रविवार, 30 जून 2019

सुशील कुमार शिंदे-कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना*

 गांधी परिवार की पहली पसंद*

कांग्रेस आलाकमान सभी नामों पर विचार करने के बाद पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे को पार्टी का अगला अध्यक्ष चुन सकता है. संडे गार्जियन में यह दावा किया है कि राहुल गांधी के उत्तराधिकारी चुनने का विमर्श अब निर्णायक स्थिति में पहुंच गया है. इसमें गांधी परिवार ने सुशील कुमार शिंदे के पक्ष में अपनी सहमति जाहिर की है. सुशील कुमार शिंदे के नाम पर सहमति बनने से पहले मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, अशोक गहलोत, जनार्दन द्विवेदी से लेकर एके एंटनी और मुकुल वासनिक तक नामों पर चर्चा की गई है. लेकिन आखिरकार गांधी परिवार के सुशील कुमार शिंदे के पक्ष में झुकने से उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो गई है. आइए जानते हैं कौन हैं सुशील कुमार शिंदे और क्यों इस वक्त अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की पहली पसंद हैं.सोनिया गांधी के नजदीकीसोनिया गांधी के करीबियों में शुमार किए जाने वाले शिंदे यूपीए शासनकाल में कई अहम पदों पर रह चुके हैं. जब महाराष्ट्र में उनके और विलासराव देशमुख के बीच मुख्यमंत्री बनने की होड़ शुरू हुई तो पार्टी ने उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बना दिया, लेकिन उन्होंने एक शब्द बोले बगैर यह पद ले लिया. इसके बाद उन्हें कांग्रेस की सरकार में केंद्र प्रमुख पदों पर बुलाया गया. शिंदे को कभी अति महत्वकांक्षी होते नहीं देखा गया. उनको लेकर यह आम धारणा है कि उन्होंने पार्टी के निर्देशों के ऊपर जाकर कभी अपनी महत्कांक्षाओं को हावी नहीं होने दिया.शिंदे ने पांच साल तक सब इंस्पेक्टर की नौकरी की हैसाल 1941 में महाराष्ट्र के एक दलित परिवार में जन्म लेने वाले सुशील कुमार शिंदे की पहली पसंद राजनीति नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपना दिमाग लॉ को समझने में लगाया. कानून की डिग्री लेने के बाद साल 1965 तक वे अपने गृह जिले सोलापुर की अदालत में वकालत करते रहे, लेकिन सरकारी नौकरी पाने की चाह में इसी दौरान उन्होंने कुछ और परीक्षाएं दी थीं. उन्हीं में एक महाराष्ट्र पुलिस की नौकरी रही. नौकरी मिलते ही उन्होंने स्वीकार की और पांच साल तक खाकी वर्दी पहनकर महाराष्ट्र की खाक छानते रहे. हालांकि किस्मत को कुछ और ही मंजूर था.शरद पवार ने इस खाकी वर्दी हटवाकर पहनवाया था सफेद कुर्तामहाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार ने उनकी प्रतिभा पहचानते हुए उन्हें 1971 में उन्हें कांग्रेस पार्टी में ले आए. हालांकि आज शरद पवार खुद की राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (NCP) बनाकर कांग्रेस अलग हो गए, लेकिन सुशील कुमार शिंदे कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए सबसे अहम दावेदार हो गए हैं.शरद पवार से अब भी रिश्ते बेहद मधुरसुशील कुमार शिंदे के कांग्रेस अध्यक्ष पद पर सबसे मजबूत दोवदार बनने और कांग्रेस आलाकमान की पहली पसंद बनने के लिए पीछे अहम कारण आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव भी है. कांग्रेस चाहती है कि अगामी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना को टक्कर देने के लिए एनसीपी और कांग्रेस साथ मैदान में उतरे. इसके लिए सुशील कुमार शिंदे सबसे मुफीद शख्स हैं, क्योंकि आज भी एनीसीपी चीफ शरद पवार से उनके रिश्ते बेहद मधुर हैं.कांग्रेस के कोष में महाराष्ट्र का बेहद अहम योगदानपिछले विधानसभा चुनाव में महाराष्ट्र के कांग्रेस के हाथ निकलने से पार्टी को भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी फंड में महाराष्ट्र ने हमेशा अहम भूमिका अदा की है. ऐसे में कांग्रेस को संजीवनी महाराष्ट्र से ही मिलने की उम्मीद है. ऐसे में पार्टी महाराष्ट्र में मजबूत होने की किसी भी गुजाइश को हाथ जाने नहीं देना चाहती. ऐसे में कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर सुशील कुमार शिंदे का दलित चेहरा आगामी विधानसभा चुनाव में एक बड़ी रणनीति साबित हो सकती है.केंद्रीय गृहमंत्री और महाराष्ट्र के सीएम रह चुके हैं शिंदेपुलिस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदने के बाद सुशील कुमार शिंदे ने कभी उलटकर नहीं देखा. उनकी सियासी पारी विधानसभा चुनाव लड़ने से हुई. इस क्रम में वे पांच बार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. साल 1992 में शिंदे को कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था. इसके बाद शिंदे ने 1999 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीता और संसद पहुंच गए.इसी रास्ते वह 18 जनवरी 2003 को महाराष्ट्र के सीएम बने गए. हालांकि उनका कार्यकाल 4 नवंबर 2004 तक ही रहा. इसके बाद उनके और विलासराव देशमुख के बीच सीएम पद की होड़ शुरू हो गई. तब आलाकमान ने सुशील कुमार शिंदे को वहां हटाना उचित समझा. साल 2004 में ही उन्हें आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाकर भेज दिया गया.हालांकि तब यह एक बड़ा फैसला था. शिंदे युवा थे, उनके अपने समर्थक थे, वे चाहते तो सीएम पद के लिए अड़ सकते थे. लेकिन आलाकमान के एक पत्र पर वे सीएम की गद्दी का मोह छोड़ आंध्र प्रदेश में जाकर राज्यपाल की गद्दी संभाल लिए थे.उपराष्ट्रपति पद के भी थे उम्मीदवार, दो बार से हार रहे हैं लोकसभा चुनावइससे पहले 2002 में परिस्थितियां ऐसी बनी थीं कि शिंदे को यूपीए ने उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बना दिया. हालांकि एनडीए के प्रत्याशी भैरों सिंह शेखावत से वे चुनाव में हार गए थे. इसके बाद मनमोहन सिंह सरकार में शिंदे को केंद्र बुला लिया गया. पहले 2009 से 2012 तक वे देश के ऊर्जा मंत्री बने. जबकि यूपीए के दूसरे कार्यकाल में वे 31 जुलाई 2012 से 26 मई 2014 तक केंद्रीय गृहमंत्री रहे. इसके अलावा वे शिंदे महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. हालांकि 2014 और 2019 दो बार से उन्हें आम चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है.

शुक्रवार, 28 जून 2019

शिक्षा क्षेत्र में योगदान-श्रीगंगानगर जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2019.



श्रीगंगानगर, 28 जून 2019.

