।

युवा क्रिकेटर अंकित सोनी के पहले आईपीएल खेल कर लौटने पर सूरतगढ़ में स्वागत





सूरतगढ़ शहर के युवा क्रिकेटर अंकित सोनी के गुजरात लायंस टीम की तरफ से अपना पहला IPL खेलकर सूरतगढ़ पहुंचने पर भव्य स्वागत किया।
अरोड़ वंश भवन में आयोजित स्वागत समारोह में गण मान्य  वह परिजनों ने भाग लिया।

 पूर्व विधायक अशोक नागपाल , पूर्व विधायक गंगाजल मील, नगर पालिका चेयरमैन काजल छबड़ा , बसपा नेता एवं जिला परिषद सदस्य डूंगरराम गेदर , पार्षद विनोद पाटनी , पूर्व पार्षद सुनील छाबड़ा , पूर्व पार्षद सुंदर देवी ,अग्रवाल महिला समिति की पूर्व अध्यक्ष अनुराधा गुप्ता ,भाजपा युवा नेता अमित , पदमपुर के उपखंड अधिकारी संदीप कांकड़ ,RAS मुकेश मीणा ,डॉक्टर विनोद शर्मा ,डॉक्टर सुभाष महर्षि ,डॉक्टर संजय बजाज, प्रवीण भाटिया प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रंगमहल ,शेरवुड एकेडमी के कोच रणजीत सिंह थिंद, आकाशवाणी उद्घोषक राजेश चड्ढा, भाजपा  की रजनी मोदी, प्रभात सोनी ,अमित सोनी और सूरतगढ़ के गणमान्य लोगों ने फूल माला पहनाकर अंकित सोनी को आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की । सभी की जुबान पर यही था कि अंकित सोनी ने अपनी मेहनत से सूरतगढ़ शहर के साथ-साथ पूरे राजस्थान का नाम रोशन कर दिया है ।इससे पूर्व जैसे ही अंकित सोनी अरोड़वंश भवन रात्रि 8 बजे पहुंचे तब उनकी बहनों निकिता सोनी ,ज्योति ,प्रियंका ,परेक्षा ,रजनी ,प्रतिभा ,पिंकी ,परी आदि ने तिलक लगाकर भाई के उज्जवल भविष्य की कामना की।
अंकित के दादाजी प्रेम राज सोनी व  किशन लाल सोनी ने बताया कि अंकित बचपन से ही मेहनती था इसीलिए आज समाज के साथ साथ अपने शहर सूरतगढ़ का नाम रोशन कर दिया है। इस भव्य स्वागत कार्यक्रम पर आए सभी अतिथियों के लिए अंकित के पिता नरेश सोनी व चाचा पवन सोनी ,संजय सोनी ने रात्रि भोज का आयोजन किया और कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथिगणों का आभार प्रकट किया ।







Thursday, May 18, 2017

35- 35 करोड़ के आप के चेक कपिल मिश्रा के पास कहां से आए?





