Tuesday, February 28, 2017

अनूपगढ़ घड़साना रायसिंहनगर क्षेत्रों में बिजली चोरी छिजत पर ध्यान देने के निर्देश



सरकार की मंशा के अनुरूप ढ़ाणियों को विद्युत मिलेः जिला कलक्टर

श्रीगंगानगर, 28 फरवरी। जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि मुख्यमंत्री विद्युत सुधार कार्यक्रम के तहत जिले में प्रशासनिक अधिकारियों एवं विद्युत विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियान से विद्युत चोरी में काफी कमी आयी है, लेकिन यह कमी तेज गति के साथ आनी चाहिए। 

जिला कलक्टर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा हॉल में मुख्यमंत्री विद्युत सुधार कार्यक्रम के तहत आयोजित बैठक में बोल रहे थे।उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज छोटे चकों व ढ़ाणियों में निवास करने वाले परिवारों को विद्युत का लाभ मिले, इसके लिये विधायक एवं सांसद निधि तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय विद्युत कार्यक्रम के तहत जिन ढ़ाणियों के लिये जो राशि स्वीकृत की गयी है। विभाग तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए विद्युत से वंचित परिवारों को बिजली उपलब्ध करवाने का कार्य करें।  उन्होंने कहा कि जिन कार्यों की प्रशासनिक स्वीकृतियां जारी हो चुकी है, वे सभी कार्य सात दिवस में प्रारम्भ होने चाहिए। 

121 फीडर में विद्युत छिजत 15 प्रतिशत से नीचे लाने का लक्ष्य

जिला कलक्टर ने कहा कि श्रीगंगानगर जिले में विभाग द्वारा प्रथम चरण में जिन 121 फीडरों का विद्युत सुधार के लिये चयन किया गया है। इन फीडरों पर बिजली छिजत/चोरी में त्वरित कमी आनी चाहिए। विद्युत छिजत को 15 प्रतिशत से भी नीचे तक लाने का हमारा लक्ष्य है। इन फीडरों पर विद्युत सुधार के बाद दूसरे चरण में 152 फीडर लिये जायेंगे। प्रथम चरण के चिन्हित फीडरों पर विद्युत सुधार का कार्य 31 मार्च से पूर्व किया जाना है। 

एक्सईन होंगे नोडल अधिकारी

जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि जिले में ब्लॉक स्तर पर समस्त एसडीएम को एक-एक गांव गोद दिया गया है। इन गांवों में बिजली चोरी रोकने के लिये ग्रामीणों में समझाईश की जायेगी। ब्लॉक स्तर पर विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता नोडल अधिकारी होंगे। एसडीएम, विकास अधिकारी, नोडल अधिकारी संयुक्त रूप से विद्युत छिजत में कमी लाने का प्रयास करेंगे। 

अधिक छिजत अनूपगढ़ व घड़सान क्षेत्र में

विद्युत विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बिजली चोरी, छिजत का अधिकतम प्रतिशत अनूपगढ़ घड़साना क्षेत्र में है। पूरे जिले का विद्युत छिजत 17 प्रतिशत से घटकर 16 प्रतिशत रह गया है। जिला कलक्टर ने अधिक छिजत वाले क्षेत्रों में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत बतायी। रायसिंहनगर, अनूपगढ़, घडसाना क्षेत्रों में बिजली चोरी/छिजत पर ज्यादा ध्यान देने के निर्देश दिये गये।

प्रत्येक विधायक को एक-एक गांव गोद दिया जायेगा

जिला कलक्टर श्री ज्ञानाराम ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले के 6 विधायकों को अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में एक-एक गांव गोद दिया जायेगा। इन गांवो में माननीय विधायक गण आमजन को बिजली बचाने के संबंध में समझाईश करेंगे। 

किसानों को आवश्यक लाभ दें

जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गत दिनों राजस्थान सरकार द्वारा किसानों के विद्युत बिलों की बढ़ी राशि स्वयं वहन करने के निर्णय एवं किसानों के लिये फव्वारा व बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति पर विद्युत कनेक्शन को तीन वर्ष बाद सामान्य श्रेणी में शामिल करने के महत्वपूर्ण निर्णय का लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए। 

बैठक में विद्युुत विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री आशाराम जांगिड़ सहित जिले के अधिशाषी अभियंताओं ने भाग लिया। 

हॉकी राष्ट्रीय प्रतियोगिता:राजस्थान में ट्रायल स्थान व तिथियां घोषित


श्रीगंगानगर, 28 फरवरी।

 हॉकी की राष्ट्रीय प्रतियोगिता पुरूषवर्ग, सब जुनियर बालक वर्ग एवं जुनियर बालिका वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाली राजस्थान की टीमों के चयन ट्रायल हेतु हॉकी राजस्थान द्वारा कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। 

हॉकी राजस्थान के उपाध्यक्ष श्री एम.एस.बराड़ ने बताया।

सब जुनियर बालक हॉकी प्रतियोगिता के चयन के लिये 2 मार्च को भीलवाड़ा में चयन ट्रायल कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें जनवरी 2001 या उसके बाद जन्म लेने वाले छात्र भाग ले सकते है। 

जुनियर बालिका वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता हेतु 4 मार्च से सवाईमानसिंह स्टेडियम जयपुर में चयन ट्रायल कार्यक्रम रखा गया है। इसमें जनवरी 1998 या उसके बाद जन्म लेने वाली खिलाड़ी छात्राएं भाग ले सकती हैं। 

 पुरूष वर्ग की राजस्थान टीम के चयन के लिये 6 मार्च को अलवर में चयन ट्रायल कार्यक्रम रखा गया है।

 चयन ट्रायल में प्रदर्शन के आधार पर राजस्थान की टीमों का चयन किया जायेगा। उक्त चयन ट्रायल कार्यक्रम में भाग लेने वाले खिलाड़ी अन्य किसी भी जानकारी के लिये श्री बराड़ के फोन नम्बर 94142-98160 पर  संपर्क कर सकते है। 




मैं कींगै सागै खेलूं होळी,न कोई भायला अर न कोई भायली-कविता:करणीदानसिंह राजपूत:



मैं कींगै सागै खेलूं होळी,

मैं कींगै लगाऊं गुलाल अर कींगै लगाऊं रंग,

न कोई भायला अर न कोई भायली,

मैं कींगै सागै खेलूं होळी,

ब भायला,लंगोटिया यार,

बण गया नेता

पहरै झक सफेद कुरता पायजामा

बिंयानै बुरो लागै लाल पीळौ गुलाबी रंग

खोटा खोटा कारनामा रा काळा काळा

बढ़ता दाग धब्बा

बिंयानै कुण दिखावै,

लोगां नै कांई दोष,

बै बिचारा आपरा काम निकाळै,

जिका कहावता बात अर कलम रा धणी

बै बण गया डावड़ा जीवणा चाटुकार

सागै पीवै सागै खावै,

अर सागै करै खोटा खोटा काम

बै दारूडिय़ा दागी,

कीयां कलम कैमरा चलावै।

पैली भायलियां नै भी भिजो देता

लगा देता रंग अर गुलाल,

अब टॉप जींस बिंयारी भूंडी हो जावै

म्हारे रंग गुलाल सूं

अब बै क्लब मांय रंगीज इतरावै

अब नेता जी रा लाडला सपूत

बिंयारै रंग लगावै

बिंयारा हाथ कठै कठै लागै,

कुण रोकै कुण टोकै, क्यूं रोकै क्यूं टोकै

ब तो मुसकावै अर बिछ बिछ जावै

साची साची तो आ है

बै भायला अर भायलियां

जिका नेतावां रे सागै रळ मिल ग्या,

बै म्हारै सागै क्यूं खेलै होळी,

मैं कींगै सागै खेलूं होळी

मैं कींगै लगाऊं गुलाल अर कींगै लगाऊं रंग

न कोई भायला अर न कोई भायली

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27- 3- 2013.
up date 28-2-2017.


Monday, February 27, 2017

श्री गंगानगर से तिरुचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन शुरू हुई


श्रीगंगानगर-तिरूचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन को रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी


नई दिल्ली के रेल भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

श्रीगंगानगर से सांसद श्री निहालचंद ने दिखाई हरी झण्डी



श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर भी हुआ भव्य कार्यक्रम


पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री निहालचंद समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद


सांसद ने श्रीगंगागनर स्टेशन पर एलईडी लाइटें लगाने की घोषणा की


वाशिंग लाइन को भी 24 की जगह 26 कोच करने की घोषणा भी की


श्रीगंगानगर, 27 फरवरी। श्रीगंगानगर- तिरूचिरापल्ली हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन को सोमवार को रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभारकर प्रभु ने नई दिल्ली से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रेल मंत्री ने नई दिल्ली के रेल भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी हमसफर एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। देश की ये चौथी हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन है। इस ट्रेन के शुरू हो जाने से श्रीगंगानगर की जनता बड़ी राहत मिलने जा रही है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नई कैटरिंग पॉलिसी 2017 की भी घोषणा की गई। इस मौके पर श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर भी भव्य कार्यक्रम का आयोजन रेलवे प्रशासन की ओर से किया गया। जिसमें पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री और श्रीगंगानगर सांसद श्री निहालचंद समेत बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, जनप्रतिनिधि और रेलवे और  प्रशासन के अधिकारीगण मौजूद रहे। 


                                   श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री और श्रीगंगानगर सांसद श्री निहालचंद ने कहा कि श्रीगंगानगर-तिरूचिरापल्ली हमसफर एक्स्प्रेस ट्रेन एक कोने से चलकर दूसरे कोने तक पहुंचेगी। देश की एक सीमा को दूसरी सीमा से जोड़ेगी। इस ट्रेन की शुरूआत के लिए सांसद ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और रेलमंत्री को धन्यवाद भी ज्ञापित किया। श्री निहालचंद ने कहा कि श्रीगंगानगर रेलवे के मामले में पिछड़ा हुआ था, लेकिन उन्होने इसमें सुधार लेने के लिए प्रण लिया था। जिसे अब लगातार पूरा कर रहे हैं। अब श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ दोनों जिलों में रेलवे में जो कार्य हुए हैं इतने पहले कभी नहीं हुए।  


                                   इस मौके पर श्री निहालचंद ने श्रीगंगानगर में 24 कोच की वाशिंग लाइन को 26 कोच करने की घोषणा भी की। साथ ही श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन पर सभी जगह सांसद कोटे से एलईडी लाईटें लगाने की भी घोषणा की। साथ ही कहा कि रेलवे स्टेशन पर लिफ्ट लगाने के लिए भी प्रस्ताव भेजा हुआ है। इससे पहले स्वामी ब्रह्मदेव और उत्तर पश्चिम रेलवे के डीआरएम श्री राजीव सक्सैना ने समारोह को संबोधित किया। श्री सक्सैना ने हमसफर ट्रेन के बारे में जानकारी देते हुए इसे साधारण से किराए में अच्छी सुविधाओं वाली ट्रेन करार दिया।  


