सोमवार, 29 अक्तूबर 2018

हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी के साथ से भाजपा कांग्रेस को खतरा

जयपुर। हनुमान बेनीवाल ने आज 29-10-2018 को जयपुर में राजस्थान की अपनी नई ‘राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी‘ की घोषणा की। बेनीवाल ने हुंकार सभा में रिमोट दबाकर पार्टी का झंडा और नाम जारी किया। पार्टी का चुनाव चिन्ह बोतल को रखा गया है। हाल ही में भाजपा से अलग हुए भारत वाहिनी पार्टी के ‘घनश्याम तिवाड़ी‘ समेत कई दिग्गज नेताओं ने बेनीवाल के साथ मंच साझा किया। रैली में हनुमान बेनिवाल ने  घनश्याम तिवाड़ी‘ का साफा पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान सभा में कुछ समर्थकों ने जाट समर्थन वाली टीशर्ट पहनी तो कई ट्रेक्टर पर बैठकर सभा में पहुंचे। बेनीवाल की रैली में शामिल होने के लिए सुबह से ही कई जिलों से किसान और जाट नेता-कार्यकर्ता सभा में पहुंचे। 

 सभा में बेनीवाल और तिवाड़ी ने भाजपा-कांग्रेस पर अनेक प्रहार किए।

युवाओं का जोश देखकर पक्का लग रहा है कि राजस्थान में एक पार्टी तो तीसरे नंबर पर जाएगी।

बेनीवाल ने कहा कि आज आपने इन दोनों पार्टीयों को पूरी फिल्म दिखा दी। कल रोड शो कर ट्रेलर दिखाया था।

- बाड़मेर की हुंकार रैली से पाकिस्तान भी हिल गया।

- सब कह रहे हैं कि अब तक राजस्थान में तीसरा मोर्चा नहीं बना, लेकिन इस बार बनेगा और सरकार भी उसी की होगी।

- राजस्थान का युवा इस बार भगत सिंह की भूमिका में लड़ रहा है।

- कोई कह रहा था कि अमित शाह सेटिंग कर रहे हैं, लेकिन मैं तो घनश्याम तिवाड़ी से सेट था।

- बाड़मेर में जब मैंने हुंकार भरी तो दिल्ली तक में भूचाल आ गया। 

- वसुंधरा राजे ने तो घनश्याम जी के अंडर में किया है काम। जब वो युवा मोर्चा की सेक्रेटरी थी तो तिवाड़ी जी अध्यक्ष थे।

घनश्याम तिवाड़ी के भाषण की खास बातें यह रही।

- अमित शाह अगर आपका अंगद का पैर है तो जा कर लंका में रोपो, राजस्थान लंका नहीं है।

- मैं और बेनीवाल सरकार में आएं तो एक लाख युवाओं को प्रतिवर्ष रोजगार मिलेगा।

- मेरा चुनाव चिन्ह बांसुरी है और बेनीवाल की बोतल। इसलिए पानी पियों और चैन की बांसुरी बजाओ।

- जैसा मैं अपने बेटे अखिलेश से स्नेह करता हूं वैसे ही मैं हनुमान बेनीवाल से भी करता हूं।

- ओबीसी में आने वाले 14 फीसदी मुसलमानों को भी हमने शामिल किया है।

- बीजेपी के दिन लद गए है।

- सरकार ने किसानों के विरोध में किए काम।

- वीर तेजा जी को याद करते हुए तिवाड़ी ने लोगों को उनका वंशज बताया।

- तिवाड़ी ने कहा कि हनुमान के बल को देख कर आज हनुमान जी कह रहा हूं।

- विधानसभा में गाय चराने नहीं आएंगे एक आदेश देकर किसान का कर्ज माफ करेंगे।

- राजस्थान में पानी की कमी है, उसे पूरी करेंगे और चेहरे पर भी पानी रखेंगे। इसलिए इज्जत के साथ काम करेंगे।

 

विधायक हनुमान बेनीवाल ने नई पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की घोषणा की।

जयपुर 29_10_2018.

विधायक हनुमान बेनीवाल ने सोमवार को अपनी नई पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की घोषणा की। बेनीवाल ने मानसरोवर क्षेत्र में आयोजित हुंकार महारैली में नई पार्टी का ऐलान किया और चुनाव चिह्न पानी की बोतल रखा हैं।

बेनीवाल ने कहा, जिस तरह युवाओं का सैलाब उमड़ा है इससे विधानसभा चुनाव में किसानों की सरकार बनना तय है और किसान का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा।

उन्होंने कहा कि इस बार अब विधानसभा चुनाव में आयाराम गयाराम का खेल समाप्त होगा। किसानों की सरकार बनने पर मौजूदा भ्रष्टाचार एवं घोटालों की जांच कर दोषियों को जेल में डाला जाएगा।सीमावर्ती बाड़मेर जिले की हुंकार रैली से तो पाकिस्तान भी हिल गया था और अब तो युवाओं के जोश को देखते हुए भाजपा एवं कांग्रेस दोनों में से एक पार्टी चुनाव में तीसरे स्थान पर चली जाएगी।

नागौर हुंकार रैली से आंधी चली थी और सीकर रैली में तूफान बन गया और जयपुर की महारैली में सुनामी आ गई हैं इसमें भाजपा एवं कांग्रेस दोनों का कहीं पता नहीं चलेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों का कर्जा माफ, किसानों को मुफ्त बिजली, राज्य में खाली पड़े चार लाख कर्मचारियों के पद भरने, मजबूत लोकायुक्त, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू, बेरोजगारों को दस हजार रुपए का बेरोजगार भत्ता देना शामिल हैं।

भाजपा छोड़कर भारत वाहिनी नई पार्टी बनाने वाले घनश्याम तिवाड़ी के साथ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे और बदलाव लायेंगे।

उन्होंने कहा कि उनका काम संघर्ष करना है और वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे और जरुरत पडऩे पर दिल्ली कूच भी किया जायेगा।

बेनीवाल ने कहा कि उनके साथ भ्रष्टाचार के विरोध में किरोड़ी लाल मीणा ने शंखनाद किया था लेकिन दुर्भाग्य से मीणा उन्हें छोड़कर चले गए और अब तिवाड़ी और वह मिलकर लड़ाई लड़ेंगे और बदलाव लाएंगे।

बेनीवाल कहा कि उनका काम संघर्ष करना हैं और उन्होंने विधानसभा में भी प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस से भी ज्यादा संघर्ष किया हैं। उनका संघर्ष जारी रहेगा और जरुरत पड़ी तो दिल्ली कूच भी किया जायेगा।

उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि वे कभी जनता से धोखा नहीं करेंगे और किसानों के खून पसीने की कमाई व्यर्थ नहीं जाएगी।

 

शनिवार, 27 अक्तूबर 2018

सूरतगढ में पुलिस की नशामुक्ति कार्यशाला: क्या हुआ जानेंं


श्रीगंगानगर, 27 अक्टूबर 2018. जिला पुलिस अधीक्षक श्री योगेश यादव के निर्देशानुसार पुलिस प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के सहयोग से चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत लगाए जाने वाले नशा मुक्ति शिविरों की कड़ी में गुरूवार 25 अक्टूबर 2018 को सेठ रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सूरतगढ़ जिला श्रीगंगानगर में नशा मुक्ति जनजागृति कार्यशाला का आयोजन पुलिस थाना सूरतगढ़ शहर के सहयोग से किया गया।

 कार्यक्रम में सीओ सूरतगढ़ पुलिस उपअधीक्षक श्री लोकेन्द्र दादरवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित विद्यार्थियों ,अभिभावकों व कस्बा वासियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा विनाशक होता है, नशा व्यक्ति की प्रगति में मुख्य बाधक का रोल अदा करता है तथा नशा व्यक्ति को अपराधी बना देता है। समाज में हो रहे अपराधों चोरी, डैकेती, हत्या, दुष्कर्म,सडक दुर्घटना, परिवारों के विघटन व कुरीतियों के पीछे अधिकतर नशा ही कारक होता है। नशे पर काबू पाकर इन सभी अपराधों व समस्याओं  पर काबू पाया जा सकता है। इस कार्य में छात्र वर्ग को अहम भूमिका निभानी चाहिए।

 कार्यक्रम में नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ0 रविकांत गोयल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में कहा कि युवा वर्ग अपनी यौन क्षमता बढ़ाने की गलतफहमी में नशे का सेवन करने लगता है तथा इसका आदी हो जाता है, जिसके फलस्वरूप नंपुसकता का शिकार हो जाता है। ऐसे में परिवार में विद्यटन होने लगता है। नशा छोड़कर व्यक्ति स्वस्थ खुशहाल एवं सम्मानित जीवन जी सकता है। डॉ0 गोयल ने नशा छोड़ने व छुडवाने के सरल उपायों की जानकारी देते हुए उपस्थित जनसमूह को जीवन भर नशा न करने की शपथ दिलवाई।

 इस अवसर पर श्री इंद्रमोहन सिंह जुनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि नशा मानवता का दुश्मन है तथा मानव जीवन अनमोल है, जिसे नशों की भेट नही चढ़ाना चाहिए। श्री जुनेजा ने पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान की जानकारी देकर इससे मिल रही सफलताओं पर प्रकाश डाला।

 थानाधिकारी श्री निकेत पारीक ने विद्यार्थिओं से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि विद्यार्थिओं को जीवन में संयम और अनुशासन का कड़ाई से पालन करना चाहिए। नशों, अपराधों व समाज में फ़ैल रही बुराईयों से दूर रहते हुए देश निर्माण एवं सुसज्जित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के लिए विद्यार्थिओंको प्रेरित किया। सामाजिक कार्यकर्ता बनवारी लाल शर्मा ने नशे को बीमारीयों व समस्याओं की जड़ बताते हुए नशों से दूर रहने हेतु प्रेरित किया।

 इस अवसर पर कार्यवाहक प्रधानाचार्य श्रीमती नीलम पाटनी ने सभी विद्यार्थिओं को नशे के कंटीले मार्ग से दूर रहने, अपने विद्यालय, अपने समाज को नशा मुक्त करने के लिए प्रेरित किया जिससे आने वाली पीढ़ियाँ नशा मुक्त वातावरण में सांस ले सके। कार्यक्रम में मनीषा गोयल, बाबुराम सुथार, चुन्नीलाल, विकास वर्मा, तथा वेद प्रकाश ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का मंच संचालन व्याख्याता अंजनी कुमार ने किया। 


बुधवार, 24 अक्तूबर 2018

चुनाव:तलाशी में जब्त राशि वस्तु की अपील सात दिन में ही होगी


श्रीगंगानगर, 24 अक्टूबर 2018.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान गठित उडन दस्ता दल, स्थैतिक निगरानी दलों द्वारा वाहनों, भवनों की तलाशी के दौरान प्राप्त राशि व वस्तु की अपील सात दिवस में की जा सकती है। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान दस्ता दल, स्थैतिक निगरानी दलों का गठन किया जा चुका है। निर्वाचन कार्यों के दौरान वाहनों, भवनों की तलाशी के कार्य के दौरान प्राप्त नकदी व वस्तु जब्ती के लिये की गई कार्यवाही के विरूद्ध सात दिवस में अपील की जा सकती है। इसके लिये तीन सदस्य समिति का गठन किया गया है। समिति में निर्वाचन व्यय प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी अध्यक्ष होगें तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद व कोषाधिकारी सदस्य होगें। समिति निर्वाचन विभाग के निर्देशानुसार अपील पर सुनवाई करते हुए निर्धारित अवधि में अपना निर्णय किया जाना सुनिश्चित करेगी। 

राहुलगांधी की मंशा पायलट को भावी मुख्यमंत्री घोषित करने की, लेकिन नहीं जुटा पा रहे हिम्मत-राजेंद्रसिंह राठौड़



जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की ओर से अब तक भावी मुख्यमंत्री का नाम साफ नहीं किए जाने पर बुधवार को भाजपा के ग्रामीण विकास पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने राहुल गांधी पर हमला बोला। राठौड़ ने कहा कि राहुल गांधी राजस्थान में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री का नाम सुझाने की हिम्मत नहीं कर पा रहे हैं। पूरे राजस्थान में इस पर बहस चल रही है। आज लोकतांत्रिक युद्ध प्रारम्भ हो चुका है। युद्ध में सेनापति नहीं हो,यह हास्यास्पद है। 

कांग्रेस को अपना सेनापति नियुक्त करना चाहिए। वो क्यों घबरा रही है। उन्होंने कहा कि राजनीति में जो बात है वो खुलेआम कहने की हिम्मत होनी चाहिए। वो हिम्मत ना राहुल गांधी में है और ना ही कांग्रेस में। राहुल गांधी की मंशा सचिन पायलट को लेकर है लेकिन वह पूरी नहीं हो पा रही है।

इसके साथ ही राठौड़ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल प्रदेश में बार—बार आकर यह सिद्ध कर रहे हैं कि कांग्रेस के जो नेता यहां है उनके पास कोई जनाधार नहीं है। उनके भाषण में कोई नयापन नहीं है कोई संदेश नहीं है। उन्होंने कहा कि उनके आने से राजस्थान की राजनीति में कोई परिवर्तन नहीं हो रहा है। उनके भाषण सुनकर कांग्रेस के लोग भी निराश है।

24-10-2018.