- करणीदानसिंह राजपूत -

आम आदमी पार्टी पर भ्रष्टाचार और रुपए लेने का आरोप लगाने वाले कपिल मिश्रा ने 35-35 करोड़ के 2चैक  आम आदमी पार्टी के नाम कटे हुए पत्रकारों को दिखलाए।इन दोनों चेकों पर जारी करने की तारीख नहीं लिखी हुई है।
 यह  आम आदमी पार्टी के नाम से थे तो कपिल मिश्रा के पास या उसके साथियों के पास कहां से आए ? यह जांच भी होनी चाहिए कि उनको यह चेक कब मिले? किसने दिए और संबंधित कंपनी जिसने 35-35 करोड़ के चेक जारी किए उसके खाते में कितने रुपए हैं? आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल को निशाना बनाकर जो आरोप लगाए वे सभी चैनल दिन-रात लगातार प्रसारित करने में लगे रहे।इस तरह से दिखाया जाता रहा है कि अरविंद केजरीवाल को हर हालत में डाउन करना है।
चैनल वाले कहते हैं कि अरविंद केजरीवाल सामने आकर के जवाब दें।
अरविंद केजरीवाल सामने आकर जवाब क्यों दें?
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाए हैं। सीबीआई को एसीबी को आरोपों की प्रतियां दे दी है। जांच का विषय है। जांच होगी उसका रिजल्ट सामने आ जाएगा लेकिन कपिल मिश्रा ने 35 -35 करोड़ के असली चेक दिखाएं उनके बारे में चैनल वाले चुप्पी साधे हुए हैं। जितने समाचार कपिल मिश्रा के प्रसारित किए गए उतने ही इन दोनों चेकों के बारे में भी किए जाने थे। कपिल मिश्रा से और उसके साथियों से जवाब तलब किया जाना चाहिए था जो नहीं किया गया।
इसमें साफ झलकता है कि एकतरफा समाचार देने में लगे रहे।
सीबीआई को ये दोनों चैक जब्त करने चाहिए और इनकी भी जांच करनी चाहिए।
नई दिल्ली: रविवार 14 मई को आम आदमी पार्टी के निलंबित विधायक कपिल मिश्रा ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में 35-35 करोड़ के 2 चेक दिखाए थे और दावा किया था कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी में ये पैसा नोटबंदी के दौरान काले धन को सफेद में बदलकर चंदे के रूप में जा रहा था.कपिल मिश्रा ये दावा करते-करते और मीडिया को यही दो चेक दिखाते-दिखाते बेहोश हो गए. आइए ज़रा इसके आगे पीछे की कहानी खोजकर इसका सच जानने की कोशिश करते हैं. आम आदमी पार्टी के निलंबित विधायक कपिल मिश्रा ने रविवार को ये दो चेक दिखाकर कहा, ये दो बहुत खतरनाक हैं. ये 35-35 करोड़ के चेक हैं. ये दो चेक उन्हीं कंपनियों ने दिए, जिन्होंने रात के 12 बजे 50 लाख रुपये दिए थे. इसकी जब सीबीआई जांच करेगी तो सच सामने आएगा कि नोटबंदी में ब्लैक को कैसे व्हाइट करने की तैयारी थी.

 आम आदमी पार्टी के नाम पर कटे चेक 27 दिसंबर 2016 को कपिल मिश्रा के नए सहयोगी और पूर्व में आप में रहे नील हसलम और आप के निलंबित विधायक देविंदर सेहरावत ने बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके जारी किए थे. उस समय नील ने बताया कि उनको ये असली चेक कैसे मिले थे. नील ने कहा, मैं स्टिंग आपरेशन के लिए इन फ़र्ज़ी कंपनियों के पते पर गया. मैंने कहा- मैं नील हूं, आम आदमी पार्टी से तो ये सुनते ही उन्होंने मुझे लिफ़ाफ़ा दिया जिसमें ये 35 करोड़ के चेक मिले.

इसी प्रेस कांफ्रेंस में जब एक पत्रकार ने पूछा कि जब असली चेक आपके पास हैं तो फिर ये कैसे साबित होता है कि आम आदमी पार्टी ने ये पैसे लिए हैं तब आप विधायक देविंदर सेहरावत ने कहा कि "हम ये नहीं कह रहे कि इन्होंने पैसे लिए हैं हम ये कह रहे हैं कि ये सब हमने जनता के बीच सबूत के रूप में रख दिया है. अब एजेंसियां इसकी जांच करें."लेकिन मंगलवार सुबह जब नील हसलम से एनडीटीवी इंडिया ने बात की तो नील शायद अपना ही कहा भूल गए. अब उनका कहना है, आम आदमी पार्टी के अंदर से किसी ने उनको ये चेक दिए, हालांकि उन्होंने ये माना कि दो चेक वही हैं, जो उन्होंने दिसंबर में जारी किए थे, लेकिन ये चेक देने वाली कंपनी कौन हैं इनका पता लगाने की बात उन्होंने कही, जबकि कपिल मिश्रा ने कहा कि ये दो चेक उन्हीं कंपनियों के हैं जिन्होंने आधी रात को आम आदमी पार्टी 50 लाख रुपये का चंदा दिया था.

जाहिर है कि ये साफ नहीं हो पा रहा कि आम आदमी पार्टी के नाम से ये चेक किसने जारी किए और इनके हाथ कैसे लगे. आम आदमी पार्टी भी साफ़ नहीं बता रही कि उसका इन चेक देने वाली कंपनियों से लेना देना है या नहीं? आम आदमी पार्टी नेता दिलीप पांडे ने कहा -आपकी कोई भी कंपनी होगी आप चंदा दीजिये हम लेंगे, रही बात इन चेक और कंपनियों की तो उन्हीं से पूछिए ना जो लाए हैं फ़र्ज़ी चेक.

