मंगलवार, 27 अप्रैल 2021

कर्फ्यू की रात में आपके लाल कहां है? जिम्मेदारी आपकी या यह भी सरकार की ?

 



* सामयिक लेख- करणीदानसिंह राजपूत *

कोरोना के फैलाव से जब सारा देश चिंतित है। शासन और प्रशासन बचाव में जूझ रहा है।  रात का कर्फ्यू लगा है। अनेक घरों के लाडले लाल सपूत रात को घरों में नहीं हैं। वे कहां है? इसका पता भी परिजनों को नहीं है? रात के अंधेरे में घर से बाहर क्यों हैं?
सभी को पता है कि रात के कर्फ्यू में बाहर निकलने की छूट नहीं है? तब लाडले शाम होते ही घरों से बाहर क्यों और कैसे निकल जाते हैं? परिजनों से पूछते नहीं है या परिजन देख कर भी अनजान बनते हैं?
कर्फ्यू समय शुरू होने के बाद यदि कहीं काम से अटके हैं तो 15 या 20 मिनट देरी से भी घर पहुंच जाएं लेकिन कर्फ्यू शुरू होने के एक-दो घंटे बाद भी घर नहीं लौटे तो यह चिंता परिजनों को होनी चाहिए।
* अब सवाल यह उठता है कि क्या यह जिम्मेदारी भी शासन प्रशासन की होगी?
शासन-प्रशासन ही अंधेरे में कच्ची बस्तियों की खंडहर वाली आबादियों में ढूंढे। घरों के ये लाल वहां दारू पीते मिलें या स्मैक का नशा लेते मिलें  या फिर किसी और अपराध में लिप्त मिले।

इसे मामूली नहीं समझना चाहिए। कर्फ्यू काल है या नहीं है। कोई भी लड़का घर से बाहर रात को बिना काम के क्यों जाता है?अपने लाल से पूछने की जानकारी रखने की जिम्मेदारी परिजनों की बनती है।
जब लाल किसी अपराधिक मामले में फंस जाता है।नशा करने लग जाता है। उसके बाद अभिभावकों को ठेस लगती है। पता लगने तक बहुत बड़ा नुकसान परिवार में हो जाता है। यह संकट ही है। अनेक लाल जिनकी उम्र 12 वर्ष से लेकर 15 वर्ष 16 वर्ष तक है। यह उम्र बहुत नाजुक होती है। इस किशोरावस्था में यदि लड़का बुरी संगत का शिकार हो जाता है तो उसे बाद में बचाना बहुत मुश्किल होता है।

वर्तमान समय में जब कोरोना के कारण कर्फ्यू लगा हुआ है तो यह संकट कोरोना संक्रमण भी घर तक ला सकता है। बहुत सावधानी की आवश्यकता है। यहां पर सबसे बड़ी जिम्मेदारी अभिभावकों की है परिजनों की है।
अपने बच्चों को भविष्य के सपनों को घरों में रोककर रखें।
अनेक अभिभावक साधारण लहजे में कह देते हैं कि बच्चे मानते नहीं। बहुत आसानी से यह बात कही जाती है लेकिन जब लाल कहीं फस जाता है तब अभिभावक सोचते हैं कि उन्होंने सख्ती नहीं करके बहुत बड़ी गलती कर दी।
यदि ऐसी गलती कर रहे हैं तो अभी मौका है अपनी गलती को सुधारने का। यदि आपके लाल कर्फ्यू काल में रात के अंधेरे में घर से बाहर जाते हैं,बाहर रहते हैं तो तुरंत ही ध्यान दें।

*सामयिक विचारणीय लेख-



करणीदानसिंह राजपूत,
स्वतंत्र पत्रकार ( राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय से अधिस्वीकृत)
सूरतगढ़ ( राजस्थान )
94143 81356
**********
सादर प्रकाशनार्थ.
आपके संपर्क में कोई भी पत्रकार है, अखबार है तो उनको भेजें/शेयर करें।
********






कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें