शनिवार, 26 मई 2018

वसुंधराराजे से बंगला सं 13 खाली कराया जाए-घनश्यामतिवाड़ी


* वसुंधरा राजे पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से भी बंगला संख्या 13 का उपयोग कर रही हैं।*


घनश्याम तिवाड़ी ने राज्यपाल से मिल कर सरकारी बंगाल खाली करवाने की मांग की।

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राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे जयपुर में वीआईपी सिविल लाइन क्षेत्र में एक नहीं बल्कि दो सरकारी बंगलों का उपयोग कर रही हैं। यह आरोप भाजपा के वरिष्ठ विधायक और दीन दयाल वाहिनी के संस्थापक घनश्याम तिवाड़ी ने 25 मई को राज्यपाल कल्याण सिंह से मिल कर लगाए हैं। राज्यपाल से आग्रह किया कि वर्तमान सीएम से बंगला संख्या 13 तत्काल प्रभाव से खाली करवाया जावे तथा पिछले चार वर्षों का बंगले का किराया भी वसूला जाए। इस बंगले की साज सज्जा पर जो करोड़ों रुपया खर्च किया, उसकी वसूली भी मुख्यमंत्री से की जाए। राज्यपाल को दिए ज्ञापन में बताया गया कि मुख्यमंत्री की हैसियत से वसुंधरा राजे सिविल लाइन में बंगला संख्या 8 का उपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री के सारे कार्यक्रम इसी बंगले पर होते हैं। यह बंगला मुख्यमंत्री के लिए आरक्षित है, लेकिन इसके बाद भी पिछले चार वर्षों से बंगला संख्या 13 का भी उपयोग हो रहा है। वसुंधरा राजे मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद आजीवन बंगला संख्या 13 का उपयोग कर सकें, इसलिए विधानसभा में 26 अपै्रल 2011 को राजस्थान मंत्री वेतन (संशोधन) विधेयक लाया गया। असल में इस विधेयक में पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधाओं का ही ख्याल रखा गया। विधेयक में सालाना 4 से 5 करोड़ रुपए के खर्च का प्रावधान किया। तिवाड़ी ने राज्यपाल को बताया कि इस विधेयक में संबंधित मुख्यमंत्री सालाना खर्च को नकद भी ले सकता है। जैसे यदि वसुंधरा राजे ने किसी राज्य की राज्यपाल या केन्द्र में मंत्री बन जाए तो राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री की सुविधा नकद राशि में भी ले सकती हैं। तिवाड़ी ने राज्यपाल कल्याण सिंह की जागीरदारी प्रथा वाले इस विधेयक के विरोध में मैंने 12 मई 2017 को आपको भी पत्र लिखा था, लेकिन मेरे विरोध को दर किनार कर आपने विधेयक को मंजूरी दे दी। यही वजह है कि बंगला संख्या 13 का नाम मुख्यमंत्री ने अनंत विजय रख दिया है। तिवाड़ी ने राज्यपाल से पूछा कि सरकारी बंगले का नामकरण कैसे किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट की अवमाननाः

तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि बंगला संख्या 13 पर कब्जा कर मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की भी अवमानना कर रही हैं। अपने ज्ञापन के साथ तिवाड़ी ने राज्यपाल को 7 मई 2018 का सुप्रीम कोर्ट का आदेश भी दिया। इस आदेश में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों से सरकारी बंगले खाली करने को कहा गया है। इसी आदेश के अनुरूप उत्तर प्रदेश की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव आदि को सरकारी बंगले खाली करने के नोटिस जारी कर दिए हैं। एक ओर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों से बंगले खाली करवाए जा रहे हैं तो वहीं राजस्थान में वर्तमान मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से भी सरकारी बंगले पर कब्जा कर रखा है। राज्यपाल  को बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट आदेश राजस्थान पर भी लागू होता है। यदि वसुंधरा राजे से बंगला संख्या 13 खाली नहीं करवाया गया तो यह सुप्रीम कोर्ट की अब मानना होगी। राज्यपाल को दिया ज्ञापन मेरे फेसबुक पेज पर पढ़ा जा सकता है। इस संबंध में और अधिकारी जानकारी दीनदयाल वाहिनी के मीडिया प्रभारी दीपक आजाद से मोबाइल नम्बर 7742979442 पर ली जा सकती है।

ये थे ज्ञापन देने वालों में:

राज्यपाल को ज्ञापन देने वालों में दीनदयाल वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी के साथ प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य आशीष तिवाड़ी, अशोक यादव, विमल अग्रवाल, अंकित शर्मा, विष्णु जैसवाल, घनश्याम मंत्री, नरेन्द्र भोजक, राजेश अजमेरा, दिलीप महरोली, भंवर सराधना, प्रदीप मोटवानी, आनंद, आशीष क्रांतिकारी, शैलेन्द्र माथुर, अशोक सालोदिया, हर्ष शर्मा आदि थे।

एस.पी.मित्तल) (25_05-2018)

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