रविवार, 31 जनवरी 2021

रात के अपराध में सूरतगढ- कैसे रुकें रात के अपराध?

 

*  करणी दान सिंह राजपूत  *

 रात के अपराध जिनमें विशेषकर हत्याओं के अपराध में सूरतगढ़ शहर का नाम होने लगा है।  बाहरी और कच्ची बस्तियों के इर्द गिर्द सूनी जगहों, खाली और खंडहर घरों में रात को नशा करने,शराब पीने पिलाने वाले एक दूसरे के जानकार परिचित दोस्त यार और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने वालों का मिलना विवाद होना और अगले दिन किसी का रक्त रंजित शव मिलना। ऐसी घटनाएं हुई हैं। 


 नशा शराब पैसा प्रेम पारिवारिक संपत्ति विवाद आदि में हुई हत्याओं को पुलिस ने खोला है लेकिन यह अपराध क्रम रुका नहीं। पुलिस एक अपराध खोलती है और कुछ महीने बीते कि नया हत्याकांड दर्ज हो जाता है।


रात को रात को होने वाले इन अपराधों को अंकुश लगाने के लिए पूर्व में एक लेख लिखा था कि परिवार वाले अपने परिवार के सदस्य नौजवान बच्चों को जो रात में बिना काम के या काम के बहाने रात के 10:00 बजे के बाद घर से बाहर जाते हैं तो उन पर परिजन जानकारी रखें नियंत्रण रखें। रात को घर से बाहर जाने वालों, बाहर घूमने वालों की किन से मित्रता है, किस के साथ बाहर गए हैं, कितने बजे तक लौटेंगे और कहां जा रहे हैं? यह जानकारी एक मिनट में ही ली जा सकती है। इसके बाद घर से बाहर जाने की अनुमति दी जा सकती है या रोक भी लगाई जा सकती है। 

रात को काम धंधे में आने जाने वालों के अलावा घर से बाहर रहने वाले युवाओं और व्यक्तियों का परिवारजनों को मालुम तो होता ही है। ऐसे पारिवारिक सदस्यों को बाहर जाते वक्त पूछना और रोकना क्यों नहीं होता? काम धंधे वाले के भी कार्य समय के हिसाब से पूछताछ होनी ही चाहिए यदि वह बाहर अधिक अनावश्यक समय लगाता है। अन्य पर नियंत्रण नहीं हो सकता, रोक नहीं हो सकती लेकिन अपने परिवार के सदस्य को तो रोका जा सकता है। यदि रात को कोई बुलाने आए और उससे ही सवाल हो जाए तो साफ हो जाता है कि काम है या तफरीह के लिए निकल रहे हैं। इससे रात्रि के अपराधों में कमी तो होगी ही अपने घर का व्यक्ति या युवा मौत का शिकार होने से या हत्या अपराधी होने, अपराध में सहयोगी होने से तो बच ही जाएगा। 

पुलिस का कार्य है अपराध और अपराधी खोजना और वह तो यह कार्य कर लेगी लेकिन यदि आमजन थोड़ा सा भी सजग रहें तो ये रात के अपराध रुक सकते हैं या कम हो सकते हैं।00

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मंगलवार, 26 जनवरी 2021

मैं हूं हिन्दुस्तान, नशे में पाकिस्तान



मैं हूं हिन्दुस्तान, 
नशे में पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान
हिन्दुस्तान का जब हो नाम
तब पगलाए पाकिस्तान
मेरा तिरंगा चूमे आकाश
तब पगलाए पाकिस्तान
संसार में गूंजे मेरा नाम
तब तड़पे पाकिस्तान
कहीं अध्यक्षता हो मेरी
दारूमें बहके पाकिस्तान
मेरा नारा लोग लगाएं
जमीं पर लोटे पाकिस्तान
मेरा नाम जब जब गूंजे
गरळावै पाकिस्तान
हिन्दुस्तान को सब माने
नशे में बहके पाकिसतान
मेरे साथ सूरज चमके
अंधियारे में पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
पगलाया पाकिस्तान
मेरा नाम मित्रता तगड़ी


दारू में पगलाया पाकिस्तान।
मैं जब चाहूं थप्पड़ से
रसातल जाए पाकिस्तान
मैं हूं हिन्दुस्तान
नशे में मरता पाकिस्तान
पगलाया पाकिस्तान।


 

- करणीदानसिंह राजपूत
विजयश्री करणी भवन,
सूर्योदयनगरी,मिनी मार्केट
सूरतगढ़।

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4-1-2016.