अरावली पर्वत माला की 138 पहाड़ियों में से 28 पहाड़ियां गायब:




* अरावली पर राजस्‍थान सरकार का कबूलनामा, सुप्रीम कोर्ट को बताया- 138 में से 28 पहाड़ियां गायब*

राजस्‍थान में अरावली की पहाड़ियों पर हो रहे अवैध खनन पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रवैया अपना लिया है। कोर्ट में राजस्थान सरकार ने ये स्वीकार किया है कि अरावली की 138 में से 28 पहाड़ियां गायब हो चुकी हैं। कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव को 48 घंटे के भीतर अरावली के 115.34 हेक्टेयर क्षेत्र मेें अवैध खनन रुकवाने के आदेश दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई करने वाली न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा कि वह यह आदेश देने के लिये मजबूर हो गई क्योंकि राजस्थान सरकार ने इस मामले को ‘बहुत ही हल्के’ में लिया है। कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या लोग हनुमान हो गए और पहाड़ियां लेकर गायब हो गए। 

कोर्ट ने राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि राज्य सरकार अवैध खनन रोकने में बुरी तरह नाकाम रही है।


शीर्ष अदालत ने केन्द्रीय अधिकार प्राप्त समिति की रिपोर्ट का भी जिक्र किया कि राज्य के अरावली इलाके में 28 पहाड़ियां अब गायब हो चुकी हैं। 


पीठ ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण स्तर में बढ़ोत्तरी का एक कारण राजस्थान में इन पहाड़ियों का गायब होना भी हो सकता है। 

पीठ ने अपने आदेश पर अमल के बारे में एक हलफनामा दाखिल करने का राज्य के मुख्य सचिव को निर्देश भी दिया है।

सर्वोच्च न्यायालय अरावली पहाड़ियों में गैरकानूनी खनन की गतिविधियों से संबंधित मामले की सुनवाई कर रहा था। बता दें कि कोर्ट ने अपने आदेश के अनुपालन पर राज्य के मुख्य सचिव से हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि पर्यावरण मंत्रालय को लगता है कोई चिंता नहीं है, राज्य सरकार भी मसले पर बेपरवाह है।

सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण मंत्रालय को 6 सप्ताह के भीतर अध्ययन रिपोर्ट पेश करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट में पर्यावरण मंत्रालय को ये भी बताने को कहा था कि निर्माण कार्यों के लिए बजरी या फिर बालू क्यों आवश्यक है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर राज्य में पूरी तरह से बजरी पर बैन को गलत बताया था।

* जनसत्ता ऑनलाइन*24 अक्टूबर 2018.


सोमवार, 22 अक्तूबर 2018

पहले वसुंधरा के चेहरे पर चुनाव लड़ना था अब कमल के फूल पर हो रही घोषणा-अशोक गहलोत

जयपुर 22-10-2018.

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार और राज्य की वसुंधरा राजे सरकार पर कई मुद्दों को लेकर आरोप लगाए हैं। पूर्व सीएम ने जयपुर स्थित अपने निवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर लिया।

 गहलोत ने कहा, 'पहले वसुंधरा जी का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ने की बात हुई, अब उनका चेहरा गायब हो गया है और कमल का फूल सामने रखकर चुनाव लड़ने की बात हो रही है। ये जो भ्रम है, अमित शाह जी इसे स्पष्ट करें।'

गहलोत की प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रमुख बातें 

- 'बीमारियों से लोगों की मौत हो रही, सरकार में बैठे लोग जीतने के जुगाड़ में जुटे हैं'

- 'प्रदेश में नरेगा के एक्ट की धज्जियां उड़ रही हैं, नरेगा इस शासन में कमजोर कर दिया गया' 

- 'गांवो में हालात खराब है, जिलों में अकाल की स्थिति बन चुकी है'

- 'करोड़ों रूपये खर्च करके प्रदेश में रिसर्जेंट राजस्थान नाम का तमाशा हुआ। उस समय मैंने कहा था कि ये बड़े लोगो का स्नेह मिलन है, अब वसुंधरा जी बताऐं कितना इन्वेस्टमेंट आया?'

- 'मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि वो प्रदेश की जनता की चिन्ता करें'

- 'आज कानून व्यवस्था की स्थिति चौपट है, बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं'

- 'बजरी माफिया को सरकार ने दे रखी छूट, माफिया के हौसले बुंलद हैं, ऊपर से नीचे तक तय है बंधी'

- 'प्रदेश में सरकार के खिलाफ आक्रोश है'

- मोदी आ जाएं या अमित शाह, जनता सरकार बदलने का मन बना चुकी है' 

- 'राफेल का मामला सबके सामने है, यह मोदी जी को ले डूबेगा'

- 'डॉलर के हालात पर अब मोदी जी के मुंह पर ताले लगे हैं'

- 'मोदी जी के पहले के भाषण और अब के भाषण उठा कर देख लें, कांग्रेस को कैम्पेन की जरुरत नहीं पड़ेगी'

- 'राजस्थान में आचार संहिता की धज्जियां उड़ रहीं'

- 'अब भी कई जगह वस्तुओं पर कमल का फूल लगा है, चाहे भामाशाह कार्ड हो या राशन'

- 'कमल की बात कर रहे हैं, ये फूल तो पहले ही मुरझा गया था '

- 'पहले वसुंधरा जी का चेहरा सामने रखकर चुनाव लड़ने की बात हुई, अब उनका चेहरा गायब हो गया है और कमल का फूल सामने रखकर चुनाव लड़ने की बात हो रही है। ये जो भ्रम है, अमित शाह जी इसे स्पष्ट करें।'

- 'सीएम के खिलाफ लोगों में है व्यक्तिगत आक्रोश'

- 'पीपीपी मोड़ पर भाजपा सरकार चली थी, अब पीपीपी से ही सरकार का अंत होगा' 

- 'मुल्क में घृणा का माहौल है, राहुल जी कहते हैं भाईचारे से राजनीति हो'

 


रविवार, 21 अक्तूबर 2018

टिकट 1को मिलेगा,बाकी नाराज न होएं,कमल खिलाने मेंं जुटेंं- वसुंधरा का ताजा बयान






जयपुर 21 अक्टूबर 2018.

हाल ही में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भाजपा में रायशुमारी के दूसरे दिन कार्यकर्ताओं में जीत का मंत्र देते दिया। साथ ही पार्टी में एकजुट रहने का भी संदेश दिया। इस दौरान सीएम राजे ने बीजेपी के चार साल के कामों को गिनाते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। राजे ने इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा की बीजेपी ने देश प्रदेश में कांग्रेस से बेहतर काम किया है। टिकट किसी को भी मिले कमल को जिताने का काम करना है। आप लोगों को नाराज होने की बात नहीं है। टिकट किसी एक को मिलेगा। अगर चार लोगों को टिकट ना मिले एक को मिल जाए, तो वह चार लोग भी कमल को जिताने का काम करें। कांग्रेस के 50 साल का राज खत्म हुआ। अब बीजेपी के 50 साल के राज की है।

इस दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बोली कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को इस स्तर पर ला दिया, कि उन्हें एक - एक जिले स्तर पर जाना पड़ रहा है। राहुल गांधी जितनी जगह जाएंगे उतनी ही बीजेपी की जीत पुख्ता होती जाएगी। सरकार के अच्छे कामों को सोशल मीडिया पर अपलोड करें। कार्यकर्ता अपने अच्छे काम अपलोड करने के साथ कांग्रेस से प्रश्न पूछना भी शुरू करें।

बीजेपी और कांग्रेस में मुख्यमंत्री ने बताया बड़ा अंतर। बीजेपी अपने टिकट वितरण से पहले कार्यकर्ताओं से बात करती है। बीजेपी का रिमोट पार्टी के कार्यकर्ताओं के हाथ में है जबकि कांग्रेस का रिमोट एक ही परिवार के हाथ में है। 11 दिसंबर को वोटों की गिनती में कमल ही कमल खिलना चाहिए।

सूरतगढ़ भाजपा टिकट:दावेदारों से हटकर नये विवाद रहित व्यक्ति की संभावना



करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ में भाजपा की जीत पर खतरे की संभावना को टालने के लिए वर्तमान दावेदारों से हटकर नया चेहरा उतारने की कोशिश है। संघ की पसंद और भाजपा संगठन में से निर विवाद सक्रिय पर गुप्त मंथन जारी है और उच्च नेताओं की जानकारी में ही यह चेहरा लाने का प्रयास है। अभी संगठन में संभाग की जिम्मेदारी पर और सूरतगढ़ क्षेत्र में सालों से पार्टी कार्यों में व जनप्रतिनिधि के एक पद पर पूर्व में रह चुके व्यक्ति पर चुनाव का दावं पार्टी खेल सकती है।

नेताओं के आपसी विवाद में भाजपा को नुकसान से बचाने के लिए चल रही कवायद में यही कामयाब तरीका है कि ऐसा व्यक्ति हो जिस पर किसी तरह का आरोप प्रतिपक्ष नहीं लगा सके।

सूत्र के अनुसार पार्टी के नेताओं में चर्चा है कि वर्तमान विधायक राजेंद्रसिंह भादू से लोगों की नाराजगी से पैदा हुई खाई को नया चेहरा  पाटने में और  सीट निकालने में कामयाब रहेगा। अभी जो टिकट के दावेदार हैं उनमें यह सांमजस्य नहीं दिखता कि टिकट एक को मिलने पर अन्य उसका पक्का सहयोग करेंगे। विधायक राजेंद्रसिंह भादू ने रणकपुर में अपना पक्ष रखते हुए विकास का बखान करते हुए पुनः टिकट मांगी और यह भी स्पष्ट कहा कि पार्टी जिसे भी टिकट देगी उसका सहयोग करेंगे।

 राजस्थान में वर्तमान विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के 160 विधायकों में से 80 - 90 विधायकों को अगले चुनाव के अंदर उतारने पर संकट मानते हुए पार्टी इनके स्थान पर अन्य को उतारना चाहती है।

 अब यह बात खुलासा हो गई है दबी हुई नहीं रही कि परिवर्तन होने वाला है।

 भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान सरकार मुख्यमंत्री और विधायकों के विरुद्ध जबरदस्त आक्रोश है। जनता और कार्यकर्ता दोनों ही परिवर्तन चाहते हैं। 

सूरतगढ़ सीट पर वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू का विरोध है। गाँवों और शहर में यह विरोध बहुत ज्यादा है। शहर में विधायक जनसंपर्क करने तक की हालत में नहीं होने का बताया जा रहा है। लोगों की मांग प्रमुख चर्चा बनी हुई है कि राजेंद्र भादू की बजाए अन्य को टिकट दिया जाए।

अन्य में  टिकट के प्रबल दावेदारों में पुराने  दो चेहरे हैं। 

प्रतिपक्ष कांग्रेस के नेता और अनेक अनुभवी लोग राजनीति की तह तक जाकर भी मानते हैं कि रिकॉर्ड के विकास और निर्माण कार्यों  के कारण विधायक राजेंद्रसिंह भादू की टिकट कटना संभव नहीं है और नाराजगी का कोई पैमाना नहीं है।

लेकिन किन्हीं परिस्थितियों में अगर भादू को फिर से टिकट नहीं दी जाती है तो कोई जरूरी नहीं है कि बाद में दावा ठोक रहे रामप्रताप कसनिया का नंबर आ जाए। रामप्रताप कसनिया और राजेंद्र भादू के विवाद की स्थिति में पार्टी यह टिकट गंवा भी सकती है। अशोक नागपाल का मानना है कि भादू कासनिया को टिकट नहीं मिलने की स्थिति में ही उनका नंबर लग सकता है। दोनों नेता कासनिया और नागपाल सन 2008 के 10 साल बाद ही सक्रिय हुए हैं। 

संभव है कि दावेदारों की इस प्रकार की राजनैतिक स्थिति और आपसी मेल नहीं होने के कारण पार्टी में जाने माने पर कार्य हुआ। अभी मंथन और चर्चाएं जारी है और नाम की सार्वजनिक घोषणा का इंतजार है।






पूर्व सीएम ओमान चांडी पर अप्राकृतिक दुष्कर्म का आरोप, क्राइम ब्रांच में केस दर्ज

 

*उच्च स्तरीय शिवरंजन क​मिशन ने हाल ही में केरल की राजनीति में भूचाल ला देने वाले सोलर घोटाले की जांच शुरू की थी। कमिशन ने सितंबर 2017 में पाया कि साल 2013 में केरल में राजनीति के शीर्ष पर बैठे लोगों ने आरोप लगाने वाली महिला के साथ उसके कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यौन संबंध बनाए थे।* 


जनसत्ता ऑन लाइन 21 अक्टूबर 2018.


केरल की क्राइम ब्रांच ने पूर्व सीएम चांडी के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। पूर्व सीएम चांडी के खिलाफ ये आरोप एक ​महिला ने लगाए हैं। महिला का आरोप है कि चांडी ने ये कुकर्म उसके कारोबार को बढ़ावा देने के बदले में किया था। केरल पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शनिवार देर रात को इस बात की पुष्टि कर दी कि वह चांडी के खिलाफ आपराधिक मामले की जांच कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होंने सौर ऊर्जा निवेश धोखाधड़ी मामले में आरोपी रही महिला के साथ तिरुवनंतपुरम स्थित अपने आधिकारिक आवास क्लिफ हाउस में साल 2013 में रेप किया था।

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार (20 अक्टूबर 2018) को तिरुवनंतपुरम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल प्राथमिकी में क्राइम ब्रांच ने आरोप लगाया कि पूर्व सीएम चांडी ने महिला के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाए थे। ये संबंध महिला के कारोबार को बढ़ावा देने के बदले बनाए गए थे। हालांकि प्राथमिकी को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। प्राथमिकी के तथ्य भी अभी तक गोपनीय ही हैं।*


क्राइम ब्रांच में की गई अपनी शिकायत में पीड़िता महिला का आरोप है कि वह चांडी से निजी तौर पर इसलिए मिलने गई थी ताकि वह उसके सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट को अपना राजनीतिक संरक्षण दें। इससे निजी निवेशक उसके प्रोजेक्ट की तरफ आकर्षित होंगे। महिला ने बताया सीएम के स्टाफ के कुछ लोगों ने उसे सीएम से मिलवाया था। महिला का आरोप है कि उसके कारोबार को बढ़ावा देने के लिए पूर्व सीएम चांडी ने उससे अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए थे।

बता दें कि उच्च स्तरीय शिवरंजन क​मिशन ने हाल ही में केरल की राजनीति में भूचाल ला देने वाले सोलर घोटाले की जांच शुरू की थी। कमिशन ने सितंबर 2017 में पाया कि साल 2013 में केरल में राजनीति के शीर्ष पर बैठे लोगों ने आरोप लगाने वाली महिला के साथ उसके कारोबार को बढ़ावा देने के लिए यौन संबंध बनाए थे। कमिशन ने यह भी पाया कि भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के तहत यौन संबंध के बदले पक्षपात करना भी अनैतिक कृत्य के दायरे में आता है। कमिशन ने सिफारिश की थी कि आरोप लगाने वाली महिला के द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर उसका शोषण करने वाले सभी लोगों के खिलाफ जांच की जाए।

मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने 26 सितंबर को दाखिल की गई जी. शिवरंजन कमिशन की 1073 पेज की रिपोर्ट को विधानसभा का विशेष सत्र बुलवाकर पटल पर रखवाया था। इस मामले में कांग्रेस नीत विपक्ष का बढ़ता दबाव और प्रदर्शन भी इसका एक कारण था। बाद में एक प्रेस वार्ता में उन सभी के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया जिन्होंने पीड़िता का कथित तौर पर यौन शोषण किया था। पीड़ित महिला ने युनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के लगभग सभी बड़े नेताओं के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।


शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2018

मतदान केन्द्रों पर सहायता के लिये पोस्टर चस्पा होगें:चुनाव आयोग का निर्देश है

श्रीगंगानगर, 19 अक्टूबर 2018.

विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान मतदान तिथि 7 दिसम्बर 2018 को मतदाताओं को सहायता प्रदान करने की दृष्टि से मतदान केन्द्र पर विभिन्न पोस्टर चस्पा किये जायेगें। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाताओं की जानकारी के लिये विभिन्न प्रकार के पोस्टर मतदान केन्द्र पर लगाये जायेगें। मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिये विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की जायेगी, जिनमें पोस्टर भी शामिल है। प्रथम पोस्टर में मतदान केन्द्र का नाम, मतदाताओं की संख्या, मतदान केन्द्र के संचालित क्षेत्र, मतदान केन्द्र भवन का नाम, पीठासीन अधिकारी का नाम, टेलीफोन नम्बर, बीएलओ का नाम व टेलीफोन नम्बर अंकित होगा। दो नम्बर पोस्टर में प्रपत्र 7ए के अनुसार विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र-में चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रदर्शन पोस्टर के माध्यम से किया जायेगा। 

उन्होंने बताया कि तीन नम्बर पोस्टर में मतदाताओं द्वारा मतदान केन्द्र पर क्या किया जाना है अथवा नही करना के विषय में सूचना प्रदर्शित की जायेगी, जो मतदान दलों द्वारा मतदान केन्द्र पर लगायी जायेगी। इसी प्रकार चार नम्बर पोस्टर में मतदान के समय मतदाताओं की पहचान स्थापित करने हेतु अधिकृत दस्तावेजों की जानकारी, मतदान कैसे किया जाना है, का प्रदर्शन किया जायेगा। 

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मतदाताओं को दी जायेगी सहायता पुस्तिका:चुनाव आयोग का निर्देश

श्रीगंगानगर, 19 अक्टूबर 2018.

विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान मतदाताओं के लिये जानकारी एवं उनकी सहायता के लिये एक-एक सहायता पुस्तिका उपलब्ध करवायी जायेगी। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाताओं को सुविधा प्रदान करने की दृष्टि से प्रत्येक घर के मतदाताओं की जानकारी के लिये सहायता पुस्तिका उपलब्ध करवाई जायेगी। यह पुस्तिका मतदान तिथि से पूर्व वोटर पर्ची के साथ मतदाताओं को उपलब्ध करवायी जायेगी। पुस्तिका में मतदान की तिथि, मतदान का समय, बीएलओ के टेलीफोन नम्बर, मतदान केन्द्र पर मतदाता की पहचान स्थापित करने वाले महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी, हेल्पलाईन नम्बर की सूची आदि जानकारियों का अंकन होगा। 

उन्होंने बताया कि सहायता पुस्तिका का प्रारूप आयोग से सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध होगा, जिसमें यथा स्थान पर उचित जानकारी अंकित कर पुस्तिका तैयार करवायी जायेगी। जिले की 6 विधानसभा क्षेत्र में परिवारों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पुस्तिका का मुद्रण करवाया जायेगा। मतदान दिवस से पूर्व मतदाताओं को दी जाने वाली मतदाता पर्ची के साथ ही सहायता पुस्तिका का वितरण होगा। 

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गुरुवार, 18 अक्तूबर 2018

मेरा सुखद प्रवेश 74 वें वर्ष में : लेखन पत्रकारिता के 53 वर्षों की आनन्दी यादें- करणीदानसिंह राजपूत:


माँ हीरा और पिता रतनसिंहजी की सीख तूं चलते जाना निर्भय होकर-पीड़ितों की आवाज बन कर:

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पत्रकारिता एवं लेखन के वर्षों के संघर्ष और आनन्ददायी अनुभवों व महान लेखकों पत्रकारों की रचनाओं को पढ़ते और उनसे मिलते हुए मेरे जीवन के तिहेतर वर्ष पूर्ण हुए एवं 19 अक्टूबर 2018 को 74 वें वर्ष में प्रवेश की सुखद अनुभूति।
सीमान्त क्षेत्र का छोटा सा गांव जो अब अच्छा कस्बा बन गया है अनूपगढ़ जिसमें मेरा जन्म हुआ। माता पिता हीरा रतन ने और परिवार जनों ने वह दिया जिसके लिए कह सकता हूं कि मेरी माँ बहुत समझदार थी और पिता ने संषर्घ पथ पर चलने की सीख दी।
सन् 1965 में दैनिक वीर अर्जुन नई दिल्ली में खूब छपा और सरिता ग्रुप जो बड़ा ग्रुप आज भी है उसमें छपने का गौरव मिला।
हिन्दी की करीब करीब हर पत्रिका में छपने का इतिहास बना।
धर्मयुग और साप्ताहिक हिन्दुस्तान में छपना गौरव समझा जाता था। दोनों में भी कई बार छपा।
छात्र जीवन में वाचनालय में दिनमान पढ़ता था तब सोचा करता था कि इसके लेखक क्या खाते हैं कि इतना लिखते हैं। वह दिन भी आए जब दिनमान में भी मेरी रिपोर्टें खूब छपी।

सन् 1974 में प्राणघातक हमला हुआ। राजस्थान की विधानसभा में कामरोको प्रस्ताव 20 विधायकों के हस्ताक्षरों से पेश हुआ। 48 विधायक बोले और फिर संपूर्ण सदन ही खड़ा हो गया था। मुख्यमंत्री को खड़े होकर सदन को शांत करना पड़ा था। राजस्थान विधानसभा की प्रतिदिन की कार्यवाही उन दिनों छपती थी। मेरे पास वह एक प्रति है। सात दिनों तक यह हंगामा किसी न किसी रूप में होता रहा था। बीबीसी,रेडियो मास्को, वायस ऑफ अमेरिका सहित अनेक रेडियो ने दुनिया भर में वह घटना प्रसारित की। देश के करीब करीब हर हिन्दी अग्रेजी अखबार में संपादकीय छपे।आरएसएस का पांचजन्य,वामपंथी विचारधारा और जवाहर लाल नेहरू के मित्र आर.के.करंजिया का ब्लिट्ज,कांग्रेसी टच का करंट और समाजवादी विचार धारा के जॉर्ज फरनान्डीज के प्रतिपक्ष में 1974-75 में खूब छपा।/ प्रतिपक्ष साप्ताहिक था जिसने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नींद हराम करके रखदी थी और बाद में तो इस पर आपातकाल में प्रतिबंध लग गया था।
 आपातकाल अत्याचार का काल था जिसमें मेरा साप्ताहिक भारत जन भी सरकारी कोपभाजन का शिकार बना। पहले सेंसर लगाया गया। सरकार की अनुमति के बिना कोई न्यूज छप नहीं सकती थी। विज्ञापन रोक दिए गए। अखबार की फाइल पेश करने के लिए मुझे गंगानगर बुलाया गया और  30 जुलाई 1975 को वहां गिरफ्तार कर लिया गया। आरोप लगाया गया कि पब्लिक पार्क में इंदिरा गांधी के विरोध में लोगों को भड़का रहा था। एक वर्ष की सजा भी सुनाई गई। सवा चार माह तक जेल मे बिताए और उसके बाद एक संदेश बाहर कार्य करने का मिलने पर 3 दिसम्बर 1975 को बाहर आया। आपातकाल में बहुत कुछ भोगा। मेरी अनुपस्थिति में छोटी बहन,पिता और नानी को क्षय रोग ने ग्रस लिया। इलाज तो हुआ वे ठीक भी हुए लेकिन वह काल बड़ा संघर्षपूर्ण रहा। परिवार ने कितनी ही पीड़ाएं दुख दर्द भोगे मगर वह अनुभव राजपूती शान के अनुरूप और देशभक्ति से पूर्ण रहे जो जीवन की श्रेष्ठ पूंजी हैं।
 मैं सरकारी पीडब्ल्यूडी की नौकरी में था तब लेख कहानियां आदि बहुत छपते थे लेकिन गरीबों व पिछड़े ग्रामों आदि पर लिखने की एक ललक थी कि दैनिक पत्रों में लिखा जाए तब 1969 में पक्की नौकरी छोड़ कर लेखन के साथ पत्रकारिता में प्रवेश किया। अनेक अखबारों में लिखता छपता हुआ सन 1972 में राजस्थान पत्रिका से जुड़ा और 15 मई 2009 तक के 35 साल का यह सुखद संपर्क रहा।
राजस्थान पत्रिका का एक महत्वपूर्ण स्तंभ कड़वा मीठा सच्च था। इस स्तंभ में लेखन में घग्घर झीलों के रिसाव पर सन् 1990 में लेखन पर सन् 1991 में राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार मिला। इंदिरागांधी नहर पर 12 श्रंखलाएं लिखी जो सन् 1991 में छपी तथा दूसरी बार 1992 में पुन: राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। राजस्थान की शिक्षा प्रणाली पर व्यापक अध्ययन कर दो श्रंखलाओं में सन् 1993 में प्रकाशित लेख पर तीसरी बार राज्य स्तरीय प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ। इसके बाद सन 1996 में राजस्थान की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्धति पर व्यापक अध्ययन कर 4 श्रंखलाएं  लिखी। इस पर सन् 1997 में राज्य स्तरीय दूसरा पुरस्कार मिला।
राजस्थान पत्रिका के संस्थाथापक प्रसिद्ध पत्रकार श्रद्धेय कर्पूरचंद कुलिश का मेरे पर वरद हस्त रहा और उन्होंने जोधपुर में पत्रकारों के बीच में कहा कि मैं तुम्हारे हर लेख को पढ़ता हूं। यह एक महान गौरववाली बात थी। गुलाब कोठारी और मिलाप कोठारी एक घनिष्ठ मित्र के रूप में आते मिलते और अनेक विषयों पर हमारी चर्चाएं होती। माननीय गुलाब जी सुझाव लेते और वे पत्रिका में लागू भी होते। गुलाब कोठारी ने श्रीगंगानगर में सर्वश्रेष्ठ संवाददाता के रूप में सम्मानित किया तब कई मिनट तक एकदूजे से गले मिले खड़े रहे। आज भी पत्रिका परिवार के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।


