शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल देश का शक्तिशाली गौरव

--------- यह रूपक 26-2-2016 को राजस्थान में आकाशवाणी के सभी केन्द्रों से एकसाथ प्रसारित हुआ था।


रूपक- करणीदानसिंह राजपूत,

23,करनाणी धर्मशाला,

सूरतगढ़।

मो.फोन. 94143 81356.

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उदघोष ध्वनि...........

ध्वनि के साथ-

पुरूष आवाज-राजस्थान की रण विजेता धरती के श्रीगंगानगर जिले के विश्व विख्यात सूरतगढ़ में सूर्याेदयनगरी क्षेत्र में इंदिरागांधी नहर की टिब्बा कॉलोनी है।


नारी -आवाज-इस कॉलोनी के एक तरफ आकाश छूते रेतीले टिब्बे हैं और दूसरी ओर मैदानी लहलहाते खेत।


पुरूष आवाज-यह एक ऐसा क्षेत्र है जहां देश के लिए कुछ कर गुजरने का जोश पैदा होने लगता है।


नारी आवाज-कुछ कर गुजरने की कहानी....रोमांचित होने की कहानी। देश के गौरव की कहानी हर कोई सुनना चाहेगा।


पुरूष आवाज-यह कहानी है सीआरपीएफ की कहानी। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की कहानी... जिसमें साधारण जवानों को विभिन्न तरह की ट्रेनिंग से सुदृढ जवानों में ढाल दिया जाता है।


नारी आवाज-ये जवान देश के विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न राज्यों में विभिन्न प्रकार की सुरक्षा सेवाओं में बुलंद हौंसले और जोश के साथ कर्तव्य पर डट जाते हैं।


पुरूष आवाज-ध्यान से सुनें यह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की कहानी जो कल आपके  या किसी के भी परिवार को नया रास्ता दिखलाने वाली हो सकती है।


नारी आवाज-सूर्याेदय की पहली किरण के साथ ही भारत माता के जय घोष और सीआरपीएफ सदा अजेय के नारों के साथ शुरू होती है ट्रेनिंग।


पुरूष आवाज- कदम ताल.... दाएं बाएं.... दाएं बाए.... लेफ्ट राईट...लेफ्ट

राईट...दौड़...कूद...ऊंची कूद...लम्बी कूद...। दौड़।


नारी आवाज- संपूर्ण मैदान में जवानों की हलचल शुरू हो जाती है।


पुरूष आवाज-सच में यह ड्रिल देखने वाली होती है। एकटक देखते रहें और इतना खो जाएं कि समय का ध्यान ही नहीं रहे।


नारी आवाज- यही तो खासियत होती है जो जवानों को सुदृढ जवानों में ढाल देती है।


पुरूष आवाज-ये ड्रिल कौन कौनसी होती है और किस तरह के कर्तव्यों या ड्यूटी में काम आती हैं। इसकी जानकारी जरूरी है कि आखिर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल को किस तरह के कार्य करने होते हैं।


नारी आवाज- भीड़ नियंत्रण जो कभी साधारण नहीं होती। समारोहों की भी भीड़ हो सकती है तो दंगाईयों की भीड़ भी हो सकती है। लाठी पत्थरों वाली भीड़ भी हो सकती है और हथियारों वाली भीड़ भी हो सकती है। यानि कि दंगाईयों की भीड़। जिसका नियंत्रण भी करना होता है।


पुरूष आवाज- आतंकवाद विरोधी आपरेशन में भी ड्यूटी होती है।


नारी आवाज- वाम चरम पंथ से निपटने का कार्य भी बड़ी होशियारी से करना होता है।

पुरूष आवाज- देश में कहीं न कहीं चुनाव भी होते रहते हैं। इनमें बड़े चुनाव में मतदान के वक्त जहां पर संवेदनशील इलाके हों...तनाव वाले इलाके हों...वहां ड्यूटी करना और बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था का कार्य करना होता है।


नारी आवाज-अति विशिष्ट लोगों की सुरक्षा का प्रबंध करना होता है।


पुरूष आवाज- अति विशिष्ट स्थलों की सुरक्षा का दायित्व भी सौंपा जाता है।


नारी आवाज - युद्धकाल में आक्रमण से बचाव का कार्य।


पुरूष आवाज- संयुक्त राष्ट्र संघ के शांति मिशन में भी जरूरत होने पर शामिल होने की ड्यूटी हो सकती है।