नोजगे पब्लिक स्कूल ओडिटोरियम में जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2019 आयोजित हुआ।

 इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने कहा कि भामाशाहों ने शिक्षण संस्थाओं में सहयोग राशि देकर निर्माण व विकास के कार्य करवाये है, वे सभी धन्यवाद के पात्र है। उन्होंने कहा कि हमारे ग्रंथों में शिक्षा के दान को सबसे बड़ा माना गया है। इसलिये शिक्षण संस्थाओं में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

आयोजित समारोह में श्री श्योचंदराम पुत्र श्री सरदाराराम द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रामसराजाखडान में 2.25 लाख रूपये की राशि से मुख्य दरवाजे का निर्माण करवाया गया। 

श्री निरंजन सिंह पुत्र श्री हरभजन सिंह द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 9 जैड में 14 लाख 21 हजार 933 रूपये का सहयोग से विद्यालय की चारदीवारी व अन्य कार्य करवाए गए।

 साहबराम चाहर पुत्र श्री अर्जुनराम चाहर द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ठुकराना में 10 लाख एक हजार 400 रूपये का सहयोग एवं मंच फर्नीचर में सहयोग दिया गया। 

डॉ0 नगेन्द्र कौर पत्नि श्री बरजीत सिंह ग्रेवाल द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सादुलशहर में 1.15 लाख रूपये का सहयोग दिया गया। सिमरजीत कौर पत्नि श्री बोहड सिंह द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 6 पी में एक लाख 88 हजार 800 रूपये का सहयोग, 

श्रीमती भागवंती पारीक द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय 90 जीबी में 1 लाख 50 हजार रूपये की राशि से इंटरलोकिंग निर्माण में सहयोग दिया गया, इसलिए इनका सम्मान होगा। शाला प्रेरक सम्मान श्री लालचंद शर्मा लालगढ जाटान को दिया गया। 

आयोजित समारोह में भामाशाह और प्रेरकों को राजकीय विधालयों में शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक वातावरण में भौतिक निर्माण के लिये संसाधन जुटाने व आर्थिक सहयोग देने के लिये सम्मान दिया जाता है। आयोजित समारोह में जिला कलक्टर श्री नकाते व कार्यक्रम  के मुख्य अतिथि द्वारा भामाशाहों का शॉल उढाकर, नारियल, प्रशास्ति पत्र व सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नोजगे पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर श्रीमती सुरेन सुदन, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी श्री हरचंद गोस्वामी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक श्री सुख महेन्द्र सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारम्भिक श्री दयाचंद बंसल, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुरेन्द्र सोनी सहित शिक्षण गण व भामाशाह व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 




सूरतगढ़ सीवरेज में 2,78,64,150रू घोटाले का आरोप-2पार्षदों की शिकायत सीएम को*

-- माकपा और कांग्रेस के पार्षदों की शिकायत --


^ करणी दान सिंह राजपूत ^

नगर पालिका सूरतगढ़ के कांग्रेस पार्टी के पार्षद विनोद पाटनी व मार्क्स कम्युनिस्ट पार्टी के पार्षद लक्ष्मण शर्मा  ने मुख्यमंत्री को शिकायत की है कि नगर पालिका सूरतगढ़ ने सीवरेज कार्य निर्माण में 2 करोड़ 78 लाख 64 हजार 150 रू का भारी घोटाला किया है।


 इस घोटाले की जांच करवाने के लिए 27 जून 2019 को यह शिकायत की गई है जिसमें कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जांच कराने की मांग की गई है।

1- आरोप लगाया गया है कि सीवरेज कार्य निर्माण के दौरान 4763 सेफ्टी टैंक समतल कराई गई इस समतलीकरण के नाम पर नगर पालिका के अभियंताओं और प्रशासनिक अधिकारी द्वारा 1 करोड़ 60 लाख 98हजार 940 रू का भुगतान किया गया। मेजरमेंट बुक में कहीं भी कोई जगह दर्ज नहीं की गई और ना ही शहर में कोई सेफ्टी टैंक खाली कराए गए। 

2- सीवरेज कार्य निर्माण के तहत सूरतगढ़ शहर में 31 किलोमीटर पाइप लाइन डालने का भुगतान किया गया। यह भुगतान 96 लाख 42हजार 456 रुपए का है,जबकि शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सीवरेज सिस्टम से पहले ही वार्डों में पीने के पानी के पाइप डाले हुए थे।

3- जी आई पाइप 15 एमएम डाया के  14 से 15 किलोमीटर का भुगतान 21 लाख 22 हजार 700 रुपए का किया गया है जबकि शहर के लोगों द्वारा खुद के खर्चे पर जी आई पाइप डलवाए गए।


  इन तीनों पर जांच कराने की मांग की गई है। 

इसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्टर श्री गंगानगर, उपखंड अधिकारी सूरतगढ़ और अधिशासी अधिकारी नगरपालिका सूरतगढ़ को भी दी गई है। शिकायत कर्ताओं में सावित्री स्वामी, किशन स्वामी, मदन ओझा के भी नाम हैं। 


( नगरपालिका के ईओ की स्वीकृति बिना कोई भी भुगतान नहीं होता। मुख्य मंत्री को शिकायत करने के बाद ईओ, उपखंड अधिकारी को प्रति देने का क्या अर्थ है? बोर्ड का कार्य काल दो तीन माह का ही बचा है तब शिकायत हुई है।पहले सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करवाने मेंं साथ रहे।)


सूरतगढ़ में सीवरेज सिस्टम निर्माण में शुरू से लेकर अब तक घोटालों के आरोप और गलत निर्माण के आरोप लगते रहे हैं। अभी भी निर्माण अधूरा सा पड़ा है। सीवरेज के सड़कों से ऊंचे मेनहोल दुर्घटना के कारण बने हुए हैं। कई जगह मेनहोल धरातल से नीचे हैं। 

समाचार पत्रों और चैनलों पर स्पेशल रिपोर्ट कई बार आ चुकी हैं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को की गई शिकायत पर जांच से असलियत सामने आएगी।

