बुधवार, 26 जून 2019


मंगलवार, 25 जून 2019

आपातकाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान फाईलों पर कलक्टर गंगानगर कार्रवाई नहीं करता, लोकतंत्र रक्षकों के प्रति अलोकतांत्रिक रवैया।


सूरतगढ़ 25 जून 2019.
आपातकाल 1975 का विरोध कर देश में फिर से संविधान और लोकतंत्र स्थापित करने वाले देशभक्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र रक्षक बताते हुए सराहना की है,वहीं श्री गंगानगर के जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने अपनी मनमर्जी और अलोकतांत्रिक रवैया अपनाते हुए लोकतंत्र सेनानियों की फ़ाइलें काफी महीनों से रोक रखी है जिससे उन्हें लोकतंत्र सेनानी का सम्मान मिलने में बाधा आ रही है। 
लोकतंत्र रक्षा सेनानी संघ राजस्थान के संयोजक करणी दान सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि जिला कलेक्टर को बार-बार पत्रों से आग्रह करने के बावजूद भी फाइलों के निस्तारण के लिए बैठक आयोजित नहीं की जा रही है।
राजपूत ने कहा कि श्रीगंगानगर कलेक्टर के पास केवल 10 पत्रावलिया हैं,जिसमें एक आवेदक का सम्मान लिए बिना निधन हो गया है और इनमें भी 4 आवेदन महिलाओं के हैं, जिनके पति संसार छोड़ गए। आवेदकों की आयु भी 70 से 85 साल की है। 
पिछले 6 माह में एक बार भी इन पत्रावलियों पर जिला कलेक्टर ने गौर नहीं किया। 
राजपूत ने कहा है कि आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा करने वालों के दस्तावेजों में जेल अवधि का प्रमाण पत्र और पुलिस का वेरिफिकेशन हो चुका है। इसके बाद में केवल जिला कलेक्टर को बैठक आयोजित करनी है जिसमें दो अन्य सदस्यों में जेल अधीक्षक और समाज कल्याण अधिकारी हैं। यह कुछ दिनों में सम्पन्न होने वाला कार्य है तथा फाईलें भी कम हैं।
जिला कलेक्टर को अनेक पत्र दिए जा चुके हैं लेकिन उन्होंने किसी भी पत्र का उत्तर भी नहीं दिया है। 
राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों में सीआरपीसी में बंद रहे लोगों को भी शामिल किए जाने की अधिसूचना  राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सन दो हजार अट्ठारह में की उसके बाद अनेक जिलों में लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि मिलने लगी है। श्रीगंगानगर कलेक्टर ने अपने अलोकतांत्रिक रवैया से फाइलें रोक रखी है,जबकि वर्तमान सरकार कांग्रेस की है और उसने किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई है और ना ही फाइल रोकने का कोई निर्देश जिला कलेक्टर आदि को दिया है। कांग्रेस के राज में भी अन्य जिलों में कार्य हुआ है लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि प्रदान की गई है अन्य जिलों के दस्तावेज आदि के फोटो व सूचनाएं जिला कलेक्टर श्री गंगानगर को भिजवाई जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लोकतंत्र सेनानी सम्मान की पत्रावलियों को आगे कार्यवाही करते हुए निस्तारित नहीं किया।
राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अनेक नेता गण लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हैं इसी तरह से श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर को भी प्रजातंत्र का सम्मान करते हुए आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों की पत्रावलियों पर कार्यवाही करते हुए सम्मान दिया जाना चाहिए, ताकि जिला मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह 2019 में वे भी ससम्मान भाग ले सकें। 
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मैं आपातकाल में जेल में सवा चार माह तक रहा था। अखबार सेंसर, जब्त हुआ।
सूरतगढ़ में 26 -6-1975 को विरोध में सभा हुई।
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करणी दानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ़।

मानव तस्करी का बड़ा मामला-सूरतगढ़ में 18 बंधक मुक्त कराए गए-

 -- करणी दान सिंह राजपूत --

सूरतगढ़ आजकल मानव तस्करी के मामलों में चर्चित हो रहा है। सिटी पुलिस थाने के थानाअधिकारी निकेत कुमार पारीक के नेतृत्व में 24 जून की शाम को औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर बंधक बनाए गए और मारपीट कर काम करवाएं जा रहे अट्ठारह बालकों को बहुत बुरी हालत से मुक्त करवाया गया।

 निकेत कुमार पारीक को गुप्त सूचना मिली थी की औद्योगिक क्षेत्र वार्ड नंबर 8 के एक मकान में अनेक बच्चे बंधक बनाकर रखे गए हैं और उनसे मारपीट करके जबरदस्ती चूड़ियां बनवाने का कार्य करवाया जा रहा है। 

सूचना पर रात को करीब 8:30 बजे उस मकान पर छापा मारा गया।

मोहम्मद आमाद का यह मकान है जो मोहम्मद अकबर पुत्र मुस्किम को किराए पर दिया हुआ है। मोहम्मद अकबर इन छोटे-छोटे बच्चों से जबरन काम करवाता था। पुलिस ने मकान मालिक मोहम्मद अहमद और मोहम्मद अकबर दोनों पर मानव तस्करी का धारा 370 में मामला दर्ज किया है। 

(पुलिस नेअट्ठारह बच्चों को मुक्त करवाया है कानून के अनुसार उन नाबालिक बच्चों के नाम और फोटो आदि नहीं दिए जा सकते।)

पुलिस आगे की कार्यवाही करने में जुटी है।

 थाना अधिकारी के अनुसार इन बालकों से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। चूड़ियां बनाने के काम में इनको लगाया हुआ था। काम अच्छा नहीं होने पर पिटाई करना दंड देना सामान्य बात थी।अक्सर पिटाई होती रहती थी।एक ही कमरे में 18 बच्चों का रहना खाना सोना सब कुछ था। इन बच्चों को बाहर निकलने की छूट नहीं थी। ये बालक कहां के हैं? इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

 सूरतगढ़ में करीब 4 माह से चूड़ियां बनाने का कार्य चल रहा था। पुलिस के अनुसार चूड़ियां बनाने का कार्य पहले श्रीगंगानगर चल रहा था लेकिन वहां पर सख्ती होने के बाद मोहम्मद अकबर सूरतगढ़ आया और सूरतगढ़ में मकान किराए पर लेकर यह कार्य कराने लगा जिसमें छोटे छोटे बच्चों को जबरदस्ती काम में लगाया हुआ था। पुलिस का कहना है कि जिन बच्चों के साथ मारपीट हुई है और उन सभी का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और गहन पूछताछ की जाएगी।

मोहम्मद अकबर( 25 वर्ष) बिहार के वजीदपुरा गया का निवासी है। अभी यही मालूम हो रहा है कि बच्चे भी बिहार से लाए गए हैं। मानव तस्करी के लिए जो मकान किराए पर होता है, उसका मालिक भी मुकदमे में आरोपी होता है।

मानव तस्करी के प्रकरण में 10 साल,उम्र कैद या संपूर्ण जीवन की कैद की सजा हो सकती है।

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सोमवार, 24 जून 2019

भाजपा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन-राजनैतिक यात्रा



जयपुर:24-6-2019.
भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का आज 24-6-2019 को निधन हो गया. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें शुक्रवार को दिल्ली एम्स में उपचार के लिए लाया गया था. हाल ही में मदनलाल सैनी के फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत सामने आई थी. इससे पहले तबीयत ज्यादा खराब होने पर मदनलाल सैनी को जयपुर में मालवीय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. 
मदनलाल सैनी के निधन से भाजपा में शोक की लहर है. शुक्रवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे  मदन लाल सैनी से मुलाकात करने अस्पताल पहुंची थी।  राजे ने मदनलाल सैनी के पास कुछ देर रुककर उनसे बातचीत की।  उनके हाल जाने। वसुंधरा राजे ने सैनी का उपचार कर रहे डॉक्टर्स ने उनके स्वास्थ्य के बारे में चर्चा की।
मदनलाल सैनी की राजनैतिक यात्रा
वे मूलत: सीकर जिले की मालियों की ढाणी निवासी सैनी राजनीति में आने से पहले भारतीय मजूदर संघ (भामस) से लंबे समय तक जुड़े रहे थे.
सैनी ने राजनीति के लिए सीकर मुख्यालय से सटे माली बहुल झुंझुनूं के उदयपुवाटी विधानसभा (पूर्व में गुढ़ा) को चुना था.
1990 में लड़ा था पहला चुनाव
सैनी ने वर्ष 1990 में अपना पहला चुनाव उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था और वे इसमें विजयी रहे. उसके बाद वे संगठन में भी सक्रिय हुए और 1991 में एक साल बीजेपी के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष रहे. वहीं से संगठन में पदोन्नत होकर प्रदेश मंत्री बने तो जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. बाद में ओमप्रकाश माथुर के अध्यक्ष काल में वे प्रदेश महामंत्री रहे. बेहद साधारण जीवन शैली अपनाने वाले सैनी हमेशा बस में सफर करते रहे हैं.
लोकसभा चुनाव में भी आजमाया था भाग्य
सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए. सैनी ने 1993 में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे शीशराम ओला के सामने झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए. उसके बाद सैनी ने 1998 में फिर लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन सफल नहीं हुए. सैनी ने 2008 में उदयपुरवाटी से विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो पाए. इस दौरान सैनी ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी.
लंबे समय से हैं अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे
सैनी लंबे समय तक बीजेपी अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे हैं. सैनी वर्तमान में राज्यसभा सांसद भी थे. सैनी की ससुराल झुंझुनूं के जिले के नवलगढ़ में है. उनके पांच पुत्रियां और एक पुत्र है. पुत्र मनोज सैनी पेशे से वकील हैं. वे हाईकोई में वकालत करते हैं.

रविवार, 23 जून 2019

5 साल मेंं 7-8 सौ करोड़ के बजटवाली पालिका का अध्यक्ष कौन होगा?


^^^^ सूरतगढ़ में आएंगे नए सेवादार

पैंतालीस पार्षद और एक अध्यक्ष! ^^^^


--- वर्तमान बोर्ड कैसा रहा है? भ्रष्टाचार का हिमायती या विरोधी?  ---

सूरतगढ़ शहर के निवासियों को खुश होना चाहिए कि आने वाले कुछ महीनों के बाद उनकी सेवा चाकरी करने कराने वाले पार्षद 35 से बढ़कर 45 हो जाएंगे। इनके अलावा जनता से सीधे चुने हुए नगर पालिका अध्यक्ष और विधायक भी होंगे। 

वर्तमान में 35 पार्षद और उन्हीं में से चुने हुए पालिकाध्यक्ष का कार्यकाल अच्छा रहा,बुरा रहा या सामान्य रहा का आकलन शहर की जनता ने अवश्य ही किया होगा।लोग जागरूक हो तो बहुत कुछ सेवा करवा सकते हैं,नहीं तो पार्षदों के चक्कर काटकर उल्टी सेवा करने पड़ जाती है।


 नगर पालिका मैं विभिन्न कार्यों में भ्रष्टाचार घटिया निर्माण आदि की शिकायतें होती रही है लेकिन कोई भी व्यक्ति जांच एजेंसियों के पास नहीं पहुंचा और केवल भाषण बाजी अखबार बाजी होती रही। आजकल सोशल साइट्स पर सब कुछ भड़ास निकाली जाती रही है लेकिन उससे ना भ्रष्टाचार रुका और ना ही जनता को कोई लाभ मिल पाया। 