नारी आवाज- प्राकृतिक आपदाओं के समय बचाव व राहत कार्यों में ड्यूटी। भूकम्प बाढ़ और अन्य प्रकार की आपदाएं भी हो सकती हैं।


पुरूष आवाज- हमारे देश में कहीं पहाड़ कहीं रेतीले और कहीं दुर्गम जंगली वन क्षेत्र..जहां पर पर्यावरण सुरक्षा और जीवों की सुरक्षा में भी ड्यूटी लग सकती है।


नारी आवाज- यानि कि अलग अलग रोमांच को अनुभव करने की ड्यूटियां....वाह कितनी शानदार और जानदार रहती हैं ये ड्यूटियां।


पुरूष आवाज- जब इतनी प्रकार की दुरूह कर्तव्यों पर दिन रात सेवाएं होती हैं तो निश्चित है कि ये सभी ड्यूटियां आधुनिक हथियारों व साधनों के बिना नहीं हो सकती। जवानों व अधिकारियों को क्या क्या सीखना और अपने पास में रखना होता है।


नारी आवाज-प्रशिक्षण में मनोबल और हथियार दोनों काम देते हैं।


पुरूष आवाज- जवानों के पास आधुनिक हथियार और उनको चलाने का प्रशिक्षण। ऐसे उपकरण जिनसे रात्रि में देखा जा सके। उच्च तकनीक वाले रेडियो संपर्क उपकरण। इलाके की भौगोलिक स्थिति, नक्शे समझने और वनों की जानकारी। इन सबको ध्यान में रख कर प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया जाता है। बैंड की ध्वनि के साथ...


पुरूष आवाज- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल आज विश्व का सबसे बड़ा अद्र्ध सैनिक बल है। विश्व के बड़े लोकतांत्रिक भारत देश में आवश्यकता के अनुरूप सेवाओं में ढाल कर यह बल कर्तव्य निर्वहन करता है। इसके कर्तव्यों की कई जानकारियां आपने सुनी लेकिन राज्यों की आवश्यकता के अनुसार भी यह बल अपनी सेवाएं देता है। इन्हीं सेवाओं के अनुरूप ही प्रशिक्षण व अभ्यास यानि कि ड्रिल करवाई जाती है।

ड्रिल की आवाजें विभिन्न ध्वनियां....


नारी आवाज- यूनिफार्म ड्रिल,हथियार ड्रिल, वाहन ड्रिल,रात्रि ड्रिल,खेल कूद ड्रिल आदि। इसके अलावा हेलि स्लिंदरिंग का अभ्यास आत्म विश्वास बढ़ाने के लिए कराया जाता है जिसमें जँगल में रहने का प्रशिक्षण कराया जाता है।


पुरूष आवाज- इस पुलिस बल की स्थापना देश की आजादी से पहले 27 जुलाई 1939 के दिन मध्यप्रदेश के नीमच स्थान पर हुई थी। उस समय इसका नाम क्राउन रिप्रजेन्टेटिव पुलिस था। आजादी के बाद 28 दिसम्बर 1949 को इसका नाम बदल कर केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल कर दिया गया। आजादी के बाद इसके कर्तव्य में बदलाव आ गया और बहुआयामी सेवाओं में इसने सदैव अपनी दक्षता का उच्च कोटि का परिचय दिया।


नारी आवाज-चाहे वाम पंथी उग्रवादियों का क्षेत्र हो,चाहे पूर्वाेत्तर का खतरनाक पहाड़ी इलाका हो,चाहे पंजाब के कट्टर उग्रवादी हों,चाहे जम्मू कश्मीर में पनप रहे आतंकवादी हों,हर खतरनाक जान जोखिम संघर्ष में केन्द्रीय रिजव पुलिस बल ने अपना उत्तरदायित्व बखूबी निभाया।


पुरूष आवाज- अमरनाथ यात्रा,जम्मू कश्मीर आँदोलन,कंधमाल जैसी घटना हो,सभी में केन्द्रीय रिजव पुलिस बल की भूमिका सराहनीय रही है।