                               डीआरएम श्री राजीव सक्सेना ने बताया कि  हमसफर एक्सप्रेस आधुनिक सुविधाओं से युक्त है इस ट्रेन के प्रत्येक कोच में 6 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पूरी ट्रेन में बेहतर सेफ्टी फीचर्स का इस्तेमाल किया गया है। प्रत्येक कोच में जीपीएस आधारित दो एलईडी डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं, जो आने वाले स्टेशन की सूचना देंगे। दिव्यांगों की सहायता के लिए ब्रेल डिस्प्ले सिस्टम लगाया गया है जो आने वाले स्टेशन की सूचना देंगे। धूएं एवं आग की सूचना के लिए अलार्मयुक्त सेंसर लगाए गए हैं साथ ही नई के कचरा पात्र और बायो टॉयलेट का इसमें इस्तेमाल किया गया है। गाड़ी के वातावरण को सुंगधित रखने के लिए डिस्पेंसर भी लगाए गए हैं।  श्री सक्सेना ने बताया कि इस गाड़ी में 3 एसी के 16 कोच हैं प्रत्येक कोच में 64 की जगह 72 बर्थ होगी। श्रीगंगानगर से ये ट्रेन प्रत्येक सोमवार की रात को 12 बजकर 25 मिनट पर श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन से रवाना होकर गुरूवार को दोपहर 3 बजकर 30 मिनिट पर तिरूचिरापल्ली स्टेशन पर पहुंचेगी। इस दौरान कुल 33 स्टेशन से ये ट्रेन गुजरेगी और कुल 3 हजार 107 किलोमीटर का सफर तय करेगी। 


हनुमानगढ़ तक श्री निहालचंद ने किया सफर


पूर्व केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री निहालचंद ने सोमवार को 3 बजे रवाना हुई तिरूचिरापल्ली गंगानगर एक्सप्रेस हमसफर गाड़ी में हनुमानगढ़ तक आमजन के साथ यात्रा की तथा हनुमानगढ में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। 



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रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में लॉयन्स क्लब की ओर से हमसफर रेल के ड्राईवर श्री साजन कुमार, सहायक श्री रमेश चन्द्र, गार्ड रामनारायण जोशी तथा चैंकिग स्टॉफ श्री मदनलाल मीणा, श्री प्रभुराम, श्री सतनाम सिंह, श्री प्रेम कुमार एवं श्री बलतेज सिंह को फूल मालाएं व साफा पहनाकर स्वागत किया। 


                                   श्रीगंगानगर स्टेशन पर हुए कार्यक्रम में पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्रा और श्रीगंगानगर सांसद श्री निहालचंद के अलावा नगर विकास न्यास अध्यक्ष श्री संजय महिपाल, श्री रमेश राजपाल, श्री सुशील श्योरान, प्रधान श्री पुरूषोतम सिंह, श्री रमजान अली चौपदार, श्री हाकमसिंह, श्री प्रदीप धैरड़, श्री प्रहलाद राय टॉक, श्री राजकुमार शर्मा, श्री ओम प्रकाश सारस्वत, श्री ओमी नायक, श्री सुरेन्द्र भांभू, श्री विनोद बिश्नोई, श्री बलवीर सिंह बूरा, श्री शिव स्वामी, श्री महेश बूडानिया, श्री श्याम धारीवाल, वरिष्ठ वाणिज्य मंडल प्रबंधक श्री सी.आर.कुमावत, डीईएन श्री एन.के.शर्मा मौजूद थे। कार्यक्रम का सफल संचालन मुख्य वैलफेयर ऑफिसर श्री भवानी सिंह राजपुरोहित ने किया।



Sunday, February 26, 2017

अखबारों की मौत भी तय हुई: प्रेस और कागज का भुगतान कालाधन:


चालीस पचास हजार से लाख तक प्रतिदिन नगद आना और प्रेस को नगद भुगतान हो जाना:

- 1 हजार छापना और 10 हजार से 50 हजार तक प्रतियों का फर्जी रिकार्ड तैयार करना: अब तक चलता रहा गोलमाल:
सरकारी विज्ञापनों वास्ते करते हैं फर्जी रिकार्ड:


अखबारों का सच्च भी जानिए- करणीदानसिंह राजपूत:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की केन्द्र की भाजपा सरकार के काले धन पर रोक लगाने की कार्यवाही में बहुत जल्दी कई दैनिक अखबारों की मौत भी तय है और अखबार के मालिक संपादक कानून के शिकंजे में फंसे हुए जेल की हवा भी खाऐंगे। यह अब एकदम तय है।
काला बाजारियों का सच्च जानने को उत्सुक रहते हैं तो अखबारों का सच्च भी जानिए कि कितना गोलमाल और फर्जीवाड़ा अखबारी धौंस व राजनेताओं की दोस्ती के दम पर किया जाता रहा है। अब यह चलने वाला नहीं है। और आपके आसपास के अखबारों पर गौर करें।
दैनिक अखबार को सरकारी विज्ञापनों के लिए आठ पृष्ठ छापना अनिवार्य और अधिक प्रतियां होंगी तब अधिक दर मिलेगी। इसके लिए किया जाता है फर्जीवाड़ा और उसकी फर्जी तस्दीक चार्टेड एकांऊटेंट तथा सरकारी कार्यालयों में बैठे पीआरओ व निदेशक आदि करते रहे हैं।
एक हजार प्रतियां छापने वाला अखबार विज्ञापनों की अधिक दर लेने के लिए अखबार की प्रतियां दस पन्द्रह हजार से पचास हजार तक छापनी बता देता है।
इसके लिए अखबार के कागज की खरीद का फर्जी बिल खुद ही किसी प्रेस से छपवाते हैं तथा खुद ही उसमें आदेश रकम आदि भरते हैं। कागज की ढुलाई के बिल भी फर्जी ट्रक नम्बर तक फर्जी। कागज मंगवाया ही नहीं तब बिल और ट्रक फर्जी ही होंगे। कागज विक्रेता का नाम भी फर्जी। किसी अन्य सही बिल की सही इन्द्राज को अपने नकली बिल में भरना आसान। जब कागज लाखों का आना बतलाया गया तब उसका भुगतान भी फर्जी। लाखों की रकम कहां से आई और कागज बेचने वाले के पास नगद कैसे चली गई? प्रेस वाला भी बिल नहीं देता। वह हजार छाता हे तो दस से पचास हजार तक छपाई का बिल क्यों दे? प्रेस का बिल भी फर्जी खुद कहीं छापते हैं और खुद ही उसमें रकम का देना तक भरते हैं। अखबार की यह रोकड़ कैसे तैयार हो जाती है? जब पैसे के लेन देन के कानून बने हुए हैं। नगद लेनदेन एक सीमा से ऊपर हो ही नहीं सकता तब अखबारों का कैसे होता है?
एक हजार छापने में और पचास हजार प्रतियां छापने में बिजली की खपत का अंतर भी होता होगा? जहां प्रेस है वहां रात को कोई हलचल भी नहीं हो तथा पचास हजार अखबार रात को प्रतिदिन छपने का रिकार्ड तैयार हो।
कागज का कोई स्टोर भी नहीं। अखबार के बंडल बनाने वाले,पहुंचाने वाले कोई भी नहीं। सभी फर्जी नाम। अखबारों के वितरण करने वाली एजेंसियां एजेंट तक के नाम अलग अलग जगहों के फर्जी और उसकी सूची भी फाइल में शामिल। एजेंटों के पास अखबार कैसे गया कैसे बेचा और उसका भुगतान कैसे आया? यह सब कमाल का फर्जीवाड़ा चौथे स्तंभ के आपके कई जानकार खास मित्र करते हैं। आश्चर्य यह भी है कि अनेक समाजसेवी व राजनेता आदि ऐसे महा भ्रष्ट पत्रकारों की पैरवी भी करते हैं।
लेकिन अब यह चलने वाला नहीं है। आपके मित्र अखबार वाले हैं और वे दस पन्द्रह हजार से पचास हजार तक की प्रतियां दिखाते हैं। जानकारी के लिए पूछ लें कि यह सब कैसे कर लिया जाता है?
और अधिक भी जानिए कि अनेक अखबार साप्ताहिक पाक्षिक रिकार्ड में हजारों छपते है और असल में फाइल की पचास कॉपियां। वे पाठकों के पास कभी नहीं आते। सरकारी विज्ञापन जारी होते हैं तब छापे जाते हैं और सीधे विज्ञापनदाता कार्यालय में बिल पहुंचा दिए जाते हैं।
मोदी का एक्सन प्लान भ्रष्टाचार में लिप्त अखबारों पर भी लागू होने वाला है। सरकार ने कुछ दिनों पहले कई प्रकार की जानकारियां ली हैं।
अखबारों के सच्च में कई अखबारों की मौत तय है।

13-11-2016
up date 26-2-2017.
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आज फस्ट अप्रेल भी नहीं है,कि यह मजाक हो।
जब यह समाचार लगाया था तब यह नोट भी लगाया था कि मजाक न समझें।
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अब कार्यवाही शुरू हो गई है।
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अखबारों के माध्यम से काला धन सफेद:वित्तमंत्री जेतली को पत्र:खबर अखबारों में नहीं मिलेगी:

अखबारी लाइन में दुकानदार व्यावसायी व राजनैतिक लोग घुस गए:

- करणीदानसिंह राजपूत -


कालाधन अखबारों के माध्यम से सफेद किए जाने का पत्र वित्त मंत्री को भेज कर रोक लगाने की मांग की गई है। अखबारी लाइन में इस पर रोक लगाने के लिए प्रेस में अखबार के  मुद्रण व अखबारी कागज का भुगतान ऑन लाइन किए जाने का आदेश जारी किए जाने का आग्रह किया गया है।
अखबारी लाइन में व्यासायी,दुकानदार व राजनैतिक लोग घुस आए हैं जो सालों से अन्य श्रोतों आए धन को अखबारों की आय बतला कर उजला करने में लगे हुए हैं। अखबारों पर कोई नजर नहीं डालता इसलिए यह धंधा कारगर चल रहा है। इसके लिए अखबारों का कागज का खरीद बिल और प्रेस का मुद्रण बिल दोनों फर्जी तैयार किए जाते हैं। अखबार का वितरण एजेंट तक फर्जी नाम होते हैं।
यह आरोप स्वच्छ पत्रकारिता करने वाले समारोहों में परिचर्चाओं में सालों से लगते रहे हैं,लेकिन किसी ने इस पर कार्यवाही की मांग नहीं की।
भारत सरकार की काला धन रोक वास्ते नोट बंदी किए जाने के बाद से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व वित्त मंत्री अरूण जेतली लगातर एक ही बयान दे रहे हैं कि कालाधन खत्म करके ही दम लिया जाएगा। इस पर अखबारी लाइन के इस सच्च को वित्तमंत्री को भेजे गए पत्र में तथ्यों के रूप में बताया गया है। पत्र यहां दिया जा रहा है
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3-12-2016.
up date 26-2-2017..
 