राजस्थान पत्रिका के प्रधानसंपादक गुलाब कोठारी सर्व श्रेष्ठ पत्रकारिता पर करणीदानसिंह राजपूत को सम्मानित करते हुए। बीच में नजर आ रहे तत्कालीन शाखा प्रबंधक अवधेश जैन और पास में उपस्थित तत्कालीन शाखा प्रभारी संपादक हरिओम शर्मा। दिनांक 16-4-2004.

वर्ष 1997 में शिक्षा संस्थान ग्रामोत्थान संगरिया के बहादुरसिंह ट्रस्ट की ओर से पत्रकारिता में पुरस्कार प्रदान किया गया।
    रामनाथ गोयनका के इंडियन एक्सप्रेस का विस्तार जब जनसत्ता दैनिक के रूप में हुआ तब जनसत्ता दिल्ली में खूब छपा। जब चंडीगढ़ से छपने लगा तब ओमप्रकाश थानवी के कार्यकाल में चंडीगढ़ में भी छपा। साप्ताहिक हिन्दी एक्सप्रेस बम्बई में भी लेख कई बार छपे।
राजस्थान की संस्कृति,सीमान्त क्षेत्र में घुसपैठ,तस्कर,आतंकवाद पर भी खूब लिखा गया। पंजाब के आतंकवाद पर टाइम्स ऑफ इंडिया बम्बई ने लिखने के लिए कहा तब कोई तैयार नहीं हुआ। वह सामग्री वहां से छपने वाली पत्रिका धर्मयुग में छपनी थी। मैंने संदेश दिया और मेरा लेख सन् 1984 में दो पृष्ठ में छपा। धर्मयुग में लेख छपना बहुत बड़ी बात मानी जाती थी। धर्मयुग में बाद में कई लेख प्रकाशित हुए।
मेरे लेख और कहानियां बहुत छपी।

आकाशवाणी सूरतगढ़ से वार्ताएं कहानियां कविताएं रूपक आदि बहुत प्रसारित हुई हैं। रूपक राजस्थान के सभी केंद्रों से एक साथ प्रसारित हुए।
इंदिरागांधी नहर पर दूरदर्शन ने एक रूपक बनाया जिसमें कई मिनट तक मेरा साक्षात्कार रहा। वह साक्षात्कार मेरे इंदिरागांधी नहर पर लेखन के अनुभवों के कारण लिया गया। दूरदर्शन के दिग्गज प्रसारण अधिकारी के.के.बोहरा के निर्देशन में वह साक्षात्कार हुआ व राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारण हुआ।
मेरा लेखन कानून नियम के लिए सच्च के प्रयास में रहा। कई बार ऐसा लेखन अप्रिय भी महसूस होता है लेकिन जिन लाखों लोगों के लिए लिखा जाता है,उनके लिए आगे बढऩे का कदम होता है। राजनीति,राजनेताओं व राजनैतिक दलों पर और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लिखना लोगोंं को सुहाता है वहींं अप्रिय भी लगता है। साधारणतया ऐसे लेखन से पत्रकार बचना चाहते हैंं लेकिन मैं ऐसे लेख लिखना अच्छा समझता हूं,क्योंकि समाज लोग सतर्क तो होते ही हैं।


मेरे परिवार जन,मित्रगण और कानून ज्ञाता जो साथ रहे हैं वे भी इस यात्रा में सहयोगी हैं। 

मेरे लेखन में माता पिता की सीख रही है इसलिए उनका संयुक्त छायाचित्र यहां पर दे रहा हूं।


मैंने मेरे पूर्व के लेखों में भी लिखा है कि लिखने बोलने की यह शक्ति ईश्वर ही प्रदान करता है और वह परम आत्मा जब तक चाहेगा यह कार्य लेखन और पत्रकारिता चलता रहेगा और लोगों का साथ भी रहेगा।


यह जन्मदिन तिथि विजयादशमी पर्व 19-10-2018  के दिन होना ईश्वरीय देन है। यह नया जोश देगा। 
आज शारदीय नवरात्रा के पूर्ण होने पर मां करणी माता मंदिर में धर्मपत्नी विनीता सूर्यवंशी सहित पूजन अर्चन और हवन में भाग लेकर शक्ति का संकल्प लिया है।


मेरी वेब साईट   www.karnipressindia.com आज अत्यन्त लोक प्रिय साईट है जो देश और विदेश में प्रतिदिन हजारों लोग देखते हैं।
दिनांक 19-10-2018.
करणीदानसिंह राजपूत,
राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क सचिवालय से
अधिस्वीकृत स्वतंत्र पत्रकार,

सूरतगढ़ / राजस्थान/ भारत।
91 94143 81356.
मेरा ई मेल पता.   karnidansinghrajput@gmail.com

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बुधवार, 17 अक्तूबर 2018

यौनशोषण आरोपों से घिरे एमजे अकबर का मंत्री पद से इस्‍तीफा:मोदी मंत्री मंडल में राज्यमंत्री रहे




*****अकबर पर लगभग 20 महिला पत्रकारों ने यौन शोषण का आरोप लगाया है *****

October 17, 2018.

यौन शोषण के आरोपों में फंसे विदेश राज्य मंत्री एम.जे.अकबर ने बुधवार (17 अक्टूबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन पर करीब 20 महिलाओं ने छेड़खानी करने का आरोप लगाया था, जिसमें सभी पत्रकार हैं। उन्होंने त्यागपत्र में कहा, “मैंने यौन शोषण के मामले में कानूनी मदद लेने का फैसला लिया है, इसलिए मैं मानता हूं कि मुझे अपने पद को छोड़कर इन झूठे आरोपों को चुनौती देनी चाहिए।”

 एमजे अकबर के खिलाफ आईं 19 महिला पत्रकार, केंद्रीय मंत्री के खिलाफ देंगी गवाही

‘आपने अंडरवियर में दरवाजा खोला’, एमजे अकबर के खिलाफ एक और महिला सहकर्मी ने लगाए आरोप

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नई दिल्ली 17-10-2018.


महिला पत्रकारों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोपों से घिरे केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री एम. जे. अकबर ने आखिरकार बुधवार  17-10-2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

अकबर के एशियन एज अखबार के संपादक रहने के दौरान उनकी तत्कालीन महिला सहयोगी पत्रकारों ने पिछले दिनों उनपर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। अकबर ने इससे पहले रविवार को अपने आधिकारिक बयान में आरोपों पर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताया था। अकबर ने आरोप लगाने वाली एक पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ दिल्ली की एक अदालत में मानहानि का केस भी किया है।

रविवार को  अकबर ने अपने ऊपर लगे आरोप को पूरी तरह से झूठ करार दिया था और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली पत्रकारों में से एक प्रिया रमानी के खिलाफ सोमवार को आपराधिक मानहानि का मुकदमा कर दिया था। हालांकि, रमानी के समर्थन में 20 अन्य  महिला पत्रकार सामने आ गई हैं। ये सभी पत्रकार 'द एशियन एज' अखबार में काम कर चुकी हैं। अकबर की ओर से रमानी को मानहानि का नोटिस भेजे जाने पर इन महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान में रमानी का समर्थन करने की बात कही और अदालत से आग्रह किया कि अकबर के खिलाफ उन्हें भी सुना जाए। 


किस-किस ने लगाए थे आरोप? 


67 वर्षीय अकबर अंग्रेजी अखबार ‘एशियन एज’ के पूर्व संपादक हैं। सबसे पहले रमानी ने उनके खिलाफ आरोप लगाय था और बाद में धीरे-धीरे और महिला पत्रकार भी अपनी शिकायतों के साथ खुलकर सामने आ गई थीं। इन महिला पत्रकारों ने उनके साथ काम किया था। अकबर के खिलाफ खुलकर सामने आनेवाली पत्रकारों में फोर्स पत्रिका की कार्यकारी संपादक गजाला वहाब, अमेरिकी पत्रकार मजली डे पय कैंप और इंग्लैंड की पत्रकार रूथ डेविड शामिल हैं। 

अकबर का पत्रकारिता से राजनीति तक का सफर 

दैनिक अखबार ‘द टेलीग्राफ’ और पत्रिका ‘संडे’ के संस्थापक संपादक रहे अकबर 1989 में राजनीति में आने से पहले मीडिया में एक बड़ी हस्ती के रूप में जाने जाते थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और सांसद बने थे। अकबर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य अकबर जुलाई 2016 से विदेश राज्य मंत्री थे। 








विश्वास रखें सरकार कहीं नहीं गई-वसुंधरा:102 सीटों पर मंथन पूरा:कुछ सीटों पर बदलाव के संकेत





रणकपुर/पाली


राजस्थान में हर पांच साल बाद सत्ता बदलने का ट्रेंड खत्म करने की कोशिशों में जुटी भाजपा ने आधी से ज्यादा सीटों का फीडबैक पूरा कर लिया है। 

पिछले तीन दिन से रणकपुर में चल रहा बीजेपी का शिविर मंगलवार को खत्म हो गया। 

तीसरे दिन कोटा और उदयपुर संभाग की 36 सीटों के लिए मंथन किया गया। तीन दिन की रायशुमारी में सरकार और संगठन के समक्ष मौजूदा विद्यायकों के प्रति असंतोष भी सामने आया।

टिकट बंटवारे से पूर्व बीजेपी ने हर विधानसभा क्षेत्र से जमीनी फीडबैक और कार्यकर्ताओं के सुझाव जुटाने के लिए 14 अक्टूबर से रणकपुर में जानकारी लेनी शुरू की। बीकानेर संभाग से शुरू हुआ रायशुमारी का दौर तीन दिन तक चला। बीकानेर के बाद जोधपुर, कोटा और उदयपुर संभाग की 102 सीटों के लिए पार्टी आलाकमान ने फीडबैक लिया। मंगलवार को कोटा जिले की 19 और उदयपुर की 17 सीटों पर मंथन किया गया।


कॉन्फिडेंस रखें सरकार कहीं नही गई-

सीएम 

कोटा संभाग की सभी विधानसभा क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंन्त्री वसुंधरा राजे ने कहा कि आप कॉन्फिडेंस रखें सरकार कहीं नहीं गई है। राजे ने यह भी समझाने का प्रयास किया कि परसेप्शन को खत्म करें आपकी जीत पक्की है। उन्होंने कांग्रेस को लगातार तीसरे दिन भी जमकर घेरा। इससे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदनलाल सैनी ने भी कार्यकर्ताओं में जोश भरने की पूरी कोशिश की।


