मंगलवार, 22 मार्च 2016

आपात काल 1975 लोकतंत्र सेनानियों का उदयपुर सम्मेलन 20-3-2016


लोकतंत्र की जडं इतनी अधिक गहरी कर जाएं कि कोई इस पर कुठाराघात का दुस्साहस कभी न कर सके।पीढिय़ों को सँवारने अनुभवों का लाभ पहुंचाएं - प्रो. देवनानी शिक्षा राज्यमंत्री
उदयपुर, 20 मार्च/शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने आपातकाल के क्रांतिचेताओं से कहा है कि वे लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में देशभक्ति की ज्वाला को सदैव प्रज्वलित रखते हुए लोकतंत्र की जडं इतनी अधिक गहरी कर जाएं कि हर किसी को लोकतंत्र का सम्मान करना ही पड़े, कोई इस पर कुठाराघात का दुस्साहस कभी न कर सके।
शिक्षा राज्यमंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी रविवार को उदयपुर में हिरणमगरी स्थित विद्यानिकेतन  सभागार में राजस्थान भर से आपातकाल के दौरान मीसाबंदी के रूप में जेलों में रहे जागरुक लोगों के राज्य स्तरीय सम्मेलन को सम्बोधित कर रहे थे।  सम्मेलन आयोजकों ने प्रो. देवनानी  को उपरना पहनाकर स्वागत किया व साहित्य भेंट किया। 
शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने कहा कि राष्ट्रभक्त, सुसंस्कारित और सामाजिक सेवाव्रती पीढिय़ों के निर्माण के लिए उन्हें भारतीय गरिमा और गौरव से रूबरू कराने वाले इतिहास की जानकारी देने, संस्कार निर्माण वाली शिक्षा देने तथा श्रेष्ठ नागरिक निर्माण की सभी जरूरतों को पूरी करने की आवश्यकता है इस दिशा में राजस्थान सरकार बहुत प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि पीढिय़ों को सुसंस्कारित राष्ट्रभक्त व ओजस्वी-तेजस्वी बनाने के लिए भारतीय संस्कृति पर गर्व अनुभव करने लायक, वीर-वीरांगनाओं की गाथाओं की जानकारी देने, देशभक्त पीढ़ी बनाने और राष्ट्रीय चरित्र व स्वाभिमान जगाने के लिए राजस्थान में प्रेरक पाठ्यक्रम की पहल की गई है। इसके लिए अब बच्चों को परिवर्तित पाठ्य पुस्तकों से अध्ययन कराया जाएगा। न केवल  इतिहास बल्कि विज्ञान में भी अब भारतीय संस्कृति व  गरिमामय ?तिहासिक विभूतियों का समावेश किया गया है। 
देवनानी ने प्रदेश भर से उपस्थित संभागियों से आह्वान किया कि वे यथा अवकाश कम से कम एक घण्टा किसी न किसी स्कूल में जायें तथा अपने ज्ञान तथा अनुभवों से नई पीढ़ी में प्रेरणा जगाएं, सामाजिक नवनिर्माण व सेवा के अवसरों का लाभ लें तथा समाज का नेतृत्व करते हुए लोकतंत्र की जोत को जलाये रखें। 
शिक्षा राज्यमंत्री ने बताया कि स्कूल पुस्तकालयों में ज्ञानवर्धक व प्रेरक साहित्य की कड़ी में अब श्रीमद्भगवद्गीता भी शामिल की गई है जिससे कि नई पीढ़ी गीता के कर्मयोग को अपना कर जीवन संवार सके। 
उन्होंने कहा कि बच्चों में संस्कार देशभक्ति व समाजसेवा के बुनियादी संस्कारों की नींव मजबूत करने के लिए प्रार्थना सभा में वन्दे मातरम् गान, योग, सूर्य नमस्कार, नैतिक शिक्षा का विशेष महत्व है। 
उन्होंने कहा कि स्वार्थी तथा देश विभाजक ताकतें देश की नींव कमजोर करना चाहती हैं ताकि उनके नापाक मंसूबे आसान हो जायें। इस मामले में इतिहास विकृत करने के साथ ही विश्वविद्यालयों तक में चौतरफा सुनियोजित षडय़ंत्र रचे जा रहे हैं। इसका हमें मुँहतोड़ जवाब देना होगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि बच्चों की प्रारम्भिक शिक्षा की नींव को मजबूत करने के लिए अब 5वीं तथा 8वीं की परीक्षा होगी।  
इस सम्मेलन में राष्ट्रीय संरक्षक सांसद मेधराज जैन,राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाश जी जैन,प्रदेशाध्यक्ष पूर्व मंत्री राजेन्द्र जी गहलोत,विधायक मोहनलाल गुप्ता एवं पूर्व मंत्री शांतिलाल चपलोत ने संबोधित किया।
विधायक मोहनलाल गुप्ता संगठन में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया
जयपुर से तीसरी बार विधायक चुने गए मोहनलाल गुप्ता को लोकतंत्र सेनानियों के राष्ट्रीय संगठन में उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाशजी सोनी से विचार करके राष्ट्रीय महासचिव राजेन्द्रजी गहलोत ने यह मनोनयन किया। सम्मेलन में इसकी घोषणा की गई। इससे राजस्थान के संगठन में और अधिक सक्रियता आएगी। गुप्ता जी ने राजस्थान सरकार को पत्र लिखा है जिसमें आग्रह किया है कि मीसा व डीआइआर के साथ अन्य धाराओं में गिरफ्तार किए गए लोकतंत्र सेनानियों को भी वर्ग भेद न करके सम्मानित किया जाए।
राजस्थान भर के 400 सेनानियों ने इस सम्मेलन में भाग लिया।
इस सम्मेलन को सफल बनाने में सौभाग्य जी नाहर,दलपतसिंह जी दोषी व उनकी टीम को बधाई दी गई।



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