माननीय अरूण जेतली,                                                                                वित्त मंत्री,                                                                                                                    दिनांक 1 दिसम्बर  2016.
भारत सरकार,
नई दिल्ली।

विषय-दैनिक अखबारों के माध्यम से काला धन सफेद होने पर तत्काल रोक लगवाएं।
तरीका- फर्जी अधिक प्रतियां छपना बताया जाता है तथा उसकी आमदनी दिखाई जाती है।
श्रीमानजी,
आपके ध्यान में यह तथ्य इसलिए ला रहा हूं कि इस ओर आजतक कभी ध्यान नहीं दिया गया।
अखबारी लाइन में व्यावसायिक लोग आ गए हैं जो अपने प्रभाव प्रतिष्ठा के साथ अपने काले धन को अखबार की आमदनी से सफेद कर रहे हैं।
1. दैनिक अखबार की 1-2 हजार तक प्रतियां छापी जाती हैं लेकिन 10 हजार से अधिक और 40-50 हजार प्रति दिन तक दिखाई जाती हैं।
2. ये जो  अधिक प्रतियां दिखाई जाती हैं। इनके असल में न ग्राहक होते हैं न इनके वितरक एजेंट होते हैं। लेकिन उनके नाम प्रतियां दिखाई जाती है और वहां से रकम आनी भी बतलाई जाती है। उक्त रकम व्यासायी की अन्य किसी श्रोत से आई हुई होती है।
3. अखबार का मालिक इसके लिए सारा रिकार्ड फर्जी तैयार करता है और चार्टेड एकाऊंटेंट भी मिली भगती के कारण उसको सत्यापित करते हैं।
4. अनेक अखबार मालिकों के पास अपनी प्रेस नहीं है तो वे अन्य प्रेस में छपवाते तो कम हैं तथा उसका रिकार्ड खुद फर्जी तैयार करते हैं। प्रेसवाला अधिक का बिल नहीं देता। इसलिए बड़ा फर्जीवाड़ा होता है।
5. प्रेस का बिल अखबार वाला ही किसी अन्य प्रेस से छपवाता है और उसमें अपनी मर्जी की प्रतियां दिखलाता है। कागज के बिल भी फर्जी खुद ही छापते हैं और उसमें कागज की खरीद फर्जी उसकी ढुलाई का बिल जिसमें ट्रक नम्बर फर्जी होते हैं।
6. आखिर इसका भुगतान नगद कैसे होता है?
अगर ये सारे भुगतान नगद पर प्रतिबंध हो तो प्रेस का बिल कागज का बिल ढुलाई का बिल सभी रूक जाऐंगे।
7. अखबार संचालक मालिक व छापने वाले प्रेस सभी शिक्षित हैं तथा सभी के बैंक में खाते हैं।
8.अखबार वाला केन्द्र सरकार के विज्ञापनों की स्वीकृति/दर वृद्धि के लिए डीएवीपी को जो रिकार्ड भेजता है। वह फर्जी प्रेस बिल,फर्जी कागज बिल फर्जी वितरक से भरा हुआ होता है।
9. इन बिलों में कागज विक्रेताओं के नम्बर ई मेल पते होते हैं तत्काल ही पूछा जा सकता है। प्रेस वाले का एकाऊंट रिकार्ड देखा जा सकता है कि उसे अखबार की ओर से कितना रूपया मिला है और डीएवीपी में कितना दिखलाया है। प्रेस का बिजली का बिल मालूम किया जा सकता है। कागज आया है तो किसी गोदाम में रखा जाता होगा? अखबार की चालीस पचास हजार प्रतियां दिखलाई जाती हे तो वहां काम भी कोई करता ही होगा?
10. अखबारों की जितनी प्रतियां दिखाई जाती है उतना तो कागज ही नही है। सारे भारत में आंकलन करवालें।
11. अधिक प्रतियां दिखलाने से इनको सरकारी विज्ञापन भी फर्जी रिकार्ड से मंजूर करवाते हैं/प्राप्त करते हैं।
अधिक दरों पर दिए जात हैं। करोडों रूपए का यह घोटाला भी पक्का रूक जाएगा।

- ईलाज तत्काल ही लेन देन पर नगदी की रोक। अखबार की ओर से कागज खरीद व प्रेस के मुद्रण बिल का भुगतान केवल ऑन लाइन हो या फिर चैक आदि से हो।
इस कार्यवाही से जो काला धन अखबार के मारफत सफेद हो रहा है और काफी सालों से हो रहा है,उस पर रोक लग जाएगी।
इसकी जाँच भी जरूरी है कि कितने सालों से कितना धन सफेद किया गया?

मैं करीब 50 सालों से पत्रकारिता में हूं।

आपका शुभेच्छु सूचनादाता,
करणीदानसिंह राजपूत,

राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क
सचिवालय से अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,
कार्यालय-23 करनाणी धर्मशाला,
सूरतगढ़,  जिला श्रीगंगानगर।
राजस्थान.
संपर्क 94143 81356.
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सूरतगढ़ के फर्जी अखबार और मालिक भी फंसेंगे


- करणीदान सिंह राजपूत -

भारत सरकार  ने शिकायतें  मिलने और जांच के बाद 277 अखबारों की मान्यता रद्द कर दी है जो असल में छपते ही नहीं थे केवल विज्ञापन के लिए फाइल कॉपीयां छापते थे। इनसे वसूली की कार्यवाही भी होने की संभावना है। सूरतगढ़ में भी अखबार और मालिक विज्ञापनों के लिए फर्जी प्रतियां बहुत अधिक दिखाने का अपराध करने में लगे हुए  हैं। 

पिछले कई सालों से यह हो रहा है प्रेस के फर्जी बिल, कागज के फर्जी बिल,कागज की ढुलाई के फर्जी बिल।अन्य खर्चों के फर्जी बिल। वितरण एजेंसीयों के नाम फर्जी।सब कूट रचित होते हैं। ऐसे अखबारों के मालिकों पर कूट रचित दस्तावेज तैयार करने और सरकार को धोखा देने व आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में  मुकदमा चल सकता है। भारतीय दंड संहिता के अनुसार 7 साल से अधिक की कड़ी सजा मिल सकती है। सूरतगढ़ में लोगों को मालूम नहीं कि कितने साप्ताहिक अखबार पाक्षिक अखबार यहां से छप रहे हैं और सरकारों से विज्ञापन भी ले रहे हैं।दैनिक अखबार हैं वे भी हजार दो हजार प्रतियां छापते हैं लेकिन कई गुना, 40से  50 गुना अधिक प्रतियां दिखाते हैं। सच्चाई यह है कि उनके पास स्टाफ तक नहीं।सूरतगढ़ के अखबारों पर यह कार्यवाही कब होती है? कार्यवाही होना तो निश्चित है। एक अखबार के विरुद्ध शिकायत हुई थी जिसको अभी तक जांच के दौर से गुजरना पड़ रहा है।

Saturday, February 25, 2017

277 झूठे अखबारों की मान्यता रद्द: राजस्थान में संभावना:

नई दिल्ली 25 फरवरी 2017.

भारत की  केन्द्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए देश के 277 अखबारों की मान्यता समाप्त कर दी है। मोदी सरकार ने ‘स्वच्छ अखबार’ अभियान के तहत यह बड़ा कदम उठाया है। इस अभियान में उन 277 अखबारों की मान्यता खत्म कर दी गई है, जो केवल विज्ञापन लेने के लिए अखबार प्रकाशित करते थे। पिछले एक साल में इन प्रकाशनों ने करीब दो करोड़ रुपए के विज्ञापन लिए।

एक-एक प्रिंटिंग प्रेस से 70 अखबार छापे जा रहे थे। सरकार केवल आफिस कापी छापने वाले अखबारों से विज्ञापन की राशि वापस लेने की कार्रवाई भी शुरू कर सकती है और उन नौ प्रिंटिंग प्रेस के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है, जो एक दिन में 70 से अधिक अखबार छाप रहे थे।


गौरतलब है कि सरकार को काफी दिनों से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ अखबार अधिकारियों की मिलीभगत से केवल सरकारी विज्ञापन के लिए ही अखबार छाप रहे हैं। सामान्य तौर पर केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के विज्ञापन पाने के लिए कुछ लोग प्रिंटिंग प्रेस, डीएवीपी और राज्यों के सूचना निदेशालयों के साथ मिलकर केवल आधिकारिक कापी छापते हैं और उनको दिखाकर विज्ञापन ले लेते हैं। डीएवीपी के नियम के अनुसार प्रत्येक प्रकाशक को हर महीने अपने अंकों को जमा करना होता है। छोटे अखबारों को सीए सर्टिफिकेट देने की भी छूट है। प्रकाशक डीएवीपी में जमा करने लायक ही अखबार छापते हैं और बाजार में उनकी उपस्थिति नहीं होती है। उनका मार्केट में कहीं नामो निशान नहीं होता है। वे केवल सरकारी कागजी कार्यवाही के लिए उतनी ही कापी छापते हैं, जितनी जरूरत है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू के निर्देश पर आरएनआई और डीएवीपी से अधिकारियों ने कुछ प्रिंटिंग प्रेस और अखबारों के कार्यालयों पर छापेमारी की। चार दिल्ली की और चार लखनऊ की प्रिंटिंग प्रेसों से 70-70 अखबार छापे जा रहे थे। एक प्रिंटिंग प्रेस को एक से अधिक अखबार छापना भारी पड़ जाता है। ऐसे में 70 से अधिक अखबार छापने पर डीएवीपी और आरएनआई ने 277 प्रकाशकों और प्रिंटरों को नोटिस भेजा, जिसमें से 118 ने सफाई दी, जबकि 159 ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया। डीएवीपी ने इन अखबारों की मान्यता खत्म कर दी। अब इन अखबारों को विज्ञापन नहीं दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि झूठे काजग-पत्रों के मार्फत इम्पैनलमेंट कराने और विज्ञापन हासिल करने पर इनके खिलाफ कार्रवाई होगी। इनसे विज्ञापन की राशि वापस ली जा सकती है। इन अखबारों ने अकेले वर्ष 2015-16 के दौरान दो करोड़ रुपए के विज्ञापन ले लिए थे। डीएवीपी के जो लोग इस घपले में शामिल हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

भारत सरकार के डीएवीपी ने कुछ महीने पहले सूचनाएं संग्रह करनी शुरू कर दी थी। प्रत्येक अखबार वाले से भी जानकारी ली गई थी कि जहां उनका अखबार छपता है, वहां पर और कौन-कौन से अखबार छपते हैं ?प्रिंटिंग प्रेस की क्षमता कितनी है?

