मंगलवार, 24 नवंबर 2020

👌 शादी समारोह के कानूनी चक्कर से आयोजक को बचाने में मित्र परिचित जानकार आगे आएं तो सब संभव.




* करणीदानसिंह राजपूत *


👌 कोरोना का संक्रमण काल का फूटता ज्वालामुखी लोगों को लील रहा है। इस बीच हो रही है शादियां। 

शादी वाले कार्यक्रमों में अति व्यस्त हैं और मैरिज स्थल वाले नियमों से परेशान। क्या करें क्या नहीं करें। कितना ध्यान रखें।  किसका ध्यान रखें। कानून के पालन में चूक हुई तो सरकार की चेतावनी।

जिला कलेक्टर एसपी के फरमान पालन करना जरूरी। जुर्माना ही नहीं सजा तक का प्रावधान होने की चेतावनी। राजस्थान सरकार ने समारोह में 100 तक की अनुमति दी है। इससे एक भी ज्यादा हुआ तो 25 हजार रू. का। जुर्माना। मैरिज पैलेस सीज। दो साल सजा का भी प्रावधान। सैनेटराइजेशन जरूरी और। वह नहीं तो 5 हजार का जुर्माना।


 अब सवाल उठता है कि विवाह के आयोजक  जिनके घर में शादी है लड़का है या लड़की है। दोनों ही अब एकदम से क्या क्या ध्यान रखें?राजस्थान सरकार ने फरमान जारी किया है लेकिन आयोजन करने वालों की ओर से निमंत्रण पत्र इससे अधिक संख्या में वितरित पहले से ही किए जा चुके  हैं। 

अब किसे मना करें या तो संपूर्ण आयोजन ही स्थगित करें और केवल 10-15 व्यक्तियों की उपस्थिति में आयोजन किया जाए।

लेकिन यह हमारी परंपराओं के हिसाब से संभव नहीं है।

ऐसी स्थिति में आयोजक की परेशानी को मित्रों परिचितों जानकारों को हल करना चाहिए।

 समारोह में उपस्थिति अनिवार्य नहीं है।  इसे टाल भी सकते हैं। 

यह कदम उठाने के लिए आयोजक को फोन पर सूचना दी जा सकती है कि इस समारोह में उपस्थित होकर समस्या नहीं बनना चाहते। हमारी शुभकामनाएं हैं। कोरोना का संकट काल टलते ही हमारा और आपका मिलना पूर्व की भांति होता रहेगा। आप अपने और कानून की स्थिति का पालन करते हुए समारोह को हंसी खुशी के साथ संपन्न करें। हम आगे मिलते रहेंगे। 

इस प्रकार के संदेश और सोच से विवाह समारोह की कानूनी और विभिन्न समस्याएं हल होंगी। आयोजक विभिन्न प्रकार के भोजन आदि के बहुत बड़े खर्चे से भी बच सकेगा। शीघ्रता करें और इस सोच को फैलाएं।००


सामयिक लेख. दि 24 नवंबर 2020 

करणीदानसिंह राजपूत,

स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)

सूरतगढ़ ( राजस्थान)

94143 81356.

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