सोमवार, 10 अगस्त 2020

भाजपा राजस्थान प्रदेश मंत्री विजेन्द्र पूनिया में सूरतगढ़ का राजनैतिक भविष्य देखती जनता **



*  करणीदानसिंह राजपूत *


भाजपा की राजस्थान प्रदेश कार्यकारिणी में श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र के ग्रामीण अंचल से  विजेन्द्र पूनिया को मंत्री पद पर पहुंचाना बहुत महत्ता रखता है। सूरतगढ़ से इतने शिखर पर पहले कोई नहीं पहुंचा था या इसे यूं कहें कि भाजपा ने इस पद का कार्य करने का दायित्व नहीं सौंपा था।

प्रदेश मंत्री बनने को अहम माना जाने के कारण राजनीति में गंभीर सोच रखने वाले लोग विजेन्द्र पूनिया में सूरतगढ़ का राजनैतिक भविष्य देख रहे हैं। 

राजनीति में भविष्य वाणी या दावा करना भी अहम होता है। लोग साफ सुथरी छवि वाले विजेन्द्र पूनिया में सूरतगढ़ का राजनैतिक भविष्य देखते हैं तो पूनिया को भी इसे गंभीरता से लेते हुए आगे के तीन साल में बहुत कुछ करना होगा। प्रदेश मंत्री पद काम करने कराने के लिए बहुत मजबूत आधार स्तंभ है और भाजपा की देश में मजबूत स्थिति है। 

विजेन्द्र पूनिया को संघ में और भाजपा संगठन में कार्य की पद्धति को उत्तम मानते हुए यह पद सौंपा गया है। कार्यकारिणी के गठन में अन्य नेताओं कार्यकर्ताओं पर भी निश्चित रूप से चर्चा हुई है। 

विजेन्द्र पूनिया के संघ में यानि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा संगठन में कार्य करने के काल पर दृष्टि डालें तो समझ में आ सकता है कि इस पद पर चयन कैसे हुआ और लोग राजनैतिक भविष्य भी क्यों मान रहे हैं? 

सूरतगढ़ तहसील के संघर गांव में साधारण किसान परिवार में जन्मे विजेन्द्र पूनियां ने स्वयं की मेहनत एवं कार्य के दम पर भारतीय जनता पार्टी राजस्थान की टीम में प्रदेश मंत्री जैसा महत्त्वपूर्ण दायित्व प्राप्त किया है।


विजेन्द्र पूनियां की दसवीं तक स्कूली शिक्षा गांव में ही हुई। 

नौंवी कक्षा में पढाई के दौरान ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने। संघ के प्रशिक्षण वर्ग कर सन् 2000 में पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रुप में प्रचारक बने। बाङमेर एवं नागौर जिले में संघ के प्रचारक रहे। 2008 तक नागौर जिला प्रचारक रहे। जुलाई 2008 में प्रचारक जीवन से छुट्टी लेकर अपने गांव संघर आ गये ।


राजनीति में स्वच्छ छवि के कारण प्रवेश हुआ। पंचायती राज के चुनावों में 2010 में जिला परिषद के जोन नम्बर 13 से सदस्य निर्वाचित हुए। यहां प्रभावशाली ग्रुप से टक्कर हुई जिसमें जीत हुई।

इसके बाद भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए मार्च 2018 में भाजपा की विस्तारक योजना में बीकानेर संभाग के प्रभारी नियुक्त हुए।

पार्टी के प्रति समर्पण, लग्न, कार्यकुशलता को देखते हुए प्रदेश नेतृत्व ने साधारण ग्रामीण परिवेश के कार्यकर्ता को प्रदेश मंत्री जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। 

पूनिया की पारीवारिक स्थिति पर भी दृष्टि डालें।

किसान बद्रीराम जी और सावित्री देवी के यहां 14 नवम्बर 1980 को संघर में जन्में विजेन्द्र पूनियां ने MBA तक पढाई की है। इनका विवाह श्रीमती कौशल्या से हुआ। ससुराल धौलीपाल जिला हनुमानगढ में है। 

संतान  में दो बेटियां  लक्षिता और  किट्टू  हैं। माता पिता दोनों अभी परिवार और खेती की सार संभाल में पूरा समय देते हैं जिससे विजेन्द्र पूनिया को राजनैतिक और सामाजिक कार्यों के लिए बहुत समय मिल जाता है।

पूनिया की कार्यकुशलता, व्यवहारिकता, पार्टी में अच्छी छवि पहुंच के चलते सूरतगढ़ विधानसभा की जनता इनमें राजनीतिक भविष्य देखती है।oo






कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें

यह ब्लॉग खोजें