Friday, April 10, 2015

मेडिकल स्टूडेन्ट अजीम भाटी बीकानेर की उदयपुर में षड्यंत्र हत्या का मुकद्दमा:





गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल का स्टूडेन्ट:सहपाठियों पर आरोप:
1 अप्रेल 2015 को नाई थाने में एफआइआर:
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल प्रबंधन ने 75 लाख रूपए लिए:
ग्रुप रेंगिंग से परेशान का आरोप:डूबो कर मारे जाने का आरोप:
पुलिस द्वारा सही जांच नहीं की गई:मृतक के वस्त्र आदि भी कब्जे में सीलबंद नहीं किए:
मौत 7 सितम्बर 2014 के बाद पिता लियाकत अली भाटी सेवा निवृत कर्नल ने 1 अप्रेल 2015 को एफआइआर दर्ज करवाई।
स्पेशल रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत:

गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल उदयपुर के एमबीएसएस के द्वितीय वर्ष के छात्र अजीम भाटी की रेंगिंग से परेशान किए जाने और हत्या कर दिए जाने के आरोप में करीब 7 माह बाद दर्ज हुए मुकद्दमें में सहपाठियों पर आरोप लगाया गया है। आरोप लगाया गया है कि यह ग्रुप अजीम भाटी को परेशान किया करता था।


1.सौरभ त्रिवेदी
2.
कृष्णा दोषी
3.इशांक गुप्ता
4.विनय अरोड़ा
5.आदित्य सिंघल
6.किस्ती ठक्कर
7.देवयानी सिंह
8.सिमरन पुरोहित
9.रोहिना खान
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल उदयपुर प्रबंधन ने दाखिले के लिए 75 लाख रूपए लिए थे जिसकी कोई रसीद नहीं दी थी। गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की रेंगिंग होती थी व हो रही है जिससे कारण अजीम भाटी को बाहर कमरा किराए पर दिलाया गया था व अजीम भाटी उसमें रहता था।
अजीम भाटी द्वितीय वर्ष का सत्र शुरू होने पर 19 अगस्त 2014 को बीकानेर से उदयपुर आ गया था। अजीम भाटी को सौरभ त्रिवेदी,
कृृष्णा दोषी,इशांक गुप्ता,विनय अरोड़ा,आदित्य सिंघल,किस्ती ठक्कर,देवयानी सिंह,सिमरन पुरोहित व रोहिना खान का ग्रुप रेंगिंग कर परेशान करता था जिससे वह भयभीत हो गया व फोन पर अपने पिता लियाकत अली व बहिन शाहीन खान को बता कर बचाने का कहा। शाहीना झालावाड़ मेडिकल कॉलेज में इन्टर्नशिप कर रही है।
इस पर पिता लियाकत अली भाटी ने गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल के प्रशासन को रेंगिंग रोकने की प्रार्थना की। वहां के प्रशासन ने पिता की बात को नहीं सुना व रेंगिंग होने से इन्कार कर रेंगिंग करने वालों का संरक्षण व समर्थन किया।
अजीम भाटी बार बार अपनी परेशानी बतला कर अपने जीवन को खतरा बतला रहा था। इस पर पिता ने कॉलेज प्रशासन को 75 लाख रूपए वापस देने का कहा तब कॉलेज प्रशासन नाराज हो गया।
कॉलेज प्रशासन ने अजीम की सुरक्षा का आश्वासन दिया तब पिता वापस बीकानेर लौट आए।
31 अगस्त 2014 को अजीम ने फोन पर बताया कि वह बीकानेर लौट रहा है।
इस पर पिता ने समझाया कि 9 सितम्बर 2014 को वे तथा उसकी ममी आऐंगे तथा आदित्य सिंघल से अलग दूरी पर मकान तबदील करवा देंगे ताकि आदित्य व सौरभ आदि परेशान नहीं कर पाऐंगे।
इसके बाद पिता ने बीकानेर के ही छात्र मोहित के खाते में रूपए डाले जो बेटे अजीम को मिल गए।
अजीम ने 2 सितम्बर 2014 को अपनी बहन शाहीन खान को 5 बार तथा पिता लियाकत अली को 3 बार फोन किए। वह बेहद घबराया हुआ था।