Update.   26-2-2019.
Update.   26-1-2021.

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मेरा तिरंगा आज भी ऊंचा-कविता-करणीदानसिंह राजपूत






कविता
 मेरा तिरंगा आज भी ऊंचा
   -  करणीदानसिंह राजपूत

मेरा तिरंगा आज भी ऊंचा
मेरे नाम की चतुर्दिक गूंज
मैं प्रगति की ओर निरंतर
आगे बढ़ता जा रहा

तुम्हारी ओछी सोच
मुझे गिराने की
मेरा नाम मिटाने की
तुम लेते रहो सपने
और एक दिन
तीर उल्टा जब खाओगे
नेस्तनाबूद हो जाओगे

तुमने कितनी बार टक्करें ली
हर बार मुंह की खाई
बेशर्मी तुम्हारे जेहन में
मात खाने को फिर पागलपन
कीड़ा तुम्हारे कुलबुलाने लगा है

सच, तम्हारे में अक्ल नहीं
मोल उधार भी तो मिलती नहीं
तुम्हारा जन्म हुआ बुद्धिहीन अवस्था में
और तुम भी तो
बुद्धि वाले पैदा नहीं कर पाए

नापाक तुम और नापाक इरादे
कच्चे कोठे से ढह जायेंगे
तुम्हे तो मरना है
आत्महत्या करके
मुझे छेड़ कर
यही तो कर रहे हो
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करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार
23, करनाणी धर्मशाला,
सूरतगढ़  335 8o4
राजस्थान
94143 81356
------------------------------------------------------------
पाठकवृंद 13-8-2011 को यह कविता लिखी गई और ब्लॉग व फेस बुक पर डाली गई थी।
आज भी परिस्थितियां बदली नहीं है।


Up date 26-1-2019.
Up date 26-1-2021.
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सोमवार, 25 जनवरी 2021

*यहां फांसी चूमे सेनानी चप्पे-चप्पे में बलिदानी* कविता: करणी दान सिंह राजपूत*



यह देश हमारा भारत
दुनिया में सबसे न्यारा
यहां फांसी चूमे सेनानी
चप्पे-चप्पे में बलिदानी।

आओ फूलों से महकाएं
गीत वीरों के हम गायें
बलिदानों की गाथा
कभी भूले न बिसराएं।

यह देश हमारा भारत..

स्वर्ग सिरमौर  कश्मीर हमारा
हिम शिखरों  बीच में  छाया
गंगा यमुना का निर्मल जल
अमृत बन कर सबको भाया।

आजादी का जश्न मनाएं
गीत तिरंगे के हम गाएं
वीर जनों की कुर्बानी
सब गाएं और दोहराएं।

फूलों से महकाएं....

आधी शती का विकास हमारा
कुछ नया करने की ठानें
इलाका रहे न कोई खाली
सब और करें हरियाली।

आकाश ऊंचाइयां छूते रहें
मन साफ रहे घर साफ रहे
भाई भाई का प्यार रहे
जन जन में प्रीत संचार रहे।

यह देश हमारा भारत...

गांवों की चौपालों पर
नगरों के चौराहों पर
देशभक्ति का भान रहे
तिरंगे की शान रहे।

सीमा पर सीना ताने सैनिक
सुरक्षा का भार लिए
आने नहीं देंगे संकटकाल
खतरे में बन जाएं खुद हथियार।

अग्नि नाग और पृथ्वी
प्रक्षेपास्त्रों में नए निराले
अर्जुन टैंक की है दूर मार
दुश्मन की देते आंख निकाल।

अब्दुल कलाम का शस्त्र विज्ञान
भाभा ने परमाणु ज्ञान पसारा
भारत को दी नई रोशनी
विश्व में ऊंचा स्थान दिलाया।

यह देश हमारा..

गांधी चरखा झोपड़ में चलता
कल कारखानों में माल है बनता
नित नित नए-नए उत्पादन
विश्व में नाम कमाते जाते।

पंचशील की नीति हमारी
सत्यमेव जयते का नारा
अहिंसा का संदेश हमारा
दुनिया में है भारत न्यारा।

फूलों से महकाएं..