वर्तमान बोर्ड भारतीय जनता का बोर्ड कहलाता है भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती काजल छाबड़ा अध्यक्ष हैं। भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के अलावा कांग्रेस के 5 पार्षद और निर्दलीय पार्षद काफी संख्या में जीते हुए थे लेकिन बड़े-बड़े भ्रष्टाचारों पर आवाज उठने के बावजूद विधिवत शिकायत नहीं हुई। जो लोग आवाज उठाते रहे वे एक दो बार में ही थक कर वापस भी बैठते रहे। 

भ्रष्टाचार पर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी बहुजन समाज पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी आम आदमी पार्टी कहीं ना कहीं छोटे-मोटे रूप में बोलते रहे लेकिन नगर पालिका की बैठक में जो निर्माण के प्रस्ताव आते रहे बिलों के पारित करने के प्रस्ताव आते रहे तब  किसी भी पार्षद ने भी घोटाले रोकने की कोशिश नहीं की और सब कुछ सर्वसम्मति से होता रहा। आश्चर्य होता है कि जब कोई काम खुद के हाथ में होता है वह भी नहीं किया जाए। 

नगर पालिका में दो मामले भ्रष्टाचार के खुले रूप से हुए एक में रिश्वत के केस में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने केस बनाया और अभियोजन यानी कि मुकदमा चलाने की स्वीकृति मांगी तो नगरपालिका की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया की स्वीकृति नहीं दी जाए। उस बैठक में वर्तमान विधायक जी भी उपस्थित थे। केवल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पार्षद लक्ष्मण शर्मा ने विरोध किया कि भ्रष्टाचार का मामला है इसमें बचाव क्यों किया जाए। 

एक अन्य मामले में करीब 14 लाख रुपए का गबन हुआ वह रकम भरवाली गई मगर मामला पुलिस में दर्ज नहीं करवाया गया। भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी रकम वापस वसूली कर ली जाए यह तो नियम है लेकिन मुकदमा नहीं चलाने की छूट नहीं है। यह दो गंभीर प्रकरण थे जिसमें नगर पालिका के सेवादार पार्षद अध्यक्ष और तत्कालीन और वर्तमान विधायक चुप रहे। 

नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भ्रष्टाचार के मामले में आता है तो विधायक को और पालिका के पार्षदों में अध्यक्ष को किसी भी हालत में भ्रष्टाचार का साथ नहीं देना चाहिए लेकिन नगर पालिका सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार के मामले में कार्यवाहियों को रोका गया। यह दो मामले वर्तमान बोर्ड के लिए बेहद शर्मनाक रहे हैं( ये मामले मरे नहीं है)। इन दोनों प्रकरणों के अलावा और बहुत से प्रकरणों में भ्रष्टाचार हुआ मगर लोग चुप रहे। अब नए चुनावों में खड़े होकर शहर की सेवा करने के सपने ले रहे हैं घोषणाएं कर रहे हैं,ये नए घोषणाकर्ता भी चुप रहे। इनका मुंह भी अभी दो-तीन महीनों से ही खुलने लगा है। यह लोग भी नगर पालिका में चल रहे भ्रष्टाचार पर साढे 4 साल तक गूंगे और बहरे लुले बने रहे। अब अचानक सेवा करने का संकल्प ले रहे हैं लेकिन एक भी व्यक्ति खुलेआम लिखित रूप में यह घोषणा नहीं कर रहा कि अगर वह चुनाव जीत जाता है तो किसी भी रूप में भ्रष्टाचार का सहयोगी नहीं बनेगा। न पैसा खाएगा न पैसा खाने देगा। अगर कोई भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा गया तो कानून के हवाले करने में सदा आगे रहेगा। 

नगर पालिका क्षेत्र में अगले जो चुनाव होने वाले हैं उसमें 45 पार्षद होंगे। पालिका अध्यक्ष का चुनाव संपूर्ण शहर की जनता की ओर से होगा। राजनीतिक दल जो अभी सामने है उनमें भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी ही नजर आ रहे हैं । विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई और राजस्थान की सरकार कांग्रेस की बन गई लेकिन भारतीय जनता पार्टी के 71 विधायक जीते जो किसी भी हालत में कमजोर नहीं हैं।  इसके बाद में लोकसभा आम चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने संपूर्ण राजस्थान में जीत हासिल कर ली। 24 सीटों पर भाजपा और एक पर सहयोगी जीता। कांग्रेस की बहुत बुरी हालत हुई। आगामी बोर्ड के चुनाव में भी इस स्थिति के हिसाब से ही परिणाम आने की संभावना रहेगी। लेकिन राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने से पूर्व यह सोचना होगा कि वे सेवादार के रूप में उतरते हैं या उनके दिल दिमाग में कुछ और है।


 पालिकाध्यक्ष के लिए नाम का चयन करना बहुत बड़ी बात होगी और सोच समझ कर यह चुनाव करना होगा। सूरतगढ़ नगरपालिका बोर्ड का अध्यक्ष पैसे बजट की बहुत बड़ी ताकत वाला होता है। पांच साल में करीब सात आठ सौ करोड़ का बजट( हर साल एक सौ करोड़ से ज्यादा का बजट) इस बजट पर सभी की निगाह रहती है और रहेगी।

 नगरपालिका का आने वाला बोर्ड साफ-सुथरा रहे, विकास कार्य में अग्रणी रहे यह सोच सभी की होनी चाहिए। ०००

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सूरतगढ़ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान दिवस मनाया-कौन आए?





