Friday, November 3, 2017

छात्रा से गैंगरेप में कार्यवाही न होने पर सीएम की पुलिस को फटकार

  

माताता पिता पुलिस कर्मी फिर भी पुलिस टरकाती रही:

- करणीदानसिंह राजपूत-

आपराधिक घटना का मुकदमा भारत में कहीं भी पुलिस में दर्ज कराया जा सकने का कानून है।पुलिस 0 नम्बर की एफआईआर दर्ज कर घटना से संबंधित थाने को भिजवाएगी। लेकिन सामूहिक दुष्कर्म में भी पुलिस पीड़ित छात्रा और उसके माता-पिता को एक थाने से दूसरे थाने भटकाती रही।माता पिता दोनों पुलिस में फिर भी यह घिनौनी हरकत हुई। दुष्कर्म की शिकार छात्रा ही एक अपराधी को पकड़ कर थाने ले गई तब मुकदमा दर्ज किया गया।

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में हबीबगंज स्टेशन के पास छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म जैसी सनसनीखेज घटना में पुलिस की लापरवाही उजागर होने के बाद सरकार एवं पुलिस प्रशासन में  3.11.2017 को दिन भर हड़कंप मचा रहा। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार 3.11.2017 सुबह  डीजीपी ऋषिकुमार शुक्ला समेत राजधानी के तमाम आला अफसरों को मंत्रालय बुलाकर घटना पर जवाब तलब किया।

साथ ही लापरवाह पुलिस अफसरों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री  की फटकार के बाद पुलिस मुख्यालय ने दोपहर एक बजे तीन टीआई( टाउन इंस्पेक्टर) और  दो सब इंस्पेक्टरों​ को निलंबित किया गया व एक सीएसपी को मुख्यालय अटैच किया गया। 

जीआरपी ने मामले गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। जबकि चौथा आरोपी अभी भी फरार है। मालूम रहे कि मुख्य आरोपी गोलू उर्फ बिहारी को बुधवार  1.11.2017 को ही पीड़िता ने खुद ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया था, जिसके बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया था।

इस मामले में देर शाम डीआईजी ऋषि कुमार शुक्ला ने (नईदुनिया) से चर्चा में माना कि घटना को लेकर पुलिस की असंवेदनशीलता और गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर महिला शाखा ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट दे दी है। अब महिला शाखा के डीआईजी सुधीर लाड के नेतृत्व में विशेष जांच दल गठित किया गया है। टीम में महिला अधिकारी शामिल हैं।

जांच दल की अंतिम रिपोर्ट के आधार दोषी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इसके अलावा प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर टीआई एमपी नगर संजय बैस, हबीबगंज टीआई रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज टीआई मोहित सक्सेना, एसआई एमपीनगर रामनाथ टेकाम, एसआई जीआरपी भवानी प्रसाद उईके को निलंबित कर दिया गया है। वहीं सीएसपी एमपी नगर कुलवंत सिंह को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है। उन्होंने बताया कि घटना के तीन आरोपियों को रिमांड पर लिया गया है, चौथे आरोपी की तलाश में छह टीमें गठित की गई हैं।

मालूम रहे कि 31 अक्टूबर को शाम सात बजे विदिशा निवासी 19 वर्षीय छात्रा एमपी नगर जोन 2 से यूपीएससी की कोचिंग से छूटकर हबीबगंज स्टेशन की ओर जा रही थी। जहां रास्ते में उसको दो बदमाशों ने रोका और उससे छीनाझपटी शुरू कर दी । इस दौरान वह झड़ियों में गिर गई थी। जहां दो आरोपियों ने उससे सोने की चेन , मोबाइल और कान टाप्स लूट लिए थेे। उसके बाद दोनों आरोपियों ने उसके साथ ज्यादती की। आरोपियों ने छात्रा के पूरे कपड़े फाड़ दिए थे। उसके बाद 100 मीटर लंबे नाले से उसको घसीटकर दूसरी तरफ ले गए। जहां आरोपियों के दो और साथी आ गए। उन्होंने भी उसके साथ ज्यादती की। चारों आरोपी रात दस बजे तक उसके साथ दरिंदगी करते रहे इसके बाद उसे छोड़ दिया।

घटना के बाद पीड़ित छात्रा अपने पुलिसकर्मी माता- पिता के साथ एमपीनगर थाने, हबीबगंज और हबीबगंज जीआरपी में शिकायत करने पांच घंटे से ज्यादा समय तक भटकती रही। 

एफआईआर नहीं होने पर पीड़िता खुद अपने माता-पिता के साथ आरोपियों के संभावित ठिकानों पर जा पहुंची। जहां मुख्य आरोपी गोलू उर्फ बिहारी उन्हें मिल गया। आरोपी को पीड़िता जब खुद जीआरपी थाने लेकर पहुंची तब कहीं मामला दर्ज हुआ और दो अन्य आरोपी गिरफ्तार किए जा सके। चौथा आरोपी अभी भी फरार है। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया गया है। 

+

सीएम शिवराज सिंह ने गैंगरेप मामले को लेकर मुख्य पुलिस अधिकारियों की मीटिंग में केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की बात भी कही। 

पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) मकरंद देउस्कर ने मीडिया को यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण की जांच के लिए महिला अपराध के पुलिस उप महानिरीक्षक सुधीर लाड के नेतृत्व में एसआईटी गठित किया गया है। श्री देउस्कर ने बताया कि इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। पहचान होने के बाद उनमें से तीन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। चौथे आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें काम कर रही हैं।

इस घटना को लेकर कांग्रेस ने खूब हंगामा किया।


No comments:

Post a Comment

Search This Blog