जयपुर कैम्प के बाद प्रत्याशियों के नामों पर लगेगी मोहर 

अजमेर और भरतपुर संभाग की 98 सीटों की रायशुमारी जयपुर में 20 अक्टूबर से शुरू होगी। इसके बाद फीडबैक और सर्वे के आधार पर जिताऊ दावेदारों के नामों पर मोहर लगाई जाएगी। रायशुमारी में मिले फीडबैक के आधार पर पार्टी कई मौजूदा विधायकों को बदलने पर विचार कर रही है।

16-10-2018


मंगलवार, 16 अक्तूबर 2018

राजस्थान में भाजपा हाईकमान 150और वसुंधरा 50 सीटें बांटेंंगे

राजस्थान विधानसभा चुनाव की कमान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है। 

इसके पीछे पार्टी का मकसद लोकसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर दबाव बनाना होगा। खबर तो यह भी है कि राजस्थान में सबकुछ कंट्रोल करने के इरादे से इसबार पार्टी आलाकमान टिकट बंटवारे को लेकर सीएम वसुंधरा राजे के अधिकार सीमित कर सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चुनाव तो एक साथ पांच राज्यों में हो रहे हैं लेकिन अमित शाह सबसे ज्यादा वक्त राजस्थान में ही बिताएंगे। इसके पीछे तर्क है कि राज्य में शाह के कमान संभालने के बाद भाजपा राज्य में अच्छा प्रदर्शन कर सकेगी। इसके अलावा पार्टी के बिखराव का खतरा भी खासा कम होगा।

दरअसल इसके पीछे रणनीति है कि राज्य में भाजपा के हारने की जितनी संभावनाएं जताई जा रही हैं, उतनी है नहीं। 

चुनाव नजदीक आते-आते शाह राज्य में हालात बदल सकने में सक्षम हैं। चूंकि पार्टी का मानना है कि अगर राजस्थान चुनाव भाजपा के नाम रहा तो 2019 में कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों की उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा। 

भाजपा के दिग्गज नेताओं के मुताबिक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तो हालात करीब-करीब ठीक हैं और यहां के मुख्यमंत्री बेहतर प्रदर्शन कर सकने में सक्षम भी हैं। 

इसमें पार्टी आलाकमान राजस्थान को सीएम राजे के भरोसे नहीं छोड़ना चाहता। 

यही कारण है कि इस बार 200 विधानसभा सीटों में से 150 का चयन पार्टी आलाकमान के हस्तक्षेप से होगा। जबकि सीएम खेमे के लिए करीब 50 सीटें रखी जाएंगी। यहां इसका मतलब यह है कि इन सीटों पर वसुंधरा के पसंद के उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। मगर बाकी सीटों पर पार्टी का दखल होगा।

अमित शाह ने अपने प्रवास के दूसरे और अंतिम दिन सोमवार को कांग्रेस पर जोरदार हमले बोले और कार्यकर्ताओं से कहा कि यह चुनाव सरकार बनाने के लिए नहीं, बल्कि कांग्रेस को मूल सहित उखाड़ फेंकने के लिए लड़ना है। रीवा में रीवा-शहडोल संभाग के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, ‘आपने सरकार बनाने के लिए कई चुनाव लड़े हैं, मगर आने वाला चुनाव सरकार बनाने के लिए नहीं है, यह चुनाव कांग्रेस को मूल सहित उखाड़ फेंकने के लिए है।’ उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया, ‘वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी को फिर प्रधानमंत्री बनाओ, मैं आपको गारंटी देता हूं कि अगले 50 वर्ष तक पंचायत से संसद तक भाजपा का भगवा ध्वज ही लहराएगा।



राजनीतिक भेंट के बहाने नई लड़कियों का यौन शोषण:NSUI अध्यक्ष फिरोज का इस्तीफा

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के अध्यक्ष फिरोज खान ने मंगलवार (16 अक्टूबर) को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह फैसला खुद पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है।

खान, मूलरूप से जम्मू और कश्मीर के रहने वाले हैं और उन्होंने सोमवार (15 अक्टूबर) को त्याग-पत्र पार्टी दफ्तर भेजा था। जून में इसी साल उन पर छत्तीसगढ़ के एनएसयूआई ऑफिस की बियरर ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। मामले में जांच-पड़ताल के लिए आंतरिक कमेटी बनाई गई थी, जो शुक्रवार को इस मामले में रिपोर्ट सौंपेगी।

पीड़िता ने खान के खिलाफ इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी थी। आरोप है, “राजनीतिक मुलाकातों के नाम पर खान नई लड़कियों का यौन शोषण करते थे।” जांच के लिए बनी कांग्रेस की आंतरिक कमेटी में ऑल इंडिया महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव, लोकसभा सदस्य दीपेंद्र हुड्डा और पार्टी की नेशनल मीडिया पैनलिस्ट रागिनी हैं।

शुक्रवार को मिलने वाली रिपोर्ट से गुजरने के बाद कमेटी खान पर आगे फैसला लेगी। इससे पहले, बुधवार को कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले में जांच के लिए आंतरिक कमेटी बनाए जाने की बात की घोषणा की थी। उनका कहना था कि यह कमेटी सभी पक्षों को बराबरी से सुनेगी।

रिपोर्ट्स में खान के हवाले से कहा गया, “कल मैंने इस्तीफा भेजा था। मुझ पर लगे आरोप गलत हैं, मैं इस बात पर अभी भी अडिग हूं। मैं कोर्ट का दरवाजा खटखटाऊंगा। पार्टी के छवि के लिए मैंने पद छोड़ा है।”

वहीं, एनएसयूआई प्रवक्ता साइमन फारूकी का कहना था, “फिरोज पर इस्तीफे का कोई दबाव नहीं था। पर लगातार लग रहे आरोपों के मद्देनजर उन्होंने यह फैसला लिया। संगठन ने उनका इस्तीफा स्वीकार लिया है।

जनसत्ता ओन लाइन 16-10-2018.


वाहनों व निजी घरों पर झण्डे बैनर अनुमति बिना नहीं लगा सकेगें

*चुनाव के दौरान सम्पति विरूपण अधिनियम की पालना जरूरी*

श्रीगंगानगर, 16 अक्टूबर 2018.

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान सम्पति का विरूपण अधिनियम की पालना करनी जरूरी है। विधानसभा आम चुनाव के लिये चुनाव प्रचार अभियान के दौरान राजनैतिक दलों, अभ्यर्थियों, व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक, निजी स्थलों, मैदानों, वाहनों आदि पर प्रचार सामग्री प्रदर्शित करने के साथ सम्पति विरूपण अधिनियम की पालना करनी होगी। 

    उन्होंने बताया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 के अंतर्गत नगरपालिका संस्थाओं के द्वारा निर्दिष्ट स्थानों पर विज्ञापन प्रदर्शन किये जाने के संबंध में राज्य सरकार के अनुमोदन के बाद राजपत्र में प्रकाशित करते हुए उपविधियां बनाई जा सकती है। उपविधियों के अनुसार इलेक्ट्रोनिक डिस्पले, यूनिपोल पर विज्ञापन, फुट ओवरब्रिज विज्ञापन, गेन्ट्री विज्ञापन आदि प्रकार के विज्ञापन एक चिन्हित प्रक्रिया के तहत निर्दिष्ट स्थानों पर प्रदर्शित किये जाने की अनुमति देने का प्रावधान किया हुआ है। चिन्हित स्थानों पर विज्ञापन प्रदर्शित करना सौन्दर्य का ह्यस करना नही माना जा सकता। निजी सम्पति के मालिक या अधिभोगी की लिखित स्वीकृति से अस्थाई रूप से बैनर या झण्डे लगाये जा सकते है। शहरी क्षेत्र में निजी सम्पति पर सहमति से झण्डे लगाये जा सकते है। 

सार्वजनिक स्थानों पर लगे ऐसे चिन्हित विज्ञापन स्थलों पर कोई विशिष्ट राजनैतिक दल या कोई अभ्यर्थी एकाधिकार न कर सकें, इसके लिये सभी को समान अवसर प्राप्त हो। इसके लिये भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार समान अवसर दिये जायेगें। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजकीय सम्पति सार्वजनिक स्थलों एवं निजी सम्पतियों पर राजनैतिक विज्ञापन लगाये जाने के संबंध में आयोग के प्रतिबंधात्मक निर्देश है। सार्वजनिक स्थलों पर 48 घंटे में और निजी सम्पति पर अवैध रूप से लगे होर्डिग्स को 72 घंटे में हटाने के निर्देश दिये गये थे। इन्ही निर्देशों के अनुरूप संबंधित रिटर्निंग अधिकारी द्वारा कार्यवाही की जा रही है।

सभी राजनैतिक दलों व अभ्यर्थियों को विज्ञापन स्थलों का उपयोग करने का समान अवसर प्राप्त होना चाहिए, इसके लिये समुचित कार्यवाही जिला निर्वाचन अधिकारी के परिवेक्षण में की जायेगी। चिन्हित विज्ञापन स्थलों को उपयोग करने के अवसर उपलब्ध करवाने और आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों के विपरीत विज्ञापन सामग्री के प्रदर्शन को नियंत्रित करने के प्रयोजन से अन्य विज्ञापन स्थल अनुबंधित फर्म या नगरपालिका संस्था द्वारा चिन्हित नही किया जायेगा और न ही दरों में परिवर्तन किया जायेगा। 

जिला कलक्टर ने बताया कि नामांकन की कार्यवाही 12 नवम्बर से प्रारम्भ होगी। इससे पूर्व कोई राजनैतिक दल या संस्था संगठन चुनाव संबंधी विज्ञापनों के लिये चिन्हित किसी विज्ञापन स्थल पर अपना विज्ञापन प्रदर्शित करना चाहे तो उसकी अनुमति जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा गठित समिति की अनुसंशा के आधार पर नाम वापसी की तिथि 22 नवम्बर तक की स्वीकृति दी जा सकती है। 

चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार होने के दिन 22 नवम्बर 2018 को सांय 5 बजे के पश्चात किसी समय चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की बैठक जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा बुलाई जायेगी। जिसमें स्थान उपलब्ध करवाने व आदर्श आचार संहिता पर चर्चा होगी। यदि किसी विशेष विज्ञापन स्थल के लिये एक से अधिक आवेदन पत्रा है तो लॉटरी के जरिये आवंटन किया जायेगा। आवेदन पत्रों के आधार पर अनुपातित मात्रा में विज्ञापन स्थल का आवंटन होगा। आवंटन के बाद शेष स्थल पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिया जायेगा। सभी आवंटित स्थानों पर प्रदर्शित पोस्टर, पेम्पलेट पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की पालना करनी होगी। अगर पालना नही हुई तो संबंधित विज्ञापन को हटा दिया जायेगा। 

ग्रामीण क्षेत्र में विज्ञापनों का प्रदर्शन

आयोग के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्र में भी राजनैतिक विज्ञापनों को प्रदर्शित करने के अवसर हेतु स्थल चिन्हित करने और सभी को समान आधार पर आवंटित करने से संबंधित आदेश है। ग्रामीण क्षेत्र में भी निजी सम्पति पर भी झण्डे, बैनर लगाने के अनुसार लिखित सहमति के साथ ब्यौरा निर्धारित प्रपत्र में रिटर्निंग अधिकारी को तीन दिन के अंदर संबंधित अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा। 

वाहनों पर प्रचार सामग्र्री

उम्मीदवार की अनुमति के बिना नही लगा सकेगें

चुनाव प्रचार अभियान के दौरान वाहनों पर लगाये जाने वाले स्टीकर, झण्डे, बैनर के संबंध में मोटरयान अधिनियम के अधीन की पालना करनी होगी। वाहन पर लगाये गये झण्डा बैनर से किसी राहगीर को असुविधा या आपत्ति नही है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति अभ्यर्थी की अनुमति लिये बिना अपने वाहन पर झण्डे, स्टीकर इस प्रकार से लगाता है, जिससे किसी अभ्यर्थी विशेष के पक्ष में मतयाचना का उददे्श्य स्पष्ट होता है तो ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 171 के अंतर्गत कानूनी कार्यवाही की जायेगी। 