सूरतगढ़ 23 जून 2019

भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं द्वारा "एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान" का नारा देने वाले महान शिक्षाविद, चिंतक, विचारक तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

यह आयोजन व्यापार मंडल भवन सूरतगढ़ में हुआ।

बलिदान दिवस पर अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला एवं उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी।

 विधायक रामप्रताप कासनियां, पूर्व विधायक राजेन्द्र भादू, पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, प्रदेश महामंत्री एस सी मोर्चा अशोक आसेरी,जिला मंत्री शरण पाल सिंह मान,मुरलीधर पारीक जिला उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा प्रेमप्रकाशसिंह राठौड़, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद सारस्वत,,सुभाष गुप्ता,पार्षद संतोष गिरी,बबलू सैनी,किशन भार्गव,विजय गोयल,रमेश माथुर, सुरेश सुथार,गौरव बलाना,योगेश स्वामी,सुभाष सोनगरा,सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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श्रीगंगानगर-कलक्टर व सभी एडीएम, एसडीएम, ईओ,बीडीओ की बैठक-क्यों हुई?जानें।


**विशेष समाचार- करणीदानसिंह राजपूत **
*किसी आपदा से निपटने से पूर्व आवश्यक तैयारियां जरूरी*
- मौसम विभाग आपदा के अलर्ट तत्काल प्रशासन को देवें -
* नगरपालिकाओं के वार्डों का पुनर्गठन* 
श्रीगंगानगर, 22 जून 2019.
 जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि किसी प्रकार की आपदा आने से पहले संबंधित विभागों को निपटने के लिए पूरी तैयारी एवं प्लान होना चाहिए। अत्यधिक वर्षा हो या अन्य आपदा से निपटने के लिए विभागो ंका आपसी तालमेल व समन्य जरूरी है।
जिला कलक्टर शनिवार को कलैक्ट्रेट सभाहॉल में आपदा प्रबन्धन समूह की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होने कहा कि स्थानीय निकाय व विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रा में जल भराव वाले स्थानों को स्थान चिन्हित करले। अत्यधिक वर्षा होने से मौसमी बीमारियां न फैले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को तैयारी रखनी होगी। जलसंसाधन विभाग नहरों के रख-रखाव पर ध्यान दे। घघर बैल्ट में नाली आने के कारण संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर पूर्व तैयारी रखे। 
जिला कलक्टर ने मौसम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा एवं आंधी, वर्षा इत्यादि के जो अलर्ट जारी किये जाते है, वे अलर्ट तत्काल जिला प्रशासन को मिले, जिससे आपदा से पूर्व निपटने के लिए तैयार रहे। उन्होने बताया कि अलर्ट में पांच तरह के कलर कोड दिए होते है। रेड कलर अलर्ट रहने का सकेंत देती है। 


बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष शहर में ज्यादा वर्षा होने के कारण पुरानी आबादी, सिविल लाईन तथा गुरूनानक बस्ती के घरों में विद्युत करंट आने की शिकायते मिली थी। विद्युत विभग का कहना है कि ऐसे मकान मालिक जहां करंट आने की आशंका है वे तकनीकी कार्मिकों से अपना विद्युत सिस्टम ठीक करवाए, जिससे सरसात के समय ऐसी समस्यए न आए। 
जिला कलक्टर ने सभी स्थानीय निकायों में नियंत्रण कक्ष प्रारम्भ करने तथा जल निकासी के इन्तजाम करने के साथ-साथ पम्पसैट व आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए है। जहां गहरे गढ्ढे है उन्हे पाटने या सकेंत चिन्ह लगाने की व्यवस्था की जाए। बैठक में सेना के अधिकारी ने बताया कि सेना सदैव पम्पसैट, बैग, मैन पावर, मेडिकल एवं अन्य संसाधनों के साथ तैयार रहती है तथा 15 मिनट में पहुंचने की क्षमता है। जिला कलक्टर ने कहा कि रेलवे अण्डरब्रिज में जहां पानी भरने की समस्या है, वहां शहरी क्षेत्रा में संबंधित अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र के  लिए संबंधित विकास अधिकारी जल निकासी की व्यवस्था देखेंगे। 
जिला कलक्टर ने कहा कि स्थानीय निकाय जर्जर भवनों की सूचियां तैयार कर लेवें। गोताखोरों की सूचियां, तगारी, गेंती, फावडे, पम्पसैट, रस्से, ड्रेगनलाईट मिट्टी के थेले इत्यादि की व्यवस्थाएें सुनिश्चित की जाए। उन्होने कहा कि यदि रात्रि के समय वर्षा आती है, तो टीम को रात्रि के समय से ही कम पर लगा दे। 
स्थानीय निकायों के वार्डो का पुर्नगठन
जिला कलक्टर ने श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर परिषद व नगरपालिकाओं के वार्डो का पुर्नगठन किया जाना है। इस कार्य को 4 जुलाई तक प्रस्ताव लेकर पब्लिकेशन किया जाना है। 15 जुलाई तक आपत्तियां ली जाएगी। पुर्नगठन क्षेत्र का नक्शा भी तैयार करना होगा। आपत्तियां प्राप्त होने के बाद 22 जुलाई तक प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित किये जाएंगे। 
गंगानगर नगर परिषद में 50 वार्डो की जगह 65 वार्ड, नगर पालिका सादुलशहर में 20 की जगह 25, सूरतगढ में 35 की जगह 45, रायसिंहनगर में 25 की जगह 35, गजसिंहपुर में 13 की जगह 20, विजयनगर में 20 की जगह 25, करणपुर में 20 की जगह 25, अनूपगढ में 25 की जगह 35 तथा पदमपुर में 20 वार्डो की जगह 25 वार्ड बनाए जाएंगे। 
ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन किया जाना है। आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार पुर्नगठन का कार्य सम्पादित किया जाएगा। 
अधिकारी क्षेत्र में जाए व जनसुनवाई को प्राथमिकता दे
जिला कलक्टर श्री नकाते ने कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। दौरे के दौरान विकास कार्यो की प्रगति, गुणवत्ता तथा कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण हो रहे है कि जानकारी लेनी चाहिए। उन्होने कहा कि अधिकारियों को आमजन की सुनवाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जो कार्य होने लायक है, उसमें किसी तरह का विलम्ब न करे। ग्रामीण क्षेत्र  में जहां भी पेयजल की समस्या हो, की मोनिटर्रिंग की जाए। उन्होंने कहा कि विकास अधिकारी जब भी अवकाश पर जाएं  तो उपखण्ड अधिकारी को बताकर मुख्यालय छोडें । 
जिला कलक्टर ने कहा कि सीमान्त क्षेत्र विकास योजना में करवाये जाने वाले विकास कार्यो के प्रस्ताव आगामी दो दिवस में आवश्यक रूप से मुख्य कार्यकारी जिला परिषद को दे देवें। सीमा क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए 10 लाख रूपये से अधिक की राशि के प्रस्ताव तैयार किये जाए। 
बैठक में एडीएम प्रशासन श्री ओ.पी. जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, एडीएम सतर्कता श्री राजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ0 हरितिमा, एसडीएम गंगानगर श्री मुकेश बारहठ, एसडीएम घडसाना संजू पारीक,  एसडीएम रायसिंहनगर श्री संदीप कुमार, एसडीएम करणपुर श्रीमती रीना छिंपा, पदपमुर एसडीएम श्री सुभाष, सादुलशहर एसडीएम श्री यशपाल आहूजा, अनूपगढ एसडीएम श्री एम.एम. मीणा, सूरतगढ एसडीएम श्री रामावतार कुमावत तथा एसडीएम विजयनगर सुश्री प्रियंका, सहित जिले के विकास अधिकारियों, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। 
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शनिवार, 22 जून 2019

