मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

लोकडाउन में नगरपालिका सूरतगढ़ में कानून तोड़कर समारोह.पालिका अध्यक्ष की अध्यक्षता.मीडिया ने छिपाया


* करणीदानसिंह राजपूत *


कोरोना वायरस से बचाव में लागू लोकडाउन में नगरपालिका में समारोह किया गया। नगरपालिका के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने उस समारोह की अध्यक्षता भी की। अध्यक्ष और अनेक खुले मुंह तथा सोशल डिस्टेंस भी नहीं थी।

इसमें पार्षदों, ठेकेदारों, आदि सहित करीब 150 लोगों ने इसमे भाग लिया। ये लोग कैसे आमंत्रित किए गए जो अधिकांश मालाएं लेकर पहुंचे। ये मालाएँ सेवा निवृत्त हो रहे ईओ लालचंद सांखला को और चार्ज लेने वाले ईओ को पहनाई गई।

अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने भी लालचंद सांखला और ईओ कार्यभार ग्रहण करने वाले अभियंता को मालाएँ  पहनाई। मालाएं पहनाते और समारोह में सोशल डिस्टेंस का कोई ध्यान ही नहीं था।

लोकडाउन के सभी कानूनों और निर्देशों, प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत,श्रीगंगानगर के जिला कलेक्टर  शिवप्रसाद नकाते  के आदेशों निर्देशों और कानूनों को  तोड़ते हुए सरकारी ड्यूटी तक की परवाह नहीं की गई।

सरकारी कानून तोड़ने में अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को भी कोई हिचक नहीं हुई। यह मालूम था कि कानून तोड़ रहे हैं इसलिए यह समारोह की खबर अखबारों और सोशल मीडिया पर नहीं आए। अध्यक्ष ने मौजूद फोटोग्राफर, पत्रकार, व अन्य से कहा कि फोटो किसी को भी नहीं दिए जाएं। पालिका के फोटोग्राफी ठेकेदार ने भी फोटोशूट किए और विडियो बनाया।


कोरोना वायरस संक्रमण एवं बचाव में नगरपालिका खुद भीड़ इकट्ठी नहीं करने का व सोशल डिस्टेंस का प्रचार करने में लगी हुई है। जिला कलेक्टर ने जिले में धारा 144 भी लगा रखी है। धार्मिक उत्सव बंद हैं। किसी का निधन हो जाए तो परिवार के ही 15-20 आदमियों से अधिक नहीं होते। 

राजस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले बढने से मुख्य मंत्री चिंतित लेकिन पालिका अध्यक्ष को उस समारोह में भाग लेने वालों कानून तोड़ने पर कोई चिंता नहीं। समारोह करना और छुपाने के प्रयास करना अति गंभीर कांड है। वहीं सब कुछ अच्छे जानकार बुद्धिजीवी होते हुए उन्होंने सरकारी नियम को तोड़ा।


सूरतगढ़ की जनता से खिलवाड़ करने वालोँ की न्यूज को बड़े अखबारों ने,सभी पत्रकारों ने रोका। सोशल मीडिया पर भी नहीं आई। कितना घालमेल रहा है। सभी को मालूम लेकिन किसी भी पत्रकार ने अपने स्तर पर समाचार फोटोज के लिए कोशिश नहीं की,जनता के प्रति कोई जिम्मेदारी नहीं।अध्यक्ष का कहना माना। 

इस गंभीर कांड पर कोई नहीं बोला यह कौनसा मेल है। विधायक, पूर्व विधायक, राजनीतिक दलों के पदाधिकारी भी चुप। यह रहस्य भी कभी जांच में जरूर खुलेगा।

पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा लोक डाउन लागू होने के बाद किन किन कामों को करते रहे और किन कागजातों पर हस्ताक्षर किए जिस कारण से समारोह आयोजन नियम तोड़ कर किया।

ईओ लालचंद सांखला की सेवानिवृति पर लोकडाउन में केवल 4 की उपस्थिति ही होनी चाहिए थी। पालिका अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा, लालचंद सांखला, ईओ का कार्यभार लेने वाले सुमित माथुर और संबंधित शाखा का लिपिक। समारोह तो होना ही नहीं था।

सरकारी कानून मानने मनाने की जिनकी ड्यूटी है वही कानून तोड़े तो उनको कोई छूट नहीं होनी चाहिए।

प्रशासन और पुलिस जो सजग थी तब उसे भी धता बता दिया गया। पालिका परिसर में धारा 144 के होते कैसे एकत्रित हुए। मामला गंभीर है। देखते हैं कितने नेता, सामाजिक लोग,पत्रकार अब जागरूकता दिखाते हैं। राजस्थान सरकार अध्यक्ष के विरुद्ध क्या कार्यवाही करती है? लोकडाउन में न शोसल डिस्टेंस न मास्क। चित्रों में अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा को देखें।0



* करणीदानसिंह राजपूत,

राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत पत्रकार।

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

यह ब्लॉग खोजें