Saturday, February 25, 2012

सूरतगढ़:लक्ष्मीनारायण मंदिर नई धान मंडी: दर्शन:रपट व फोटो- करणीदानसिंह राजपूत:








लक्ष्मी नारायण,शिव परिवार और हनुमन्त की भव्य प्रतिमाएं:

लक्ष्मीनारायण का यह भव्य मंदिर राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 पर सूरतगढ़ की नई धानमंडी में बना है जिसका शुभारंभ 24 फरवरी 2012 को हुआ है।
नई धान मंडी में सुंदर बगीचे के बीच में बने इस मंदिर और इसमें स्थापित प्रतिमाओं की भव्यता मन मस्तिष्क में दिव्य रस घोलती है आनन्दित करती है।
मंदिर में प्रवेश करते ही सामने लक्ष्मी और नारायण की प्रतिमाएं हैं। बाईं और हनुमन्त की प्रतिमा है। दाईं ओर शिव परिवार की प्रतिमाएं हैं जिनमें भगवान शिव नन्दी पर सवार हैं तो साथ में शेर पर पार्वती सवार हैं और उनके बीच में बिराज रहे हैं पुत्र गणेश। इसी जगह पर शिव लिंग और नन्दी की प्रतिमाएं भी हैं।
यह मंदिर व्यापार मंडल की ओर से बनवाया गया है।
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Friday, February 24, 2012

बाजीगर महिला से बलात्कार:पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल का मामला पत्रकार वार्ता में प्रभारी मंत्री विनोदकुमार के सामने आया:रपट करणीदानसिंह राजपूत:

पत्रकार सत्यपाल युवक ने कहा क्यों नहीं लगाई जा रही एफआर जब विधायक गंगाजल मील भी मामला झूठा बतला रहे हैं।
 विधायक जी पत्रकारों से तो कह रहे हैं वे एसपी को भी लिखें।
सूरतगढ़, 24 फरवरी, 2012.श्रीगंगानगर जिले के प्रभारी मंत्री विनोदकुमार की पत्रकार वार्ता  23 फरवरी को  हुई तब उसके समापन मोड़ पर पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल पर दर्ज बलात्कार के प्रकरण का मामला पत्रकार सत्यपाल युवक ने उठा दिया। सत्यपाल युवक वरिष्ठ पत्रकार हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण से अध्यक्षजी का खून कम हो गया है और विधायक गंगाजल मील इस मामले को झूठा और साजिशपूर्ण बतला रहे हैं तो इस पर एफआर क्यों नहीं लगवाई जा रही। अध्यक्षजी को इस प्रकरण में क्लीनचिट दिलवाई जाए। देरी क्यों की जा रही है? पुलिस इसका निस्तारण क्यों नहीं कर रही है? प्रभारी मंत्री तो नहीं बोले, मगर विधायक गंगाजल मील ने पत्रकारों को एक बार पुन: कहा कि मामला झूठा है और साजिश है। प्रभारी मंत्री की इस प्रेस कान्फें्रस में पालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल भी उपस्थित थे।
विधायक गंगाजल मील इस मामले को पहले भी झूठा और साजिश बतला चुके हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर एसपी को इस बाबत क्यों नहीं कहा जा रहा और क्यों नहीं लिखा जा रहा? कानूनी पेचीदगी में सीधा क्लीनचिट का नहीं लिखा जा सकता्र मगर विधायक जी की पार्टी के हैं इसलिए उन पर तो कोई रोक नहीं है कि वे क्लीनचिट की मांग ना करें। वे इस मामले में जल्दी से फाईल के निस्तारण का लैटर तो एसपी को लिख ही सकते हैं। किसी मामले का जल्दी निस्तारण किए जाने की मांग विधायक द्वारा करना तो गलत नहीं बताया जा सकता। किसी मामले में देरी करना भी तो अन्याय है।
विधायक मील ने इससे पहले तीन दिसम्बर 2011 को सुबह 11-28 बजे मोबाईल फोन पर यह महत्वपूर्ण जानकारी दी कि बनवारीलाल निर्दाेष है। मील ने स्वयं कॉल करके उक्त जानकारी दी थी। उस समय भी विधायकजी से कहा गया कि बनवारीलाल निर्दोष है तो इस मामले का निस्तारण जल्दी से करवाएं। यह मामला रूका सा पड़ा है। बनवारीलाल निर्दाेष है तो फिर पुलिस ने बनवारीलाल पर तलवार क्यों लटका रखी है? यह तलवार उसके सिर के ऊपर से जल्दी से जल्दी हटाई जानी चाहिए। जिला पुलिस अधीक्षक से कह कर जांच का परिणाम आऊट करवाएं।
मील साहेब ने कहा कि वे इस बाबत एसपी से बात करेंगे और आपके सामने बात कर लेंगे।
यह प्रकरण अदालत के आदेश पर सूरतगढ़ सिटी थाने में 7 अक्टूबर 2010 को दर्ज हुआ था और उस समय भी मील साहेब  ने 12 अक्टूबर को प्रेस कान्फें्रस में बनवारीलाल मेघवाल को निर्दोष बताया था। मील ने कहा था कि बनवारीलाल को तो फंसाया गया है।
अब भी यही बात मील साहेब ने फिर से कही है।
पीडि़ता ने खुद ने ही अदालत में दायर किए अपने इस्तगासे में निष्पक्ष जांच का लिखा था। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग बार बार दोहराई जाती रही है। भाजपा ने भी निष्पक्ष जांच करने की मांग को लेकर आंदोलन किया था, और 3 जनवरी 2011 को धरना उठाने के बाद से उसके नेता चुप हैं तथा आगे कोई मांग नहीं कर रहे हैं। ऐसी हालत में बनवारीलाल निर्दाेष है तो सिर पर तलवार लटकाए रखना भी गलत है। विधायक जी पत्रकारों को जो कह रहे हैं वह एसपी से कहें तो मामला निस्तारित होने में जल्दी होगी।
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Wednesday, February 8, 2012