ईओ पृथ्वीराज जाखड़ के निलंबन पर उच्च न्यायालय की रोक

21-6-2019.

राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने अधिशासी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड़, कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार और कनिष्ठ लिपिक इंद्रपाल सिंह के निलंबन पर स्थगन जारी किया है। 

स्वायत शासन विभाग ने 12 जून को इनको निलंबित किया था। 

नगरपालिका भादरा में सन 2018 में जोनल प्लान सर्वे प्रकरण में इन पर भ्रष्टाचार का आरोप की जांच के तहत निलंबन किया गया था। 

पृथ्वीराज जाखड़ को निलंबित किया गया था उस समय रावतसर में अधिशासी अधिकारी पद पर 2 दिन पहले 11 जून को ही कार्यभार ग्रहण किया था। पृथ्वीराज जाखड़ सूरतगढ़ के निवासी हैं।

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गुरुवार, 20 जून 2019

कलक्टर के आदेश से सूरतगढ़ की यह सुविधा छिन रही है-

*  हथियार लाइसेंस नवीनीकरण बंद-गंगानगर जाना पड़ेगा.*



* वकीलों, अरायजनवीसों,कम्प्यूटर आपरेटरों के रोजगार व आय पर होगा असर.*


-- करणीदानसिंह राजपूत --

 सूरतगढ़ अतिरिक्त कलेक्टर के यहां हथियारों के नवीनीकरण का कार्य कई सालों से हो रहा था। जनता की मांग पर यह सुविधा यहां शुरू की गई थी जो अब खत्म हो जाएगी और सूरतगढ़ क्षेत्र के लोगों को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर जाना पड़ेगा। उनका समय अधिक लगेगा और खर्चा भी अधिक लगेगा। उधर श्री गंगानगर मुख्यालय पर भार बढ़ जाएगा। 

 जिला कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने यह आदेश जारी किया है जो 19 जून 2019 को सूरतगढ़ पहुंच गया है। इस आदेश के तहत श्री गंगानगर भेजने वाली हथियारों की फाईलों की सूची तैयार की जाने लगी है। सूरतगढ़ इलाके में अभी इस आदेश का मालुम नहीं हुआ है जब मालुम होगा व लोग जागेगें तब तक हथियारों की फाईलें गंगानगर पहुंच चुकी होंगी। 

हथियारों के नवीनीकरण से वकीलों,अरायजनवीसों,कम्प्युटर आपरेटरों,फोटोस्टेट आदि के कार्य भी प्रभावित होंगे। काम बंद होगा तो आय बंद होगी।

 सूरतगढ़ अतिरिक्त जिला कलेक्टर के कार्यालय में 11 पुलिस थानों  सूरतगढ़ शहर, सूरतगढ़ सदर, जैतसर रायसिंहनगर,राजियासर,

श्रीबिजयनगर,समेजा कोठी,अनूपगढ़ घड़साना,रामसिंहपुर, रावला आदि थानों के क्षेत्र जुड़े हुए थे। करीब दो हजार से ज्यादा लाइसेंस यहां नवीनीकरण होते रहे हैं। 

सूरतगढ़ में एडीएम का पद काफी समय से खाली है, नियुक्ति नहीं हो रही इस कारण से भी जिला कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है। होना तो यह चाहिए था कि सरकार से अतिरिक्त जिला कलेक्टर पद पर नियुक्ति करवाई जाती क्योंकि अतिरिक्त जिला कलेक्टर के द्वारा हथियारों के नवीनीकरण के अलावा भी बहुत से काम किए जाते हैं जो पिछले करीब 6 महीने से अटके अटके पड़े हैं। 

सूरतगढ़ के नेताओं को फुर्सत न जाने कब मिलेगी। अगर नेता जनता सोती रही तो एक दिन यह पद भी यहां से छिन जाने की संभावना रहेगी। 

शहर के लोग जिला मुख्यालय की मांग कर रहे हैं मगर हालत यह हो गई कि अतिरिक्त कलेक्टर का कार्यालय भी बंद हो सकता है।

