शनिवार, 19 सितंबर 2015

आपातकाल 1975 के विरूद्ध सूरतगढ़ में हुई सभा: विरोध में गिरफ्तारिया दी गई थी


- करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़,
कांग्रेस के इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री काल में जब 25 जून 1975 को आधी रात को आपातकाल लगाया गया अगले दिन सुबह आम जनता को मालूम हुआ। यहां पर जोशीले लोगों को आपातकाल सहन नहीं था। आपातकाल के विरूद्ध रेलवे स्टेशन के सामने चौक पर 27 जून रात को सरकार के विरूद्ध आमसभा हुई। राजस्थान में यह पहली एकमात्र सभा थी जिसमें सरकार को चुनौती दी गई थी। इस सभा में कई लोगों ने विरोध में भाषण दिए थे।
उन्हीं में से एक थे मांगीलाल जैन पुत्र रूपराम चोरडिय़ा जो सभा में भाग लेने के बाद अपने घर जोकर सो गए।
स्थानीय पुलिस ने रात को घर से गिरफ्तार किया। शांतिभंग करने का आरोप लगाया गया और भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 107,151 व 116/3 में यह गिरफ्तारी की गई।
इसके बाद हनुमानगढ,श्रीगंगानगर व बीकानेर की जेलों में करीब 4 माह तक बंद रखा गया। श्रीगंगानगर जेल में राजनैतिक बंदी मानते हुए विशेष सुविधाएं दी गई। मांगीलाल जैन वर्तमान में घड़साना नई मंडी में निवास कर रहे हैं और वहीं पर व्यवसाय है।

डा.सोहनसिंह सोढ़ा पुत्र राम बक्स सोढ़ा जो डूंगर कॉलेज से प्राध्यापक बने और अब सेवा निवृति के बाद ए/217 सादुलगंज बीकानेर में निवास कर रहे हैं। इनको सूरतगढ़ में गिरफ्तार किया गया। भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 107,151 व 116/3 में यह गिरफ्तारी की गई।
सोढ़ा 6 जुलाई 1975 से 14 जुलाई तक हनुमानगढ़ जेल में,15 जुलाई से 7 अगस्त तक बीकानेर जेल में और 8 अगस्त से 28 अक्टूबर 1975 तक श्रीगंगानगर जेल में बंदी रहे।
स.गुरनारमसिंह पुत्र फूलासिंह कम्बोज सिख पुराना वार्ड नं 9 व वर्तमान नया वार्ड नं 32 सूर्याेदय नगरी को सरकार के विरूद्ध नारेगाजी के साथ पैम्फलेट बांटते हुए गिरफ्तार किया गया। इनको 5 अगस्त 1975 को गिरफ्तार किया गया था। स.गुरनामसिंह और श्यामलाल चिलाना ने इश्तहार बांटते हुए गिरफ्तारी दी थी और पुलिस ने बाद में चिलाना के भाई कुशालचंद चिलाना को उनकी किरयाना की दुकान से गिरफ्तार किया।
उपखंड मजिस्ट्रेट उन दिनों हनुमानगढ़ में थे। उनके आदेश पर 6 अगस्त 5 अगस्त 1975 को श्रीगंगानगर जेल में भेजा गया। वहां से 16 अक्टूबर 1975  को मुचलके पर तीनों रिहा हुए। तीनों की गिरफ्तारी भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता की धाराओं 107,151 व 116/3 में की गई थी।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें