रविवार, 13 मई 2018

बीजेपी का कर नाटक में पावर का नाटक :कर्नाटक में गठबंधन सरकार की गुप्त तैयारी शुरू है

 * करणीदानसिंह राजपूत *

- जेडीएस को केन्द्र की भाजपा सरकार से अधिक लाभ मिल सकेगा। -


* कर नाटक के नाटक की सफलता राजस्थान पर डालेगी असर*

कर्नाटक में किस दल को कितनी सीटें मिलेगी? विभिन्न न्यूज चैनल अलग-अलग मत रखते हैं,लेकिन नरेन्द्र मोदी और अमितशाह की राजनीति समझने वालों की सोच है कि यदि कांग्रेस को बहुमत से 10 सीटें कम मिलती है तो भाजपा वहां गठबंधन वाली सरकार बना लेगी।

कर्नाटक में भले ही अभी कांग्रेस की सरकार है, लेकिन केन्द्रीय एजेंसियों के माध्यम से भाजपा गठबंधन की सरकार बनाने की रणनीति बना ली गई है। 


जेडीएस की ओर से  अधिक लाभ पाने के संकेत खुले दिए गये हैं। जेडीएस की ओर से कहा गया है कि जो दल उनकी मांग पूरा करेगा उसे ही समर्थन दिया जाएगा। 

अब कांग्रेस तो केन्द्र की भाजपा जितनी मांग पूरी करने की स्थिति में है नहीं। केन्द्र सरकार की मदद से ही जेडीएस की मांगों को पूरा किया जा सकता है। कर्नाटक में 224 में से 222 सीटों पर चुनाव हुए है। यानि जिस दल के पास 112 विधायकों का बहुमत होगा, उसी की सरकार बनेगी। 

कांग्रेस यदि 100 सीटें भी ले आती है तो भी सरकार बनाना मुश्किल है। भाजपा अपनी ओर से जेडीएस की सीटों को मिलाकर सरकार बनाने की तैयारी में है। कर्नाटक में भाजपा की सरकार कैसे बनती है, इससे कोई सरोकार नहीं है। भाजपा को तो 24 के बजाए 25 राज्यों में भाजपा अथवा भाजपा गठबंधन की सरकार चाहिए।

भाजपा यह भी संदेश देना चाहती है कि जिस प्रकार गुजरात और उत्तराखंड में राहुल गांधी का नेतृत्व फिस हो गया, उसी प्रकार कर्नाटक में भी राहुल चल नहीं पाए हैं। 

 कांग्रेस को कर्नाटक अपने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व पर भरोसा है, लेकिन नरेन्द्र मोदी और अमितशाह की जोड़ी ने जिस प्रकार चुनाव प्रचार में बाजी मारी उसी प्रकार सरकार बनाने की आक्रमक रणनीति भी बना ली है।


 भाजपा और कांग्रेस दोनों ही जानते है कि कर्नाटक चुनाव के परिणामों का असर नवम्बर में होने वाले राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा।


राजस्थान पर कुछ ज्यादा ही असर की संभावना रहेगी


राजस्थान के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का मामला कर्नाटक चुनाव तक टाल दिया गया था। यदि कर्नाटक में भाजपा की सरकार नहीं बनती है तो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को राजनीतिक दृष्टि से महत्व मिलेगा, लेकिन यदि अमितशाह कर्नाटक में सरकार बनाने में सफल होते हैं तो फिर गजेन्द्र सिंह शेखावत ही प्रदेशाध्यक्ष होंगे। भले ही मुख्यमंत्री राजे कितनी भी नाराज हों।


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