हथियारों की पत्रावलियां श्रीगंगानगर भेजी जाए इससे पहले ही इस आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए,लेकिन इसके लिए तो एक क्षण भी गंवाए बिना संगठित मांग आवाज उठे तभी संभव है।

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डीएसपी ममता सारस्वत एपीओ- मूलरूप में सूरतगढ़ वासी --


झुंझुनूं 19 जून 2019.
 * महानिदेशक पुलिस ने जारी किया था एपीओ आदेश *


* इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं। *


झुंझुनूं. सीओ सिटी ममता सारस्वत को बुधवार 19-6-2019 को एपीओ कर दिया गया है। इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक कुछ दिनों पहले कलक्ट्रेट से लेकर मंडावा मोड के बीच बजरी से भरे अवैध डंपरो को रुकवाकर बिना कार्रवाई के रवाना करने का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें सामने आया कि बजरी से भरे दो ट्रकों को रोककर दस मिनट बात कर उन्हें छोड़ दिया।साारस्वत के गनमैन कांस्टेबल सोहन व चालक महेश कलक्ट्रेट सर्किल पर बजरी से भरे हुए डंपरों को साइड में खड़ा कर लेते हैं।इसके बाद एक अन्य डंपर रोड एक से मंडावा रोड की तरफ निकलता है तो गनमैन व चालक सरकारी गाड़ी से पीछा कर उसे कलक्ट्रेट सर्किल पर रोकते े हैं कुछ देर बात करने के बाद वापस उसे छोड़ देते हैं। दोनों पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं। मामले में एसपी गौरव यादव ने गनमैन सोहन व चालक महेश को निलम्बित कर दिया था। सीओ की भूमिका के लिए पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने एएसपी नरेश कुमार मीणा को जांच के आदेश दिए थे।*

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बुधवार, 19 जून 2019

4,605 स्त्रियों की बच्चादानी निकाली गई,मंत्री द्वारा जांच के आदेश

मुंबई 19 जून 2019.

महाराष्ट्र विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे के एक बयान से सनसनी मच गई है। शिंदे के मुताबिक पिछले तीन साल में 4,605 महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एक समिति इस मामले की जांच करेगी। 


मजदूर वर्ग की ज्यादातर महिलाएं शिकार


बुनियादी रूप से यह मुद्दा शिवसेना विधायक नीलम गोर्हे ने विधान परिषद में उठाया था, उन्होंने कहा कि बीड जिले में गन्ने के खेत में काम करने वाली महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिए गए। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि माहवारी के चलते उनके काम में ढिलाई न आए। 

 

 निजी अस्पतालों में किए गए ऑपरेशन


बीड जिले के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में गठित समिति ने पाया कि ऐसे ऑपरेशन 2016-17 से 2018-19 के बीच 99 निजी अस्पतालों में किए गए। शिंदे ने सदन को बताया कि जिले में सामान्य प्रसवों की संख्या सिजेरियन की संख्या से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए, उनमें से कई गन्ना खेत में काम करने वाली मजदूर हैं। 

 

दो महीने में पेश होगी रिपोर्ट


बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने अप्रैल में इस मामले के सामने आने के बाद राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया था। जांच समिति में 3 गाइनोकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और कुछ महिला विधायक होंगी। समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।  राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों को आदेश दिया था कि वे अनावश्यक रूप से गर्भाशय न निकालें।

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पुलिस इंस्पेक्टर संजय बोथरा का मकान एसीबी द्वारा सील:नोटिस में पत्नी का भी नाम




भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा की पकड़ धकड़ के लिए एसीबी ने 19-6-2019 को बोथरा के हनुमानगढ़ में आवासन मंडल मकान को सील कर दिया। एसीबी हनुमानगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश नाथ ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय श्री गंगानगर से तलाशी वारंट लिया था। मकान में कोई रहता हुआ नहीं मिला। मकान पर ताले लगे थे, उन पर चपड़ी मोहर लगा सील कर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही नोटिस चिपकाया गया। इस नोटिस में संजय बोथरा के अलावा उनकी पत्नी का नाम भी है।

संजय बोथरा की तलाश में उसके नजदीकी रिश्तेदारों के यहां भी श्री गंगानगर, पीलीबंगा, जयपुर, जोधपुर मेंं भी एसीबी की छापेमारी हुई है।
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में फंसे बासनी के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी। एसीबी से बचने के लिए निरीक्षक बोथरा लम्बे समय से मेडिकल लीव पर चल रहे है। बोथरा ने आपराधिक विविध याचिका दायर करते हुए कोर्ट में एसीबी में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने एसीबी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
अवकाशकालीन न्यायाधीश डा.पुष्पेंद्रसिंह भाटी की एकलपीठ में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्रसिंह ने पैरवी करते हुए कहा कि बासनी थाने के सब इंस्पेक्टर गजेन्द्रसिंह को पिछले महीने रिश्वत लेते पकड़ा गया था, उस ट्रेप कार्यवाही में याचिकाकर्ता का नाम नहीं है। घटना के दिन याची की ड्यूटी सूरसागर एरिया में थी, जहां कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई थी। याची को न तो रंगे हाथों पकड़ा गया है और न ही उससे कोई बरामदगी हुई है। याची ने एक दिन पहले बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके बदले की भावना से यह कार्यवाही करवाई गई। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए एसीबी को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी
बजरी डम्पर संचालन में रिश्वत व बंधी के मामले में एसीबी ने पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा की तलाश में रातानाडा पुलिस लाइन व बोरानाडा के पास जैन एनक्लेव में दबिशें देकर छापे मारे।
दस मई को बासनी थाने में एसआई गजेन्द्रसिंह को बीस हज़ार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।

