सोमवार, 14 सितंबर 2020

श्रीगंगानगर जिले में कोरोना इंसीडेन्ट कमाण्डर्स कितने सजग हैं?


* करणीदानसिंह राजपूत*
जिला कलक्टर ने कोरोना वायरस संक्रमण एवं बचाव के लिए जिले में मार्च 2020 के अंतिम सप्ताह 27-28 मार्च को जिला मुख्यालय और उपखण्ड पर एडीएम और एसडीएम  को इन्सीडेन्ट कमाण्डर नियुक्त किया था।
इनकी ड्यूटी और जिम्मेदारी निर्धारित की गई थी की ये सभी अपने अधिकारित क्षेत्र में कोरोना वायरस रोकथाम उपायों की सम्पूर्ण क्रियान्विति के लिए उत्तरदायित्व होंगे।
अन्य सभी लाईन विभागों के अधिकारी इंसीडेन्ट कमाण्डर्स के अधीन कार्य करेंगे। 
ये इंसीडेंट कमांडर घोषित हुए पांच माह से अधिक हो चुके हैं। इनकी अलग अलग स्तर पर सजगता कार्य जिम्मेदारी की समीक्षा तुरंत ही होनी चाहिए।
जिले में चिकित्सालयों बैंकों बीमा आदि सहित कई क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण का विस्तार होने और प्रतिदिन संख्या भी बढने से यह समीक्षा की जानी जरूरी है।
कोरोना सैंपलिंग लेने में चार पांच घंटे तक की चिकित्सालयों में प्रतीक्षा क्यों करनी पड़ती है?
सैम्पल की जांच श्रीगानगर प्रयोगशाला में केवल चार घंटे में मिलने की घोषणा थी,लेकिन जांच रिपोर्ट असल में कितने घंटों में मिल रही है?
कोरोना चिकित्सा के जिला मुख्यालय व उपखंड स्तरीय सेंटरों में क्या व्यवस्था और व्यवहार हैं?
जिला कलेक्टर स्वयं और इंसीडेंट कमांडर व्यक्तिगत रूप में क्या इनको देखने के लिए उपस्थित हुए हैं? यह उपस्थिति कितने दिन की अवधि में आवश्यक रूप में और जरूरी हो तब निर्धारित अवधि से पहले भी होने की ड्यूटी हो।
सेंटरों पर भोजन व्यवस्था कैसी है? भोजन गरिष्ठ अधिक चिकनाई वाला देरी से पचने वाला है या सुपाच्य है?कोरोना में और किसी भी बीमारी में भोजन विशेष होता है कि सुपाच्य हो।
निर्धारित दवाईयां आदि समुचित और समय पर दी जाती है या नहीं? कोई भूल चूक हुई हो तो उसे सुधारने और दुबारा नहीं होने के लिए क्या अनुभव और सीख लागू किए गए?
जिन संक्रमित लोगों को घरों में रखा गया। उनको बाहर नहीं निकलने और घरों के बाहर सूचना चिपकाने में पाबंदियां कितनी प्रभावी रही और ढील हुई तो किसकी गलती से हुई?
कोरोना संक्रमण और बचाव में सभी को सजग सतर्क रहना जरूरी है। चाहे अधिकारी हो,जनता हो,पीड़ित हो।
इस लेख में किसी भी स्तर में गलती कमी पर दंडित करने का नहीं लिखा गया है। असल में इस रोग से मुक्ति और नहीं फैले इसलिए सभी की सजगता को महत्वपूर्ण माना है।००
* करणीदानसिंह राजपूत,
पत्रकार,
(राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ।
94143 81356.
**********





कोई टिप्पणी नहीं:

यह ब्लॉग खोजें