 अभी यह कार्यवाही शुरू होती हुई है। राजस्थान के अखबारों और मुद्रणालयों की भी जानकारी मांगी गई थी। संभावना है कि शीघ्र ही राजस्थान में भी ऐसी ही कार्यवाही होगी। राजस्थान में भी बहुत से अखबार केवल विज्ञापनों के लिए फाइल कॉपियां ही छापते हैं और अनेक दैनिक अखबार  एक हजार दो हजार कोपी छापते हैं तथा विज्ञापनों के लिए सरकार के पास फर्जी दस्तावेज तैयार करके भिजवाते हैं जिनमें 10,000 से लेकर 50 साठ हजार तक प्रतियां दिखाई हुई होती हैं

 उनके पास ना कागज होता है ना कागज रखने के कोई गोदाम होते हैं। उनके पास कर्मचारी भी नहीं हैं। अखबार का अन्य स्टाफ भी नहीं है। सब कुछ फर्जी। इस फर्जीवाड़े पर चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रमाणीकरण कर देते हैं। और p r o  जांच की जीने व सही होने की फर्जी सिफारिश कर देते हैं।  राजस्थान में ऐसे दैनिक और साप्ताहिक अखबारों की भरमार है।।


सूरतगढ़ जिला बनाओ मशाल जुलूस और कैंडल मार्च जबरदस्त

- करणीदान सिंह राजपूत -

 सूरतगढ़ 25 फरवरी सूरतगढ़ को जिला बनाओ मांग को लेकर आज शाम को जबरदस्त मशाल जुलूस और कैंडल मार्च निकाल कर बताया गया कि सूरतगढ़ का हर संगठन जागरुक है और सूरतगढ़ को 34वां जिला घोषित करवाने की मांग पर दृढ है।आज के इस मशाल जुलूस में और कैंडल मार्च में राजनीतिक दल सामाजिक दल व्यवसायिक दल युवा दल सभी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस समय के कुछ चित्र यहां दिए जा रहे हैं।

तंबाकू निषेध रैली: नशा छोड़ो घर जोड़ो




श्रीगंगानगर, 25 फरवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में तम्बाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाये जाने एवं सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के लिये 25 फरवरी को रैली आयोजित की गयी। रैली को सूचना केन्द्र से प्रातः 11 बजे नगरविकास न्यास अध्यक्ष श्री संजय महिपाल ने हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। रैली सूचना केन्द्र से रवाना होकर भगतसिंह चौक, गंगासिंह चौक होते हुए पुराना चिकित्सालय भवन पहुंची। रैली में विभिन्न शिक्षण संस्थाआें एवं नर्सिंग कर्मियों के छात्र-छात्राआें ने भाग लिया। रैली में विद्यार्थी तम्बाकू निषेध जागरूकता से संबधित नारे लिखे हुई तख्तियां तथा बैनर लिये हुए थे। 

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि तम्बाकू से विभिन्न प्रकार की बिमारियां होती है। इसके लिए निकोटिन की चिंगम सहित कई वस्तुओं का यूज करके छोड़ा जा सकता है। रैली में श्री राजकुमार गौड़, चिकित्सा विभाग के अधिकारी, कार्मिक तथा अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।







Friday, February 24, 2017

पूर्व विधायक स.हरचंद सिंह सिद्धू सूरतगढ़ जिला बनाओ धरने पर बैठे

 

सूरतगढ़ 24 फरवरी।

 सूरतगढ़ जिला बनाओ मांग को लेकर सुभाष चौक पर दिए जा रहे धरने पर आज सुबह पूर्व विधायक सरदार हरचंद सिंह सिद्धू भी धरनार्थियों में शामिल हुए।सिद्धु ने कहा कि यह मांग विभिन्न आधारों को देखते हुए कार्य क्षेत्र और विस्तार विकास को देखते हुए पूरी की जानी चाहिए। सूरतगढ़ को जिला बनाने से सरकार के विभिन्न कार्य भी गति पकड़ेंगे और नागरिकों की अनेक समस्याएं शीघ्र अति शीघ्र दूर होंगी। आज धरने पर आपातकाल में जेल में रहे क्रांतिकारी लोकतंत्र सेनानी महावीर तिवारी बलराम वर्मा भी शामिल थे। हरचंद सिंह सिद्धू भी आपातकाल लोकतंत्र सेनानी हैं तथा जेल में रहे थे।

आज  धरने पर एडवोकेट विष्णु शर्मा एडवोकेट सहदेव जोशी,एडवोकेट राजकुमार सेन,मदन औझा सफी मोहम्मद,व्यापारी झम्मनलाल जसूजा,जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष धन्नाराम स्वामी,राधेश्याम उपाध्याय आदि कई लोग शामिल हए।

सूरतगढ में यह मांग  42 सालों से चल रही है।

Thursday, February 23, 2017

अमरगढ़ (सादुल शहर) में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला आयोजित


श्रीगंगानगर, 23 फरवरी। जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान के अंतर्गत गुरूवार को पुलिस थाना, सादुल शहर द्वारा गांव अमरगढ़ के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में निशुल्क नशा मुक्ति परामर्श शिविर एवं नशामुक्ति जनजागृति कार्यशाला का आयोजन किया गया।        

                        कार्यक्रम में नशा मुक्ति परामर्श एवं उपचार केंद्र के प्रभारी डॉ. रविकांत गोयल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में कहा कि नशा बहुत सी बीमारियों की जड़ है l नशा करने से व्यक्ति अपना धन खोता है, अपने शरीर को बीमारियों का घर बना लेता है, साथ ही अपनी व अपने परिवार की प्रतिष्ठा खो बैठता है l डॉ. गोयल ने नशों से होने वाली विभिन्न हानियों की जानकारी देते हुए नशों से स्वयं बचने व नशा ग्रस्त लोगों का नशा छुड़वाने के वैज्ञानिक उपाय बताए तथा उपस्थित जनसमूह व विद्यार्थियों को जीवन भर नशा न करने की व नशा छुड़ाने की सामूहिक शपथ दिलाई l

         कार्यक्रम में पुलिस थाना, सादुल शहर के एसआई  श्री राजेंद्र कुमार  ने नशे की वजह से होने वाले विभिन्न अपराधों की जानकारी देते हुए नशों से दूर रहने हेतु प्रेरित किया व कहा कि आम जन को भी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे इस नशा मुक्ति अभियान से जुड़कर नशे को मिटाने में अपना सहयोग देना चाहिए, जिससे नशे की बढ़ती हुई प्रवृत्ति को रोका जा सकेl

        कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि समाजसेवी श्री बनवारी लाल शर्मा (से.नि. व्याख्याता) ने अपने संबोधन में कहा कि मनुष्य जीवन बहुत ही श्रेष्ठ एवं दुर्लभ है जिसे नशों में नहीं गंवाना चाहिएl शर्मा जी ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की जानकारी दी व इसकी उपलब्धियों के बारे में बतायाl

        कार्यक्रम में से.नि. सूबेदार श्री जन्टा सिंह ने  अमरगढ़ गांव में पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे इस नशा मुक्ति शिविर को बहुत ही उपयोगी बताया और कहा कि यह वर्तमान समय की मांग भी हैl उन्होंने विश्वास दिलाया कि आज का यह कार्यक्रम गांव में नशा मुक्ति का माहौल पैदा करेगा व आने वाले समय में नशा मुक्त ग्राम की अवधारणा को साकार करेगाl  

        कार्यक्रम में मेडिकल टीम की सदस्या श्रीमती चंद्रबाला सेंगर, हरी श्यामसुंदर आश्रम के बाबा रणजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व ग्राम वासी उपस्थित रहेl कार्यक्रम में कार्य. प्रधानाध्यापक श्री भरपूर सिंह ने विद्यार्थियों व ग्राम वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा नाश का दूसरा नाम हैl नशा करने से व्यक्ति अपने मन पर से नियंत्रण खो बैठता है, जिससे अपराध कर बैठता है, जिसका नुकसान परिवार व समाज को झेलना पड़ता हैl इसलिए व्यक्ति को नशों से दूर रहते हुए सात्विक जीवन जीना चाहिएl

              कार्यक्रम के अंत में नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ. रविकांत गोयल ने शिविर में आए नशा पीड़ित लोगों की मौके पर जांच की वह उचित परामर्श प्रदान किया।




Wednesday, February 22, 2017

रुपनगर (श्री करणपुर) में नशा मुक्ति कार्यशाला का आयोजन




श्रीगंगानगर, 21 फरवरी। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार मंगलवार को पुलिस थाना श्री करनपुर के माध्यम से राजकीय आदर्श उच्च मा० विद्यालय रूपनगर में नशा मुक्ति जन जाग्रति कार्यशाला का आयोजन किया गया.
            कार्यक्रम में श्री करनपुर के पुलिस उपाधीक्षक श्री सुनील के पंवार ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने सबोधन में कहा कि पुलिस द्वारा स्वास्थ्य एवम् शिक्षा विभाग के सहयोग से चलाये जा रहे नशा मुक्ति मुहीम में प्रत्येक व्यक्ति को जुटाना होगा तभी बढ़ते हुए अपराधों, दुर्घटनाओं, व बलात्कार जैसे संघिन कुकर्त्यो को बढ़ने से रोका जा सकता है.
              कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ० रविकांत गोयल ने कहा कि नशीले पदार्थ व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक रूप से गुलाम बनाते हैं, साथ ही व्यक्ति को आर्थिक व सामाजिक तौर पर भी बर्बाद कर देते हैं. यदि परिवार में एक भी सदस्य नशा करता है तो उसका दण्ड उसके परिवार सहित सेंकडो व्यक्तियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप में भोगना पड़ता है. ये विचार गंगानगर पुलिस द्वारा स्वास्थ्य एवम् शिक्षा विभाग के सहयोग से राजकीय आदर्श उच्च मा० विद्यालय रूपनगर में आयोजित नशा मुक्ति जनजाग्रति कार्यशाला एवम् परामर्श शिविर के मोके पर उपस्थित छात्र-छात्राओं एवम् जनसमूह को नशे से बचने व छोड़ने हेतु प्रेरित करते हुए डॉ रविकांत गोयल ने कहे, व हम नशा नही करेंगे, और नशा छुडवायेंगे की सामूहिक शपथ दिलवाई|
            कार्यक्रम में श्री बनवारी लाल शर्मा (से० नि० व्याख्याता) ने कहा कि आम-जन के सहयोग के बिना नशाखोरी कि समस्या हल नही हो सकती, और उन्होंने विद्यार्थीयों को कहानियों के माध्यम से नशे से होने वाले नुकसानों से अवगत करवाया.
            कार्यक्रम में करनपुर के थाना अधिकारी श्री अनिल मुंड ने कहा कि नशा आज विश्वस्तर पर एक महामारी का रूप ले चूका है, जिसको रोकने के लिए पुलिस विभाग गाँव गाँव में ऐसी कार्यशालाए लगाकर एक पुनीत का कार्य कर रहा है, जिसमे हम सभी को मिलकर सहयोग करना चाहिए.
इस कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थीयों व स्टाफ सहित जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भारी संख्या में भाग लिया. विद्यालय के प्रधानाचार्य राम रतन मीणा ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं, इनका मन कोरे कागज कि तरह होता है नशे कि बुराईयों का असर इनके जीवन और भविष्य ना पड़े इसलिए इन्हे नशों से बचाना है.
कार्यशाला के अंत में शिविर में आये नशा पीड़ित लोगों कि डॉ० गोयल ने जाँचकर उचित परामर्श प्रदान किया।



Monday, February 20, 2017

आम आदमी पार्टी राजस्थान की समस्त 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी





 करणी दान सिंह राजपूत

 नई दिल्ली: 20 फरवरी 2017.
आम आदमी पार्टी राजस्थान में विधानसभा के 2018 में होने वाले चुनाव में समस्त 200 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उदयपुर में पत्रकारों को यह जानकारी दी उन्होंने कहा कि पार्टी की राजस्थान पर पूरी निगाहें लगी हुई हैं राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की सरकार से मोहभंग हो चुका है और कांग्रेस पर लोगों का भरोसा नहीं है ऐसी स्थिति में आम आदमी पार्टी लोगों के भरोसे पर खरा उतरने में आगे आएगी।