अभ्यर्थी द्वारा प्रचार के प्रयोजन से लिये गये व्यक्तिगत वाहन को प्रचार वाहन माना जायेगा तथा बाजार दर से इंधन पर अनुमानित व्यय, चालक का वेतन चुनाव खर्च में शामिल किया जायेगा। वाणिज्यिक वाहनों पर झण्डे या स्टीकर लगाने पर उसे प्रचार के उपयोग में लाना माना जायेगा। वाणिज्यिक वाहनों पर झण्डे स्टीकर लगाये जाने की अनुमति नही होगी, जब तक उस वाहन का चुनाव प्रचार अभियान में अपेक्षित अनुमति नही ली जाती। ऐसे वाहनों पर अनुमति पत्र विण्ड स्क्रीन पर प्रदर्शित करनी होगी। 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अनुमति वाले वाहनों पर लाउडस्पीकर लगाने से पूर्व अनुमति लेनी होगी। प्रचार के दौरान लाउडस्पीकर रात 10 बजे से प्रातः 6 बजे के मध्य उपयोग निषेध रहेगा। रैलियां, जुलुसों, सभाओं के दौरान झण्डों, बैनरों, कटआउट्स, स्थानीय विधि और प्रतिबंधात्मक आदेशों के अध्याधीन लगाये जा सकते है। जुलुसों में राजनैतिक दलों द्वारा उपलब्ध करवाई जाने वाली टोपी, मास्क, स्कॉर्फ आदि का उपयोग किये जाने की अनुमति है, लेकिन राजनैतिक दलों या अभ्यर्थी द्वारा साड़ी, कमीज आदि परिधान वितरित नही किये जा सकते। सरकारी, स्थानीय निकाय, उपक्रम, सहकारी संस्थाओं के मीटिंग स्थलों, ऑडिटोरियम, हॉलस आदि का उपयोग पूर्व में जारी दिशा निर्देशों से प्रतिबंधित नही है तो समानता के आधार पर किया जा सकता है। किसी दल या अभ्यर्थी का एकाधिकार नही होगा। स्कूलों व शैक्षणिक संस्थाओं के मैदानों का चुनाव प्रचार के लिये मिटिंगों में उपयोग शर्तां के आधार पर किया जा सकता है। शिक्षण संस्था में किसी भी स्थिति में शैक्षणिक कार्य पर विपरीत प्रभाव न पडे़। प्रबंधन को कोई आपत्ति न हो तथा संबंधित आरओ से स्वीकृति प्राप्त कर ली हो। अगर मैदान को क्षति होती है, तो संबंधित से भरपाई करवाई जायेगी तथा शर्तां का उल्लंघन किसी स्थिति में नही होने दिया जायेगा।

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बा सुहागण बड़भागण है जिकी सदांई पति री आज्ञा में हुवै-राजस्थानी रामलीला


* करणीदानसिंह राजपूत *

* राजस्थानी रामलीला में सीता हरण ,बाली -सुग्रीव जुद्ध आदि रे माध्यम सूं दी गई सीख *

सूरतगढ़ 16 अक्टूबर 2018.

राजस्थानी रामलीला री छठी रात मांय  सुंदरी स्वरूपनखा, खर-दूषण वध ,सीताहरण,भीलणी रा बेर , बाली -सुग्रीव जुद्ध आदि दरसाव माथै दरसकां खुस होय तालियां घणी बजाई।

 राजस्थानी संवाद अदायगी के साथ रोचक ढंग से किया गया। 

बनवास बिचालै सती अनुसुइया खानी सूं सीता के माध्यम सूं लुगायां नै दी गई सीख बेटी पतिव्रत धरम जगत में सैसूं बड़ो हुवै। बा सुहागण बड़भागण है जिकी सदांई पति री आज्ञा में चालै।


रावण साधू को वेश बणा र पंचवटी में आवै अर  सीता सूं कहवै जै भिक्षा देणी हैं तो रेखा सूं बारै आ माई।जोगी बाबा कद लेवै हैं इण तरिया भिक्षा माई।सीता, देवर री आंण रैवे ना रैवे, राखूली धरम गिरस्थी रो,अबै हे रेख उलांघ गे पालू हू धरम गिरस्थी रो। 

भीलणी बोरिया चाख चाख राम लखन नै खावण सारूं देवै पण लखण जूठा समझ कर फेंक देवै जणा राम कहवै हैं,लछमण थूं खाया कोनि  चाख तो सरी कितरा मीठा हैं.....आ बोरियां  मांय भगती रो नेह भरयो है।


सोमवार, 15 अक्तूबर 2018

चुनाव:स्वीकृति बिना मुख्यालय छोड़ने वाले 3 अधिकारियों को सख्त नोटिस

श्रीगंगानगर, 15 अक्टूबर 2018.

विधानसभा आम चुनाव 2018 के दौरान मुख्यालय पर नही रहने तथा बिना बताये मुख्यालय छोड़ने पर तीन अधिकारियों को 17 सीसीए के नोटिस जारी किये गये है। 

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विधानसभा आम चुनाव 2018 की घोषणा के साथ ही समस्त अधिकारियों व कार्मिकों को मुख्यालय पर रहने के निर्देश दिये गये थे। इसके बावजूद नायाब तहसीलदार लालगढ़ श्री प्रभजोत सिंह गिल, नायाब तहसीलदार चुनावढ़ श्री विश्व प्रकाश चारण तथा श्रीबिजयनगर पंचायत समिति के विकास अधिकारी मेजर अली अपने मुख्यालय पर नही थे। इन्होंने बिना स्वीकृति के मुख्यालय छोड़ा। विकास अधिकारी श्रीबिजयनगर जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा रायसिंहनगर में ली जा रही चुनाव संबंधी बैठक में उपस्थित नही हुए। इसी कारण से तीनों अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। 


चुनाव:बुलेट प्रूफ वाहन भी मिल सकेंगे

* जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त महानुभावों को भुगतान पर मिलेगें वाहन *

श्रीगंगानगर, 15 अक्टूबर 2018. 

 जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के पश्चात जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त महानुभावों को भुगतान के आधार पर बीपी वाहन उपलब्ध करवाये जायेगें। उन्होंने बताया कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त राजनैतिक दल के उम्मीदवार, व्यक्ति, नेताओं व अन्य महानुभावों के आगमन पर भुगतान के आधार पर बुलेट प्रूफ वाहन जिला कलक्टर पूल स्तर पर अग्रिम राशि जमा कराने पर उपलब्ध करवाये जायेगें। 

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रविवार, 14 अक्तूबर 2018

सूरतगढ:भाजपा टिकट का युद्ध शुरू: रणकपुर में बोले टिकटार्थी नेता



* करणीदानसिंह राजपूत *

भारतीय जनता पार्टी की सूरतगढ सीट की टिकट के लिए युद्ध शुरू हो चुका है। रणकपुर में 14 अक्टूबर 2018 को तीन प्रबल दावेदारों ने अपनी बात रखते हुए दावेदारी की है।

भाजपा की टिकट के लिए प्रबल दावेदारों में वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू,पूर्व विधायक अशोक नागपाल  और पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कसनिया ने टिकट के लिए अपनी दावेदारी नेताओं के समक्ष प्रकट की है। 

वर्तमान विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने क्षेत्र में कराए गए विकास के दावे के हिसाब सेे टिकट देने का आग्रह किया।

पूर्व विधायक अशोक नागपाल और पूर्व राज्यमंत्री रामप्रताप कसनिया ने सर्वे के आधार पर टिकट दिए जाने का आग्रह किया है।

रणकपुर में संगठन की मीटिंग में टिकटार्थियों को शामिल नहीं किया गया। उन्हें सभा हाल से बाहर जाने का कहा गया और बाद में संगठन की राय जानी गई।

 संपूर्ण जिले की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई और उसके बाद प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के बारे में अलग अलग जानकारियां ली गई।

सूरतगढ़  सीट को अखबारों व चर्चाओं में भाजपा की कमजोर सीट माना जाता रहा है मगर वर्तमान विधायक और पूर्व के दो विधायकों के द्वारा टिकट की मांग किए जाने से सूरतगढ़ सीट की स्थिति कमजोर होने का कथन सच्च नजर नहीं  आता। अगर यहां भाजपा की स्थिति बेहद कमजोर होती तो कोई भी ऊंखली में सिर देने को तैयार नहीं होता। लेकिन इस सीट को वर्तमान विधायक राजेंद्रसिंह भादू छोड़ने को तैयार नहीं है वहीं कासनिया और नागपाल काबिज होना चाहते हैं।

अगर इस सीट पर पार्टी बदलाव करे और भादू कासनिया के अलावा किसी अन्य वर्ग को मौका दे तो नागपाल के भाग्य में टिकट आ सकता है। जनमानस जीत पक्की के लिए बदलाव चाहता है तथा यह तथ्य पार्टी के जयपुर नेताओं तक भी जानकारी में है। सूरतगढ सीट पर अशोक नागपाल का कार्यकाल 2003 से 2008 तक रहा। उसके बाद उन्होंने टिकट का आवेदन नहीं किया। भाजपा ने 2008 में कासनिया को टिकट दिया लेकिन पराजय और तीसरा क्रम मिला। कांग्रेस के गंगाजल मील ने जीत प्राप्त की और राजेंद्र भादू निर्दलीय रूप में दूसरे क्रम पर रहे। सन 2013 के चुनाव से पहले भादू ने भाजपा की सदस्यता लेली। वसुंधरा राजे की थपकी से सन 2013 में भादू को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया। भादू ने जीत हासिल की और कांग्रेस के गंगाजल मील को तीसरे क्रम पर धकेल दिया।

अब भाजपा की टिकट की दावेदारी में किसका दावा मजबूत माना जाता है,उसका इंतजार सभी को है।



सास-ससुर की संपत्ति पर बहू का कोई हक नहीं,

*दिल्ली हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय *

- हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख व कल्याण के लिए बने नियमों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को अपने घर में शांति से रहने का अधिकार है।

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला दिया है। हाई कोर्ट ने फैसला दिया है कि सास-ससुर की चल या अचल संपत्ति में बहू का कोई अधिकार नहीं है। फिर चाहें वह संपत्ति पैतृक हो या खुद से अर्जित की गई हो। ये अपील महिला ने जिलाधिकारी के द्वारा ससुर का घर खाली करने के आदेश के खिलाफ दायर की थी। इससे पहले इसी साल जुलाई में एकल पीठ ने मामले की सुनवाई की थी और जिलाधिकारी के आदेश को बरकरार रखा था। एकल पीठ के आदेश के खिलाफ महिला ने पुन: डबल बेंच में अपील की थी। इसी मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने ये आदेश सुनाया है। कोर्ट ने जिलाधिकारी और एकल पीठ के आदेश को बरकरार रखने का फैसला सुनाया है।

इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस राजेंद्र मेनन और जस्टिस वी. कामेश्वर राव की पीठ ने की। उन्होंने अपने फैसले में कहा है कि ऐसी कोई भी चल या अचल, मूर्त या अमूर्त या ऐसी किसी भी संपत्ति जिसमें सास-ससुर का हित जुड़ा हुआ हो, उस पर बहू का कोई अधिकार नहीं है। पीठ ने कहा है कि यह बात मायने नहीं रखती है कि संपत्ति पर सास-ससुर का मालिकाना हक कैसा है।

हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों की देखरेख व कल्याण के लिए बने नियमों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को अपने घर में शांति से रहने का अधिकार है। सास-ससुर को अपने घर को बेटे-बेटी या कानूनी वारिस ही नहीं, बल्कि बहू से भी घर खाली कराने का अधिकार है।

हाईकोर्ट ने महिला की उन दलीलों को सिरे से खारिज कर दिया जिसमें उसने माता-पिता और वरिष्ठ नागरिक के देखरेख व कल्याण के लिए बने नियम का हवाला देते हुए कहा था कि चूंकि उसने ससुर से गुजाराभत्ता नहीं मांगा है, इसलिए वह उससे घर खाली नहीं करा सकते हैं। इतना नहीं, हाईकोर्ट ने महिला की उन दलीलों को भी ठुकरा दिया जिसमें कहा गया था कि कानून के तहत उसके ससुर सिर्फ अपने बेटे-बेटी व कानूनी वारिस से ही घर खाली करा सकते हैं।

वैसे बता दें कि याचिका दायर करने वाली महिला अपने पति व सास-ससुर के खिलाफ दहेज उत्पीड़न व अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज करा चुकी है। ये मामले अदालत में लंबित हैं। महिला का उसके पति से तलाक का भी मुकदमा चल रहा है। इसी बीच महिला के पति का उसके घर से अलगाव हो गया।

इसके बाद ससुर ने जिलाधिकारी के सामने अर्जी दाखिल की और आरोप लगाया कि उनकी बहू उन्हें प्रताड़ित कर रही है। ससुर ने ये भी मांग की उनकी बहू से उनका घर खाली करवाया जाए। तथ्यों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद जिलाधिकारी ने महिला को घर खाली करने का आदेश दिया। महिला ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

जनसत्ता ओनलाईन 14-10-2018.