*****




गुरुवार, 27 जून 2019

स्वास्थ्य विभाग की जिलास्तरीय बैठक में किन पर एक्शन लेने का निर्देश हुआ



श्रीगंगानगर, 26 जून ,2019.
स्वास्थ्य विभाग की जिलास्तरीय बैठक में जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले हर मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिले। परिस्थितियां चाहें कैसी भी हो लेकिन हमारा कर्तव्य है कि आमजन को कोई समस्या न हो।
 जिला कलक्टर नकाते बुधवार को कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में  माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों की पालना में सभी प्रसव कक्षों के हालात अच्छे होने चाहिए। गंदगी, अस्वच्छता, टूटी खिड़कियां, फटे पर्दे आदि अव्यवस्थाएं किसी भी सूरत में नहीं होनी चाहिए। सभी संबंधित पीएचसी व सीएचसी प्रभारी नियमित निरीक्षण करें और बीसीएमओ प्रति माह अपने अधीन आने वाले प्रसव कक्षों का निरीक्षण अवश्य करें और इस दौरान अव्यवस्था मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाही करें। स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए जिलास्तरीय अधिकारी भी नियमित रूप से सेक्टर व ब्लॉक लेवल की बैठकों में भाग लें। जिला टीकाकरण में पिछडऩे पर उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सघन मोनिटरिंग करें एवं प्रतिमाह सीएचसी, पीएचसी व ब्लॉक स्तर की रैंक बनाएं ताकि पिछडऩे वाले स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। उन्होंने जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों के निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए एनएचएम अभियंता को सख्त निर्देश दिए। सबसे कम व उच्च प्रगति की समीक्षा करते हुए सीएचसी सूरतगढ़ के प्रभारी को नोटिस देने व पीएचसी बख्तावरपुरा के प्रभारी के बैठक में अनुपस्थित होने पर चार्जशीट देने के निर्देश दिए। इसी तरह सूरतगढ़ में ववाक इन इंट्रव्यू के लगे डॉक्टर के लगातार अनुपस्थित रहने पर हटाने की अनुशंसा करने के निर्देश प्रभारी अधिकारी को दिए। जिला कलैक्टर ने निर्देश दिए कि जहां प्रसव कम हो रहे हैं और स्टाफ ज्यादा है उन्हें अधिक प्रसव वाले केंद्रों पर नियुक्त करें। सीएमएचओ डॉ0 नरेश बंसल ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मौसमी बीमारियों के प्रति सतर्क रहें, आमजन को जागरूक करते हुए एंटीलार्वल गतिविधियां शुरू करें। इसके साथ ही मिजल-रूबेला अभियान की बैठकें व प्रशिक्षण समय पर करवाएं ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। बैठक में एनसीडी अनुभाग की ओर से तैयार पुस्तिका का विमोचन भी जिला कलेक्टर सहित विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया।
 आयोजित बैठक में सीएमएचओ डॉ0 पीएमओ डॉ केएस कामरा, जिला एनएचएम टीम, सभी बीसीएमओ, बीपीएम सहित सबसे कम व उच्च प्रगति वाले तीन-तीन चिकित्सा संस्थानों के चिकित्सा प्रभारी मौजूद रहे। 

बुधवार, 26 जून 2019

सूरतगढ़ इलाके में आधी रात को आंधी और तेज बरसात


* करणीदानसिंह राजपूत *सूरतगढ़ में 26 जून को चिलचिलाती गर्मी के बाद रात्रि 11:30 बजे तेज आंधी के साथ तेज वर्षा शुरू हुई है। वर्षा कितनी देर तक रहती है,यह तो बाद में ही पता चल पाएगा लेकिन गर्मी से राहत जरूर मिल गई है।

मंगलवार, 25 जून 2019

आपातकाल लोकतंत्र सेनानी सम्मान फाईलों पर कलक्टर गंगानगर कार्रवाई नहीं करता, लोकतंत्र रक्षकों के प्रति अलोकतांत्रिक रवैया।


सूरतगढ़ 25 जून 2019.
आपातकाल 1975 का विरोध कर देश में फिर से संविधान और लोकतंत्र स्थापित करने वाले देशभक्तों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकतंत्र रक्षक बताते हुए सराहना की है,वहीं श्री गंगानगर के जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने अपनी मनमर्जी और अलोकतांत्रिक रवैया अपनाते हुए लोकतंत्र सेनानियों की फ़ाइलें काफी महीनों से रोक रखी है जिससे उन्हें लोकतंत्र सेनानी का सम्मान मिलने में बाधा आ रही है। 
लोकतंत्र रक्षा सेनानी संघ राजस्थान के संयोजक करणी दान सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि जिला कलेक्टर को बार-बार पत्रों से आग्रह करने के बावजूद भी फाइलों के निस्तारण के लिए बैठक आयोजित नहीं की जा रही है।
राजपूत ने कहा कि श्रीगंगानगर कलेक्टर के पास केवल 10 पत्रावलिया हैं,जिसमें एक आवेदक का सम्मान लिए बिना निधन हो गया है और इनमें भी 4 आवेदन महिलाओं के हैं, जिनके पति संसार छोड़ गए। आवेदकों की आयु भी 70 से 85 साल की है। 
पिछले 6 माह में एक बार भी इन पत्रावलियों पर जिला कलेक्टर ने गौर नहीं किया। 
राजपूत ने कहा है कि आपातकाल में लोकतंत्र की रक्षा करने वालों के दस्तावेजों में जेल अवधि का प्रमाण पत्र और पुलिस का वेरिफिकेशन हो चुका है। इसके बाद में केवल जिला कलेक्टर को बैठक आयोजित करनी है जिसमें दो अन्य सदस्यों में जेल अधीक्षक और समाज कल्याण अधिकारी हैं। यह कुछ दिनों में सम्पन्न होने वाला कार्य है तथा फाईलें भी कम हैं।
जिला कलेक्टर को अनेक पत्र दिए जा चुके हैं लेकिन उन्होंने किसी भी पत्र का उत्तर भी नहीं दिया है। 
राजपूत ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों में सीआरपीसी में बंद रहे लोगों को भी शामिल किए जाने की अधिसूचना  राजस्थान की भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने सन दो हजार अट्ठारह में की उसके बाद अनेक जिलों में लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि मिलने लगी है। श्रीगंगानगर कलेक्टर ने अपने अलोकतांत्रिक रवैया से फाइलें रोक रखी है,जबकि वर्तमान सरकार कांग्रेस की है और उसने किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई है और ना ही फाइल रोकने का कोई निर्देश जिला कलेक्टर आदि को दिया है। कांग्रेस के राज में भी अन्य जिलों में कार्य हुआ है लोकतंत्र सेनानी सम्मान और सम्मान निधि प्रदान की गई है अन्य जिलों के दस्तावेज आदि के फोटो व सूचनाएं जिला कलेक्टर श्री गंगानगर को भिजवाई जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने लोकतंत्र सेनानी सम्मान की पत्रावलियों को आगे कार्यवाही करते हुए निस्तारित नहीं किया।
राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अनेक नेता गण लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते हैं इसी तरह से श्रीगंगानगर जिला कलेक्टर को भी प्रजातंत्र का सम्मान करते हुए आपातकाल लोकतंत्र सेनानियों की पत्रावलियों पर कार्यवाही करते हुए सम्मान दिया जाना चाहिए, ताकि जिला मुख्यालय के स्वतंत्रता दिवस समारोह 2019 में वे भी ससम्मान भाग ले सकें। 
******
मैं आपातकाल में जेल में सवा चार माह तक रहा था। अखबार सेंसर, जब्त हुआ।
सूरतगढ़ में 26 -6-1975 को विरोध में सभा हुई।
****
करणी दानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
सूरतगढ़।

मानव तस्करी का बड़ा मामला-सूरतगढ़ में 18 बंधक मुक्त कराए गए-

 -- करणी दान सिंह राजपूत --

सूरतगढ़ आजकल मानव तस्करी के मामलों में चर्चित हो रहा है। सिटी पुलिस थाने के थानाअधिकारी निकेत कुमार पारीक के नेतृत्व में 24 जून की शाम को औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर बंधक बनाए गए और मारपीट कर काम करवाएं जा रहे अट्ठारह बालकों को बहुत बुरी हालत से मुक्त करवाया गया।

 निकेत कुमार पारीक को गुप्त सूचना मिली थी की औद्योगिक क्षेत्र वार्ड नंबर 8 के एक मकान में अनेक बच्चे बंधक बनाकर रखे गए हैं और उनसे मारपीट करके जबरदस्ती चूड़ियां बनवाने का कार्य करवाया जा रहा है। 