दिल्ली  में सरकार बनाने के बाद आम आदमी पार्टी पंजाब और गोवा के चुनावों में भारी हलचल पैदा कर चुकी है। पंजाब व गोआ में वोटिंग हो चुकी है अब  नतीजों का इंतजार 11 मार्च का हो रहा है।
 पंजाब और गोवा का काम निपटाने के बाद आम आदमी पार्टी अपने अगले लक्ष्य राजस्थान  की तरफ बढ चुकी है।
राजस्थान में अपनी दावेदारी पेश करने के लिए पार्टी ने गतिविधियां भी तेज कर दी है। इन दिनों दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया राजस्थान के दौरे पर हैं। वो कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में सिसोदिया ने कहा हम राजनीति में करियर बनाने नहीं आए हैं, कार्यकर्ता इस बात का ध्यान रखें।
राजस्थान में बीजेपी की सरकार है। और वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान की सीएम हैं। जाहिर तौर पर AAP की रणनीति राज्य सरकार की खामियों को सामने लाना है। पार्टी इसी दिशा में काम भी कर रही है। ये तीसरा मौका होगा जहां आम आदमी पार्टी सीधे तौर पर एकबार फिर बीजेपी की सत्ता को चुनौती देगी। इससे पहले आम आदमी पार्टी पंजाब और गोवा में बीजेपी की सत्ता को चुनौती दे चुकी है।
हलांकि पंजाब में अकाली और बीजेपी की गठबंधन सरकार है। बीजेपी के लिए AAP का राजस्थान में दावेदारी करना एक चुनौती साबित हो सकता है। क्योंकि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में होंगे और उसके कुछ माह बाद 2019 में लोकसभा चुनाव हैं। राजस्थान में एक तरफ अगर बीजेपी के लिए अपनी सत्ता को बचाने की चुनौती होगी तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के लिए अपने बनाए एक नए प्रयोगशाला में अपने पुराने प्रयोग को दोहराने की कोशिश होगी।
सिसोदिया आपका कहना है कि राजस्थान में कार्यकर्ता राजस्थान पर घूमकर हालात का अध्ययन करेंगे भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस में लगातार असंतोष बढ़ रहा है ऐसे में आम आदमी पार्टी असंतुष्ट लोगों से भी बात करेगी सिसोदिया का कहना है कि असंतुष्टों में जो इमानदार छवि के होंगे उन्हें आम आदमी पार्टी की सदस्यता दी जाएगी और उन्हें चुनाव में भी उतारा जाएगा आम आदमी पार्टी के राजस्थान में समस्त 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों में हलचल हुई है।








Friday, February 17, 2017

नशा मुक्ति जनजाग्रति कार्यशाला का आयोजन सेतिया कालोनी श्री गंगानगर

 
श्री गंगानगर 17  फरवरी। जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अन्तर्गत शुक्रवार को नशा मुक्ति जनजाग्रति कार्यशाला का आयोजन आर्क एंजिल पब्लिक स्कूल सेतिया कालोनी श्री गंगानगर में पुलिस चौकी कोतवाली के सहयोग से किया गया।
मुख्य वक्ता नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ रविकान्त गोयल ने उपस्थित अनेक विद्यालयों के विद्यार्थियों, अभिभावकों व अध्यापकगणों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा विनाश का ही दूसरा नाम है। नशा करने वाला व्यक्ति स्वयं तो दुख पाता ही है, साथ ही अपने परिजनों व सैंकड़ों व्यक्तियों को भी परेशान करता है। ऐसा व्यक्ति अपने नशे की पूर्ति के लिए अपराध करने लग जाता है तथा समाज पर बोझ बन जाता है। डॉ0 गोयल ने नशे के दोषों दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से स्वयं बचने, साथियों को बचाने तथा नशे के आदी लोगों को नशा मुक्त करने के सरल वैज्ञानिक उपाय तथा उपस्थित जनसमूह को जीवनभर नशा न करने तथा नशा मिटाने की शपथ दिलाई।
सामाजिक कार्यकर्ता इंद्रमोहन सिंह जुनेजा ने छात्रा-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि मानव जीवन अनमोल है, जिसे नशे की भेंट नही चढाना चाहिए। नशे की लत व्यक्ति के वर्तमान को कष्टमय तथा भविष्य को अंधकारमय बना देती है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे विद्यार्जन के साथ-साथ महापुरूषों के जीवन का अध्ययन कर अपने जीवन को सफल बनाएंॅ। सामाजिक कार्यकर्ता बनवारी लाल शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों को ‘‘सादा जीवन उच्च विचार ’’ को अपने जीवन में उतारते हुए नशे एवं सामाजिक बुराइयों से बचना चाहिए तथा समाज का स्तर उॅचा उठाने में अपना सहयोग देना चाहिए।
सेतिया कालोनी पुलिस चौकी प्रभारी तेजवन्त सिंह ने विद्यार्थियों से संवाद कायम करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन में अनुशासन का कड़ाई से पालन करना चाहिए तभी वे नशें व अन्य बुराइयों से बच सकेंगें तथा उन्हें अपने तन को मजबूत बनाने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए। समाज में फैले नशे को मिटाने में विद्यार्थी वर्ग अहम भूमिका निभा सकता है।
आर्कएंजिल पब्लिक स्कूल के प्रधानाध्यापक नरेश पिंजानी ने अपने सम्बोधन में कहा कि विद्यार्थियों को जीवन में सफल होने के लिए कड़ी मेहनत पक्का इरादा रखना चाहिए एवं अपने चरित्रा को अच्छा बनाने के लिए सही रास्ते पर चलना चाहिए। विद्यालयाध्यक्ष श्री लक्ष्मण पिंजानी ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में आर्कएंजिल पब्लिक स्कूल श्री गुरूतेगबहादुर स्कूल जीनियस पब्लिक स्कूल राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय और भांभू पोलिटेक्निक कॉलेज के विद्यार्थियों व अध्यापकगणों ने भाग लिया। कार्यक्रम में रजनी जग्गा, कोमल मनु, सुखविंद्र कोर, रजनी अरोड़ा, ललिता नागपा, सुखप्रीत कौर, धीरज जौहर, परविन्द्र सिंह, श्री प्रीतपाल सिंह, श्री सतीश कुमार शर्मा, श्री अरविन्द यादव, श्री बलजिन्द्र सिंह रमन आदि अध्यापकगणों ने भी भाग लिया। अंत में नशा मुक्ति से संबंधित पम्पलेट का वितरण किया गया।





अनूपगढ़ को मिल सकता है अतिरिक्त जिला कलेक्टर:



-  करणीदान सिंह राजपूत -

अनूपगढ़ को जिला बनाने की मांग को लेकर 5 साल से धरना चल रहा है और 7 फरवरी को इस मांग को लेकर अनूपगढ़ बंद भी हो चुका है। अनूपगढ़ जिला बनाओ समिति को वहां की विधायक शिमला बावरी ने आश्वस्त किया है कि मुख्यमंत्री से समय निर्धारित करके प्रतिनिधिमंडल को जयपुर में वार्ता करवा देंगी। अनूपगढ़ की मांग को टाला नहीं जा सकता। श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय से अनूपगढ़ घड़साना के सीमा क्षेत्र रावला 365 हेड और उसके आगे खाजूवाला तक लगते हुए सीमा बहुत दूर पड़ जाती है।यही हाल श्रीबिजयनगर का है। इतनी दूरी से जिला मुख्यालय पर पहुंचना बहुत कठिन होता है काफी रुपया लगता है। आने जाने का श्रम और फिर जो व्यक्ति जाता है उसे अपने घर का कार्य कोई व्यवसाय कोई खेती या कोई और कार्य रोक कर ही जाना पड़ता है, जरुरी नहीं होता कि एक बार में कार्य पूरा हो जाए। अधिकारी नहीं मिलते, मिलते हैं तो काम नहीं होता।
आप और हम सभी दफ्तरों की कार्यप्रणाली भली भांति जानते हैं समझते हैं ,अगर अनूपगढ़ में जिला मुख्यालय हो तो सीमा क्षेत्र के दूरस्थ क्षेत्रों को लाभ मिल सकता है। लोगों के काम तुरंत हो सकते हैं।
राजस्थान में जिला बनाओ की मांग 24 जिलों में 49 स्थानों से उठी हुई है और करीब 8 साल से उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। कोई भी सरकार स्पष्ट रुप से हां और ना नहीं कहना चाहती।
अब आने वाले चुनावों को देखें चाहे वे अभी दूर हैं। उनको देखकर ही कोई निर्णय लिया जा सकता है और इस निर्णय में जहां तक मेरा विचार है,सरकार किसी भी इलाके को नाराज नहीं करना चाहेगी।

इसका एक कारण और भी है कि वर्तमान में जो सरकार है उसकी छवि कोई बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। मानने को मान सकते हैं कि दबाव में कोई निर्णय करवाया जा सकता है लेकिन मुझे ऐसा नहीं लगता की अनूपगढ़ की भाजपा विधायक श्रीमती शिमला बावरी में कोई राजनीतिक ताकत हो जिसके बलबूते पर वह मुख्यमंत्री पर दबाव डाल सके और वह दबाव इतना अधिक हो कि अनूपगढ़ को जिला घोषित किया जा सके।
अभी विधायक में और जिला संगठन में जिसके अध्यक्ष हरि सिंह जी कामरा श्री बिजयनगर में रहते हैं ऐसी कोई ताकत नहीं लगती। अनूपगढ को जिला बनाने की बात व विचार संगठन की ओर से नहीं उठा है जिससे लगे की अनूपगढ़ को जिला घोषित करवा दिया जाएगा। विधायक और जिला अध्यक्ष दोनों अधिक से अधिक प्रतिनिधिमंडल को जयपुर में मुख्यमंत्री से और प्रदेशाध्यक्ष अशोक जी परनामी से मिला सकते हैं। बस, इससे आगे कुछ नहीं लगता।
 ऐसा लगता है कि अगर सरकार कार्यों का मंथन करते हुए निर्णय करे तो एक बार अनूपगढ़ में अतिरिक्त जिला कलेक्टर का कार्यालय स्थापित किया जा सकता है। उस पर कोई अधिक खर्च और प्रबंध वाली बात नहीं आती।
 अतिरिक्त जिला कलेक्टर से काफी कार्य हो जाते हैं, मुश्किल से दस बीस % कार्य ऐसे निकलते होंगे इनके लिए बाद में जिला मुख्यालय पर जाना पड़े़।
अगर अतिरिक्त जिला कलेक्टर पद पर आने वाला अधिकारी पूरी रुचि से कार्य करे तो संभव है कि अनूपगढ़ घड़़साना रावला आदि की बहुत बड़ी समस्या हल हो जाएगी। जिला अनूपगढ़ घोषित होता है तो बड़ी अच्छी बात है लेकिन वर्तमान सरकार की कार्यप्रणाली को समझना चाहिए।
श्रीमती वसुंधरा राजे 2003 से लेकर 2008 मुख्यमंत्री पहले रह चुकी हैं अब 2013 में दूसरी बारी चल रही है जिसके 3 साल पूर्ण हो चुके हैं। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उनके मंत्री उनके विधायक जो श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले के हैं, उनकी सभी की नीतियां किस प्रकार की हैं ? यह किसानों व्यापारियों मजदूरों युवकों से पूछा जा सकता है। दोनों जिलों के किसान कृषि,कृषि से संबंधित व्यापार, गन्ना उत्पादक आदि सभी बहुत ही खिन्न हैं नाराज हैं ।
 उनकी कोई बात इन 3 सालों में सुनी नहीं गई है।
आपको कहीं लगता है राजस्थान में सरकार काम कर रही है और उसके प्रतिनिधि श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिले में काम कर रहे हैं।
फिर भी अनूपगढ़ को जिला बनाए जाने की मांग उचित है और पूरी किए जाने योग्य है। अनेक लोग संगठन बार-बार कहते हैं कि जयपुर जाकर   मिलें और दबाव डालें लेकिन जो आधार हैं जिला बनाने के वह हर स्थान के आधार सरकार के पास मौजूद हैं। केवल संगठनों की मांग से जिले की घोषणा नहीं हो सकती और न होती है। सरकार अपने स्तर पर रिपोर्ट जिला कलेक्टर आदि से भी मंगवाती है उसके बाद जो समिति है,वह रिपोर्ट तैयार करती है।
 सरकार की मंशा जिला घोषित करने की हो तब समाचार आते हैं कि समिति ने रिपोर्ट तैयार कर सरकार को सौंप दी है। सरकार की मंशा नहीं हो तब समाचार पहले से आने शुरू होते हैं कि समिति की रिपोर्ट लगभग तैयार है। सरकार मांगेगी तब सौंप दी जाएगी। विचार करें कि यह लगभग शब्द क्या कह रहा है। मतलब साफ है कि रिपोर्ट तैयार नहीं है।  सरकार यही जवाब देगी की समिति अभी रिपोर्ट तैयार नहीं कर पाई है और अधिक समय लगेगा। इस महत्वपूर्ण बिंदु को ध्यान में रखकर ही मैं सोच रहा हूं कि अनूपगढ़ को अतिरिक्त जिला कलक्टर का कार्यालय दे दिया जाए तो बहुत बड़ी बात होगी।
एक तथ्य यहां रखना चाहता हूं कि सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग करीब 41 साल से चल रही है लेकिन जिला हनुमानगढ़ बनाया गया। सूरतगढ़ को जिले जैसी सुविधा दे दी जाएगी। यह बात मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने कही थी लेकिन इस एडीएम  पद के लिए भी कई बार मांग करनी पड़ी थी। उसके बाद में यह पद सूरतगढ़ को दिया गया था।
 इसलिए अनूपगढ़ को अगर पहली बार में एडीएम पद दे दिया जाना संभव हो सकता है।

