रविवार, 4 दिसंबर 2011

पालिकाध्यक्ष बनवारी निर्दोष-सीडी तो सिपाही रोहिताश की है- विधायक गंगाजल मील

अनुसूचित जाति बाजीगर महिला से बलात्कार,यौन शोषण, गर्भपात का मामला:
नगरपालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल,पार्षद पति ओम साबनिया और सिपाही रोहिताश आरोपी है:

इस प्रकरण में सबसे कमजोर कड़ी सिपाही रोहिताश है:
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 4 दिसम्बर 2011.विधायक गंगाजल मील ने कहा कि नगरपालिकाध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल तो निर्दोष है, लैब में भेजी गई सीडी तो सिपाही रोहिताश की है। विधायक मील ने तीन दिसम्बर को सुबह 11-28 बजे मोबाईल फोन पर यह महत्वपूर्ण जानकारी दी। मील ने स्वयं कॉल करके उक्त जानकारी देते हुए नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल को निर्दोष  बताया ।
विधायकजी से जब कहा गया कि बनवारीलाल निर्दोष है तो इस मामले का निस्तारण जल्दी से करवाएं। यह मामला रूका सा पड़ा है। बनवारीलाल निर्दोष है तो फिर पुलिस ने बनवारीलाल पर तलवार क्यों लटका रखी है? यह तलवार उसके सिर के ऊपर से जल्दी से जल्दी हटाई जानी चाहिए। जिला पुलिस अधीक्षक से कह कर जांच का परिणाम आऊट करवाएं।
मील साहेब ने कहा कि वे इस बाबत एसपी से बात करेंगे- आपके सामने बात कर लेंगे।
यह प्रकरण अदालत के आदेश पर सूरतगढ़ सिटी थाने में 7 अक्टूबर 2010 को दर्ज हुआ था और मील ने 12 अक्टूबर को प्रेस कान्फें्रस में बनवारीलाल मेघवाल को निर्दोष बता दिया था। मील ने कहा था कि बनवारीलाल को तो फंसाया गया है।
    विधायक मील ने मोबाईल पर बताया कि बलात्कार प्रकरण में जो सीडी है वह तो उस सिपाही रोहिताश की है। जिसको लैब में जांच के लिए भेजा हुआ है।
 इस बात से एक संभावना नजर आ रही है कि इस सारे प्रकरण में उक्त सिपाही ही सबसे कमजोर कड़ी है। पीडि़ता के इस्तगासे में भी सबसे अधिक आरोप सिपाही पर ही लगाये हुए हैं। हालांकि बनवारीलाल व ओम साबनिया को भी यौन शोषण में बराबर का भागीदार बताया गया है। इसमें बनवारीलाल मेघवाल और पार्षद पति ओम साबनिया दोनों राजनैतिक व्यक्ति है। बनवारीलाल के निर्दोष होने का मील कह ही रहे हैं और ओम साबनिया के कहने पर ही पीडि़ता ने यह प्रकरण दर्ज करवाया था। ओम साबनिया के कहने का उल्लेख पीडि़ता ने खुद ने ही अदालत में दायर किए अपने इस्तगासे में लिखा है। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग बार बार दोहराई जाती रही है। भाजपा ने भी निष्पक्ष जांच करने और दोषी पर मुकद्दमा चलाने की मांग को लेकर आंदोलन किया था, और 3 जनवरी को धरना उठानेके बाद से उसके नेता चुप हैं।
-----------------------------------------------------------------------

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें