रविवार, 12 नवंबर 2017

आपातकाल में जेलों में बंद रहे 7 को पेंशन: अन्य की मांग वास्ते 21 को सरकार को ज्ञापन देंगे

- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ। इंदिरा गांधी के शासनकाल में सन 1975 के आपातकाल में विरोध में प्रदर्शन कर जेलों में गये बलराम वर्मा, लक्ष्मण शर्मा,सुगनपुरी,महावीर तिवाड़ी, नेमीचंदछींपा,हनुमान मोट्यार,स्व.गोप सिंह की पत्नी श्रीमती रोमिला को राजस्थान की वसुंधरा सरकार ने पेंशन लागू की जो मिल रही है। यह पेंशन हर माह 12 हजार एवं 12 सौ चिकित्सा भत्ता है। यह पेंशन 1 जनवरी 2014 से दी जा रही है। इसे 25 हजार मासिक करने की मांग है।

उस काल में सीआरपीसी के तहत जेलों में बंद रहे लोकतंत्र सेनानियों को अभी भी पेंशन शुरू नहीं हुई है। इस बाबत सीआरपीसी से संबंधित लोकतंत्र सेनानी  8 नवंबर को गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया से उनके निवास पर  मिले और उस समय के अत्याचारों का बखान करते हुए अपनी विभिन्न मांगों के बारे में अवगत कराया। CRPC से संबंधित बंदी रहे लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन के निर्णय बाबत समिति बनाई हुई  है। सीआरपीसी सेनानी 21 नवंबर को जयपुर में एकत्रित होंगे तथा सरकार से पुन:बात करेंगे। सीआरपीसी बंदियों में सूरतगढ़ से करणीदानसिंह राजपूत मुरलीधर उपाध्याय, स.गुरनाम सिंह व कुछ अन्य लोग हैं।

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