Thursday, February 16, 2017

आरएएस बने सूरतगढ़ वासी ने पूर्व में बीएड की डिग्री फर्जी ली


फर्जीवाड़ा 2004-5 का और सरकार से साठ सत्तर लाख वेतन उठा लिया।*
विकास नामक व्यक्ति ने राजकीय महा विद्यालय सूरतगढ़ में  संविदा पर अध्यापन कार्य किया जहां से संविदा का  रुपया लिया, जिस का रिकॉर्ड है। इस व्यक्ति की  हाजिरी संगरीया में भी b.ed कक्षा में लगती रही। वहां पर संगरिया में हाजिरी फर्जी लगी। रिकॉर्ड फर्जी तैयार हुआ और उसके आधार पर b.ed की परीक्षा में बैठा। b.ed में नियमित विद्यार्थी ही परीक्षा देने का पत्र होता है यह सरकारी नियम है जिसने भी भंग किया है फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं वह जानता है कि यह अपराध है क्या योग्यता है? 
कोई भी व्यक्ति सूचना के अधिकार से राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ से रिकॉर्ड प्राप्त कर सकता है।
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अपराध कभी छुपता नहीं।
शशीकला मुख्यमंत्री बनते बनते जेल में पहुंच गई।
आम आदमी पार्टी के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर को जेल के अंदर जाना पड़ा।
तब फर्जी वाडे़ से b.ed की डिग्री लेने वाला और उसके आधार पर व्याखाता बन लाखों रूपए  वेतन लेने वाला कब  तक बाहर रह पाएगा?  चाहे मित्र बधाइयां दें स्वागत करें लेकिन जब भी सरकारी जांच होगी तब हालत शशिकला जैसी हो जाएगी।
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आम आदमी पार्टी की दिल्ली सरकार में कानून मंत्री जितेन्द्र तोमर फर्जी डिग्री के मामले में 18 साल बाद पकड़ा गया था और जेल में जाना पड़ा। कानून मंत्री का पद भी नहीं रहा। जितेन्द्र तोमर ने बार कौंसिल ऑफ इंडिया में सदस्यता के लिए आवेदन किया तब उनकी डिग्री पर एक वकील ने संदेह जताया व फर्जी बतलाया लेकिन उस समय उसकी बात नहीं मानी गई। अठारह साल बाद जितेन्द्र कानून मंत्री बने तब यह प्रकरण दुबारा सामने लाया गया। दिल्ली पुलिस ने मामला किया तब खूब हल्ला मचा कि भाजपा सरकार बदले की कार्यवाही कर रही है लेकिन पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस सही चल रही है। तोमर कभी उन कॉलेजों में गए ही नहीं थे।
1. सवाल यह है कि राजस्थान में एक व्यक्ति का आरएएस में चयन होता है। उस व्यक्ति ने पहले बीएड की डिग्री पात्रता न होते हुए प्राप्त की और उसके लिए दस्तावेज फर्जी तैयार करवाए। ऐसे अपराध प्रकरण देरी से मालूम पड़ते हैं। फर्जी डिग्री का मामला 2004-5 का है जो सन 2015 में सामने आया।


राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में वह व्यक्ति संवीदा पर सात माह तक पढ़ाता है। प्रतिदिन के कालांश का मासिक ब्यौरा वह खुद बना कर कॉलेज को देता रहा। उसकी जाँच एक प्रोफेसर करता प्रमाणित करता। उसके बाद उस व्यक्ति को भुगतान होता। महाविद्यालय से अनुबंध में लगातार पढ़ाने व कभी भी गैर हाजिर नहीं होने की शर्त पर यह अनुबंध हुआ। 15 जुलाई 2004 से 15 फरवरी 2005 तक का लिखित अनुबंध हुआ। वह हर माह का भुगतान लेते हुए सात माह तक के करीब 32-34 हजार रूपए कॉलेज से लेता है। कॉलेज में इसका रिकार्ड है। उसकी हस्तलिपि में सारे कागजात हैं।
2.  वह व्यक्ति महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय की ओर से बीएड में ग्रामोत्थान विद्यापीठ  के टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में नियमित छात्र के रूप में नम्बर आता है। वहां वह कॉलेज में जाता नहीं क्योंकि वह सूरतगढ़ कॉलेज में पढाता है।
3. बीएड की डिग्री नियमित रेग्यूलर छात्र को ही मिल सकती है। इसके लिए निर्धारित संख्या में हाजिरी होने पर ही परीक्षा की पात्रता होती है व प्रवेश का हकदार होता है।
4. सूरतगढ़ कॉलेज में अनुबंध पर व्याख्याता लगने वाला संगरिया नहीं जाता और बीएड परीक्षा का पात्र बनने के लिए संगरिया में फर्जी हाजिरी लगवाता है। इस कूट रचना में संगरिया के कॉलेज के भी व्याख्याता शामिल हैं। उनके बिना यह कूट रचना संभव नहीं।
5.फर्जी दस्तावेज की फर्जी हाजिरी के बल पर वह पात्र नहीं होते हुए भी धोखा कर परीक्षा 2005 में बैठ जाता है।
6. फर्जी दसतावेज के आधार पर वह परीक्षा उत्तीर्ण करता है।
7.फर्जीवाड़े से बीएड करके वह नौकरी स्कूल व्याख्याता में पाता है और सात आठ साल तक सरकार के साठ सत्तर लाख रूपए लेता है जिसका असल में वह हकदार नहीं है।
8. सरकारी स्कूल में व्याख्याता रहते हुए वह दिमाग फिर अपराध करता है।
अपने दूजे नाम से वह कोचिंग चलाता है और उस नाम के विज्ञापन भी छपवाता है। उसके मोबाइल नम्बर तक छपवाता है। कोचिंग कम्पीटशन में उसकी बीएड की डिग्री का फर्जीवाड़ा 2015 में सामने आता है।
8. आरएएस में चयनित व्यक्ति के विरूद्ध  जब भी सरकार मुकद्दमा दर्ज करेगी तब क्या हेगा?


update 16-2-2017.

Wednesday, February 15, 2017

सीमांत रक्षक के विरुद्ध एसीबी ने एक नई शिकायत जांच वास्ते जिला कलेक्टर को सौंपी



सूरतगढ़ 15 फरवरी 2017.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो राजस्थान मुख्यालय के महानिदेशक कार्यालय से जिला कलेक्टर श्री गंगानगर को  सीमांत रक्षक के विरुद्ध एक शिकायत की जांच सौंपी गई है।
सीमांत रक्षक दैनिक अखबार का प्रकाशन सूरतगढ़ से होता है।
अखबार के विरुद्ध ओमप्रकाश चौहान निवासी एक के एस आर तहसील सूरतगढ़ ने विभिन्न आरोप लगाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत भेजी थी। ब्यूरो ने यह शिकायत परिवाद संख्या एच-5947/16 दिनांक 30-12-2016. दर्ज की।
यह शिकायत सीमांत रक्षक अखबार और अन्य लोगों के विरुद्ध है ।
सूचना है कि अखबार व अन्य पर  भ्रष्टाचार और कूट रचित दस्तावेजों को तैयार करने और इस्तेमाल करने का आरोप है।
सीमांत रक्षक के मालिक संपादक प्रकाशक सत्यपाल के विरुद्ध पहले भाजपा महिला नेता श्रीमती रजनी मोदी सूरतगढ ने भी मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को एक शिकायत दी थी।
सूचना है कि वसुंधरा राजे के कार्यालय में वह शिकायत विचाराधीन है।
रजनी मोदी ने यहां अदालत में इस्तगासा पेश कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। अदालत के आदेश  पर  सूरतगढ़ सिटी थाने में मुकद्दमा दर्ज किया गया जिसकी जांच चल रही है।
रजनी मोदी ने सत्यपाल मेघवाल के अखबार के विरुद्ध पूर्व जिला कलेक्टर पीसी किशन से भी मिली थी और  लिखित में शिकायत की थी। सूचना है कि अखबार के विरुद्ध आरोपों में सत्यपाल पर आरोप लगाए गए हैं कि उसने सरकारी विज्ञापन कि अधिक दर प्राप्त करने के लिए अखबार की प्रतियां फर्जी रूप से अधिक दिखाई,इसके लिए प्रेस के बिल,कागज के बिल आदि फर्जी तैयार किए। यह फाइल पीआरओ श्री गंगानगर ने वेरीफाई करके जयपुर सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय को भिजवाई थी।
जांच से मालूम होगा की सच्चाई क्या है?
सूचना है कि श्रीमती रजनी मोदी से समझौता हो चुका है इसलिए उसने आगे कोई कार्यवाही नहीं की लेकिन यह नई शिकायत सामने आई है।
जिला कलक्टर की जांच में मामला भ्रष्टाचार का बनता है तो यह फाइल और जांच रिपोर्ट वापस ब्यूरो मुख्यालय को जाएगी।



