रविवार, 3 जून 2018

राजेंद्र और सुमित्रा की यह तीर्थ यात्रा:परलोक गमन



- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ क्षेत्र के हजारों छात्र छात्राओं को शिक्षित कर विभिन्न क्षेत्रों के लिए योग्य बनाने का शैक्षणिक कार्य कर रहे सरस्वती उ.मा.विद्यालय के संचालक

राजेन्द्रप्रसाद उपाध्याय और उनकी धर्मपरायणा पत्नी सुमित्रा दोनों ही सन 2018 के मई माह में परलोक चले गए। यह परलोक गमन ऐसा लग रहा है कि दोनों सलाह करके गए।

2 मई को पत्नी सुमित्रा ने देह त्यागी और 31 मई को राजेंद्रप्रसाद ने भी अचानक देह का त्याग कर दिया।

राजेंद्र मेरे बहुत नजदीकी मित्र थे और दोनों परिवारों का हर सुख दुख में करीब 40-42 सालों का मेल रहा है।

दोनों पति पत्नी अनेक तीर्थों की यात्रा कर आनंद में विभोर थे। अब फिर तीर्थ करने की ईच्छा बनी।

सुमित्रा अस्वस्थ चल रही थी और मृत्यु से दो दिन पहले ही उन्होने पति से घूमने  चलने का कहा। राजेंद्र ने कहा ठीक हो जाओ,फिर चलते हैं। सुमित्रा की मृत्यु के बाद 13 मई को राजेंद्र ने यह बात मुझे बताई। अब लगता है कि जीवनसंगिनी की ईच्छा पूरी करने वह भी चले गए परलोक यात्रा पर। क्या राजेंद्र को यह आभास हो गया था और उन्होंने मेरे सम्मुख व्यक्त कर दिया था।

राजेंद्र और सुमित्रा के विवाह से परलोक गमन तक की जीवन यात्रा को नमन!






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