ये दो चेक कटे तो आम आदमी पार्टी के नाम पर हैं, लेकिन इनको राजनीतिक रूप से कैश कपिल मिश्रा और उनके सहयोगी करवा रहे हैं, क्योंकि न चेक जारी करने वाली कंपनियों का कोई अता-पता है और ना इस बात का कोई सीधा जवाब मिल पा रहा है कि 'आप' के नाम पर कटा चेक कपिल मिश्रा और उनके सहयोगियों के हाथ कैसे लग गया?

भ्रष्टाचार के मुकद्दमें में पूर्व पालिकाध्यक्ष इकबाल मोहम्मद, ईओ भंवरलाल सोनी,मनीराम सुथार, एडवोकेट आनन्द शर्मा आरोपी-

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की इकबाल कुरैशी पर जांच:
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पृथ्वीसिंह ने मौके पर जांच की-
बाबूसिंह खीची द्वारा दर्ज कराया गया था प्रकरण-
खास खबर- करणीदानसिंह राजपूत



सूरतगढ़, 13 दिसम्बर 2013.
अप डेट   18 मई 2017.
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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पृथ्वीसिंह ने बुचरी के पास की मंडी समिति की जगह पर नाप जोख सहित जांच की। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी व पालिका के सहायक अभियंता करमचंद अरोड़ा व अन्य स्टाफ भी था।
आरोप है कि बूचरी की जगह बता कर मंडी समिति की जगह पर इकबाल मोहम्मद कुरैशी ने प्लॉट नियमित कर पट्टे जारी कर दिए। बाबूसिंह खीची ने इसकी शिकायत ब्यूरो को की जिस पर प्रकरण दर्ज हुआ था।
इकबाल मोहम्मद कुरैशी ने बताया कि इस ओर आबादी बसी ही नहीं थी। उससे पहले के ये अतिक्रमण थे।
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आरोपों में घिरे पूर्व पालिकाध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व आनन्द शर्मा

जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो श्रीगंगानगर को सौंपी गई:

सूरतगढ़ 2 जनवरी 2012.नगरपालिका सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार,घोटालों से कीमती व्यावसायिक भूखंड आवासीय बना कर पट्टा जारी करने के आरोप में नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद कुरैशी, उस समय के अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व सेवा निवृत हो चुके अधिशाषी अधिकारी मनीराम सुथार, अतिक्रमण को नियमन करने वाली कमेटी के सदस्य एडवोकेट आनन्द शर्मा, वरिष्ठ लिपिक रणजीत खुडिया जो वर्तमान में अन्य जगह स्थानान्तरित हैं, और पट्टा बनवाने वाले हामीद मोहम्मद पुत्र गुलाब मोहम्मद तथा हामीद की पत्नी प्रवीण बानो के विरूद्ध भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मुकद्दमा दर्ज हुआ है।
यह मुकद्दमा पिछले वर्ष 2011 में 16 दिसम्बर को दर्ज हुआ है तथा इसकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी को सौंपी गई है।
    यह प्रकरण भ्रष्टाचार निवारण अदालत के सेशन जज के सम्मुख सूरतगढ़ निवासी बाबूसिंह खीची ने पेश किया था। अदालत के आदेश पर पहले प्राथमिक जांच की गई और उसके बाद में नियमित मुकद्दमा दर्ज किया गया। हामिद मोहम्मद पुत्र गुलाब मोहम्मद कुरैशी तत्कालीन अध्यक्ष इकबाल मोहम्मद का भतीजा है। आरोप है कि किसी अन्य स्थान के अतिक्रमण के कागजातों को व्यावसायिक स्थान बूचरी के भूखंड पर बतला कर अध्यक्ष ने अपने भतीजे का भूखंड नियमन किया।
    इस मुकद्दमें के अलावा एक और प्रकरण भी अदालत में पेश किया गया जिसकी प्राथमिक जांच में इकबाल मोहम्मद कुरैशी,अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी व अधिशाषी अधिकारी मनीराम सुथार, नियमन करने वाली कमेटी के सदस्य एडवोकेट आनन्द शर्मा, वरिष्ठ लिपिक रणजीत खुडिया और पट्टा बनवाने वाले शकील मोहम्मद,तथा पत्नी बानो, तथा पट्टा बनवाने वाले आसिफ मोहम्मद को नामजद किया गया है। शकील मोहम्मद गुलाब मोहम्मद कुरैशी का पुत्र है। आसिफ मोहम्मद आमीन मोहम्मद का पुत्र है। इस मुकद्दमें में भी लाभार्थी इकबाल मोहम्मद के भतीजे हैं।
विशेष रपट- करणीदानसिंह राजपूत

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