शनिवार, 13 अक्तूबर 2018

राम जन्मभूमि पर मंदिर नहीं कराया: भाजपा को वोट मांगने का अधिकार नहीं


राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी महंथ सत्येंद्र दास महाराज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण नहीं कराए जाने की वजह से केंद्र और उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से खफा हैं। उन्होंने कहा है कि भाजपा रामलला के नाम पर जीतकर सरकार में आई लेकिन मंदिर निर्माण के मुद्दे पर अब भाजपा के नेता मामले को कोर्ट में होने का बहाना बनाकर किसी तरह की कार्रवाई से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर राम मंदिर का फैसला कोर्ट के निर्णय से ही होना है तो फिर हम भाजपा का साथ क्यों दें? लगे हाथ सत्येंद्र दास ने कहा कि अब उन्हें भाजपा से कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि राम मंदिर आंदोलन में बड़ी भूमिका निभाने वाली शिवसेना ही राम मंदिर का निर्माण कराने में कोई अहम भूमिका निभा सकती है।

राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी ने यह बयान शिव सेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत की मौजूदगी में दिया। राउत शुक्रवार (12 अक्टूबर) को अयोध्या में राम लला का दर्शन करने के बाद सत्येंद्र दास से मिलने पहुंचे थे। इस मौके पर राउत ने बीजेपी की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जब मोदी सरकार तीन तलाक और एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश ला सकती है तो राम मंदिर पर अध्यादेश क्यों नहीं ला सकती? राउत ने कहा कि अगर भाजपा अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनवा सकती तो उसे भगवान राम के नाम पर वोट

मांगने का कोई अधिकार नहीं है। बाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेन्स में संजय राउत ने कहा कि जब शिव सेना के संस्थापक बाला साहब ठाकरे जीवित थे तो उन्होंने विवादित ढांचे को गिराने में अहम भूमिका निभाई थी और ढांचा गिराकर भगवान राम को मुक्त किया था।

शुक्रवार, 12 अक्तूबर 2018

ओबीसी सूरतगढ में एनपीए खातों का निपटारा शिविर

सूरतगढ 12-10-2018.

 बैंक ऑफ कॉमर्स सूरतगढ़ शाखा की ओर से रिकवरी वसूली निदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता फील्ड महाप्रबंधक चरणजीत सिंह द्वारा की गई। शिविर में शाखा प्रबंधक निशांत खुराना,कृषि अधिकारी हरीश भादू,मुख्य प्रबंधक वसूली कलस्टर  श्रीगंगानगर नीरज अग्रवाल व इंद्र स्वामी आदि उपस्थित थे।

चरणजीत सिंह ने एनपीए खाता धारकों की समस्याओं को सुनते हुए उनके खातों में एकमुश्त समझौता स्कीम के अंतर्गत निपटारा किया।

 उन्होंने बैंक की इस स्कीम के बारे में अवगत कराया और बताया कि अक्टूबर 2017 से उनके द्वारा 135 शिविर पंजाब हरियाणा राजस्थान उत्तर प्रदेश और चंडीगढ़ की विभिन्न शाखाओं में आयोजित किए जा चुके हैं।जिनमें उनके द्वारा बैंक की इस स्कीम के तहत एनपीए  खातों का निपटारा किया गया।


कांंग्रेस के टिकट दिल्ली में तय होंगे:जिताऊ को ही टिकट-कु.शैलजा

जयपुर 12-10-2018.

 कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा ने साफ कर दिया है कि जिताउ को ही टिकट दिया जाएगा और वर्तमान  विधायकों को भी मेरिट और जीत के आधार देखकर ही टिकट दिये जाएंगे। 

जयपुर में पीईसी सदस्यों से राय—मशविरा करने आई शैलजा ने शुक्रवार को करीब साढ़े पांच घंटे तक 16 सदस्यों के साथ बात की। इस दौरान होटल के बाहर सुबह से लेकर शाम तक टिकटार्थी खड़े रहे। शैलजा शाम को बाहर निकली और टिकटार्थियों से बात तो की, लेकिन यह भी कह दिया कि वे टिकटार्थियों से बात करने नहीं आई।

शैलजा ने यह भी कहा कि अब जयपुर का काम खत्म हो गया है और दिल्ली में ही टिकट फाइनल किए जाएंगे। इससे पहले सुबह कुमारी शैलजा ने कहा कि राहुल गांधी के निर्देशों के अनुसार समिति सदस्यों से मिल रही हूं। सभी की बात को सुना जाएगा, मशविरा किया जाएगा। जो भी सुझाव मिलेंगे, उन्हें राहुल गांधी को बताया जाएगा।

हमारा लक्ष्य है कि जीताउ को टिकट दिया जाए। महिला, पुरुष सभी को पूरा वैटेज दिया जाएगा। बशर्तें वो जीताउ होना चाहिए। उम्मीदवारों की सूची के मामले में शैलजा बोल कि हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द सूची जारी की जाए।


सूरतगढ़:कांग्रेस टिकट पर जबरदस्त युद्ध शुरू:मील की राह में रोड़े बने नये दावे

- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ सीट पर कांग्रेस की टिकट पाने के लिए चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी में ही युद्ध शुरू हो गया है। टिकट के लिए जबरदस्त टक्कर हो रही है।सूरतगढ़ में भाजपा की हालत बहुत कमजोर मानी जाने के कारण कांग्रेस की टिकट पर युद्ध होने लगा है।


 टिकट किसको मिल पाएगी यह अभी पर्दे के पीछे है। इस बार विगत के प्रत्याशी पूर्व विधायक गंगाजल मील को जबरदस्त चुनौतियों के कारण तीसरी बार सूरतगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव में उतारने में बाधाएं खड़ी हैं। पांच साल 2008 से 2013 के विधायक काल के बाद 2013 के चुनाव में मील का पराजित होकर तीसरे क्रम पर गिरना और 32 हजार वोटों से हारने के हालात की कमजोरियों में टिकट मिलना संभव नहीं।जब पार्टी सत्ता में लौटने के लिए सूरतगढ सीट को जीतना चाहती है। 

कांग्रेस भी जीत के लिए बदलाव कर टिकट देगी का मतलब साफ है कि दूसरा चेहरा होगा।

इस बार पूर्व विधायक वरिष्ठ वकील सरदार  हरचंद सिंह सिद्धू  और  विमलकुमार पटावरी ( जैन) प्रबल दावेदार हैं। सिद्धु पहली बार 1977 में और दूसरी बार 1998 में विधायक बने थे। सिद्धु का दूसरी बार का कार्यकाल 2003 तक रहा। अब 15 साल बाद सूरतगढ सीट से टिकट मांग रहे हैं।

काग्रेस टिकट के ये दोनों दावेदार लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। विमल कुमार पटावरी सूरतगढ के मूल निवासी हैं और सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। कांग्रेस के उच्च नीतिकारों नेताओं के संगी हैं।

इनके पिता स्व.गौरीशंकर पटावरी पुलिस अधिकारी होते हुए  सन 1978 में तत्कालीन गृहमंत्री केदारनाथ के पी.ए.रहे थे।

इस बार कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष बलराम वर्मा भी पुराने दावेदारों में हैं। विधानसभा चुनावों के अनुभवी भी हैं। अनूपगढ़ पंचायत समिति के पूर्व प्रधान परमजीत सिंह रंधावा पुराने कांग्रेसी भी टिकट के सशक्त दावेदार हैं। 

कांग्रेस टिकट के दावेदारों में अमित कड़वासरा,राकेश बिश्नोई, गगनदीप सिंह विडिंग के नाम भी हैं। अमित कड़वासरा का परिवार 60 सालों से कांग्रेस से जुड़ा है। पिता वेदप्रकाश कड़वासरा सरपंच रहे हैं। वे और अमित छात्र जीवन से राजनीति में हैं। राकेश बिश्रोई टिब्बा क्षेत्र आंदोलन के जूझारू नेता हैं। गगनदीपसिंह युवक कांग्रेस के सूरतगढ विधानसभा क्षेत्र के संघर्षशील अध्यक्ष रहे हैं।













गुरुवार, 11 अक्तूबर 2018

चुनाव:तेज आवाज और देर रात्रि तक लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध


* यह आदेश आगामी 8 दिसम्बर 2018 तक प्रभावी रहेगा*

श्रीगंगानगर, 11 अक्टूबर। जिला कलक्टर व जिला मजिस्ट्रेट श्री ज्ञानाराम ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अंतर्गत तथा राजस्थान कोलाहल नियंत्राण अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए विधानसभा आम चुनाव 2018 में लाउडस्पीकर अत्यधिक तेज गति से तथा रात्रि में देर तक बजाये जाने पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है। 

आदेशानुसार राजनैतिक दलों, प्रत्याशियां, उनके कार्यकर्ताओ, समर्थकों और सहयोगियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिये लाउड स्पीकर का उपयोग किया जाता है, जो रिटर्निंग अधिकारी की अनुमति से किया जा सकेगा। तेज गति से व देर तक लाउडस्पीकर बजाने से वयोवृद्ध, बीमार व्यक्तियों को भारी असुविधा होती है। श्रीगंगानगर जिले के समस्त क्षेत्रा में कोलाहल नियंत्राण के लिये समस्त प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर आगामी 8 दिसम्बर 2018 तक प्रतिबंध रहेगा। सचल लाउडस्पीकर की स्थिति में अनुमति प्रदान करने के लिये सक्षम अधिकारी की अनुमति में वाहनों का रजिस्ट्रेशन एवं संख्या तथा उपयोग में लेने वाले वाहन की किस्म एवं अभ्यर्थी अथवा राजनैतिक दल का नाम अंकित करना होगा। 

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर अथवा ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग वर्जित है। राजनैतिक दल, समर्थकों द्वारा जुलुस निकाले जाने के लिये अनुमति संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से ली जानी आवश्यक है। बिना लिखित अनुमति के लाउडस्पीकर वाहन का उपयोग करने पर संबंधित वाहन को स्थानीय पुलिस द्वारा जब्त कर लिया जायेगा। साथ ही उपयोग कर्ता के विरूद्ध भारतीय दण्ड प्रक्रिया संहिता के तहत कार्यवाही की जायेगी। 

बुधवार, 10 अक्तूबर 2018

श्रीगंगानगर:चुनाव के लिए नियंत्रण कक्ष शुरू:24 घण्टे कार्यरत रहेगा

श्रीगंगानगर, 10 अक्टूबर 2018.

