शुक्रवार, 11 मई 2018

क्या वसुंधरा को आगे सीएम नहीं बनने और हार का पूर्वाभास होने लगा है?


* आखिर पूर्व सीएम की हैसियत से वसुंधरा राजे क्यों ले रही हैं सरकारी बंगला?*

सचिन पायलट ने कहा कि अशोक गहलोत का अनुसरण करें। 

====

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से ताउम्र सरकारी बंगला तैयार करवाने को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने सीएम राजे पर राजनीतिक हमला किया है। 10 मई को टोंक में आयोजित अजमेर संभाग के मेरा बूथ मेरा गौरव अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मीडिया से संवाद करते हुए पायलट ने कहा कि राजस्थान में नवम्बर में विधानसभा  चुनाव होने हैं, लेकिन वसुंधरा राजे को 6 माह पहले ही आभास हो गया है कि वे पूर्व मुख्यमंत्री होने वाली है। इसलिए अभी से सरकारी बंगला तैयार करवाया जा रहा है। वसुंधरा राजे ऐसा तब कर रही है। जब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगाल छीनने का आदेश दिया है। पायलट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का कोई भी आदेश पूरे देश में लागू होता है, इसलिए कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जयपुर में आवंटित सरकारी बंगले का त्याग करने के लिए पत्र लिखा है। एक हमारे गहलोत साहब हैं जो पूर्व मुख्यमंत्री वाला बंगला छोड़ रहे है। दूसरी ओर भाजपा की मुख्यमंत्री हैं जो छह माह पहले ही स्वयं के लिए पूर्व मुख्यमंत्री वाला बंगला तैयार करवा रही है। पायलट ने कहा कि वसुंधरा राजे को अशोक गहलोत से प्रेरणा लेनी चाहिए।

भाजपा कैसे लड़ेगी चुनावः

पायलट ने कहा कि करीब एक माह से राजस्थान में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का पद खाली पड़ा है। हालांकि यह भाजपा का आतंरिक मामला है, लेकिन सवाल उठता है कि जिस पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष ही नहीं है, वह छह माह बाद विधानसभा का चुनाव  कैसे लड़ेंगी? दूसरी ओर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। आज संभाग स्तरीय सम्मेलन में बड़ी संख्या में बूथ स्तर के कार्यकर्ता जुटे हैं।

गुर्जर आंदोलनः

प्रदेश में 15 मई से शुरू होने वाले गुर्जर आरक्षण आंदोलन के संबंध में पायलट ने कहा कि इसके लिए राज्य की भाजपा सरकार जिम्मेदार है। सरकार की ओर से कोर्ट में प्रभावी तरीके से पैरवी नहीं की गई इसलिए गुर्जर समुदाय को 5 प्रतिशत आरक्षण का लाभ नहीं मिल सका।

तिवाड़ी की वाहिनी ने किया प्रदर्शनः

भाजपा के वरिष्ठ विधायक और दीन दयाल वाहिनी के संस्थापक घनश्याम तिवाडी के समर्थकों ने दस मई को जयपुर में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। वाहिनी के कार्यकर्ता मांग कर रहे थे कि राजे ने पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से जो 13 नम्बर का सरकारी बंगला सिविल लाइन में लिया है, उसे तत्काल खाली करवाया जाए। इस मांग को लेकर वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी भी दी।

एस.पी.मित्तल) (10-05-18)



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

यह ब्लॉग खोजें