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श्रीगंगानगर के किसान परेशान हैं,भूमि रजिस्ट्रेशन में दरें बढाने से रोकें


-- करणीदानसिंह राजपूत --

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व बैठक में भाग नहीं लेने से प्रशासन को बाजार मूल्य निधारण बैठक में दरें बढाने का मौका मिल जाता है। एक दो उपस्थित जनप्रतिनिधि जिला कलेक्टर को रोक नही पाते। एक दो की आवाज पावर नहीं बना पाती।

भूमि रजिस्ट्रेशन की बाजार मूल्य निर्धारण बैठक में जिला कलेक्टर की जो ईच्छा होती है उसी के अनुरूप ही शहरों गांवों लिए बाजार मूल्य निर्धारित का प्रस्ताव पारित हो जाता है।

इस बार भूमि बाजार मूल्य निर्धारण  जिला स्तरीय समिति की बैठक जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में 20 जून 2019 को प्रातः 10.30 बजे कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई है। 

बैठक में विधायकगणों, प्रधानों, जनप्रतिनिधियों तथा पंजीयक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

सभी को मालूम है और सरकार व जिला कलेक्टर को भी भलीभांति मालूम है कि श्रीगंगानगर का किसान व्यापारी व अन्य नागरिक पानी व अन्य अभावों से बुरी तरह से परेशान है। लेकिन इसके बावजूद सरकारी प्रस्ताव बढोतरी का रखा जाएगा कि पिछली दरों से इतने प्रतिशत तो बढाने ही हैं। जनप्रतिनिधि अधिक संख्या में बैठक में पहुंच कर कलेक्टर के प्रस्ताव को नामंजूर कर अपनी शक्ति दिखा सकते हैं। होता यह है कि इस बैठक के प्रति जनप्रतिनिधि उदासीन रहते हैं और बहुत कम संख्या चार पांच भी नहीं पहुंचते। जनप्रतिनिधि इस बार 20 जून की बैठक में जनहित की बात करने के लिए कितने जागरूक रहते हैं,यह देखना है।

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मंगलवार, 18 जून 2019

वीरा केंद्र सूरतगढ़- गर्भवती बहनों को पोषक खाद्य पदार्थ दिए

महावीर  इंटरनेशनल वीरा केंद्र सुरतगढ़ ने आज अपने मुख्य प्रकल्प यशोदा योजना के तहत आंगनबाड़ी की 13 गर्भवती बहनों  को पोषक खाद्य पदार्थ दिए।संस्था हर 15 दिनों से यह प्रकल्प कर रही है।आज की इस सेवा का लाभ लिया वीरा सुमन जाखड़ ने।सुमन जी ने अपनी सालगिरह के उपलक्ष्य पर सभी गर्भवती बहनों  को दूध,दलिया,भुने चने,गुड़,घीया,केले,गट,खरबूजा आदि दिया।संस्था सदस्यों ने उन बहनों   को गर्भावस्था में रखने वाली सावधानी के बारे में बताया व उनके प्रश्नों के जवाब दिए।उन्हें कैसा खानपान होना चाहिए वो बताया।सभी बहनों ने विराओं से अपनी परेशानी साझा की तथा संतुष्ट होकर गई।साथ ही आंगनबाड़ी में आए हुए बच्चों को भी केले तथा दूध का पैकेट दिया गया।उन बच्चों  को कविता तथा डांस करने के लिए भी उत्साहित किया।उन्हें उपहार भी दिए गए।इस सेवा प्रकल्प में अध्यक्षा वीरा नीतू बैद,सचिव अंजना सिंह,अनुजा सारड़ा,सुमन जाखड़ ,खुशबू सिंह,माधव,गौरव,इशांत आदि का सहयोग रहा।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शारदा ने केंद्र की सभी बहनों  का आभार व्यक्त किया।

18-6-2019.

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दीपलाना में मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण शुरू



नोहर 18-6-2019.

तहसील की दीपलाना ग्राम पंचायत में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग व एलबीएस संस्थान, रावतसर द्वारा युवाओं एवं किसानों को उन्नत बनाने के लिए और स्वरोजगार हेतु मधुमक्खी पालन का प्रशिक्षण शुरू किया गया। इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बीस प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण के बाद सभी प्रशिक्षणार्थियों को आयोग की तरफ से प्रमाण पत्र वितरित किये जायेंगे। एलबीएस संस्थान के भान सिंह राठौड़, पवन कुमार ओझा, गफूर खान ने प्रशिक्षणार्थियों को  रोजगारोंमुखी उपयोगी जानकारी दी। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक किसानों ने भाग लिया। 

पत्रिका समूह के निदेशक मिलाप कोठारी का निधन: 'कड़वा मीठा सच्च:व 'मंथन:के लिए याद रहेंगे




