Tuesday, February 7, 2017

बीरमाना में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला एवमं शिविर का आयोजन किया गया

 
श्रीगंगानगर, 7 फरवरी। जिला पुलिस अधिक्षक श्री राहुल कोटोकी के निर्देशानुसार पुलिस थाना राजियासर के माध्यम से गाँव बीरमाना के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बीरमाना श्री गंगानगर में नशा मुक्ति जन जागृति कार्यशाला एवमं शिविर का आयोजन किया गया।
       कार्यक्रम में नशा मुक्ति परामर्श एवं उपचार केन्द्र श्री गंगानगर के प्रभारी डॉ. रविकान्त गोयल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने संबोधन में कहा कि घरो में अभिभावकों के नशा सेवन करने से बच्चे बीडी, सिगरेट के टुकडे और प्याली में बची शराब का सेवन कर बच्चे भी नशे की ओर अग्रसर हो रहे है । ऐसे बच्चे धीरे धीरे नशे के दल दल में फसतें चले जाते है। नशा मुक्ति जनजागृति कार्यशाला के माध्यम से दृढ इच्छा शक्ति से बिना किसी नुकसान के नशा छोड़ा जा सकता है। डॉ गोयल ने उपस्थित जन समूह व छात्रा छात्राओं को हम नशा नहीं करेगें और नशा छुडवाएगें की सामूहिक शपथ दिलाई। 
       कार्यक्रम में सब इंस्पेक्टर राजियासर थाना से पधारी सूश्री शालू बिश्नोई (एस आई ) ने कहा कि पुलिस प्रशासन गांव-गांव ,ढ़ाणी-ढ़ाणी जाकर नशा मुक्ति शिविर व जनजागृति कार्यशाला का आयोजन कर रहा है व उन्होनें कहा कि  आप सब इस नशा मुक्ति शिविरों के सहयोगी बनें और इस नेक कार्य में आगें आयें। बीट् अधिकारी नटवर लाल, नरेश, नेकीराम भी इस कार्यशाला में उपस्थित रहे।
     कार्यक्रम में बीरमाना सरपंच सन्तोश सोहन जालप ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति समाज देश व अपने स्वंय के परिवार का सबसे बड़ा दुशमन हैं, नशा किसी भी रूप में हो उसके परिणाम घातक होते हैं। हर यूवा पीढ़ी को नशे रूपी गन्दगी का सेवन करने से बचना चाहिए। 
     नशा मुक्ति शिविर में बालाजी शिक्षण संस्थान ,सरूपीर पब्लिक स्कुल, गुरूकुल शिक्षण संस्थान, मरूधरा स्कुल के छात्रा छात्राओं व अध्यापक गणों ने भाग लिया । 
          स्कुल के प्रधानाचार्य श्री विजयपाल जी भारद्वाज ने पुलिस प्रशासन द्वारा चलाये जा रहें इस अभियान की प्रशंसा की व विद्यार्थीयो को नशे की बराइयो से अवगत करवाते हुए कहा कि विद्यार्थीगण  नशा मुक्ति के प्रेरक बनें व समाज से नशे को जड़ से उखाडने का बिड़़ा उठाए।  

 
     कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता श्री हसंराज जोशी ने किया। कार्यक्रम के अन्त में शिविर में आए नशा पीडी़त लोगों की डॉ रविकान्त गोयल ने जाँच की और उचित परामर्श दिया। 




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