बुधवार, 4 नवंबर 2020

मोहनलाल लाठर पुलिस महानिदेशक नियुक्त:2 वर्ष तक नियुक्त रखे जा सकते हैं।

 

* करणीदानसिंह राजपूत *


आईपीएस मोहन लाल लाठर को पुलिस बल के प्रमुख (DGP) के रूप में नियुक्त किया गया है। वह दो साल की अवधि तक या अगले आदेश तक के लिए इस पद पर बने रहेंगे। अशोक गहलोत सरकार ने पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र सिंह यादव के इस्तीफे के बाद अब पुलिस महकमे के नए मुखिया के रूप में चुना है। पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति यूपीएससी के जरिए पूरी हुई है। लाठर को एपेक्स वेतन में भी 2 लाख 25 हजार रू प्रतिमाह पर फिक्स किया

गया है।


एमएल लाठर की सेवानिवृत्त तारीख मई 2021 है। एमएल लाठर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी रह चुके हैं. उनको उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 2016 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था.

भूपेंद्र सिंह यादव (Bhupendra Singh Yadav) के आरपीएससी के चेयरमैन बनने के बाद नए डीजीपी के लिए रेस शुरू हो गई थी. वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव दासोत, बीएल सोनी डीजीपी की रेस में पिछड़ गए. 1987 बैच के आईपीएस अधिकारी एमएल लाठर की पहचान एक न्यूट्रल अफसर की है. वैसे इनकी नियुक्ति के कयास तभी से लगाए जा रहे थे, जब जून 2019 में कपिल गर्ग (Kapil Garg) रिटायर हुए थे. लाठर को अब डीजीपी बना सरकार पॉलिटिकल मैसेज दिया है. एमएल लाठर मई 2021 में रिटायर होंगे. एमएल लाठर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी रह चुके हैं. लाठर को उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 2016 में राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया था. लाठर 5 जिलों के एसपी रहे हैं. वह उदयपुर ,कोटा ग्रामीण, सिरोही ,धौलपुर और दौसा के एसपी रहे हैं.


यूपीएससी ने तीन नामों का पैनल बंद लिफाफे में राज्य सरकार को भेजा था. पूर्व मुख्य सचिव राजीव स्वरूप यूपीएससी की बोर्ड मीटिंग में भाग लेने के लिए दिल्ली गए थे और अपने साथ पैनल भी लाए थे. पैनल में राजीव कुमार दासोत, बीएल सोनी और एमएल लाठर के नाम थे. मुख्यमंत्री ने एमएल लाठर के नाम को हरी झंडी दे दी.

तीन वरिष्ठ आइपीएस में था नजदीकी मुकाबला

पुलिस महानिदेशक के लिए वरिष्ठता के आधार पर तीन आईपीएस अफसरों में नजदीकी मुकाबला हुआ. इनमें 1987 बैच के राजीव दासोत, एम.एल लाठर, 1988 बैच के बी.एल.सोनी शामिल हैं. तीनों ही आईपीएस अफसरों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विश्वस्त अफसरों में शुमार किया जाता है. राज्य की ब्यूरोक्रेसी में बदलाव की प्रक्रिया जारी है. नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बाद राज्य सरकार ने पुलिस महकमे का मुखिया भी नियुक्त कर दिया है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रशासनिक मशीनरी को चुस्त-दुरुस्त करना चाहते हैं। 


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