Saturday, March 18, 2017

सब अपराध हो की जड़ शराब को बंद करे सरकार - पूनम अंकुर छाबड़ा



जयपुर ग्रामीण के रोजदा में शराब बंदी के लिए मतदान के लिए ग्राम वासियों को समर्थन दिया-पूनम छाबड़ा


  जयपुर ।


           प्रदेश के झुंझनू जिले के पिलानी कस्बे में सात साल की मासुम बालिका के साथ हुए दरिंदगी भरे कृत्य पर रोष प्रकट करते जस्टिस फॉर छाबड़ा जी संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम अंकुर छाबड़ा ने कहा कि इस प्रकार के आरोपियों को मौत से कम सजा नहीं मिलनी चाहिये और हम सरकार से मांग करते हैं कि प्रदेश में तुरंत शराब बंदी लागु करे क्योकि अब तक जितने ऐसे घिनोने जुर्म के वाक्यात सामने आये हैं उन सब की जड़ शराब ही है। हर आरोपी शराब के नशे में इस प्रकार के घृणित कृत्य करता है। सरकार को तुरंत प्रदेश मे शराब बंद करनी चाहिये जिससे प्रदेश में अपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगे और ऐसे आरोपियों को मौत से कम सजा नहीं मिलनी चाहिये।

गौरतलब है की झुंझनू जिले के पिलानी कस्बे में रिश्तों को शर्मशार कर देने वाली वारदात सामने आई है, सात साल की मासूम को उसके ही करीबी रिश्तेदार ने हवस का शिकार बना डाला। यही नहीं दरिंदगी के बाद जब मासूम रोई तो आरोपी ने उसे पीटा और उसका मुंह भी नोच भी डाला। खून से लथपथ पीड़िता जब घर पहुंची तो परिजनों के होश उड़ गए। जानकारी के मुताबिक पिलानी कस्बे में कच्ची बस्ती की रहने वाली सात साल की मासूम को उसका करीबी रिश्तेदार शमशाद अपने साथ दोपहर को चॉकलेट दिलाने के बहाने ले गया। करीब तीन-चार घंटे बाद शमशाद शराब के नशे में आया और बच्ची को घर छोड़ गया। बच्ची के घर आने के बाद जब उसकी बुआ ने देखा तो उसके होश उड़ गए। बच्ची खून से बुरी तरह लथपथ थी। इस बालिका को पिलानी के बिड़ला अस्पताल ले जाया गया, जहां पर हालत गंभीर होने पर उसे झुंझुनूं रैफर किया गया। यहां पर देर रात तक उसका इलाज जारी था। शुक्रवार को पीड़िता का मेडिकल करवाया गया। उधर इस घटना के बाद परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने खून के कपड़ों से लथपथ ही आरोपी को हिरासत में लिया, अब सरकार को तुरंत कार्यवाही करते आरोपी को सजा के साथ इन सब की जड़ शराब को प्रतिबंधित करना चाहिये।

जयपुर ग्रामीण के रोजदा में रविवार 19 मार्च को शराब बंदी के लिए होने वाले मतदान में पूनम अंकुर छाबड़ा ने रोजदा में सभा को संबोधन किया व ग्रामीणों को अधिक से अधिक मतदान के लिए निवेदन किया और जस्टिस फ़ॉर छाबड़ा संगठन की तरफ से समर्थन दिया। गाँव के संघर्ष के लिए जो पिछले 1 साल से सतत् प्रयासरत है उसके लिए गाँव की तारीफ की।




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