Wednesday, February 10, 2016

शब्द-वेद‘ नामक अनुपम ग्रंथ जिला पुस्तकालय को भेंट


श्रीगंगानगर, 10 फरवरी। राजकीय सार्वजनिक जिला पुस्तकालय श्रीगंगानगर में विगत सप्ताह में आयोजित कार्यक्रम में श्री द्वारका प्रसाद नागपाल, व्याख्याता एवं कार्यवाहक प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विधालय रिडमलसर और श्री कृष्ण नागपाल ने अपनी माता शांतिदेवी नागपाल की स्मृति में ‘शब्द-वेद‘ नामक अनुपम ग्रंथ जिला पुस्तकालय को भेंट किया। वस्तुतः यह ग्रंथ मन्त्रादृष्टा ऋषियों के मुख से निश्वासित ऋगवेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की 1131 शाखवेदों में कालावशेष वर्तमान में मात्रा ग्यारह (ऋगवेद-एक, शक्ल यजुर्वेद-दो, कृष्ण यजेर्वेद-चार तथा सामवेद-दो, अथर्ववेद-दो) का संकलन यह शब्द-वेद है। विगत शताब्दियों में मूल वैदिक संहिताओं में द्रुतगति से लुप्त हो रहे स्वरूप का संरक्षण इस महान ग्रंथ के प्रकाशन की पृष्ठ भूमि रहा है। रूपये छह हजार पांच सौ की राशि का यह उत्कृष्ट छर्पाइ एवं उत्तम क्वालिटी का गं्रथ, जिसकी आकर्षक मंजूषा जो कि लगभग एक हजार रूपये की है, ग्रंथ को सुरक्षा एवं संदर्भ निर्धारित करती है,साथ में है। श्री कर्पूरचंद कुलिश  द्वारा संकलित/सम्पादित यह शब्द-वेद नामक ग्रंथ श्री द्वारका प्रसाद नागपाल परिवार द्वारा जिला पुस्तकालयाध्यक्ष श्री रामनारायण शर्मा को सौंपा गया। पुस्तकालयाध्यक्ष श्री शर्मा द्वारा नागपाल परिवार के प्रति आभार प्रकट किया गया। 

 

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