रविवार, 21 जनवरी 2018

सूरतगढ़ के गौरव पथ की ऊंचाई से कई इलाको में जल भराव होनेे की चिंता



- करणीदानसिंह राजपूत -

 सेठ रामदयाल राठी राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पास से इंदिरा सर्किल तक तक से इंदिरा सर्किल तक तक सर्किल तक बनाने वाला गौरव पथ अभी तक विद्यालय से लेकर ओबीसी बैंक के  पास तक बना है। 

इसकी ऊंचाई देखकर आसपास के इलाके के लोगों को बड़ी चिंता सताने लगी है। गौरव पथ की ऊंचाई के कारण आसपास के कई इलाके वर्षा के समय जलभराव में हो जाएंगे। यह जलभराव कितने घरों में दुकानों में घुसेगा और बरबादी की असर डालेगा इसकी चिंता पथ के निर्माण कराने वालों और करने वालों को नहीं हुई है।

 किसी भी निर्माण से पहले सर्वे होता है और वह सर्वे अकेले उस  निर्माण का नहीं होता आसपास की सड़कों का और मकानों का लेवल भी देखा जाता है। उसके बाद निर्माण का लेवल तय होता है जिससे आसपास के इलाके प्रभावित ना हों और उनको किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचे।

गौरव पथ के कारण पुरानी धान मंडी क्षेत्र, रामदयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के पीछे का बहुत बड़ा इलाका, पुराना मोटर मार्केट, रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के आगे का हिस्सा, ब्राह्मण धर्मशाला का क्षेत्र प्रभावित हो सकते हैं। 

गौरव पथ की इतनी अधिक ऊंचाई करने का उद्देश्य केवल गौरव पथ पर पानी नहीं आए यही सोचा गया। दोनों ओर के  नाले किस क्षमता के हैं और कितना पानी बरखा में निकास कर पाएंगे?

 एक सड़क का ऊंचा निर्माण होता है तब आसपास के घरों का लेवल नीचा हो जाता है और उसमें पानी घुस जाता जाता पानी घुस जाता है। यह सालों से सूरतगढ़ की जनता की जनता की जनता देखती रही है। सड़क की ऊंचाई से प्रभावित मकानों को ऊंचा करने में करोड़ों रुपए का खर्च आता आता आता है और जनता को भारी परेशानी का शिकार होना पड़ता है। सालों से यह रवैया सूरतगढ़ में चल रहा है। जब पूरे शहर का लेबल लिया लिया लिया हुआ है तब यह गलतियां बार बार क्यों दोहराई जा रही हैं? एक सड़क ऊंची की जाए उसे प्रभावित हो तब पास की दूसरी सड़कें ऊंची कर दी जाए। यह रवैया अपनाया गया और इसमें करोड़ों रुपए का दुरुपयोग होता रहा। 

गौरव पथ निर्माण के साथ सिवरेज का निर्माण भी गलतियों भरा रहा है जो सर्वे हुआ एस्टीमेट बने उनकी प्रतिलिपि कांग्रेस पार्टी के नेता गुरु दर्शन सिंह सोढ़ी ने ने सोढ़ी ने ने सिंह सोढ़ी ने ने सोढ़ी ने ने मांगी थी लेकिन नगरपालिका का व्यवहार सदा जैसा रहा है वैसा ही इसी मामले को लेकर भी रहा है । निर्माण में अनेक खामियां रही है और आगे भी रहेंगी।

 बीकानेर रोड पर गौरव पथ के पास के नाले के निर्माण को लेकर देखा जा सकता है कि यह सीध में नहीं है और सीध में लेने की कोशिश भी नहीं हुई व नाला आड़ा टेढा बनाया जाता रहा। 

पूरा शहर इस तरीके के निर्माण को देख रहा है मगर किसी भी राजनीतिक, सामाजिक व संगठन स्तर पर कहीं से आवाज हीं उठ रही है, ना ही लिखित में लिखित में कोई शिकायत है।

सार्वजनिक निर्माण विभाग गौरव पथ का निर्माण करा रहा है आश्चर्य है कि लाखों रुपए प्रति माह का वेतन का वेतन लेने वाले इंजीनियर यह सब गलत और त्रुटि पूर्ण निर्माण करवाने में लगे हुए हैं।

सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कई नेता तैयारियां कर रहे हैं सोशल मीडिया में उनके संदेश आ आ रहे हैं कोई ना कोई ऐसा काम कर रहे हैं जिससे अखबारों में रोजाना उनके मुखोटे सहित समाचार छपते आ रहे हैं लेकिन गौरव पथ की त्रुटियों के बारे में और भविष्य में जलभराव के बारे में किसी भी नेता को कोई चिंता नहीं है इस मामले में सभी कोमा में है।






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