देह शोषण जयपुर मुकद्दमें में 17 आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग प्रदर्शन:विशेष खबर-करणीदानसिंह राजपूत:











सूरतगढ़ में बिश्रोई महासभा का प्रदर्शन:उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम चेतावनी का ज्ञापन सौंपा:भंवरी प्रकरण में वृद्धा अमरीदेवी को सीबीआई की प्रताडऩा का भी विरोध:
सूरतगढ़,8 फरवरी 2012. देह शोषण के जयपुर के मामले में राजस्थान की राजनीति में भूचाल आया हुआ है जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। श्रीगंगानगर हनुमानगढ़ व जयपुर में आक्रोष फैल रहा है कि वैशालीनगर थाना जयपुर में 21 नवम्बर सन 2011 को पीडिता ने प्रकरण संख्या 679 दर्ज करवाया जिसमें 17 लोगों के नाम है उनको आजतक गिरफ्तार नहीं किया गया है। बिश्रोई महासभा ने संगरिया में 27 जनवरी को प्रदर्शन किया और उसके बाद रायसिंहनगर, हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर में एकजुटता दिखाते हुए आठ फरवरी को सूरतगढ़ में प्रदर्शन करते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया।
    भाजपा के एक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गोदारा की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसका देह शोषण करवाया जिसमें उसकी ओर से दायर प्रकरण में सतरह नाम हैं जिनमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी हैं। एक आरोपी को तो मुख्यमंत्री के घर व कार्यालय तक आना जाना बताया जा रहा है।
    सूरतगढ़ के प्रदर्शन में अशोक गहलोत मुर्दाबाद और अशोक गहलोत तेरी कब्र खुदेगी नारे लगते हुए बिश्रोई समाज के लोग बाजारों में से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे। उपखंड अधिकारी मदनलाल सिहाग को ज्ञापन दिए गए। माकपा नेता हेतराम बिश्रोई और संघर्ष समिति के सचिव इन्द्रजीत बिश्रोई ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देने के बाद कहा कि अशोक गहलोत सरकार के ईशारे पर एक तरफ तो भंवरी कांड में लोगों को प्रताडि़त किया जा रहा है, लेकिन दूसरी ओर सतरह आरोपियों के दर्ज मामले में कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि आंदोलन के लिए विवश होना पड़ा तो उसकी समस्त जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी।
आरोपों में घिरे पति ओमप्रकाश गोदारा ने साफ शब्दों में खंडन कर दिया था कि ना तो पत्नी के अश£ील क्लिप लिए और ना ही किसी के पास में यौन शोषण करवाया।
  निहालचंद ने 22 नवम्बर 2011 को पूछने पर बताया -आरोपी किसी सीडी के होने का प्रचारित कर रहे हैं। अगर कोई सीडी है तो मीडिया से सामने ले आए। दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा। मैंने इस प्रकार के घटिया आरोप वाला कोई काम आज तक नहीं किया जिससे मेरी व पार्टी की छवि पर किसी प्रकार की आंच आए और कोई दाग लगे। जयपुर में बैठे कांग्रेस के एक वर्ग के नेता ये करवा रहे हैं और यह सब राजनैतिक द्वेषता से किया जा रहा है। ओमप्रकाश पार्टी का कार्यकर्ता है सो उसकी शादी में जरूर गया था लेकिन उसके बाद कभी उसके जयपुर आवास पर नहीं गया। उसके साथ कोई मोबाईल कॉल से बात भी नहीं हुई। मेरे और उनके मोबाइलों की कॉल डिटेल निकलवा कर जांच की जा सकती है।राधेराम से भी 22 नवम्बर 2011 को पूछने पर बताया - यह आरोप तो मंदिर में बकरा काटने जैसा गंभीर दोष मंढ़ा जा रहा है। आरोप झूठा है तथा कुछ लोग अपनी राजनैतिक गोटियां इधर उधर करने के लिए ये सब करने में लगे हैं, लेकिन इसकी सच्चाई जल्दी ही सामने आ जाएगी। 

