मंगलवार, 25 जून 2019

मानव तस्करी का बड़ा मामला-सूरतगढ़ में 18 बंधक मुक्त कराए गए-

 -- करणी दान सिंह राजपूत --

सूरतगढ़ आजकल मानव तस्करी के मामलों में चर्चित हो रहा है। सिटी पुलिस थाने के थानाअधिकारी निकेत कुमार पारीक के नेतृत्व में 24 जून की शाम को औद्योगिक क्षेत्र में छापा मारकर बंधक बनाए गए और मारपीट कर काम करवाएं जा रहे अट्ठारह बालकों को बहुत बुरी हालत से मुक्त करवाया गया।

 निकेत कुमार पारीक को गुप्त सूचना मिली थी की औद्योगिक क्षेत्र वार्ड नंबर 8 के एक मकान में अनेक बच्चे बंधक बनाकर रखे गए हैं और उनसे मारपीट करके जबरदस्ती चूड़ियां बनवाने का कार्य करवाया जा रहा है। 

सूचना पर रात को करीब 8:30 बजे उस मकान पर छापा मारा गया।

मोहम्मद आमाद का यह मकान है जो मोहम्मद अकबर पुत्र मुस्किम को किराए पर दिया हुआ है। मोहम्मद अकबर इन छोटे-छोटे बच्चों से जबरन काम करवाता था। पुलिस ने मकान मालिक मोहम्मद अहमद और मोहम्मद अकबर दोनों पर मानव तस्करी का धारा 370 में मामला दर्ज किया है। 

(पुलिस नेअट्ठारह बच्चों को मुक्त करवाया है कानून के अनुसार उन नाबालिक बच्चों के नाम और फोटो आदि नहीं दिए जा सकते।)

पुलिस आगे की कार्यवाही करने में जुटी है।

 थाना अधिकारी के अनुसार इन बालकों से अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था। चूड़ियां बनाने के काम में इनको लगाया हुआ था। काम अच्छा नहीं होने पर पिटाई करना दंड देना सामान्य बात थी।अक्सर पिटाई होती रहती थी।एक ही कमरे में 18 बच्चों का रहना खाना सोना सब कुछ था। इन बच्चों को बाहर निकलने की छूट नहीं थी। ये बालक कहां के हैं? इसका पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है।

 सूरतगढ़ में करीब 4 माह से चूड़ियां बनाने का कार्य चल रहा था। पुलिस के अनुसार चूड़ियां बनाने का कार्य पहले श्रीगंगानगर चल रहा था लेकिन वहां पर सख्ती होने के बाद मोहम्मद अकबर सूरतगढ़ आया और सूरतगढ़ में मकान किराए पर लेकर यह कार्य कराने लगा जिसमें छोटे छोटे बच्चों को जबरदस्ती काम में लगाया हुआ था। पुलिस का कहना है कि जिन बच्चों के साथ मारपीट हुई है और उन सभी का मेडिकल मुआयना करवाया जाएगा और गहन पूछताछ की जाएगी।

मोहम्मद अकबर( 25 वर्ष) बिहार के वजीदपुरा गया का निवासी है। अभी यही मालूम हो रहा है कि बच्चे भी बिहार से लाए गए हैं। मानव तस्करी के लिए जो मकान किराए पर होता है, उसका मालिक भी मुकदमे में आरोपी होता है।

मानव तस्करी के प्रकरण में 10 साल,उम्र कैद या संपूर्ण जीवन की कैद की सजा हो सकती है।

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