Tuesday, February 14, 2017

36 बीबी दूदा मौड नशा मुक्ति शिविर एंव जनजनजागृति कार्यशाला का आयोजन



श्रीगंगानगर, 14 फरवरी। 36 बीबी दूदा मौड नशा मुक्ति शिविर एंव जनजनजागृति कार्यशाला का आयोजन श्रीमान जिला पुलिस अधीक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार चलाये जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अन्तर्गत मंगलवार को राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक विधालय दूदामौड 36 बीबी मे निशुल्क नशा मुक्ति शिविर एंवम जनजागृति कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यशाला की अध्यक्षता श्री सुनील के पवांर पुलिस उप अधीक्षक श्रीकरणुर के द्वारा की गई , कार्यक्रम मे नशामुक्ति परामर्श एंव उपचार केन्द्र के प्रभारी डा0 रविकान्तगोयल ने मुख्य वक्ता के रूप मे अपने सम्बोधन मे कहा कि नशा सिर्फ बरबादी का रास्ता है नशा मे खुशीयां तलाश ने महज एक पागलपन है समाज मे किसी भी पारिवारिक इकाई मे नशा कोई भी करे मगर उसकी म़त्राणा र्स्वाधीक परिवार की महीलाओं को भूगतनी पडती है। नशा करने से व्यक्ति की आत्मा मर जाती है। डा0 गोयल ने नशे के दोषो व दूष्प्रभावो की जानकारी दी तथा नशे से बचने के सरल उपाय बताते हुऐ छात्रा छात्राओ एंवम उपस्थित जनसमुह को जीवणभर नशा करने व नशा छुडवाने की सामुहिक शपथ दिलवाई कार्यक्रम मे कार्यवाहक थानाधिकारी श्रीहरप्रीत सिह एएसआई ने अपने सम्बोधन मे कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति अच्छे बुरे मे भेद न करने की वजह से चोरी डकेती, बलात्कार एंवम हत्या जैसे अपराध कर बेठता है। नशा करने वाला व्यक्ति न केवल अपना बल्कि अपने सकेण्डो लोगो का अपने साथ-साथ प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से पीडा एंवम नुकसान पहुचाता है। द्वड इच्छा शक्ति से नशे को छोडा जा सकता है। कार्यक्रम मे स्थानीय विधालय की प्रधानाचार्य श्रीमती प्रशन्ता शर्मा ने कहा कि पुलिस द्वारा चलाया जा रहा है। नशा मुक्ति अभियान मानवता की सची मिसाल है क्योकि विधार्थीयो काम न कोरे कागज की तरह होता है इस पर जो भी बात अकिंत की जाती है इसका प्रभाव पूरी जिन्दगी रहता है। नशे से विधार्थी एंवम देश की भावी पिढी को बचाना हम सबका दायित्व बनता है तथा इस दिशा मे इस प्रकार के नशामुक्ति अभियान चलाकर पुलिस एंवम स्वास्थय विभाग एक अनूठी मिशाल कायम कर रहे है। कार्यक्रम मे सरपंच श्री अवतार सिह मान ने कहा कि नशे से अपराध का सीधा सम्बध है। इसलिये नशे से बचाना चाहिए एंवम युवा वर्ग से आग्रह किया कि वे समाजिक समस्याओं पर ध्यान केन्द्रीत करें न कि नशे पर , कार्यक्रम के पश्चात डा0 रविकान्त गोयल ने आसपास के क्षेत्रों से आये। नशा पीड़ित लोगो की जांच की एंवम उचित परामर्श प्रदान किया।

पाकिस्तान में वैलेंटाइन डे बनाने पर उच्च न्यायलय की रोक



विश्व भर में 14 फरवरी को मनाए जाने वाले वैलेंटाइन
डे यानी कि  दिवस पर पाकिस्तान उच्च न्यायालय ने रोक लगाई है पाकिस्तान के इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने वैलेंटाइन डे बनाए जाने पर रोक लगाई है तथा अखबारी सूचना जगत को भी सख्त गाइडलाइन जारी की है देश का कोई भी अखबार और न्यूज चैनल वैलेंटाइन डे से संबंधित कोई भी खबर और फोटो प्रसारित प्रचारित नहीं करेगा हाईकोर्ट में अब्दुल वहीद नामक एक व्यक्ति ने याचिका दायर की थी जिसने अदालत से निवेदन किया गया था कि वैलेंटाइन डे मुस्लिम परंपरा का हिस्सा नहीं है इसलिए इस पर रोक लगा दी जाए वैलेंटाइन डे पर पूरे विश्व में प्यार का तूफान बचता है और करोड़ों रुपए का तोहफों का लेन देन होता है भारत में यह विवादित रहा है लड़के लड़कियां ऐसे मनाते हैं और हिंदूवादी संगठन इसका जबरदस्त विरोध करते हैं कि यह भारतीय परंपराओं के अनुकूल नहीं है।

Monday, February 13, 2017

सूरतगढ़ में न्यायिक मजिस्ट्रेट का एक और नया पद:

    सूरतगढ़ 13 फरवरी 2017. राजस्थान उच्च न्यायालय ने
यहां न्यायिक मजिस्ट्रेट का एक और नया पद स्रिजित  किया है।
एक और न्यायिक मजिस्ट्रेट के होने से प्रकरण तेजी से निस्तारित होंगे। 

Sunday, February 12, 2017

सूरतगढ़ को जिला बनाओ मांग 41 साल पुरानी- करणीदान सिंह राजपूत

गुरूशरण छाबड़ा विधायक थे और उनके निवास पर  मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत का भोजन था तब सूरतगढ़ को जिला बनाने का ज्ञापन दिया गया था। मैं उस समय मौजूद था।



सूरतगढ़ 12 फरवरी 2017.

 राजस्थान में नए जिले की मांग में सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग 41 वर्ष पुरानी है और यह मान वर्तमान मांगों में सबसे पुरानी है।
 वे लोग  जिनकी आयु अब  लगभग 50 वर्ष के करीब है उनको सबसे पहले उठाई गई मांग और ज्ञापन आदि का मालूम नहीं है, इसलिए करणी प्रेस इंडिया पर पुरानी रिपोर्टें एक बार फिर पाठकों के सामने दी जा रही है और उनके लिंक facebook पर भी दिए गए हैं।
सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग  जनता पार्टी,भाजपा और कांग्रेस पार्टियों के राज में निरंतर उठती रही है।
इन मांगों में प्रदर्शनों आदि में सभी राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों छात्र संगठनों व्यापारियों मजदूरों किसानों आदि का भरपूर सहयोग मिलता रहा है।

अब कुछ लोग शहर वासियों को बार-बार उलाहना दे रहे हैं की वे जिले की मांग को लेकर कुछ भी नहीं कर रहे  हैं। सच्चाई यह है कि यह उलाहने झूठे हैं । सच से परे हैं। सच्चाई यह है कि मांग निरंतर उठती रही है जिसके वे जानकार नहीं हैं।
मैं  राजस्थान पत्रिका से जुड़ा हुआ था, तब अनेक बार रिपोर्टिंग छपी।
 आजकल मेरे खुद के ब्लॉग करणी प्रेस इंडिया पर यह रिपोर्ट बहुत बार छपी है।
मेरा यह आग्रह है कि रिपोर्ट पढें और  उनमें चित्र भी हैं।समीक्षा करें की जनता ने और राजनीतिक दलों ने वास्तव में इस आंदोलन को सालों से चलाया हुआ है।
आपने पहले साथ नहीं दिया या किसी कारण से नहीं दे पाए हों तो अब साथ देने में जुट जाएं।
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सूरतगढ़ जिला बनाओ अभियान 36 साल पुराना:नई रपटें 2014-अपडेट


खास खबर- करणीदानसिंह राजपू


अब यह मांग 41 साल पुरानी हो चुकी है।

पहली बार  प्रकाशित  10 - 3 -2012
दूसरी  बार  प्रकाशित  5-6-2014
तीसरी बार प्रकाशित  12-2-2017




सूरतगढ़ जिला बनाओ अभियान के तहत 36 साल में अनेक कदम उठाते हुए बार बार नई गति दी है तथा जब भी अभियान सरकारें बदलने के साथ दुबारा शुरू हुआ तब नई ऊर्जा पैदा हुई और नए जोश से कदम उठाए गए। सन 2008 और उसके बाद 2013 के विधान सभा चुनावों में हर प्रत्याशी का अहम मुद्दा था।
अब संयोजक दिलात्मप्रकाश जैन की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई है जिसमें ग्रामीण इलाकों को इस मांग में जोडऩे का निर्णय हुआ है।
इसके अलावा 9 जून को उपखंड अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन के साथ ज्ञापन दिया जाएगा।

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पहले की रपट यहां दी जा रही है।


सन 1978 में जनता पार्टी कार्यकाल में मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत को विधायक गुरूशरण छाबड़ा ने दिया था मांग पत्र:
शेखावत का भोजन छाबड़ा के निवास पर था:

सूरतगढ़ को जिला बनाओ की मांग एक बार पुन:  हुई है। 
भारतीय जनता पार्टी ने इसका अभियान 10 मार्च 2012 को सुभाष चौक पर शुरू किया । संस्थाओं व संगठनों के द्वारा क्रांतिकारियों की प्रतिमाओं के चौक पर पुतले जलाकर चुप हो जाने से अभियान अच्छा है चाहे इसका परिणाम आने में समय लगे।
    सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग के पीछे सूरतगढ़ की समस्त भूगोल अधिक अहमियत रखता है। इसका ब्यौरा महत्वपूर्ण है और इसको समझना जरूरी है। राजनैतिक दृष्टि से यह मसला बार बार उठता रहा है, मगर वह बाद में ठप भी होता रहा है।
सूरतगढ़ जिला बनाओ की मांग 36 साल पुरानी है। सन 1978 में जनता पार्टी कार्यकाल में मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत को विधायक गुरूशरण छाबड़ा ने सबसे पहले यह ज्ञापन दिया था। विधायक गुरूशरण छाबड़ा के सूरतगढ़ निवास पर शेखावत का रात्रि भोजन था। उस समय यह ज्ञापन दिया गया था। उस समय के भारतजन अखबार में यह समाचार मेरी तरफ से प्रकाशित भी किया गया था। भारतजन का स्वामित्व उस समय मेरा ही था।
    इससे भी अधिक महत्व पूर्ण बात यह है कि सरकार ने नए जिले बनाने व जिलों के पुन:गठन के लिए एक कमेटी बनाई थी। उसमें प्राथमिकता थी कि इंदिरा गंाधी नहर क्षेत्र का जिस इलाके में विकास हो रहा है उस क्षेत्र में जिला मुख्यालय बनाया जाए। यह समाचार राजस्थान पत्रिका में 10 जुलाई 1978 को प्रकाशित हुआ था। मेरे पास वह पृष्ठ रिकार्ड में आज भी है। इस प्राथमिकता में सूरतगढ़ इलाका ही था जिसमें महाजन को भी शामिल किया जा सकता था। सूरतगढ़ का दावा प्रबल था। इस प्राथमिकता को उस समय ध्यान में ही नहीं रखा गया और ना जोर दिया गया।
    इसके बाद जब हनुमानगढ़ को जिला बनाने की मांग उठी, तब भी मुख्यमंत्री तो भैरोंसिंह शेखावत ही थे, मगर सूरतगढ़ के विधायक पद पर भारतीय जनता पार्टी के अमरचंद मिढ़ा आ गए थे। उस समय राज भारतीय जनता पार्टी का था। भैरोंसिंह शेखावत ने उनको राजी कर लिया कि हनुमानगढ़ को जिला बना दिया जाए और सूरतगढ़ को जिले जैसा प्रशासन दे दिया जाए। इसके बाद सन 1992 में हनुमानगढ़ को जिला बना दिया गया और सूरतगढ़ में अतिरिक्त जिला कलक्टर का पद सृजित किया गया और उसके अधीन सूरतगढ़, श्रीबिजयनगर, अनूपगढ़ और घड़साना तहसीलें रखी गई। केवल दबाव के कारण यह हुआ और सूरतगढ़ जिला बनाए जाने से पीछे रख दिया गया। इसके बाद समय समय पर और चुनाव के समय सूरतगढ़ को जिला बनाने की मांग उठती रही।
    सन 2008 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी गंगाजल मील, भाजपा के प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया और स्वतंत्र प्रत्याशी राजेन्द्र भादू की चुनावी घोषणाओं में सूरतगढ़ को जिला बनाने की बात भी थी।
    विधायक गंगाजल मील चुन लिए गए और उनकी तरफ से अनेक बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ज्ञापन दिए जा चुके हैं।

