रविवार, 6 मई 2018

राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया जनसुनवाई मेंं गिरे: सुरक्षा मेंं भारी लापरवाही

* जनसुनवाई के दौरान कार्यकर्ता ने हटा दी कुर्सी, धम्म से गिर पड़े गृहमंत्री, सुरक्षाकर्मी बेखबर*


 * गृह मंत्री की सुरक्षा में डीएसपी और थानाधिकारी समेत करीब 30 जवानों के अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। सभी सुरक्षाकर्मी घटना के वक्त दूर खड़े थे।*


जनसत्ता ऑनलाइन, 6 म ई 2018


राजस्थान के गृह मंत्री गुलाब चंद कटारिया शनिवार (05 मई) को उदयपुर में एक जनसुनवाई के दौरान जमीन पर गिर पड़े मगर उनके सुरक्षाकर्मियों को कानों कान खबर तक नहीं हुई। दरअसल मंत्री कटारिया उदयपुर के चमनपुरा के वोहा बाजार में सुबह 10 बजे के करीब जनसुनवाई कर रहे थे। कार्यक्रम लगभग समाप्ति की ओर था। इसी दौरान वो खड़े हो गए और पीछे खड़े एक कार्यकर्ता ने फोटो खिंचवाने के चक्कर में कुर्सी हटा दी और उनके समीप जाने की कोशिश की। इसी दौरान मंत्री कटारिया कुर्सी हटाने से बेखबर अचानक बैठ गए और जमीन पर गिर पड़े। इससे उनके बगल में खड़े मेयर चंद्रसिंह कोठारी और अन्य लोगों ने तुरंत सहारा देकर उन्हें उठाया।


हैरत की बात यह कि गृह मंत्री की सुरक्षा में डीएसपी और थानाधिकारी समेत करीब 30 जवानों के अमले को इसकी भनक तक नहीं लगी। सभी सुरक्षाकर्मी घटना के वक्त दूर खड़े थे। एक भी सुरक्षाकर्मा मंत्री के पास खड़ा नहीं था। इसे एक तरह से मंत्री की सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। जब ये वाकया हुआ, उस वक्त मंत्री की सरुक्षा में ट्रैफिक डीएसपी भंवर सिंह हाड़ा वहीं पर मौजूद थे लेकिन जब पत्रकारों ने उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने इस तरह की घटना से इनकार कर दिया। जब पत्रकारों ने उन्हें मंत्री की जमीन पर गिरने वाली तस्वीर दिखाई तो हक्के-बक्के रह गए और कहने लगे कि आपलोगों के द्वारा ही ये जानकारी मिल रही है।

बता दें कि गृह मंत्री के विधान सभा क्षेत्र में पिछले महीने 1 अप्रैल से 12 अप्रैल तक जनसुनवाई चली थी। कार्यक्रम का दूसरा चरण शुक्रवार से शुरू हुआ था। शनिवार को चमनपुरा के वार्ड नंबर चार में यह कार्यक्रम हो रहा था। तभी ये घटना घटी। रविवार (06 मई) को जनसुनवाई का आखिरी दिन है।

राजस्थान में इस साल के आखिर तक विधान सभा चुनाव होने हैं। इस वजह से वसुंधरा राजे सरकार के मंत्री व्यापक स्तर पर जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। इधर, राज्य सरकार और पार्टी आलाकमान के बीच रिश्ते सामान्य नहीं चल रहे हैं। लंबे समय से प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष की नियुक्ति पर केंद्रीय नेतृत्व और सीएम वसुंधरा राजे के बीच टकराव जारी है।

(साभार जनसत्ता)

{फोटो आभार भास्कर}


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