विधानसभा आम चुनाव 2018 को भली प्रकार से सम्पन्न करवाने के लिए जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। 

    जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2018 को सम्पन्न करवाने के लिए जिला मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष ने कार्य प्रारम्भ कर दिया है। नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नम्बर 0154-2444540 है। उन्होने बताया कि नियंत्रण कक्ष 24 घण्टे कार्य करेंगा। इसके लिए तीन पारियों में कार्मिको को लगाया गया है। पहली पारी प्रातः 6 बजे से दोपहर 2 बजे तक दूसरी पानी दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक तथा तीसरी पारी रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक रहेगी। 

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रामप्रताप कासनिया की जन आशीर्वाद रैली: कासनिया की हुंकार

* करणीदानसिंह राजपूत *

चुनाव घोषणा के बाद प्रथम रैली पूर्व राज्य मंत्री रामप्रताप कसनिया की 10-10-2018 की  जन आशीर्वाद रैली मे भाजपा के झंडों से सजे पंडाल में आई भीड़ ने यह साबित किया कि अभी तक की जितनी रैलियां जहां आयोजित हुई है उसमें कहीं ज्यादा भीड़ इसमें रही।

आज तक जितनी रैलियां हुई उनमें चाहे कितने भी बड़े नेता आए हों पुरानी धानमंडी का यह परिसर चौथाई भरा और आधे से अधिक कभी नहीं भरा गया । 

जनसमर्थन रैली में आज लोगों का अनुमान था कि 3 या 4 हजार लोग आएंगे। लेकिन यह अनुमान धरा रह गया और इससे दो गुणी भीड़ इस पंडाल में दिखाई दी।

 इस रैली की महता का आकंलन इससे भी किया जाना चाहिए कि महिलाओं की काफी संख्या मौजूद थी और उन्होंने एकटक मंच की ओर देखते हुए राम प्रताप कासनिया के भाषण का एक एक शब्द सुना। 

मंच पर एक और आश्चर्य या कहें एकता नजर आई कि भारतीय जनता पार्टी के लगभग पुराने चेहरे मौजूद थे।.उनमें से कईयों ने अपने वक्तव्य में रामप्रताप कसनिया को साथ देने का नारा लगाया।

 रामप्रताप कसनिया का भाषण काफी विस्तृत था उसकी चर्चा अलग से करेंगे लेकिन खुद  कासनिया भीड़ को देख कर गदगद और उत्साहित थे। यह उत्साह  भाषण में और अधिक शक्ति भर कर हुंकार बना रहा था जो भाषण में प्रगट हो रही थी। 

लोगों का एक और संशय दूर हो गया। कासनिया।चुनावों ने भारतीय जनता पार्टी की टिकट की दावेदारी का बिगुल बजा दिया। 

इस भरे पंडाल में कासनिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विकास को योगदान देने के लिए वह चुनाव में उतरना चाहते हैं औरउसमें जनता का कदम कदम पर सहयोग चाहते हैं। 

कासनिया ने कहा कि अभी तक जो सर्वे हुए हैं उनमें वे ऊपर हैं और आने वाले समय में जो सर्वे होगा उसमें सभी लोग उनका समर्थन करें जिससे दावा और अधिक मजबूत होगा। 

रामप्रताप कसनिया भारतीय जनता पार्टी की सूरतगढ़ सीट के इस समय वर्तमान विधायक राजेंद्र भादू को चुनौती देने वाले  सर्वाधिक ताकत वाले टिकटार्थी हैं।

इस रैली में कुछ खासियत भी रही। भारतीय जनता पार्टी के बहुत पुराने कार्यकर्ता पदाधिकारी जो जनता पार्टी के समय के हैं वे पंडाल के मंच पर मौजूद थे। 

नगर पालिका सूरतगढ़ की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती आरती शर्मा,भाजपा नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष वरिष्ठ वकील एन.डी.सेतिया,देहात मंडल के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र घिंटाला,देहात मंडल के पूर्व अध्यक्ष गुमाना राम पूनिया,सूरतगढ़ नगर मंडल के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व पार्षद किशन भार्गव मंच पर मौजूद थे।

इनमें से आरती शर्मा, नरेंद्र घिंटाला, गुमाना राम पूनिया, किशन भार्गव आदि ने वक्तव्य भी दिए। इस मंच पर वर्तमान पंचायत समिति प्रधान बिरमा देवी बिरमा ने भी अपना वक्तव्य दिया। सभा की अध्यक्षता हेतराम तरड़  की  जिसमें पुराने कार्यकर्ता बाबू सिंह खींची भी मौजूद थे। ग्रामीण क्षेत्र के अनेक नेता कार्यकर्ता मंच पर और पंडाल में उपस्थित थे।

कासनिया ने इस जन समर्थन  रैली में जो आशा की वह पूर्ण हो गई है। 

सबसे बड़ी बात यह रही कि लोगों का यह कयास था कि भीड़ जुटाने के लिए कासनिया सूरतगढ़ से बसों का प्रबंध करेंगे लेकिन यह कयास सही सिद्ध नहीं हुआ। यह भीड़ अपने साधनों से और बसों से अपना खर्चा करके पहुंची।  यह कासनिया की बहुत बड़ी जीत मानी जानी चाहिए।

 बस इस रैली में सूरतगढ शहर के लोग आशा के अनुरूप नहीं पहुंचे। शहर में करीब 1 लाख की आबादी में करीब 60 हजार मतदाता हैं। शहरी लोगों ने रूचि क्यों नहीं ली?

इस रैली का प्रभाव आगे कितना रहेगा और भाजपा टिकट दिलाने में कितना असरदार रहेगा यह समय बताएगा।

 बताएगा,क्योंकि अभी वर्तमान विधायक राजेंद्र भादू भी अपनी ताकत दिखलाएंगे। भादू भी रैली करेंगे यह चर्चा भी चल रही थी। 

इनके अलावा कोई तीसरा आने की चर्चा भी चल रही है जो बंद नहीं हो रही।





मंगलवार, 9 अक्तूबर 2018

फूल माला से लेकर टेंट माईक वाहन तक के खर्चें जोडे़ जायेगें


*अधिकतम 28 लाख तक एक उम्मीदवार खर्च कर सकता हैः- जिला निर्वाचन अधिकारी*

श्रीगंगानगर, 9 अक्टूबर 2018.

जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2018 में जो उम्मीदवार चुनाव लडेगें, उनके द्वारा खर्च की जाने वाली राशि का पूरा ब्यौरा रखना होगा। फूल माला से लेकर टेन्ट, माईक, वाहन कार्यालय झण्डे बिल्ले तक का खर्चा शामिल होगा। इन सभी आईटम की दरें प्रचलित दरों के अनुसार निर्धारित की गई है।

जिला कलक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में राजनैतिक दलों के साथ दर निर्धारण से संबंधित बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कैनात की दर 50 रूपये, दरी 30 रूपये, सफेद चद्दर 15 रूपये, कुर्सी 10 रूपये प्रतिदिन, लाउडस्पीकर 800 रूपये प्रतिदिन, सौफा सेट 500 रूपये प्रतिदिन की दरें निर्धारित की गई है। इसके अलावा थ्री विलहर विद लाउडस्पीकर 1000 रूपये प्रतिदिन, बिना लाउड स्पीकर 700 रूपये, जीप, कार 2000 रूपये प्रतिदिन, बिना लाउडस्पीकर 1700 रूपये, लग्जरी वाहन 2500 रूपये प्रतिदिन, बस ट्रक 5000 रूपये प्रतिदिन, टै्रक्टर ट्राली 1200 रूपये, रिक्सा लाउडस्पीकर सहित 700 रूपये प्रतिदिन की दर के हिसाब से खर्च में शामिल किया जायेगा। 

उम्मीदवार कार्यालय के अलावा कार्यकर्ताओं को पिलाई जाने वाली चाय, कॉफी, कॉलड्रिंक, समोसा, कचोरी, बिस्कुट, मिठाई, खाना, पानी के केम्पर की दरें भी निर्धारित कर दी गई है। विडियों कैमरा प्रतिदिन 1500, स्टील फोटोग्राफी 1500 रूपये प्रतिदिन के अलावा फोटो प्रिंट, सिडी, डीविडी, एलईडी की दरें भी निर्धारित कर दी गई है। जनरेटर प्रतिदिन 500 रूपये के अलावा स्टीकर, पम्पलेट, केप, झण्डा प्लास्टिक, झण्डा कपडे का, बैनर, होर्डिंग्स, फ्लेक्स, कटआउट की दरें भी निर्धारित कर दी गई है। 

बैठक में होटल, धर्मशालाओं के कमरों की राशि भी खर्चें में शामिल होगी। साधारण फूल माला 10 रूपये, बड़ी फूल माला 20 रूपये, फूल माला वीआईपी 500 रूपये, गुलदस्ता 100 रूपये की दर निर्धारित की गई है। इसके अलावा फूल, पानी का ड्रम, मुखोटे, स्टूल, बैंच, वीआईपी कुर्सी, डिस्पोजल प्लेट चम्मच, ढोल के 300 रूपये प्रतिदिन, बैण्ड पार्टी, रेड़ी ठेला प्रतिदिन 1500, बेण्ड पार्टी प्रतिव्यक्ति 400 रूपये की दरे निर्धारित की गई है। इसके अलावा चारपाई, मुडढा, तिरपाल, वेटर, पंखा, कुलर, एसी, सिक्योरिटी गार्ड की दरें भी निर्धारित कर दी गई है। 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विधानसभा आम चुनाव 2018 में प्रत्येक उम्मीदवार अधिकतम 28 लाख रूपये की राशि चुनाव प्रचार में खर्च कर सकेगा। इसके लिये अलग से बैंक में खाता खुलवाना होगा तथा सभी तरह के लेनदेन बैंक खाते से किये जायेगें। बैठक में राजस्व अपील अधिकारी श्री कन्हैया लाल स्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री नख्तदान बारहठ, जिला आबकारी अधिकारी श्री अमरनाथ अग्रवाल, लेखाधिकारी श्री प्रेम कुमार गोयल, भाजपा से श्री प्रहलाद राय टॉक, श्री अमित चलाना, आईएनसी से श्री भीमराज डाबी, सीपीआई से श्री इन्द्रजीत बिश्नोई तथा सीपीआईएम से श्री विजय रेवाड़ ने भाग लिया।





आदर्श आचार संहिता की पालना करना जरूरी

चुनाव प्रचार में नितियों की आलोचना हो, व्यक्तिगत आलोचना नही

प्रचार में जाति धर्म का सहारा नही लें, धार्मिक स्थलों का उपयोग न करें

जनसभा, रैली, जलसा वाहन के लिये स्वीकृति जरूरीः- जिला निर्वाचन अधिकारी 

श्रीगंगानगर, 9 अक्टूबर। जिला कलक्टर व जिला निर्वाचन अधिकारी श्री ज्ञानाराम ने कहा कि विधानसभा आम चुनाव 2018 में किसी प्रकार का जुलूस, रैली, जनसभा, वाहन, झण्डे, बैनर इत्यादि का उपयोग करने से पहले संबंधित रिटर्निंग अधिकारी से अनुमति लेना जरूरी है। 

श्री ज्ञानाराम मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाहॉल में राजनैतिक दलों को आदर्श आचार संहिता से संबंधित बैठक में यह जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव में जाति, धर्म, सम्प्रदाय में भेद करने वाले कार्य नही किये जाये। किसी भी पार्टी या उम्मीदवार की आलोचना उनके द्वारा किये गये विकास कार्यों, नितियों की आलोचना की जा सकती है। किसी उम्मीदवार पर व्यक्तिगत आरोप नही लगाये जा सकते। वोट मांगते समय जाति,साम्प्रदायिकता की दुहाई नही दी जा सकती। 

उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता के तहत धार्मिक स्थलों का उपयोग राजनैतिक गतिविधियों में नही किया जायेगा। मतदाताओं को आकर्षित करने के लिये भ्रष्ट आचरण नही अपनाया जाये तथा किसी को प्रलोभन नही दिया जा सकता। चुनाव से 48 घंटे पूर्व चुनाव प्रचार बंद हो जायेगा। सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग्स, चिन्हित स्थानों पर मंजूरी के बाद लगाये जा सकेगें। किसी व्यक्ति के निजी घर, अहाता का प्रयोग उसकी अनुमति के बिना नही किया जा सकेगा। 

चुनाव के दौरान रैली निकालते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि दूसरे उम्मीदवार की रैली या सभास्थल से रैली न गुजरे। एक-दूसरे उम्मीदवार के प्रचार में बाधा नही डालेगें। किसी उम्मीदवार के पर्चें, पोस्टर हटाना या फाड़ना आयोग के निर्देशों का उल्लंघन है। रैली जनसभा के दौरान अगर कही धारा 144 लगी है तो उसकी पूरी पालना की जाये। मतदान से पूर्व दी जाने वाली मतदाता पर्ची पर सिर्फ मतदाता का नाम व भाग संख्या होगी। पर्ची पर किसी तरह का नाम व चुनाव चिन्ह नही होगा। मतदाताओं को लुभाने के लिये किसी तरह का वितरण वर्जित होगा। मतदान के दिन मतदान केन्द्र से 200 मीटर की दूरी के बाद एक उम्मीदवार का एक त्रिपाल छाया के लिये तथा एक छोटा मेज व दो कुर्सी लगायी जा सकती है। 

बैठक में राजस्व अपील अधिकारी श्री कन्हैया लाल स्वामी, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री नख्तदान बारहठ, जिला आबकारी अधिकारी श्री अमरनाथ अग्रवाल, लेखाधिकारी श्री प्रेम कुमार गोयल, भाजपा से श्री प्रहलाद राय टॉक, श्री अमित चलाना, आईएनसी से श्री भीमराज डाबी, सीपीआई से श्री इन्द्रजीत बिश्नोई तथा सीपीआईएम से श्री विजय रेवाड़ ने भाग लिया।


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