राधेराम सूरतगढ़ तहसील में अमरपुराजाटान के निवासी हैं जिन्होंने जाट महासभा के कुछ नेताओं को चुनौती देते हुए करीब ढ़ाई साल पहले अलग झंडा उठा लिया था। उस अलग गठन कर लेने से चर्चित हो गए थे और पहले के कुछ  नेता अपने वर्चस्व पर चोट मानते हुए नाराज हुए। जिसमें वे लोग शामिल हैं जिन पर अभी इशारा हो रहा।   
    राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के कार्यकाल में महिलाओं पर अत्याचार के आरोपों और पुलिस मुकद्दमों की बढ़ती संख्या से सरकार की छवि प्रभावित हो रही थी कि भंवरी नर्स की सीडी प्रकरण में आए भूचाल में सरकार की किरकिरी हुई व मंत्रिमंडल में परिवर्तन करना पड़ा। कुछ मंत्रियों को हटाया गया व उससे एक जाति वर्ग के लोग मुख्यमंत्री से नाराज भी हुए। अभी वह अशांत वातावरण थमा नहीं है कि,जयपुर के इस प्रकरण का तूफान बढ़ता जा रहा है।  इस मामले में भाजपा के नेताओं पर आरोप है लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं ने इस मामले के उठते ही जोरदार खंडन कर दिया था,तथा आरोप लगाया था कि कांग्रेस की किरकिरी के बाद यह षडय़ंत्र हो रहा है। 

हालांकि इस पूरे प्रकरण की तस्वीर साफ  नहीं हो पाई है। भाजपा के एक कार्यकर्ता ओमप्रकाश गोदारा की पत्नी ने आरोप लगाया है कि उसके पति ने उसका देह शोषण करवाया जिसमें उसकी ओर से दायर प्रकरण में सतरह नाम हैं जिनमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम भी उछाले जा रहे हैं।
    इस प्रकरण में जो भी सच्चाई है वो जनता के सामने आनी ही चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर है कि वे इस समय गृहमंत्री भी हैं। यह जांच आम जनता तो करवा नहीं सकती। सरकार ही करवा सकती है,तब इसको तेज गति से करवा कर दूध का दूध पानी का पानी सामने लाने में किस बात की हिचक हो रही है?
अशोक गहलोत की सरकार शुद्धता का अभियान चलाती रही है, जिसे शुद्ध के लिए युद्ध का नारा दिया गया। इस मामले में यह नारा क्यों नहीं लगाया जा रहा?
यहां पर एक और बहु चर्चित प्रकरण का उल्लेख करना उचित रहेगा। सूरतगढ़ में अनुसूचित  बाजीगर जाति की एक औरत ने कांग्रेस के नगरपालिका सूरतगढ़ के अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल पर यौन शोषण के आरोप में मामला दर्ज करवा रखा है। उक्त पीडि़ता तीन बार अशोक जी के आवास पर मिल आई। फरियाद कर आई। कांग्रेस के विधायक गंगाजल मील मामला दर्ज होने से ही बनवारीलाल को निर्दाेष बता रहे हैं।