सूचना पर रात को करीब 8:30 बजे उस मकान पर छापा मारा गया।

मोहम्मद आमाद का यह मकान है जो मोहम्मद अकबर पुत्र मुस्किम को किराए पर दिया हुआ है। मोहम्मद अकबर इन छोटे-छोटे बच्चों से जबरन काम करवाता था। पुलिस ने मकान मालिक मोहम्मद अहमद और मोहम्मद अकबर दोनों पर मानव तस्करी का धारा 370 में मामला दर्ज किया है। 

(पुलिस नेअट्ठारह बच्चों को मुक्त करवाया है कानून के अनुसार उन नाबालिक बच्चों के नाम और फोटो आदि नहीं दिए जा सकते।)

पुलिस आगे की कार्यवाही करने में जुटी है।

 थाना अधिकारी के अनुसार इन बालकों से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। चूड़ियां बनाने के काम में इनको लगाया हुआ था। काम अच्छा नहीं होने पर पिटाई करना दंड देना सामान्य बात थी।अक्सर पिटाई होती रहती थी।एक ही कमरे में 18 बच्चों का रहना खाना सोना सब कुछ था। इन बच्चों को बाहर निकलने की छूट नहीं थी। ये बालक कहां के हैं? इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

 सूरतगढ़ में करीब 4 माह से चूड़ियां बनाने का कार्य चल रहा था। पुलिस के अनुसार चूड़ियां बनाने का कार्य पहले श्रीगंगानगर चल रहा था लेकिन वहां पर सख्ती होने के बाद मोहम्मद अकबर सूरतगढ़ आया और सूरतगढ़ में मकान किराए पर लेकर यह कार्य कराने लगा जिसमें छोटे छोटे बच्चों को जबरदस्ती काम में लगाया हुआ था। पुलिस का कहना है कि जिन बच्चों के साथ मारपीट हुई है और उन सभी का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और गहन पूछताछ की जाएगी।

मोहम्मद अकबर( 25 वर्ष) बिहार के वजीदपुरा गया का निवासी है। अभी यही मालूम हो रहा है कि बच्चे भी बिहार से लाए गए हैं। मानव तस्करी के लिए जो मकान किराए पर होता है, उसका मालिक भी मुकदमे में आरोपी होता है।

मानव तस्करी के प्रकरण में 10 साल,उम्र कैद या संपूर्ण जीवन की कैद की सजा हो सकती है।

*******





सोमवार, 24 जून 2019

भाजपा राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का निधन-राजनैतिक यात्रा



जयपुर:24-6-2019.
भारतीय जनता पार्टी के राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी का आज 24-6-2019 को निधन हो गया. वे कई दिनों से बीमार चल रहे थे। उन्हें शुक्रवार को दिल्ली एम्स में उपचार के लिए लाया गया था. हाल ही में मदनलाल सैनी के फेफड़ों में इंफेक्शन की शिकायत सामने आई थी. इससे पहले तबीयत ज्यादा खराब होने पर मदनलाल सैनी को जयपुर में मालवीय नगर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. 
मदनलाल सैनी के निधन से भाजपा में शोक की लहर है. शुक्रवार को प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे  मदन लाल सैनी से मुलाकात करने अस्पताल पहुंची थी।  राजे ने मदनलाल सैनी के पास कुछ देर रुककर उनसे बातचीत की।  उनके हाल जाने। वसुंधरा राजे ने सैनी का उपचार कर रहे डॉक्टर्स ने उनके स्वास्थ्य के बारे में चर्चा की।
मदनलाल सैनी की राजनैतिक यात्रा
वे मूलत: सीकर जिले की मालियों की ढाणी निवासी सैनी राजनीति में आने से पहले भारतीय मजूदर संघ (भामस) से लंबे समय तक जुड़े रहे थे.
सैनी ने राजनीति के लिए सीकर मुख्यालय से सटे माली बहुल झुंझुनूं के उदयपुवाटी विधानसभा (पूर्व में गुढ़ा) को चुना था.
1990 में लड़ा था पहला चुनाव
सैनी ने वर्ष 1990 में अपना पहला चुनाव उदयपुरवाटी विधानसभा क्षेत्र से लड़ा था और वे इसमें विजयी रहे. उसके बाद वे संगठन में भी सक्रिय हुए और 1991 में एक साल बीजेपी के झुंझुनूं जिलाध्यक्ष रहे. वहीं से संगठन में पदोन्नत होकर प्रदेश मंत्री बने तो जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. बाद में ओमप्रकाश माथुर के अध्यक्ष काल में वे प्रदेश महामंत्री रहे. बेहद साधारण जीवन शैली अपनाने वाले सैनी हमेशा बस में सफर करते रहे हैं.
लोकसभा चुनाव में भी आजमाया था भाग्य
सैनी ने दो बार लोकसभा चुनाव में भी भाग्य आजमाया था, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए. सैनी ने 1993 में कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे शीशराम ओला के सामने झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए. उसके बाद सैनी ने 1998 में फिर लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन सफल नहीं हुए. सैनी ने 2008 में उदयपुरवाटी से विधानसभा का चुनाव लड़ा, लेकिन सफल नहीं हो पाए. इस दौरान सैनी ने संगठन में अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी.
लंबे समय से हैं अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे
सैनी लंबे समय तक बीजेपी अनुशासन समिति के अध्यक्ष रहे हैं. सैनी वर्तमान में राज्यसभा सांसद भी थे. सैनी की ससुराल झुंझुनूं के जिले के नवलगढ़ में है. उनके पांच पुत्रियां और एक पुत्र है. पुत्र मनोज सैनी पेशे से वकील हैं. वे हाईकोई में वकालत करते हैं.

रविवार, 23 जून 2019

5 साल मेंं 7-8 सौ करोड़ के बजटवाली पालिका का अध्यक्ष कौन होगा?


^^^^ सूरतगढ़ में आएंगे नए सेवादार

पैंतालीस पार्षद और एक अध्यक्ष! ^^^^


--- वर्तमान बोर्ड कैसा रहा है? भ्रष्टाचार का हिमायती या विरोधी?  ---

सूरतगढ़ शहर के निवासियों को खुश होना चाहिए कि आने वाले कुछ महीनों के बाद उनकी सेवा चाकरी करने कराने वाले पार्षद 35 से बढ़कर 45 हो जाएंगे। इनके अलावा जनता से सीधे चुने हुए नगर पालिका अध्यक्ष और विधायक भी होंगे। 

वर्तमान में 35 पार्षद और उन्हीं में से चुने हुए पालिकाध्यक्ष का कार्यकाल अच्छा रहा,बुरा रहा या सामान्य रहा का आकलन शहर की जनता ने अवश्य ही किया होगा।लोग जागरूक हो तो बहुत कुछ सेवा करवा सकते हैं,नहीं तो पार्षदों के चक्कर काटकर उल्टी सेवा करने पड़ जाती है।


 नगर पालिका मैं विभिन्न कार्यों में भ्रष्टाचार घटिया निर्माण आदि की शिकायतें होती रही है लेकिन कोई भी व्यक्ति जांच एजेंसियों के पास नहीं पहुंचा और केवल भाषण बाजी अखबार बाजी होती रही। आजकल सोशल साइट्स पर सब कुछ भड़ास निकाली जाती रही है लेकिन उससे ना भ्रष्टाचार रुका और ना ही जनता को कोई लाभ मिल पाया। 