-- करणीदानसिंह राजपूत --
पत्रिका समूह के निदेशक मिलापचंद कोठारी का  18 जून 2019 को सुबह निधन हो गया। राजस्थान पत्रिका में लोकप्रिय 'कड़वा मीठा सच्च' स्तंभ शुरू करने और 'मंथन' स्तंभ लिखने के लिए वे सदैव याद रहेंगे।
मिलाप कोठारी 69 वर्ष के थे। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने जयपुर में अंतिम सांस ली।
15 दिसम्बर, 1950 को जन्मे मिलाप कोठारी राजस्थान पत्रिका के संपादक और निदेशक भी रहे हैं। वे पत्रिका समूह के संस्थापक स्व. कर्पूरचंद कुलिश के छोटे पुत्र और प्रधान संपादक गुलाबचंद कोठारी के छोटे भाई थे।
शवयात्रा उनके निवास "स्वस्ति, 11, हॉस्पिटल मार्ग, सी स्कीम" से आज शाम को 5:15 बजे आदर्शनगर मोक्षधाम जाएगी।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए श्री मिलाप कोठारी के निधन पर दुःख जताया है। ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'पत्रिका ग्रुप के निदेशक श्री मिलाप कोठारी जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदना। दुःख की इस घड़ी में मेरे विचार और प्रार्थनाएँ उनके परिवार के सदस्यों के साथ हैं। ईश्वर उनके परिवार को इस दुःख की घडी करने की शक्ति प्रदान करे। दिवंगत आत्मा को शांति मिले।' 
जीवन परिचय 
मिलाप कोठारी 'सुमंत' का जन्म 15 दिसंबर 1950 को जयपुर में हुआ। उन्होंने यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि ग्रहण की लेकिन कार्यक्षेत्र पत्रकारिता को ही चुना।
वे 1977 से राजस्थान पत्रिका तथा इसके सहयोगी प्रकाशनों से संबद्ध रहे।
कोठारी ने पत्रिका के जोधपुर संस्करण के प्रबंध संपादक एवं स्थानीय संपादक सहित अन्य पदों का निर्वहन किया। इसके बाद 1988 में अंग्रेजी आर्थिक दैनिक और जुलाई 1990 में हिंदी दैनिक राजस्थान पत्रिका के संपादक का दायित्व संभाला
उन्होंने राजस्थान पत्रिका के परामर्शी एवं पत्रिका के निदेशक मंडल के सदस्य का दायित्व भी सम्भाला। राजस्थान पत्रिका में उनका देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं पर 'मंथन' पाठकों में काफी लोकप्रिय रहा है। कोठारी की 'सुमन' नाम से कुछ कविताएं भी प्रकाशित हो चुकी हैं।
मिलाप कोठारी ने सन 1990 में राजस्थान पत्रिका में कड़वा मीठा सच्च स्तंभ शुरू कराया जो बहुत लोकप्रिय हुआ। सरकार का ध्यान भी उसमें छपी सामग्री पर रहता था जिन पर सरकार निर्णय भी लेती थी। इस स्तंभ में तीन बार राज्य स्तरीय प्रथम और एक बार राज्य स्तरीय द्वितीय पुरस्कार मुझे मिले,जिन पर समारोहों में सम्मानित हुआ। 
मिलाप कोठरी सूरतगढ़ अनेक बार आए। पत्रकारिता पर बहुत चर्चाएं होती।
अन्य स्थानों जयपुर, जोधपुर उदयपुर आदि में भी मिलना और चर्चा करने का अवसर मिला। वे सदा याद रहेंगे। ( राजस्थान पत्रिका से 33 साल तक जुड़ाव रहा है।अभी भी संपर्क है)
- करणीदानसिंह राजपूत,
राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,
सूरतगढ़।
9414381356.


सोमवार, 17 जून 2019

पुलिस द्वारा सिख ड्राइवर और बेेटे की निर्दयता से पिटाई:आक्रोश व प्रदर्शन


 *पुलिसवालों ने लाठियों से पीटा, विरोध में लोगों ने किया प्रदर्शन*


* वीडियो वायरल*


दिल्ली 17 जून 2019.
 दिल्ली पुलिस का मारपीट का वीडियो हुआ वायरल फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
उत्तर पश्चिम दिल्ली के मुखर्जी नगर में रविवार को एक पुलिस वाहन और एक टेंपो चालक में हुए मामूली विवाद ने एक हिंसक मोड़ ले लिया। बताया जा रहा है कि एक पुलिस वाहन को टेंपो चालक ने टक्कर मार दी। इसके बाद पुलिस वालों ने उसे बीच सड़क जमकर पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। मामले में तीन पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। एक वीडियो में टेंपो चालक तलवार से पुलिस की ओर दौड़ता हुआ भी दिख रहा है, जबकि दूसरे में कई सारे पुलिस वाले उसपर लाठी-डंडे और लात बरसा रहे हैं। मामले में बीजेपी नेता ने सभी पुलिस के आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है।रविवार शाम 6 बजे के करीब कथित तौर पर पुलिस के वाहन से टेंपो चालक सरबजीत सिंह के वाहन की टक्कर हो गई जिसके बाद पुलिसकर्मियों और सरबजीत के बीच कहासुनी होने लगी। इस दौरान आरोप है कि के बाद टेंपो चालक ने अपनी तलवार से एक पुलिस अधिकारी पर हमला कर दिया। इसके बाद करीब दर्जन भर पुलिसकर्मियों ने सरबजीत पर धावा बोल दिया और उसे सड़क कर घसीट-घसीटकर मारना शुरू कर दिया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कई पुलिसवाले उसपर लाठियां और लातें बरसा रहे हैं। आरोप है कि इस दौरान सरबजीत के बेटे की भी पिटाई गई और दोनों को हवालात में डाल दिया गया।अकाली नेता का बयान: पुलिस की इस कार्रवाई से नाराज मुखर्जी नगर स्टेशन पर पहुंचे बीजेपी-शिअद विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “इन अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। पुलिस ने मुझे बताया कि तीन कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस को इस तरह एक आदमी को मारने का अधिकार किसने दिया? यदि आप उसे मारते हैं, तो क्या वह वापस नहीं मरेगा? इस दौरान सिरसा ने एक ट्वीट भी किया। जिसमें उन्होंने लिखा, “कल मैं पुलिस कमिश्नर से मिलूंगा और इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करूंगा। यहां तक ​​कि अगर मुझे गृह मंत्रालय या अदालत जाना पड़ता है तो मैं इन पुलिसकर्मियों को निलंबित करवाउंगा। इस घटना के बाद AAP के तिलक नगर के विधायक जरनैल सिंह भी पुलिस स्टेशन पहुंचे।दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि मुखर्जी नगर में दिल्ली पुलिस की बर्बरता बहुत निंदनीय और अनुचित है। मैं पूरी घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करता हूं।

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