नारी आवाज-केन्द्रीय रिजव पुलिस बल आज तीन अति कठिन इलाकों पूर्वाेत्तर विद्रोह,जम्मू कश्मीर आतंकवाद और वामपंथी उग्रवाद यानि कि नक्सलियों से प्रभावित क्षेत्र में ड्यूटी पर लगी हुई है।

नारी आवाज- नक्सलवादियों से प्रभावित क्षेत्र में सबसे अधिक ध्यान देना पड़ता है जहां पर इलाकाई जटिलताएं गंभीर है। नक्सलवादी आम नागरिकों पर,पुलिस पर और गश्ती दलों पर घात लगा कर हमले करते रहे हैं। वे लोग राष्ट्रीयता से दूर अपनी निम्र सोच के अनुसार आम नागरिकों को विकास से दूर रखना खहते हैं। लोगों के जीवन पर अपना अधिकार बनाए रखना चाहते हैं। ऐसी स्थिति में कोई भी सरकार अपने नागरिकों का जीवन खतरे में नहीं डाल सकती।

पुरूष आवाज-  केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की नियुक्ति से नक्सलवादियों के हमले कम हुए हैं तथा आम नागरिकों के मारे जाने की संख्या भी कम हुई है।


नारी आवाज- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल नक्सलवादियों से गैर कानूनी हथियार बरामद करने में भी सफल रही है।


पुरूष आवाज- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के विशेष संगठन कोबरा कमांडो को 24 नवम्बर 2011 के आक्रामक अभियान में बड़ी सफलता मिली थी। दुरूह इलाकों में जहां पर नागरिक प्रशासन व पुलिस प्रशासन नहीं पहुंच पाया था वहां पर कोबरा कमांडो ने पहुंच कर आक्रामक कार्यवाही की जिससे नक्सली भाग खड़े हुए। इस प्रकार के इलाकों में आम नागरिकों के लिए अनेक प्रकार की सुविधाएं देने दिलाने में भी केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल का विशेष सहयोग रहता है।


नारी आवाज- बुनियादी प्रशिक्षण के बाद अनेक प्रकार के विशेष प्रशिक्षण

दिए जाते हैं जिनके कारण ही कोबरा कमांडो आदि को सफलता मिलती है और केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल सदा अजेय का नारे की गगनचुम्बी गूंज होती है।


पुरूष आवाज- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने पाकिस्तान के साथ हुए दो युद्धों 1965 और 1971 में अपनी उच्च कोटि की ड्यूटी देकर शौर्य दिखलाया।


नारी आवाज-संसद भवन पर 13 दिसम्बर 2001 को आतंककारी हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने अपनी इसी शौर्य एवं वीरता का अनूठा परिचय दिया और इतिहास में नाम लिखाया। केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल ने केवल 30 मिनट के अल्प समय में 5 आतंकवादियों को मार गिराया और हमारे जप प्रतिनिधियों व वहां कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की रक्षा की।


पुरूष आवाज- केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल को इसीलिए अनेक प्रकार के

प्र्र्र्रशिक्षण दिए जाते हैं। प्रशिक्षण में जितना अधिक पसीना बहाऐंगे,युद्धकाल व अन्य खतरनाक हालातों में उतना ही कम खून बहाना पड़ेगा। यह भी संभव है कि खून बहाए बिना ही आतंकवादियों,उग्रवादियों व नक्सलवादियों की सफलता से पकड़ हो और उन पर अंकुश लगे।


नारी आवाज- जवानों की ट्रेनिंग कभी खत्म नहीं होती। सदा अजेय रहने के लिए सदा नए नए प्रशिक्षण चलते ही रहते हैं।


पुरूष आवाज- सीआरपीएफ के जवानों के रोमांचकारी स्टंट प्रदर्शन भी देखने वाले दांतो तले अंगुलियां दबा लेते हैं। जवान की छाती रखा शिलाखंड तोडऩा। जवान की छाती पर से मोटरसाईकलों का गुजरना। आग के गोले में से छलांग लगाना आदि अनेक स्टंट प्रदर्शन।

 -समापन-

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