वर्तमान बोर्ड भारतीय जनता का बोर्ड कहलाता है भारतीय जनता पार्टी की श्रीमती काजल छाबड़ा अध्यक्ष हैं। भारतीय जनता पार्टी के पार्षदों के अलावा कांग्रेस के 5 पार्षद और निर्दलीय पार्षद काफी संख्या में जीते हुए थे लेकिन बड़े-बड़े भ्रष्टाचारों पर आवाज उठने के बावजूद विधिवत शिकायत नहीं हुई। जो लोग आवाज उठाते रहे वे एक दो बार में ही थक कर वापस भी बैठते रहे। 

भ्रष्टाचार पर भारतीय जनता पार्टी कांग्रेस पार्टी बहुजन समाज पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी आम आदमी पार्टी कहीं ना कहीं छोटे-मोटे रूप में बोलते रहे लेकिन नगर पालिका की बैठक में जो निर्माण के प्रस्ताव आते रहे बिलों के पारित करने के प्रस्ताव आते रहे तब  किसी भी पार्षद ने भी घोटाले रोकने की कोशिश नहीं की और सब कुछ सर्वसम्मति से होता रहा। आश्चर्य होता है कि जब कोई काम खुद के हाथ में होता है वह भी नहीं किया जाए। 

नगर पालिका में दो मामले भ्रष्टाचार के खुले रूप से हुए एक में रिश्वत के केस में भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने केस बनाया और अभियोजन यानी कि मुकदमा चलाने की स्वीकृति मांगी तो नगरपालिका की बोर्ड बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया की स्वीकृति नहीं दी जाए। उस बैठक में वर्तमान विधायक जी भी उपस्थित थे। केवल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के पार्षद लक्ष्मण शर्मा ने विरोध किया कि भ्रष्टाचार का मामला है इसमें बचाव क्यों किया जाए। 

एक अन्य मामले में करीब 14 लाख रुपए का गबन हुआ वह रकम भरवाली गई मगर मामला पुलिस में दर्ज नहीं करवाया गया। भ्रष्टाचार के मामले में सरकारी रकम वापस वसूली कर ली जाए यह तो नियम है लेकिन मुकदमा नहीं चलाने की छूट नहीं है। यह दो गंभीर प्रकरण थे जिसमें नगर पालिका के सेवादार पार्षद अध्यक्ष और तत्कालीन और वर्तमान विधायक चुप रहे। 

नगर पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव भ्रष्टाचार के मामले में आता है तो विधायक को और पालिका के पार्षदों में अध्यक्ष को किसी भी हालत में भ्रष्टाचार का साथ नहीं देना चाहिए लेकिन नगर पालिका सूरतगढ़ में भ्रष्टाचार के मामले में कार्यवाहियों को रोका गया। यह दो मामले वर्तमान बोर्ड के लिए बेहद शर्मनाक रहे हैं( ये मामले मरे नहीं है)। इन दोनों प्रकरणों के अलावा और बहुत से प्रकरणों में भ्रष्टाचार हुआ मगर लोग चुप रहे। अब नए चुनावों में खड़े होकर शहर की सेवा करने के सपने ले रहे हैं घोषणाएं कर रहे हैं,ये नए घोषणाकर्ता भी चुप रहे। इनका मुंह भी अभी दो-तीन महीनों से ही खुलने लगा है। यह लोग भी नगर पालिका में चल रहे भ्रष्टाचार पर साढे 4 साल तक गूंगे और बहरे लुले बने रहे। अब अचानक सेवा करने का संकल्प ले रहे हैं लेकिन एक भी व्यक्ति खुलेआम लिखित रूप में यह घोषणा नहीं कर रहा कि अगर वह चुनाव जीत जाता है तो किसी भी रूप में भ्रष्टाचार का सहयोगी नहीं बनेगा। न पैसा खाएगा न पैसा खाने देगा। अगर कोई भ्रष्टाचार करते हुए पकड़ा गया तो कानून के हवाले करने में सदा आगे रहेगा। 

नगर पालिका क्षेत्र में अगले जो चुनाव होने वाले हैं उसमें 45 पार्षद होंगे। पालिका अध्यक्ष का चुनाव संपूर्ण शहर की जनता की ओर से होगा। राजनीतिक दल जो अभी सामने है उनमें भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी ही नजर आ रहे हैं । विधानसभा चुनाव 2018 में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई और राजस्थान की सरकार कांग्रेस की बन गई लेकिन भारतीय जनता पार्टी के 71 विधायक जीते जो किसी भी हालत में कमजोर नहीं हैं।  इसके बाद में लोकसभा आम चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने संपूर्ण राजस्थान में जीत हासिल कर ली। 24 सीटों पर भाजपा और एक पर सहयोगी जीता। कांग्रेस की बहुत बुरी हालत हुई। आगामी बोर्ड के चुनाव में भी इस स्थिति के हिसाब से ही परिणाम आने की संभावना रहेगी। लेकिन राजनीतिक दलों को अपने प्रत्याशी मैदान में उतारने से पूर्व यह सोचना होगा कि वे सेवादार के रूप में उतरते हैं या उनके दिल दिमाग में कुछ और है।


 पालिकाध्यक्ष के लिए नाम का चयन करना बहुत बड़ी बात होगी और सोच समझ कर यह चुनाव करना होगा। सूरतगढ़ नगरपालिका बोर्ड का अध्यक्ष पैसे बजट की बहुत बड़ी ताकत वाला होता है। पांच साल में करीब सात आठ सौ करोड़ का बजट( हर साल एक सौ करोड़ से ज्यादा का बजट) इस बजट पर सभी की निगाह रहती है और रहेगी।

 नगरपालिका का आने वाला बोर्ड साफ-सुथरा रहे, विकास कार्य में अग्रणी रहे यह सोच सभी की होनी चाहिए। ०००

**********






सूरतगढ़ में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी का बलिदान दिवस मनाया-कौन आए?





सूरतगढ़ 23 जून 2019

भाजपा नेताओं कार्यकर्ताओं द्वारा "एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान" का नारा देने वाले महान शिक्षाविद, चिंतक, विचारक तथा राष्ट्र की एकता और अखण्डता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

यह आयोजन व्यापार मंडल भवन सूरतगढ़ में हुआ।

बलिदान दिवस पर अनेक वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डाला एवं उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी।

 विधायक रामप्रताप कासनियां, पूर्व विधायक राजेन्द्र भादू, पूर्व विधायक अशोक नागपाल, नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल छाबड़ा, प्रदेश महामंत्री एस सी मोर्चा अशोक आसेरी,जिला मंत्री शरण पाल सिंह मान,मुरलीधर पारीक जिला उपाध्यक्ष, युवा मोर्चा प्रेमप्रकाशसिंह राठौड़, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विनोद सारस्वत,,सुभाष गुप्ता,पार्षद संतोष गिरी,बबलू सैनी,किशन भार्गव,विजय गोयल,रमेश माथुर, सुरेश सुथार,गौरव बलाना,योगेश स्वामी,सुभाष सोनगरा,सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

