Wednesday, April 24, 2013

सूरतगढ़ के हालात बेहद खराब:पूर्व विधायक हरचंदसिंह का आमरण अनशन का नोटिस:




जाट अधिकारियों के बोलबाले से सूरतगढ़ को मुक्त कराने व इनके कार्यों की न्यायिक जांच की मांग

नगरपालिका के निर्माणों व अन्य कार्यों में हुए करोड़ों के घपलों की जांच

पहली खबर-करणीदानसिंह राजपूत

सूरतगढ़, 24 अप्रैल 2013. सूरतगढ़ के प्रशासनिक हालात बेहद खराब होने का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक स.हरचंदसिंह सिद्धु ने राजस्थान सरकार को विधिक नोटिस दिया है जिसमें कार्यवाही नहीं होने पर 1 जून से सुभाष चौक पर आमरण अनशन पर बैठने की चेतावनी दी गई है। सिद्धु ने आरोपों में वर्तमान कांग्रेसी विधायक गंगाजल मील को व विभिन्न विभागों में तथा पुलिस में लगाए गए जाट अधिकारियों को भी शामिल किया है। 

इस नोटिस की प्रतियां रजिस्टर्ड डाक से राजस्थान सरकार को मुख्य सचिव जयपुर के मार्फत,प्रमुख शासन सचिव स्वायत शासन विभाग जयपुर,निदेशक स्वायत शासन विभाग जयपुर, जिला कलक्टर श्रीगंगानगर और उपखंड अधिकारी सूरतगढ़ को भेज दी गई है।

    सिद्धु ने विधिक नोटिस में उच्चाधिकारियों को लिखा है कि प्रशासन के सर्वोच्च शिखर पर बैठे आप लोगों को चारों तरफ चैन ही चैन नजर आता है,धरातल पर फैले दल दल को आपने ना देखा है ना देखने की कोशिश की है। असलियत समझने व जानने की कोशिश भी नहीं की गई।

    सूरतगढ़ में महत्वपूर्ण पदों पर वर्षों से जाट अधिकारी ही लगाए जाने का आरोप लगाते हुए ब्यौरा दिया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर पद पर संतलाल बुडानिया जाट,उपखंड अधिकारी व उपखंड मजिस्ट्रेट पद पर मोहनलाल जाट,पुलिस उप अधीक्षक पद पर केसरीचंद जांदू जाट,सदर थानाधिकारी रणवीर सांई जाट,राजियासर थानाधिकारी राजेश सिहाग जाट,विद्युत वितरण निगम के अधिशाषी अभियंता पद पर जाट,पंचायत समिति के विकास अधिकारी पद पर जाट,कृषि उपज मंडी समिति के सचिव पद पर जाट और नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी पर पर पृथ्वीराज जाखड़ जाट लगाए हुए हैं। सिद्धु ने सवाल उठाया है कि विधायक गंगाजल मील के जाट होने के कारण दूसरी जाति का अधिकारी यहां पद स्थापित नहीं हो सकता। क्या प्रशासन जातिवादी है? सिद्धु ने लिखा है कि इसका एतराज निरंतर मेरे द्वारा किया जाता रहा है। इस नोटिस में सिद्धु ने पहली मांग सूरतगढ़ प्रशासन को जाटों से मुक्ति दिलाने की रखी है। इसके अलावा इनके द्वारा किए गए कार्यों की निष्पक्ष उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने की मांग की है। सिद्धु ने इन पर गैर कानूनी कार्य करने का आरोप लगाया है।

    पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल,अधिशाषी अधिकारी पद पर रहे राकेश मेंहदीरत्ता व वर्तमान अधिशाषी अधिकारी पृथ्वीराज जाखड़,विधायक गंगाजल मील पर पालिका की संपत्ति बाबत व अन्य भ्रष्टाचार के आरोप लगाये हैं। सिद्धु ने लिखा है कि इनके बाबत मुख्यमंत्री, विभाग के मंत्री व प्रमुख शासन सचिव को बार बार लिखित में भेजा गया मगर कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए यह विधिक नोटिस दिया जा रहा है।

    नगरपालिका में कब्जों के भूखंडों के नियमितिकरण व पट्टे देने के मामलों में विधायक गंगाजल मील,पार्षद राजाराम गोदारा,पार्षद सलीम कुरैशी का नाम दिया गया है। वार्ड नं 6 की बीपीएल चयनितों कृष्णादेवी और धन्नीदेवी के साथ प्रशासन का सलूक सेंगटे खड़े कर देने वाला रहा है। वार्ड नं 5 के बीपीएल चयनित परिवार के मुखिया गोमदराम बाजीगर की पत्रावली नियमितिकरण की गायब कर दी गई है। इसके अलावा वार्ड नं 5 में लेखराम नाई द्वारा पितरजी मंदिर के नाम पर 24 बीघा भूमि हड़पने का आरोप लगाया गया है। आरोप लगाया गया है कि इस स्थान पर आए दिन अपराध होते हैं। यह आरोप भी लगाया गया है कि यहां पुलिस नगरपालिका प्रशासनों व विधायक गंगाजल मील का संरक्षण है। लिखा है कि न्यायिक जांच हो तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आऐंगे।

इसके अलावा नगरपालिका पर आरोप लगाया गया है कि 2009 से 2013 तक स्वीकृत आवासीय कॉलोनियों की विधि सम्मत जांच में जो तथ्य आऐंगे वो प्रशासन को हिला कर रख देंगे। सिद्धु ने इसकी भी न्यायिक जांच करवाने की मांग की है।

    नगरपालिका की 40 करोड़ की सीवरेज योजना का जनाजा निकल जाने का आरोप लगाया है कि इसमें प्रशासन मौन धारण किए बैठा है।इसके अलावा 2009 से 2013 की सड़कें नाले नालियां व ट्री गार्ड आदि के निर्माण की जांच करवाने की मांग है।



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