सूर्य चंद्र और असंख्य तारे
मीठी सुगंध रंगीन नजारे
रंग रंगीली धरती प्यारी
जगह जगह की छटा निराली।

छह ऋतुओं का देश हमारा
मीठे झरने मधुर समीरा
वन जंगल में मोर नाचते
राजस्थान में सोनचिड़ी गाती।

यह देश हमारा...

तेतीस कोटि हैं देवी देवता
दसो दिशाओं में पूजे जाते
वाहन इनके जीव जंतु हैं
सब लोको में जाते आते।

रामायण गीता संदेश सुनाते
कर्म गति का उपदेश बताते
घर में है पूजे जाते
चहुं ओर कीर्ति फैलाते।

फूलों से महकाएं..
भाई-बहन का स्नेह अनोखा
रक्षाबंधन का त्यौहार मनोरम
मीठे खीर बताशे मीठे
स्नेह बंधन में मिश्री घोले।

नाना भेष आंखों को भाए
नाना बोलियां कर्ण सुहाए
उच्च संस्कृति ऊंचे आदर्श
चरण स्पर्श और अभिवादन।

यह देश हमारा भारत...

कबीर रसखान नानक हुए यहां
मीरा ने है कृष्ण नाम पुकारा
प्रताप शिवा से वीर यहां पर
पन्ना को है सब ने गाया।

पद्मिनी के जौहर की याद
रानी लक्ष्मी की कुर्बानी
आल्हा उदल हुए यहां पर
कैसे भुलाए उनकी कुर्बानी।

फूलों से महकाएं...
भगत सिंह सुखदेव राजगुरु
फांसी के फंदे हंस हंस चूमे
आजाद की सिंह दहाड़ से
अंग्रेजों के दिल भी कांपे।

नेता सुभाष का जय हिंद नारा
लाल बहादुर ने जय किसान पुकारा
राम मोहन की चेतन आवाज
 विधवाओं की हो सार संभाल।

यह देश हमारा भारत...

बुध का शीतल प्रकाश
महावीर की मीठी वाणी
जीव जंतु से करो प्यार
धर्म नीति संदेश सुनाती।

मंदिरों में होती है आरती
मस्जिदों में होती है कुरान
चर्चों में बंटता है यीशु संदेश
गुरुद्वारों में गूंजे है गुरुवाणी।

फूलों से महकाएं...

यह देश हमारा भारत
दुनिया में सबसे न्यारा
यहां फांसी चूमे सेनानी
चप्पे-चप्पे बलिदानी।

ये देश हमारा भारत...

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भारत की स्वतंत्रता 15 अगस्त 1947 को हुई। स्वतंत्रता की अर्धशती 1997-98 में मनाई गई तब यह कविता रची थी। आकाशवाणी के सूरतगढ़ केन्द्र से इसका प्रसारण हुआ। इसकी अवधि पंक्तियों के पुन: दोहराए बिना ही 14 मिनट 20 सैकंड रिकॉर्ड हुई। एक चंक दस मिनट में आठ मिनट देते हैं और दो मिनट उदघोषणा आदि में लगते हैं। इस कविता के लिए विशेष अवधि 15 मिनट दी गई थी। आकाशवाणी के विशेष सहयोग से यह प्रसारित हुई।*


करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ़.
94143 81356.
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रविवार, 24 जनवरी 2021

* सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती सूरतगढ़ में हर्ष उल्लास के साथ मनाई गई * विशेष रिपोर्ट.



नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर सुभाष चौक पर मनाई गई। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। नेताजी की जय घोष की गई। नेताजी सुभाष चंद्र बोस अमर रहे के नारे लगाए गए।

 इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉक्टर टी. एल. अरोड़ा,इंजीनियर  रमेश चंद्र मथुर, लोकतंत्र सेनानी सभाष चन्द्र बोस संघ के पूर्व अध्यक्ष (1969) पत्रकार करणी दान सिंह राजपूत, लोकतंत्र सेनानी महावीर प्रसाद तिवारी, क्रांति कारी महावीर प्रसाद भोजक, मुरलीधर पारीक, इंद्र कुमार कोठारी, अमरनाथ लंगर सेवा समिति सूरतगढ़ के अध्यक्ष किशनलाल स्वामी, विविधा संस्था के योगेश स्वामी,समाधान संस्था के अध्यक्ष और भाटिया आश्रम के निदेशक लाजपत राय भाटिया, कवि रामेश्वर दयाल तिवाड़ी ,बद्रीप्रसाद बिनाणी आदि ने माल्यार्पण किया और नारे लगाए। 

