Wednesday, June 15, 2011

अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में मामला दर्ज

मदनसिंह बुडानिया और भंवरलाल सोनी

हनुमानगढ़ नगरपालिका में धोखाधड़ी और अपराधिक षडय़ंत्र कर राजकोष को हानि पहुंचाई
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 15 जून। सूरतगढ़ और हनुमानगढ़ में रह चुके अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी पर हनुमानगढ़ नगरपालिका में फर्जीवाड़ा करने के आरोप में एक और प्रकरण भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज हुआ है। ब्यूरो की हनुमानगढ़ चौकी में यह प्रकरण 13 जून 2011 को दर्ज हुआ है। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित चल रहे अधिशाषी अधिकारी मदनसिंह बुडानिया की शिकायत पर यह प्रकरण दर्ज हुआ है। इसमें
    बुडानिया ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जिस समय संतोष बंसल नगरपालिका अध्यक्ष पद पर थी तब यह घोटाला हुआ। पालिकाध्यक्ष संतोष बंसल और अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी ने फर्जी कागजात से सन 2004 में तूराब खां पुत्र बशीर निवासी पूरा की ढ़ाणी जिला झुंझनु को अरोड़ वंश धर्मशाला के पास में श्रीगंगानगर मार्ग पर भूखंड संख्या 46 आवंटित कर दिया। तूराब खां को यह भूखंड 1975 में आवंटित होना बताया गया।
    नगरपालिका ने सन 2005 में भूखंड संख्या 46 को खाली मानते हुए खुली बोली में नीलाम कर दिया। इस भूखंड को कृष्णचन्द्र शर्मा पुत्र खरता राम ने खरीदा। इसी बीच तूराब खां नगरपालिका में इस भूखंड को आना बताते हुए दावा किया गया जिसमें कागजात खो जाना बतलाया। नगरपालिका के तत्कालीन अधिकारियों ने जांच की तो तूराब खां का दावा असत्य पाया गया था। तब इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में की गई थी।
    अधिशाषी अधिकारी मदनसिंह बुडानिया और अधिशाषी अधिकारी भंवरलाल सोनी में ठनी हुई तथा दोनों एक दूजे के भेद खोलते हुए बैरी बने हुए हैं। मदनसिंह बुडानिया सूरतगढ़ नगरपालिका में किए भ्रष्टाचार के प्रकरण में ब्यूरो की श्रीगंगानगर चौकी की ओर से गिरफ्तार किये जा चुके हैं तथा अभी जमानत पर चल रहे हैं। मदनसिंह बुडानिया चुरू में अधिशाषी अधिकारी पद पर थे तब उनको गिरफ्तार किया गया और उनको इसकी भनक तक नहीं चली थी। बहुत ऊंची पहुंच होते हुए भी कुछ दिन जेल व चिकित्सालय में बिताने के बाद में जमानत हो पाई थी। मदनसिंह के प्रकरण में स्वायत शासन निदेशालय ने चालान पेश करने की अनुमति देदी थी। ईओ भंवरलाल सोनी के प्रकरणों में स्वायत शासन निदेशालय ने अभी तक कई मामले दर्ज हो चुकने के बावजूद निलंबित तक नही किया है। मदनसिंह ने अब वही तरीका अपनाया है जो उस पर अपनाया गया था।

No comments:

Post a Comment

Search This Blog