गुरुवार, 19 नवंबर 2020

सर्दी की बीमारियों से बचाव के लिये जागरूकता बढ़ाएं- सर्दी से बचाव के सुझाव

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 19 नवम्बर 2020.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं राजस्थान जयपुर ने सर्दी के मौसम में फैलने वाली मौसमी बिमारियों के बचाव एवं उपचार के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये है। 

जिला कलक्टर श्री महावीर प्रसाद वर्मा ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिये है कि सर्दी के दौरान फैलने वाली बीमारियों को लेकर आमजन को जागरूक किया जाये, जिससे नागरिक मौसमी बीमारियों से अपना बचाव कर सके। चिकित्सा विभाग के अनुसार सर्दी के मौसम में लेरिगोब्रोन्काईटिस, ब्रोन्क्योलाईटिस, निमोनिया, टोन्सलाईटिस तथा अस्थमा जैसे रोग हो सकते है। बचाव एवं उपचार के लिये रोगों के लक्षण पहचान कर नजदीकी चिकित्सक से परामर्श एवं ईलाज लिया जाये। 

इस मौसम में सर्दी जनित रोगों के सामान्य लक्षण नाक बहना, नाक बंद होना, हल्का बुखार, जी मिचलाना, खाने की इच्छा न होना तथा बैचेनी होना शामिल है। बच्चों में निमोनिया की बीमारी होने पर फेफड़ों के वायु कोषों में संक्रमण से सांस की तकलीफ व तेज बुखार हो जाता है। ज्यादा छोटे बच्चों में सांस की तकलीफ होने पर तुरन्त डाॅक्टर से परामर्श कर उपचार करवाया जाये। गले में तकलीफ होने पर ठंडी चीजें खाने से गले में तेज दर्द, निगलने में परेशानी और तेज बुखार हो सकता है। 

सर्दी जनित बीमारियों से बचने के लिये कपड़े पहनने व ओढ़ने का ध्यान रखा जाये, तेज सर्दी हो तो कानों और सिर को विशेष रूप से ढ़ककर रखे। बच्चों को नंगे पैर व नंगे सिर नही घुमने दे, आईसक्रीम, टमाटर का साॅस और अन्य ठण्डी व खट्टी चीजों से परहेज रखा जाये। गर्म व गर्म तासीर की चीजें खाये व पानी खूब पीएं। निमोनिया, अस्थमा और सांस की तकलीफ वाले बच्चों को रात में टाईट कपड़े नही पहनाएं। गर्म एवं मुलायम कपड़े पहनाकर सुलाएं तथा उबला हुआ पानी ठण्डा कर पिलाएं। 

रोगों की पहचान एवं बचाव की जानकारी के साथ-साथ कोविड-19 से बचाव के लिये भी आमजन को साबुन से हाथ धोने, मास्क लगाने तथा सामाजिक दूरी की पालना करने के साथ-साथ सरकार द्वारा जारी गाईडलाईन की पालना के लिये भी सर्तक किया जाये।

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