*****

श्रीगंगानगर-कलक्टर व सभी एडीएम, एसडीएम, ईओ,बीडीओ की बैठक-क्यों हुई?जानें।


**विशेष समाचार- करणीदानसिंह राजपूत **
*किसी आपदा से निपटने से पूर्व आवश्यक तैयारियां जरूरी*
- मौसम विभाग आपदा के अलर्ट तत्काल प्रशासन को देवें -
* नगरपालिकाओं के वार्डों का पुनर्गठन* 
श्रीगंगानगर, 22 जून 2019.
 जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि किसी प्रकार की आपदा आने से पहले संबंधित विभागों को निपटने के लिए पूरी तैयारी एवं प्लान होना चाहिए। अत्यधिक वर्षा हो या अन्य आपदा से निपटने के लिए विभागो ंका आपसी तालमेल व समन्य जरूरी है।
जिला कलक्टर शनिवार को कलैक्ट्रेट सभाहॉल में आपदा प्रबन्धन समूह की बैठक में आवश्यक निर्देश दे रहे थे। उन्होने कहा कि स्थानीय निकाय व विकास अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रा में जल भराव वाले स्थानों को स्थान चिन्हित करले। अत्यधिक वर्षा होने से मौसमी बीमारियां न फैले, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को तैयारी रखनी होगी। जलसंसाधन विभाग नहरों के रख-रखाव पर ध्यान दे। घघर बैल्ट में नाली आने के कारण संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर पूर्व तैयारी रखे। 
जिला कलक्टर ने मौसम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा एवं आंधी, वर्षा इत्यादि के जो अलर्ट जारी किये जाते है, वे अलर्ट तत्काल जिला प्रशासन को मिले, जिससे आपदा से पूर्व निपटने के लिए तैयार रहे। उन्होने बताया कि अलर्ट में पांच तरह के कलर कोड दिए होते है। रेड कलर अलर्ट रहने का सकेंत देती है। 


बैठक में विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गत वर्ष शहर में ज्यादा वर्षा होने के कारण पुरानी आबादी, सिविल लाईन तथा गुरूनानक बस्ती के घरों में विद्युत करंट आने की शिकायते मिली थी। विद्युत विभग का कहना है कि ऐसे मकान मालिक जहां करंट आने की आशंका है वे तकनीकी कार्मिकों से अपना विद्युत सिस्टम ठीक करवाए, जिससे सरसात के समय ऐसी समस्यए न आए। 
जिला कलक्टर ने सभी स्थानीय निकायों में नियंत्रण कक्ष प्रारम्भ करने तथा जल निकासी के इन्तजाम करने के साथ-साथ पम्पसैट व आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए है। जहां गहरे गढ्ढे है उन्हे पाटने या सकेंत चिन्ह लगाने की व्यवस्था की जाए। बैठक में सेना के अधिकारी ने बताया कि सेना सदैव पम्पसैट, बैग, मैन पावर, मेडिकल एवं अन्य संसाधनों के साथ तैयार रहती है तथा 15 मिनट में पहुंचने की क्षमता है। जिला कलक्टर ने कहा कि रेलवे अण्डरब्रिज में जहां पानी भरने की समस्या है, वहां शहरी क्षेत्रा में संबंधित अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका तथा ग्रामीण क्षेत्र के  लिए संबंधित विकास अधिकारी जल निकासी की व्यवस्था देखेंगे। 
जिला कलक्टर ने कहा कि स्थानीय निकाय जर्जर भवनों की सूचियां तैयार कर लेवें। गोताखोरों की सूचियां, तगारी, गेंती, फावडे, पम्पसैट, रस्से, ड्रेगनलाईट मिट्टी के थेले इत्यादि की व्यवस्थाएें सुनिश्चित की जाए। उन्होने कहा कि यदि रात्रि के समय वर्षा आती है, तो टीम को रात्रि के समय से ही कम पर लगा दे। 
स्थानीय निकायों के वार्डो का पुर्नगठन
जिला कलक्टर ने श्री शिवप्रसाद मदन नकाते ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार नगर परिषद व नगरपालिकाओं के वार्डो का पुर्नगठन किया जाना है। इस कार्य को 4 जुलाई तक प्रस्ताव लेकर पब्लिकेशन किया जाना है। 15 जुलाई तक आपत्तियां ली जाएगी। पुर्नगठन क्षेत्र का नक्शा भी तैयार करना होगा। आपत्तियां प्राप्त होने के बाद 22 जुलाई तक प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित किये जाएंगे। 
गंगानगर नगर परिषद में 50 वार्डो की जगह 65 वार्ड, नगर पालिका सादुलशहर में 20 की जगह 25, सूरतगढ में 35 की जगह 45, रायसिंहनगर में 25 की जगह 35, गजसिंहपुर में 13 की जगह 20, विजयनगर में 20 की जगह 25, करणपुर में 20 की जगह 25, अनूपगढ में 25 की जगह 35 तथा पदमपुर में 20 वार्डो की जगह 25 वार्ड बनाए जाएंगे। 
ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन
जिला कलक्टर श्री नकाते ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों का पुर्नगठन किया जाना है। आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नियमानुसार पुर्नगठन का कार्य सम्पादित किया जाएगा। 
अधिकारी क्षेत्र में जाए व जनसुनवाई को प्राथमिकता दे
जिला कलक्टर श्री नकाते ने कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्र का दौरा करना चाहिए। दौरे के दौरान विकास कार्यो की प्रगति, गुणवत्ता तथा कार्य निर्धारित अवधि में पूर्ण हो रहे है कि जानकारी लेनी चाहिए। उन्होने कहा कि अधिकारियों को आमजन की सुनवाई पर अधिक ध्यान देना चाहिए, जो कार्य होने लायक है, उसमें किसी तरह का विलम्ब न करे। ग्रामीण क्षेत्र  में जहां भी पेयजल की समस्या हो, की मोनिटर्रिंग की जाए। उन्होंने कहा कि विकास अधिकारी जब भी अवकाश पर जाएं  तो उपखण्ड अधिकारी को बताकर मुख्यालय छोडें । 
जिला कलक्टर ने कहा कि सीमान्त क्षेत्र विकास योजना में करवाये जाने वाले विकास कार्यो के प्रस्ताव आगामी दो दिवस में आवश्यक रूप से मुख्य कार्यकारी जिला परिषद को दे देवें। सीमा क्षेत्र में पेयजल परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए 10 लाख रूपये से अधिक की राशि के प्रस्ताव तैयार किये जाए। 
बैठक में एडीएम प्रशासन श्री ओ.पी. जैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ स्वामी, एडीएम सतर्कता श्री राजवीर सिंह, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ0 हरितिमा, एसडीएम गंगानगर श्री मुकेश बारहठ, एसडीएम घडसाना संजू पारीक,  एसडीएम रायसिंहनगर श्री संदीप कुमार, एसडीएम करणपुर श्रीमती रीना छिंपा, पदपमुर एसडीएम श्री सुभाष, सादुलशहर एसडीएम श्री यशपाल आहूजा, अनूपगढ एसडीएम श्री एम.एम. मीणा, सूरतगढ एसडीएम श्री रामावतार कुमावत तथा एसडीएम विजयनगर सुश्री प्रियंका, सहित जिले के विकास अधिकारियों, नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। 
^^^^^^^^^^^^




शनिवार, 22 जून 2019

ईओ पृथ्वीराज जाखड़ के निलंबन पर उच्च न्यायालय की रोक

21-6-2019.

राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने अधिशासी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड़, कनिष्ठ अभियंता विनोद कुमार और कनिष्ठ लिपिक इंद्रपाल सिंह के निलंबन पर स्थगन जारी किया है। 

स्वायत शासन विभाग ने 12 जून को इनको निलंबित किया था। 

नगरपालिका भादरा में सन 2018 में जोनल प्लान सर्वे प्रकरण में इन पर भ्रष्टाचार का आरोप की जांच के तहत निलंबन किया गया था। 

पृथ्वीराज जाखड़ को निलंबित किया गया था उस समय रावतसर में अधिशासी अधिकारी पद पर 2 दिन पहले 11 जून को ही कार्यभार ग्रहण किया था। पृथ्वीराज जाखड़ सूरतगढ़ के निवासी हैं।

*********


गुरुवार, 20 जून 2019

कलक्टर के आदेश से सूरतगढ़ की यह सुविधा छिन रही है-

*  हथियार लाइसेंस नवीनीकरण बंद-गंगानगर जाना पड़ेगा.*



* वकीलों, अरायजनवीसों,कम्प्यूटर आपरेटरों के रोजगार व आय पर होगा असर.*


-- करणीदानसिंह राजपूत --

 सूरतगढ़ अतिरिक्त कलेक्टर के यहां हथियारों के नवीनीकरण का कार्य कई सालों से हो रहा था। जनता की मांग पर यह सुविधा यहां शुरू की गई थी जो अब खत्म हो जाएगी और सूरतगढ़ क्षेत्र के लोगों को श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर जाना पड़ेगा। उनका समय अधिक लगेगा और खर्चा भी अधिक लगेगा। उधर श्री गंगानगर मुख्यालय पर भार बढ़ जाएगा। 

 जिला कलेक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते ने यह आदेश जारी किया है जो 19 जून 2019 को सूरतगढ़ पहुंच गया है। इस आदेश के तहत श्री गंगानगर भेजने वाली हथियारों की फाईलों की सूची तैयार की जाने लगी है। सूरतगढ़ इलाके में अभी इस आदेश का मालुम नहीं हुआ है जब मालुम होगा व लोग जागेगें तब तक हथियारों की फाईलें गंगानगर पहुंच चुकी होंगी। 

हथियारों के नवीनीकरण से वकीलों,अरायजनवीसों,कम्प्युटर आपरेटरों,फोटोस्टेट आदि के कार्य भी प्रभावित होंगे। काम बंद होगा तो आय बंद होगी।

 सूरतगढ़ अतिरिक्त जिला कलेक्टर के कार्यालय में 11 पुलिस थानों  सूरतगढ़ शहर, सूरतगढ़ सदर, जैतसर रायसिंहनगर,राजियासर,

श्रीबिजयनगर,समेजा कोठी,अनूपगढ़ घड़साना,रामसिंहपुर, रावला आदि थानों के क्षेत्र जुड़े हुए थे। करीब दो हजार से ज्यादा लाइसेंस यहां नवीनीकरण होते रहे हैं। 

सूरतगढ़ में एडीएम का पद काफी समय से खाली है, नियुक्ति नहीं हो रही इस कारण से भी जिला कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है। होना तो यह चाहिए था कि सरकार से अतिरिक्त जिला कलेक्टर पद पर नियुक्ति करवाई जाती क्योंकि अतिरिक्त जिला कलेक्टर के द्वारा हथियारों के नवीनीकरण के अलावा भी बहुत से काम किए जाते हैं जो पिछले करीब 6 महीने से अटके अटके पड़े हैं। 

सूरतगढ़ के नेताओं को फुर्सत न जाने कब मिलेगी। अगर नेता जनता सोती रही तो एक दिन यह पद भी यहां से छिन जाने की संभावना रहेगी। 

शहर के लोग जिला मुख्यालय की मांग कर रहे हैं मगर हालत यह हो गई कि अतिरिक्त कलेक्टर का कार्यालय भी बंद हो सकता है।

हथियारों की पत्रावलियां श्रीगंगानगर भेजी जाए इससे पहले ही इस आदेश पर रोक लगाई जानी चाहिए,लेकिन इसके लिए तो एक क्षण भी गंवाए बिना संगठित मांग आवाज उठे तभी संभव है।

***********




डीएसपी ममता सारस्वत एपीओ- मूलरूप में सूरतगढ़ वासी --


झुंझुनूं 19 जून 2019.
 * महानिदेशक पुलिस ने जारी किया था एपीओ आदेश *


* इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं। *


झुंझुनूं. सीओ सिटी ममता सारस्वत को बुधवार 19-6-2019 को एपीओ कर दिया गया है। इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं।जानकारी के मुताबिक कुछ दिनों पहले कलक्ट्रेट से लेकर मंडावा मोड के बीच बजरी से भरे अवैध डंपरो को रुकवाकर बिना कार्रवाई के रवाना करने का एक वीडियो सामने आया था। जिसमें सामने आया कि बजरी से भरे दो ट्रकों को रोककर दस मिनट बात कर उन्हें छोड़ दिया।साारस्वत के गनमैन कांस्टेबल सोहन व चालक महेश कलक्ट्रेट सर्किल पर बजरी से भरे हुए डंपरों को साइड में खड़ा कर लेते हैं।इसके बाद एक अन्य डंपर रोड एक से मंडावा रोड की तरफ निकलता है तो गनमैन व चालक सरकारी गाड़ी से पीछा कर उसे कलक्ट्रेट सर्किल पर रोकते े हैं कुछ देर बात करने के बाद वापस उसे छोड़ देते हैं। दोनों पुलिसकर्मी गाड़ी में बैठकर निकल जाते हैं। मामले में एसपी गौरव यादव ने गनमैन सोहन व चालक महेश को निलम्बित कर दिया था। सीओ की भूमिका के लिए पुलिस अधीक्षक गौरव यादव ने एएसपी नरेश कुमार मीणा को जांच के आदेश दिए थे।*

*********






बुधवार, 19 जून 2019

4,605 स्त्रियों की बच्चादानी निकाली गई,मंत्री द्वारा जांच के आदेश

मुंबई 19 जून 2019.