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर पूरे दिन सुभाष चौक पर नागरिकों की हलचल रही। नागरिक आते रहे और सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर माला पहनाते रहे। धावक महेंद्र नागर ने तिरंगा लेकर श्री गंगानगर से दौड़ते हुए सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा पर पहुंच कर नमन किया और तिरंगा फहराया। यहां महेंद्र नागर का स्वागत किया गया। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने भी सुभाष की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया।



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शनिवार, 23 जनवरी 2021

सुभाष जयंती पर किशनलाल पारीक स्मृति रक्तदान शिविर:करणीदानसिंह राजपूत द्वारा उद्घाटन.विशेष रिपोर्ट.

 



सूरतगढ़ 23 जनवरी 2021.

नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर नेताजी सुभाषचन्द्र बोस स्मारक समिति की ओर से किशनलाल पारीक स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। किशनलाल पारीक सन 1969 तक नेताजी सुभाषचंद्र बोस संघ के अध्यक्ष रहे थे। इस रक्तदान शिविर का शुभारंभ करणीदानसिंह राजपूत ने फीता काट कर किया। करणीदानसिंह राजपूत 1969 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस संघ सूरतगढ़ के अध्यक्ष बने और कई वर्षों तक अध्यक्ष रहे।

 पाक आक्रमण से हुए भारतपाक युद्ध में सीमा क्षेत्र छोड़कर सूरतगढ़ पहुंचे नागरिकों की सुभाष संघ ने राजपूत की अध्यक्षता में विभिन्न रूपों में मदद की थी। 

राजपूत ने इस शिविर में सुभाष जयंती पर और किशनलाल पारीक के जीवन,रक्त दान शिविर में भाग लेने वालों,रक्तदान करने वालों और समाज सेवा पर विचार रखे। इस अवसर पर डा.टी.एल.अरोड़ा ने नेताजी की जयंती पर और रक्त दान पर वक्तव्य दिया। शिक्षा संस्थान भाटिया आश्रम के निदेशक लाजपतराय भाटिया ने नेताजी पर जोशीली कविता पढी।


मैत्री ब्लड बैंक को 83 यूनिट रक्त दान किया गया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष  डॉक्टर टी एल अरोड़ा, पारीक परिवार के मुरलीधर पारीक, कन्हैया लाल पारीक ने  तिलक लगाकर अतिथियों का सम्मान किया।पारीक परिवार के कन्हैया लाल पारीक ने सबसे पहले रक्तदान करके स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया।

मैत्री ब्लड बैंक की टीम के डॉक्टर सुनील योगी, बृजेंद्र बिश्नोई, जगदीप कौर, मोहिनी ने  रक्त संग्रह किया। 

रक्तदाताओं को सम्मान पत्र प्रदान किए गए। करणीदानसिंह राजपूत, लाजपतराय भाटिया आदि के हाथों से पहला सम्मान पत्र एक सैनिक को प्रदान किया गया।

जयंती पर रक्तदान करने वाले युवाओं  में भारी उत्साह देखा गया।  रक्तदान करने वालों को श्री माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष इंदर  कुमार कोठारी, समाधान सेवा समिति के अध्यक्ष  लाजपत राय  भाटिया, और पारीक परिवार के मुरलीधर पारीक कन्हैया लाल पारीक के द्वारा दूध, बिस्कुट, ब्रेड, केले, पेन वितरित किए गए, मैत्री ब्लड बैंक की तरफ से डायरिया वितरित की गई ।

