सोमवार, 19 जून 2023

आयुर्वेदिक पद्धति सें हर रोग हर उम्र रोगी का उपचार:डा.निशांत स्वामी करते हैं.

 



* करणी दान सिंह राजपूत *

 सूरतगढ़ 19 जून 2023.

 गर्मी और लू के थपेड़ों में ग्रीष्मकालीन मौसम में उत्पन्न होने वाले रोगों के अलावा सूरतगढ़ में पैदा हो रही विभिन्न गंभीर बीमारियां और उनके आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज के बारे में उपचार के बारे में  नगर पालिका के आयुर्वेदिक औषधालय के डॉक्टर निशांत स्वामी से  बातचीत हुई।

* नगर पालिका आयुर्वेदिक औषधालय में इन दिनों पहुंच रहे रोगियों के बारे में भी चर्चा हुई।

 बच्चों के रोगों और बच्चों के शारीरिक कमजोरी से चर्चा शुरू हुई।विभिन्न प्रकार के कारणों से बच्चों में अनेक प्रकार के रोग पैदा हो जाते हैं। बच्चे कमजोर होते जाते हैं और अभिभावकों को मालूम नहीं पड़ता, बस वे इतना कहते हैं कि बच्चा खाना नहीं खाता बच्चा अस्वस्थ रहता है। बच्चे बहुत सी बातें बता भी नहीं पाते।

 डॉ निशांत ने कहा कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए इस औषधालय से उपचार दिया जाता है और उसका लाभ भी मिलता है।

 उन्होंने बताया कि जन्म होने से लेकर 15 वर्ष तक के बच्चों में कोई कमजोरी आदि होती है तो उसका उपचार आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है।

डॉक्टर निशांत से युवा और वृद्ध स्त्री पुरुष के रोगों के बारे में बातचीत की गई।  उन्होंने कहा कि 15 से 70 साल तक के उम्र के लोगों में जोड़ों के घुटनों के कमर दर्द सर्वाइकल दर्द के मामले आते रहते हैं। 

इनका खाना-पीना आदि में परिवर्तन कराते हुए औषधियों से इलाज करते हैं जिसका लाभ भी मिलता है। व्यक्ति के चलने फिरने आदि के बारे में भी जानकारी दी जाती है कि कैसे चलना है। यहां तक कि जूते चप्पल आदि किस प्रकार के तले के पहनने के बारे में भी बताते हैं ताकि घुटनों आदि के रोग में रोगी को चलने में परेशानी न हो।

* डॉक्टर निशांत ने बताया कि स्त्री और पुरुषों में बावासीर इसे पाइल्स भी कहते हैं इसके अलावा फिशर आदि गुदा के  गंभीर रोग है और इनका इलाज भी आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है। गुदा रोग से संबंधित प्रतिदिन दो तीन स्त्री पुरूष आते रहते हैं।

* माइग्रेन का दर्द जिसे आधासीसी कहते हैं। बहुत गंभीर होता है और व्यक्ति बहुत परेशान होता है उसका उपचार भी आयुर्वेदिक पद्धति से किया जाता है। डॉक्टर निशांत ने कहा कि माइग्रेन भी कई प्रकार का होता है।


 गर्मी से संबंधित और उदर रोग के मामले भी सामान्य रूप से प्रतिदिन आते हैं। जुकाम और खांसी के मामले तो पूरे वर्ष भर चलते हैं।

डॉक्टर निशांत ने बताया कि खांसी का उपचार आयुर्वेदिक विधि से सर्वोत्तम है।


नगरपालिका के आयुर्वेदिक औषधालय से उपचार कराने वालों की संख्या निरंतर बढ़ रही है।

* उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक सर्वाधिक पुरानी पद्धति है और हर उम्र के स्त्री पुरुष बच्चों आदि के लिए उपचार संभव है। 

नगरपालिका का आयुर्वेदिक औषधालय भग्गू वाला कुआं भारत माता चौक के पास स्थित है।वर्षों से यहां जनसामान्य का इलाज किया जाता रहा है।०0०

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