राजस्थान पत्रिका जयपुर में दिनांक 10 जुलाई 1978 में पृष्ठ 6 पर समाचार छपा था उसकी फोटो यहां दी जा रही है। 








करणीदानसिंह राजपूत
राजस्थान सरकार द्वारा अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,
मोबा. 94143 81356
दिनांक- 10 मार्च 2012.
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वसुंधरा राजे सूरतगढ़ में झूम झूम नाची: फोटो अपडेट









ऐतिहासिक गुरूद्वारा बुड्ढाजोहड़ में गुरूग्रंथ साहिब के मत्था टेक कर सूरतगढ़ पहुंची:

धानमंडी में अपार भीड़ देख गदगद हुई: सूरतगढ़ में तलवार भेंट की गई

    खास रपट- करणीदानसिंह राजपूत

 

अपडेट  12  फरवरी 2017.

सूरतगढ़, 18 जून 2013.

 वसुंधरा राजे सुराज संकल्प यात्रा के दौरान ऐतिहासिक गुरूद्वारा बुड्ढाजोहड़ में गुरू ग्रंथ साहिब के आगे सिर नवाया और अनेक स्थानों पर स्वागत सत्कार के बाद सूरतगढ़ पहुंची। राजे ने लाल पंजाबी सूट और कशीदाकारी वाली जूतियां पहनी हुई थी। वे भीड़ देख कर इतनी गदगद हुई की नाच उठी। मंच पर नेता और सामने भीड़ ने भी उनका साथ दिया।

राजस्थान की कांग्रेस सरकार के इन साढ़े चार सालों में जनता की जो भी परेशानियां थी,उन सब पर अपना भाषण दिया व अशोक गहलोत को खूब कोसा।

उनके आने से पहले मंच पर कैलाश मेघवाल,सुभाष मेहरिया, सुरेन्द्रपालसिंह टीटी,निहालचंद मेघवाल,कुलदीप खनखड़,रामप्रताप कासनिया, अशोक नागपाल, राजेन्द्र भादू,विजेन्द्र पूनिया,रजनी मोदी,शरणपालसिंह मान,सहित कई नेताओं ने भाषण दिए। मंच का संचालन नगर महामंत्री धर्मदास सिंधी,देहात अध्यक्ष नरेन्द्र घिंटाला ने किया।

कार्यक्रम में विधायक राधेश्याम,विधायक अभिषेक मटोरिया,पूर्व राज्यमंत्री कुंदनलाल मिगलानी आदि भी पहुंचे।

वसुंधरा राजे काफी देरी से यहां पहुंच पाई जिसके कारण भीड़ बार बार अधीर हो खड़ी होती रही। इस देरी के कारण वसुंधरा राजे के लिए लाई गई मालाएं पहनाई नहीं जा सकी। 






 






करणी प्रेस इंडिया की खबरों रिपोर्टों चित्रों के संयोजन का कोई मुकाबला नहीं:

 पढ़ते रहिए:







Friday, February 10, 2017

चान्दना में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला एवम निशुल्क नशा मुक्ति शिवर

 
श्रीगंगानगर, 10 फरवरी। जिला पुलिस अधीशक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार पुलिस थाना पदमपुर के माध्यम से शुक्रवार को रा.उ.मा.वि.चान्दना में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला एवम निशुल्क नशा मुक्ति शिवर का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में रा.उ.मा.वि.चान्दना के विद्यार्थियों, अध्यापको सहित भारी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यशाला के मुख्यवक्ता नशा मुक्ति परामर्श एवम उपचार केन्द्र के प्रभारी डा.रविकान्त गोयल ने अपने सम्बोधन में कहा कि नशे में खुशियां तलाशना अपने विनाश को आवाहन देना है जीवन में बढ़ते तनाव निराशाओ और भौतिक संसाधन जुटाने की अंधी दोड़ में असफल रहने पर जो लोग नशे में अपनी खुशियां तलाशते है वे धीरे-धीरे अपने व अपने परिवार के जीवन को बर्बादी के रास्ते पर ला खड़ा करते है। नशा किसी भी समस्या का हल नहीं है जो लोग किसी भी कारण वंश नशे कि चपेट में आ चुके है, वे अपने परिवार और समाज के लोगो कि सलाह पर नशा छोड़ें, दृढ संकलप से बिना कोई नुकसान उठाये नशा छोड़ा जा सकता है।
कार्यक्रम में व्याख्य्ता श्री बनवारी लाल शर्मा ने विशष्ठ अतिथि के रूप में सम्बोदित करते हुए कहा कि जो लोग समय बिताने के लिए गलत संगति में पढ़ कर नशा करते है, वे सामाजिक कार्यो में जुट कर अपना कीमती समय समाज के विकास में लगाये, ताकि एक स्व्च्छ नशा मुक्त भारत का निर्माण किया जा सके शर्मा जी ने कहानियों के माध्यम से विद्यार्थियों व जनप्रतिनिधियों को नशे से दूर रहने के लिये प्रेरित किया।
कार्यशाला में थाना इंचार्ज पदमपुर श्री मनसा राम ने कहा कि आम लोग नशा बेचने वाले लोगो की सुचना पुलिस प्रशासन को दे, ताकि समाज में जहर फेला रहे लोगो पर प्रभारी कार्यवाही कि जा सके, जो लोग किसी भी कारण वंश नशे कि चपेट में आ गये है, वो जिला पुलिस प्रशासन द्वारा संचालित राजकीय नशा मुक्ति परामर्श एवम उपचार केन्द्र की सेवाएँ लेकर नशा छोड़ें।
कार्यशाला में कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्री कुमार लव पुंज ने कहा कि बच्चो को शिक्षित कर नशा मुक्ति का वातावरण निर्माण करने में बढ़ी मदद मिलेगी पुलिस द्वारा स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से चलाये जा रहे इस अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यशाला में सरपंच श्री अशोक कुमार व ग्राम पंचायत स्टाफ ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में डा. रविकान्त गोयल ने नशा पीड़ित लोगो की जाँच की व उचित परामर्श प्रदान किया।
 

 


सूरतगढ़ में कलेक्टर और एसपी कार्यालय कहां हो जगह सुझाएंःचर्चाः



-  करणी दान सिंह राजपूत  -
 सूरतगढ़।
 राजस्थान भर में नए जिले बनाने की संभावनाओं को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
संभावित जिलों में सूरतगढ़ का नाम भी हम लोग ले रहे हैं। मान लो जैसे गणित में मानते हैं । सूरतगढ़ को जिला बनाने की घोषणा हो जाती है, तब जिला मुख्यालय के विभिन्न विभागों के कार्यालय कहां कहां खोले जा सकते हैं? स्थान सुझाने में तो कोई हर्ज वाली बात नहीं है,और न कोई आरोप प्रत्यारोप लगाने वाली बात है।
 चर्चा करने से ही कोई बात आगे बढ़ेगी और सुझावों से ही स्थानों का भी पता लगेगा। इस चर्चा में कोई भी बाकी क्यों रहे। सभी हिस्सा ले सकते हैं। सुझाव दे सकते हैं। चाहे वे राजनीतिज्ञ हों चाहे व्यापारी हों चाहे शिक्षक वकील हों या अन्य कार्य करने वाले हों या किसान हों।
मेरा ख्याल है कि सुझाव देने में किसी को भी पीछे नहीं रहना चाहिए।
हमारा जिला कलेक्टर का कार्यालय  कहां स्थापित किया जा सकता है?
जिला कलेक्टर के साथ कम से कम तीन अतिरिक्त जिला कलेक्टर भी होेंगे, उनके कार्यालय भी उसी स्थान पर होने चाहिए जहां जिला कलेक्टर का कार्यालय हो। जिला कलेक्टर कार्यालय और अतिरिक्त जिला कलेक्टरों के स्टाफ के कमरे आदि कितने हों जो कलेक्टर के कार्यालय के आस-पास हों। यहां वकीलों अरायजनवीसों आदि के कार्यालय कक्ष वाली जगह भी आसानी से मिल जाए। यह हुई जिला कलेक्टर कार्यालय की स्थापना।
जिले का दूसरा सबसे बड़ा पद जिला पुलिस अधीक्षक का होता है।इसका कार्यालय कहां स्थापित हो सकता है?  जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जो स्टाफ होता है उसके कमरे आदि स्थान की जगह भी सोच कर ही जिला कलेक्टर के पास या दूरी पर जिला पुलिस अधीक्षक का कार्यालय कहां स्थापित हो सकता है? जहां जिला होगा वहां जिले की पुलिस लाइन भी होगी, तो पुलिस लाइन के लिए भी कौन सी जगह है जो उपयुक्त रहेगी।
जब जिला बनेगा तब जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक इनके कार्यालय कहां पर होने चाहिए?
जिला चिकित्सालय के अधिकारी, चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय और स्टाफ उसके लिए भी सुझाव होने ही चाहिए।
 जिले में नागरिक सुरक्षा का जो स्टाफ होता है कार्यालय होता है उसके लिए भी उपयुक्त स्थान कहां पर होना चाहिए?
 जिला परिवहन अधिकारी का कार्यालय कहां होना चाहिए? जिला होगा तब न्यायिक अदालतों से संबंधित  जज व स्टाफ बढ़ेंगे तो उनके लिए न्यायाल आदि कहां पर स्थापित हों?
 यह सुझाव भी अहमियत रखता है।
 यह महत्वपूर्ण बड़े-बड़े कार्यालय है जिनके लिए सुझाव आएं तो बहुत अच्छी बात है।
अन्य कार्यालय धीमी गति से आवश्यकता के अनुरूप खुलते रहेंगे,लेकिन फिलहाल जहां बड़े कार्यालयों की बात है।
जिला कलेक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक के कार्यालय भारी-भरकम माने जाते हैं, इसलिए फिलहाल अगर इन इन के सुझाव भी लिए दिए जाएं तो लाभ ही है।
उसमें कोई हानि होने वाली बात नहीं है ।
जिन लोगों के मन में कोई सुझाव हो तो वह जरूर जनता के सामने आने चाहिए। तो आओ,चर्चा शुरू करें।

अधिकारी आएंगे तो कहीं कार्यालय में बैठेंगे तो सही। सड़क पर तोनहीं बैठेगें। जैसे पहले आरसीपी का लिखा करते थे। केवल टिक करने से तो मतलब नहीं निकलता। चर्चा करें।




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