शिविर के दौरान पूर्व विधायक राजेंद्र भादू ,रोटेरियन राजेंद्र तनेजा, इंजीनियर रमेश कुमार माथुर, कवि रामेश्वर दयाल तिवारी, क्रांतिकारी महावीर भोजक, लाजपत राय भाटिया,भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महामंत्री सुभाष गुप्ता, अमरनाथ मंदिर लंगर सेवा समिति के अध्यक्ष किशन स्वामी, विविधा संस्था के अध्यक्ष योगेश स्वामी, पत्रकार नवल भोजक सहित लोगों ने सेवाएं दी।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति के अध्यक्ष डॉक्टर टी एल अरोड़ा, परिवार के मुरलीधर पारीक और कन्हैया लाल पारीक ने सभी रक्तदाता ओं का आभार प्रकट किया ।

शिविर पर धावक महेंद्र नागर का स्वागत किया गया। महेन्द्र नागर सुभाष चंद्र बोस जयंती पर हाथ में तिरंगा लिए श्री गंगानगर से दौड़ते हुए सूरतगढ़ सुभाष चौक पर आए थे। यह दूरी 72 किमी की दूरी दौड़ते पूरी की। सुबह पांच बजे भयानक सर्दी में गंगानगर से दौड़ शुरू की थी।शिविर पर महेंद्र नागर के साथ फोटोशूट हुआ।00



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जैनाचार्य नित्यानंद महाराज के सानिध्य में आत्म वल्लभ जैन भवन का लोकार्पण और धर्मसभा*

 

* करणीदानसिंह राजपूत*

सूरतगढ़ 23 जनवरी 2021.

आज प्रातः परम पूज्य गुरुदेव नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के नए भवन  "आत्म वल्लभ जैन भवन" का लोकार्पण हुआ। भवन का लोकार्पण भवन निर्माण के मुख्य दानदाता श्री माणक चंद अशोक कुमार अरिहंत कुमार डागा परिवार सूरतगढ़ एवं विनोद देवी चंद्रकांत कोचर परिवार बीकानेर द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। 

नए जैन भवन के निर्माण में समिति के पदाधिकारी सुरेंद्र चोपड़ा, उपाध्यक्ष पवन गोलछा, कोषाध्यक्ष गुलशन  डागा, सचिव सुशील सेठिया उनकी कार्यकारिणी का काफी योगदान रहा।

इससे पूर्व आचार्य नित्यानंद सूरी महाराज ने सकल जैन संघ के साथ प्रभु पार्श्वनाथ मंदिर में देव बंधन धर्म आराधना की। 

नए भवन के लोकार्पण के बाद मुनि भगवंत सकल संघ के साथ विजय वल्लभ जैन धर्मशाला (चोपड़ा धर्मशाला) में पधारे।

विजय वल्लभ जैन धर्मशाला में धर्म सभा का आयोजन किया गया। इस सभा को संबोधित करते हुए आचार्य प्रवर ने कहा"धर्म के बिना कुछ भी संभव नहीं है,अगर व्यक्ति धर्म की राह पर चलेगा तो उसकी मुक्ति हो सकती है। धर्म हमारे जीवन का अहम हिस्सा है।गुरु भगवंता का मान सम्मान उनके दर्शन भर से उनकी वाणी से सकल जग का कल्याण हो सकता है।"


 प्रखर वक्ता मोक्षा नंद विजय जी महाराज ने कहा"हर समाज में दान देने की प्रवृत्ति जरूर होनी चाहिए क्योंकि दान देने से ही व्यक्ति का और  मानव जाति का कल्याण होता है।सभी को अपनी शक्ति के अनुसार दया धर्म में धन का उपयोग करना चाहिए।"

इस धर्म सभा में तरुणी महिला मंडल द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।

अर्चना डागा द्वारा भजन श्रीमती अंजना पटावरी व पारस गोलछा द्वारा गीतिका प्रस्तुत की गई।

 इस आयोजन में बच्चों द्वारा एक बहुत ही बेहतरीन  नशा मुक्ति को लेकर नाटिका श्रीमती ज्योति डागा के निर्देशन में खेली गई। सभी बच्चों को अशोक कुमार डागा परिवार द्वारा प्रोत्साहन पुरस्कार किए गए।

श्री पार्श्वनाथ मूर्तिपूजक संघ द्वारा मुख्य बोली दाता का सम्मान किया गया। 

पूनमचंद भंवरलाल चोपड़ा परिवार द्वारा आचार्य भगवंत को कांबली  बोराही गई।


परम पूज्य आचार्य नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज साहब के मांगलीक पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