इसके बाद 9 सितम्बर 2014 रविवार को कृष्णा दोषी अजीम को अपनी बाइक पर बैठाकर सौरभ के कमरे पर ले गया। वहां से अपराधिक षडय़ंत्र के तहत ये सब लड़के लड़कियां बड़ी तालाब पर ले गए जहां पर अजीम की मौत डूबने से होना बता कर मर्ग रिपोर्ट सं 21/ 44 थाना नाइ में दर्ज करवाई। यह लिखित किसी और की थी जिस पर कृष्णा के हस्ताक्षर थे। यह मर्ग रिपोर्ट दर्ज कर एसडीएम गिर्वा को वास्ते निस्तारण सौंपी गई जहां पर पेंडिंग है।
एफआइआर में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों को उनके दोष से कानून से बचाने के लिए थानाधिकारी व अनुसंधानकर्ता एएसआई भंवरसिंह ने झूठे दस्तावेज बयान गवाहान एवं सबूत घटना को खुर्दबुर्द किया।  मृतक अजीम का मोबाइल,पर्स,पहने कपड़े,जूते व चमड़े का बेल्ट को कब्जा पुलिस में नहीं लिया गया। उनका निस्तारण कैसे किया,इसका मालूम नहीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी दोषपूर्ण और अविश्वसनीय है।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल प्रशासन ने अजीम की हत्या रेंगिंग के माध्यम से करवा दी और इतनी बड़ी रकम 75 लाख रूपए हड़प ली।
गीतांजलि मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पीटल प्रशासन ने अजीम की हत्या रेंगिंग से करवा कर रेंगिंग को संरक्षण व समर्थन दिया ताकि अजीम की जगह किसी अन्य को दाखिले करवा कर इससे भी बड़ी रकम ली जा सके।
एफआइआर में आरोप लगाया है कि थाना नाई की मृग रिपोर्ट गलत एवं दोषपूर्ण है। जांच ईमानदारी से नहीं की गई है तथा हत्या को छुपाया गया है।
यह लिखित पिता लियाकत अली भाटी ने जिला पुलिस अधीक्षक उदयपुर को दी जिस पर नाई थाने में 1 अप्रेल 2015 को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 हत्या आरोप में मुकद्दमा दर्ज हुआ है।
लियाकत अली भाटी सेवा निवृत कर्नल हैं जो सेना में डाक्टर थे और 64 वर्ष की आयु में एक ही पुत्र अजीम भाटी 19 वर्ष की मौत का दुख झेल रहे हैं। वर्तमान में 7 ए -17 जयनारायण व्यास कॉलोनी बीकानेर में रहते हैं।

पुलिस ने काफी जद्दोजहद के बाद करीब 7 माह बाद एफआइआर दर्ज की है। जांच सही होने पर ही न्याय की आशा की जा सकती है।

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मर्ग रिपोर्ट में क्या लिखा गया था जो कृष्णा
दोषी  की ओर से थाना नाई में दिनांक 7 सितम्बर 2014 को दर्ज हुई।
आज दिनांक दिन के करीब 2 बजे मेरे घर हिरणमगरी रामसिंह की बाड़ी मकान पर था। मेरा सहपाठी अजीम भाटी आया। दोनों ने खाना खाया। इसके बाद दोनों हमारे सहपाठी सौरभ के त्रिवेदी के मकान पर गए। वहां से हमारे सहपाठी उसके बाद हम सभी घूमने के लिए फतहसागर पाल पर गए। वहां से सभी ने बड़ी पाल पर जाने का प्लान बना कर फतह सागर की पाल से होकर करीब 4 बजे बड़ी पाल पर पहुंचे। वहां पर पहले से ही हमारी सहपाठी सिमरन पुरोहित,कस्ती ठक्कर,रोहिना खान,दिव्यानी सिंह मिली। उसके बाद हम सभी गाडिय़ों को खड़ी करके घूने के लिए बड़ी तालाब की पाल पर पानी के पास गए। जहां पर पानी के अंदर खड़े होकर अजीम व सौरभ दोनों मस्तियां कर रहे थे। इसी दौरान करीब 4-30 पौने 5 बजे की बात है। अचानक अजीम व सौरभ दोनों के पैर फिसलने से पानी में गिर गए। जिनको बचाने के लिए मैं पानी में कूदा। मैं भी डूबने लगा। तब इशांक ने बड़ी मुश्किल से मुझे व सौरभ को पानी से बाहर निकाला। अजीम गहरे पानी में जाने से पानी में डूब गया। उसके बाद आने जाने वालों ने पुलिस को सूचना दी और पुलिस मौके पर पहुंची। गोताखोरों की सहायता से अजीम भाटी की लाश को पानी से बाहर निकलवाया गया। अजीम भाटी का अचानक पानी में पैर फिसलने से गहरे पानी में चले जाने से पानी में डूब कर मृत्यु हुई। उसकी मौत में मुझे कोई शक नहीं है। कार्यवाही की जाए। 


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कृष्णा की इस रिपोर्ट में जो शब्द लिखे गए हैं कि उसकी मौत में मुझे कोई शक नहीं है। क्यों लिखे गए? जो अन्य डूबे और निकाले गए उनको चिकित्सालय ले जाए जाने की कार्यवाही क्यों नहीं हुई? मृतक के कपड़े आदि कहां गए? पुलिस ने उनको जांच आदि के लिए सील मोहर क्यों नहीं किया? इसमें कितने ही सवाल पैदा हो गए हैं।
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पुलिस रिकार्ड के अनुसार आरोपियों के पते निम्र है।
1.सौरभ त्रिवेदी रामेश्वर नगर बासनी फस्ट थाना कुडी जिला जोधपुर है।
2.
कृष्णा दोषी के पिता डाक्टर हैं। बांसवाड़ा के रहने वाले हैं।
3.इशांक गुप्ता चौपासनी हाउसिंग बोर्ड जोधुपर का हैं।
4.विनय अरोड़ा उदयपुर का है।
5.आदित्य सिंघल गंगाशहर बीकानेर का है।
6.किस्ती ठक्कर अहमदाबाद की है।
7.देवयानी सिंह चित्रकूट नगर स्कीम,वैशाली नगर जयपुर की है।
8.सिमरन पुरोहित किशननगर एक्सटेंसन,श्यामनगर थाना जिला जयपुर की है।
9.रोहिना खान मालवीय नगर जयपुर की है।
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अब सही जांच और जल्दी हो। इसकी अपेक्षा है।
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