Wednesday, February 1, 2012

गणतंत्र दिवस:कवि सम्मेलन में शॉल और श्रीफल भेंट सम्मान में यह क्या हुआ? गौर से देखना:कवि भी चक्कर में फंसे -हंसती हंसाती तस्वीरें:खास रिपोर्ट- करणीदानसिंह राजपूत-

शॉल श्री फल प्लास्टिक थैली में डाल लो। अशोक ने बंद करदी तो क्या हुआ? अपने पास तो उससे भी बड़ी पावर है। अपन सूरतगढ़ नगरपालिका के कामचलाऊ अधिशाषी अधिकारी हैं तो क्या हुआ? हटा नहीं सकता गहलोत। दूसरा अधिकारी है ही नही।

वाह बनवारीलाल अपनी जोड़ी भी मजेदार रहेगी- राजेश शायद यही कह रहा है

गंगाजल जी आप जनता को पागल समझो और मैं श्रोताओं को। चलो थोड़ी थकान उतारें। शायद दोनों ही एक दूजे से यही कह रहें हैं।

क्या हुआ? कवि सम्मेलन में भी नारियल नहीं मिलेगा? शायद यही सोच रहे हैं सूरतगढ़ के कवि नन्दकिशोर सोमानी।

वो लिफाफा भी दो जिसमें मनी है। शायद यही कहा जा रहा है। संदेश त्यागी के मुंह से मुस्कान बिखेरते हुए।

छोड़ भी दो। घर पर क्या ले जाऊंगा? शायद यही निकल रहा है लाज पुष्प के मुंह से।

एसडीएम साहेब कुछ भी करलो। यह नारियल तो वापस नहीं दूंगा। सुरेन्द्रम सुंदरम की आवाज सुनो।

सरदारजी खूब छकाया। अब ना शाल देंगे ना नारियल। रूपसिंह राजपुरी को शॉल नहीं ले जाने दे रहे।

डा. अरूण सोहरिया भी यही कह रहे हैं कि ना शॉल वापस दूंगा ना नारियल

ओम पुरोहित कागद भी यही कह रहे हैं- ना भाई ना। वापस नहीं। समझो-पुठा कोनी दूं।

जनकराज पारीक क्या कह रहे हैं- वाह वापस मांगने लगे। कम पड़ गए। ज्यादा मंगवाने थे।

यारों। अ तो मेरे काबू में है। लाओ और देदो। मोहन आलोक बुढ़ापे में अपनी ताकत दिखलाते हुए।

एडीएम साहेब से चारा जोई करते दीनदयाल शर्मा। जगिये की कविता दुबारा सुना देस्यूं। शॉल तो छोड़ देवो।
कवियों ने मंच पर नेताओं की और अधिकारियों की खूब उतारी आरती, मगर जब आया शॉल ओढ़ाने और श्रीफल से सम्मान करने का समय तब क्या गुल खिले। देखें हमारी नजर में।
सूरतगढ़, 2 फरवरी, 2012. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर महाराजा सिनेमा में हुए कवि सम्मेलन में कवियों ने राजनेताओं और अधिकारियों की जम कर आरती उतारी,मगर भूल गए कि अभी समय बाकी है जिसमें शॉल और श्रीफल भरी लेना है। नहीं तो लोग कहेंगे कि गप्प मारता है किसी कवि सम्मेलन में नहीं गय। गया तो फिर दिखा वो शॉल और नारियल।
चलें तो फिर देखें  कि क्या क्या हुआ?

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