महाराष्ट्र विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री एकनाथ शिंदे के एक बयान से सनसनी मच गई है। शिंदे के मुताबिक पिछले तीन साल में 4,605 महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एक समिति इस मामले की जांच करेगी। 


मजदूर वर्ग की ज्यादातर महिलाएं शिकार


बुनियादी रूप से यह मुद्दा शिवसेना विधायक नीलम गोर्हे ने विधान परिषद में उठाया था, उन्होंने कहा कि बीड जिले में गन्ने के खेत में काम करने वाली महिलाओं के गर्भाशय निकाल लिए गए। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि माहवारी के चलते उनके काम में ढिलाई न आए। 

 

 निजी अस्पतालों में किए गए ऑपरेशन


बीड जिले के सिविल सर्जन की अध्यक्षता में गठित समिति ने पाया कि ऐसे ऑपरेशन 2016-17 से 2018-19 के बीच 99 निजी अस्पतालों में किए गए। शिंदे ने सदन को बताया कि जिले में सामान्य प्रसवों की संख्या सिजेरियन की संख्या से कहीं ज्यादा है। उन्होंने कहा कि जिन महिलाओं के गर्भाशय निकाले गए, उनमें से कई गन्ना खेत में काम करने वाली मजदूर हैं। 

 

दो महीने में पेश होगी रिपोर्ट


बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग ने अप्रैल में इस मामले के सामने आने के बाद राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया था। जांच समिति में 3 गाइनोकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और कुछ महिला विधायक होंगी। समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।  राज्य सरकार ने सभी डॉक्टरों को आदेश दिया था कि वे अनावश्यक रूप से गर्भाशय न निकालें।

**********



पुलिस इंस्पेक्टर संजय बोथरा का मकान एसीबी द्वारा सील:नोटिस में पत्नी का भी नाम




भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा की पकड़ धकड़ के लिए एसीबी ने 19-6-2019 को बोथरा के हनुमानगढ़ में आवासन मंडल मकान को सील कर दिया। एसीबी हनुमानगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश नाथ ने भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय श्री गंगानगर से तलाशी वारंट लिया था। मकान में कोई रहता हुआ नहीं मिला। मकान पर ताले लगे थे, उन पर चपड़ी मोहर लगा सील कर हस्ताक्षर किए गए। इसके साथ ही नोटिस चिपकाया गया। इस नोटिस में संजय बोथरा के अलावा उनकी पत्नी का नाम भी है।

संजय बोथरा की तलाश में उसके नजदीकी रिश्तेदारों के यहां भी श्री गंगानगर, पीलीबंगा, जयपुर, जोधपुर मेंं भी एसीबी की छापेमारी हुई है।
जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामले में फंसे बासनी के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा को कोई अंतरिम राहत नहीं दी। एसीबी से बचने के लिए निरीक्षक बोथरा लम्बे समय से मेडिकल लीव पर चल रहे है। बोथरा ने आपराधिक विविध याचिका दायर करते हुए कोर्ट में एसीबी में दर्ज एफआईआर निरस्त करने की गुहार लगाई थी। कोर्ट ने एसीबी को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा है।
अवकाशकालीन न्यायाधीश डा.पुष्पेंद्रसिंह भाटी की एकलपीठ में याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता धीरेन्द्रसिंह ने पैरवी करते हुए कहा कि बासनी थाने के सब इंस्पेक्टर गजेन्द्रसिंह को पिछले महीने रिश्वत लेते पकड़ा गया था, उस ट्रेप कार्यवाही में याचिकाकर्ता का नाम नहीं है। घटना के दिन याची की ड्यूटी सूरसागर एरिया में थी, जहां कानून व्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई थी। याची को न तो रंगे हाथों पकड़ा गया है और न ही उससे कोई बरामदगी हुई है। याची ने एक दिन पहले बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके बदले की भावना से यह कार्यवाही करवाई गई। कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए एसीबी को जवाब दाखिल करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 1 जुलाई को होगी
बजरी डम्पर संचालन में रिश्वत व बंधी के मामले में एसीबी ने पुलिस निरीक्षक संजय बोथरा की तलाश में रातानाडा पुलिस लाइन व बोरानाडा के पास जैन एनक्लेव में दबिशें देकर छापे मारे।
दस मई को बासनी थाने में एसआई गजेन्द्रसिंह को बीस हज़ार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था।

**********




श्रीगंगानगर के किसान परेशान हैं,भूमि रजिस्ट्रेशन में दरें बढाने से रोकें


-- करणीदानसिंह राजपूत --

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता व बैठक में भाग नहीं लेने से प्रशासन को बाजार मूल्य निधारण बैठक में दरें बढाने का मौका मिल जाता है। एक दो उपस्थित जनप्रतिनिधि जिला कलेक्टर को रोक नही पाते। एक दो की आवाज पावर नहीं बना पाती।

भूमि रजिस्ट्रेशन की बाजार मूल्य निर्धारण बैठक में जिला कलेक्टर की जो ईच्छा होती है उसी के अनुरूप ही शहरों गांवों लिए बाजार मूल्य निर्धारित का प्रस्ताव पारित हो जाता है।

इस बार भूमि बाजार मूल्य निर्धारण  जिला स्तरीय समिति की बैठक जिला कलक्टर श्री शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में 20 जून 2019 को प्रातः 10.30 बजे कलैक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई है। 

बैठक में विधायकगणों, प्रधानों, जनप्रतिनिधियों तथा पंजीयक अधिकारियों को आमंत्रित किया गया है।

सभी को मालूम है और सरकार व जिला कलेक्टर को भी भलीभांति मालूम है कि श्रीगंगानगर का किसान व्यापारी व अन्य नागरिक पानी व अन्य अभावों से बुरी तरह से परेशान है। लेकिन इसके बावजूद सरकारी प्रस्ताव बढोतरी का रखा जाएगा कि पिछली दरों से इतने प्रतिशत तो बढाने ही हैं। जनप्रतिनिधि अधिक संख्या में बैठक में पहुंच कर कलेक्टर के प्रस्ताव को नामंजूर कर अपनी शक्ति दिखा सकते हैं। होता यह है कि इस बैठक के प्रति जनप्रतिनिधि उदासीन रहते हैं और बहुत कम संख्या चार पांच भी नहीं पहुंचते। जनप्रतिनिधि इस बार 20 जून की बैठक में जनहित की बात करने के लिए कितने जागरूक रहते हैं,यह देखना है।

*******



मंगलवार, 18 जून 2019

वीरा केंद्र सूरतगढ़- गर्भवती बहनों को पोषक खाद्य पदार्थ दिए

महावीर  इंटरनेशनल वीरा केंद्र सुरतगढ़ ने आज अपने मुख्य प्रकल्प यशोदा योजना के तहत आंगनबाड़ी की 13 गर्भवती बहनों  को पोषक खाद्य पदार्थ दिए।संस्था हर 15 दिनों से यह प्रकल्प कर रही है।आज की इस सेवा का लाभ लिया वीरा सुमन जाखड़ ने।सुमन जी ने अपनी सालगिरह के उपलक्ष्य पर सभी गर्भवती बहनों  को दूध,दलिया,भुने चने,गुड़,घीया,केले,गट,खरबूजा आदि दिया।संस्था सदस्यों ने उन बहनों   को गर्भावस्था में रखने वाली सावधानी के बारे में बताया व उनके प्रश्नों के जवाब दिए।उन्हें कैसा खानपान होना चाहिए वो बताया।सभी बहनों ने विराओं से अपनी परेशानी साझा की तथा संतुष्ट होकर गई।साथ ही आंगनबाड़ी में आए हुए बच्चों को भी केले तथा दूध का पैकेट दिया गया।उन बच्चों  को कविता तथा डांस करने के लिए भी उत्साहित किया।उन्हें उपहार भी दिए गए।इस सेवा प्रकल्प में अध्यक्षा वीरा नीतू बैद,सचिव अंजना सिंह,अनुजा सारड़ा,सुमन जाखड़ ,खुशबू सिंह,माधव,गौरव,इशांत आदि का सहयोग रहा।आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शारदा ने केंद्र की सभी बहनों  का आभार व्यक्त किया।

18-6-2019.

*********

यह ब्लॉग खोजें