धर्मसभा का संयोजन एवं विवरण सहित संचालन सराहनीय रहा। यह संयोजन प्रवीण डी जैन ने किया था।









गुरुदेव के यहां 2 दिनों के प्रवास में श्रीगंगानगर पीलीबंगा ऐलनाबाद व हनुमानगढ़ से भी अनेक भक्तगण पधारे।

श्री आत्मवल्लभ समुद्र इंद्र दिन सुरीश्वर महाराज के  पट्टधर शांतिदूत आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज पन्या सरवर धर्मशील विजय जी प्रखर वक्ता मोक्षा नंद विजय जी  के सानिध्य में सूरतगढ़ में 2 दिन तक धर्म की प्रभावना की अलख जगी।00

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शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

* जैनाचार्य नित्यानंद सूरीश्वर जी और 5 और संतों का सूरतगढ़ प्रवेश*



* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 22 जनवरी 2021.

श्री आतम वल्लभ समुद्र इंद्र दिन सुरीश्वर महाराज के  पट्टधर शांतिदूत आचार्य श्रीमद् विजय नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज पन्या सरवर धर्मशील विजय जी प्रखर वक्ता मोक्षा नंद विजय जी का मुनि मंडल सहित आज सूरतगढ़ में सकल जैन समाज द्वारा प्रवेश करवाया गया।






प्रवीण डी.  जैन प्रवक्ता श्री मूर्तिपूजक संघ सूरतगढ़ के अनुसार लाहोटी पेट्रोल पंप से शुरू इस मांगलिक प्रवेश में काफी संख्या में भक्तगण मौजूद थे।

 गुरुदेव का प्रवेश गाजे-बाजे के साथ करवाया गया । 

 गुरुदेव का विभिन्न जगह पर स्वागत किया गया।

मंगल प्रवेश बाजार से होता हुआ स्थानीय श्री विजय वल्लभ जैन धर्मशाला ( चोपड़ा धर्मशाला) में  पहुंचा । गुरुदेव ने सभी को मंगल पाठ सुनाया।

श्री पार्श्वनाथ मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र चोपड़ा ने बताया कि कल शनिवार को परम पूज्य गुरुदेव नित्यानंद सुरीश्वर जी महाराज के सानिध्य में श्री पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ के नए भवन का लोकार्पण प्रातः 10:15 बजे किया जाएगा।0

***






त्रं

 

सूरतगढ़:सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थल पर घी के दिए दिए प्रज्वलित और जय घोष

 

 सूरतगढ़ 22 जनवरी 2021.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125 वी जयंती की पूर्व संध्या पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्मारक समिति सूरतगढ़ की ओर से दीप प्रज्वलित किए गए।

इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष डा.टी.एल. अरोड़ा,रमेश चंद्र मथुर, करणी दान सिंह राजपूत, किशन स्वामी,लक्ष्मण शर्मा,योगेश स्वामी, महावीर प्रसाद भोजक,पवन शर्मा, बद्री प्रसाद शर्मा बिनानी,महावीर प्रसाद तिवारी, एडवोकेट पूनम शर्मा,मुरलीधर पारीक आदि ने दीप प्रज्वलित किए। 

दीप प्रज्वलित के बाद नेताजी अमर रहे के नारे लगाकर जयघोष किया गया।


 नगर पालिका की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस प्रतिमा स्थल पर बिजली की रोशनी से सजावट की गई।

नेताजी की जयंती पर  23 जनवरी को सुबह 9:30 बजे प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम होगा। 

इसके पश्चात 10 बजे नजदीकी मैत्री ब्लड बैंक में किशन लाल पारीक की स्मृति में स्मृति में पारीक की स्मृति में स्मृति में रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। स्व.पारीक सुभाषचन्द्रबोस संघ के 1969 से पूर्व अध्यक्ष रहे थे। रक्तदान शिविर का शुभारंभ पत्रकार लोकतंत्र सेनानी करणीदानसिंह राजपूत फीता काट कर करेंगे। राजपूत किशनलाल पारीक के बाद सन 1969 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस संघ के अध्यक्ष बने थे। 

नेताजी की 125 वीं जयंती को आदर्श मानकर 125 से अधिक व्यक्ति  रक्तदान करेंगे। 0

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