Tuesday, May 2, 2017

बिश्नोई समाज जीव जंतु कल्याण समितियां गौरक्षकों से अपील:विधायक भादू की मांग का विरोध करें




सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के सूरतगढ़ के विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने जोहड़ पायतन गोचर भूमि और वन भूमि पर बने मकानों के पट्टे देने की एक ऐसी मांग की है जिससे जीव जंतु वन्य जीव जंतु हरियाला क्षेत्र और गोचर भूमि कम होते जाएंगे।वैसे भी राजस्थान में गोचर वन भूमि और जोहड़ पायतन पर प्रभावशाली लोग अतिक्रमण करते रहे हैं और अनेक जगहों पर अभी भी काबिज हैं। भादू की यह मांग राजनीतिक कारणों से अपने लोगों को लाभ पहुंचाने की स्पष्ट नजर आती है।
 राजस्थान में वन्य जीव जंतुओं की रक्षा और पेड़ पौधों की रक्षा का बीड़ा बिश्नोई समाज ने उठा रखा है और जहां-जहां बिश्नोई समाज की बस्तियां गांव और चक हैं वहां पर हरियाला क्षेत्र नजर आता है और जीव-जंतु नजर आते हैं।यह तीनों क्षेत्र केंद्र व राज्य की योजनाओं से जुड़े हुए हैं और इन को संरक्षित रखे जाने का सख्त आदेश है अगर इस प्रकार की मांगे LINE पकड़ती रही तो फिर कहीं भी वनक्षेत्र गोचर भूमि जोड़ पायतन आदि बच नहीं पाएंगे। ये क्षेत्र बिश्नोई समाज के सरंक्षण में अधिक सुरक्षित रहे हैं इसलिए विशेष करके बिश्नोई समाज के संगठनों से जीव जंतु कल्याण से जुड़ी हुई संस्थाओं से गौरक्षकों से विनम्र अपील कर रहा हूं कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के विधायक राजेंद्र सिंह भादू की इस मांग को सिरे से ठुकराया जाए।
मेरी अपील यह है कि सरकार को ज्ञापन भेजे जाएं जरूरत हो तो संगठन प्रदर्शन करते हुए प्रशासन को ज्ञापन दें। जिला कलेक्टर श्री गंगानगर को ज्ञापन दें।
इसके अलावा मुझे कोई रास्ता नजर नहीं आता। इन तीनों क्षेत्रों जोहड़ पायतन वन क्षेत्र और गोचर भूमि की रक्षा का और कोई तरीका नहीं है। सत्ता में जब कोई होता है तो वह कानून के विपरीत मांगे नहीं करता।
  विपक्ष की बात होती तो चल सकती थी लेकिन सरकारी कानूनों के विपरीत अपने लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए विधायक की यह मांग मुझे पूर्ण रूप से अनुचित लगती है।
सरकार ने अंबेडकर जयंती के अवसर से भूखंड हीन पट्टा इन व्यक्तियों को पट्टे देने का निर्णय किया था लेकिन इन निर्णय में वन क्षेत्र चारागाह क्षेत्र और जोहड़ पायतन के क्षेत्र शामिल नहीं है। आदेश निर्देश में रकबा राज में भूखंड और पट्टे देने का है।
 राजस्थान उच्च न्यायालय का भी सख्त निर्देश है कि जो हर हालत में जोहड़ रक्षा की जाए। केंद्र सरकार का भी निर्णय है कि वन क्षेत्र राजस्थान में बहुत कम है उनको सुरक्षित किया जाए  विकसित किया जाए।
 सरकार की अनेक योजनाएं चल रही है करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं तो इन क्षेत्रों पर सत्ताधारियों  की शह पर ही कब्जे होते हैं।साधारण गरीब व्यक्ति कब्जा नहीं कर सकता। गरीब की आड़ में प्रभावशाली लोग यह सब करते हैं। मेरी अपील यही है कि जीव जंतुओं की हरियाली की रक्षा की जाए मैं फिर अपील करता हूं  विधायक की इस मांग का सख्त विरोध करते हुए राजस्थान सरकार कोअवगत कराया जाए। अगर आप  राजस्थान में ये  क्षेत्र सरंक्षित रहना चाहते हैं तो आप इस मैसेज को अपने तरीके से भी अपने निकटतम लोगों को संस्थाओं को भेज सकते हैं।मुझे बिश्नोई समाज पर पूरा भरोसा है कि जीव जंतुओं की रक्षा के लिए हरियाली क्षेत्र की रक्षा के लिए आगे आएंगे।
 श्री गंगानगर में 30 अप्रैल को प्रभारी मंत्री जल संसाधन मंत्री डॉक्टर रामप्रताप की अध्यक्षता में हुई बैठक में राजेंद्र सिंह भादू ने यह अनुचित मांग प्रस्तुत की थी।

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