रविवार, 27 नवंबर 2016

मील परिवार की करोड़ों की जमीन के पंप हटाने के आदेश



लोकायुक्त राजस्थान 28 नवम्बर को श्रीगंगानगर मुख्यालय पर बैठक लेंगे जिनमें पैंडिंग पड़े प्रकरणों पर भी विचार होगा।
यह रिपोर्ट पहले 17-4-2016 को छपी थी।


मील की जमीन पर कार्यवाही में किसी न किसी स्तर पर रहे 3 एसडीएम और 9 तहसीलदार भी घेरे में हैं।

वसुंधराराजे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा कर भाजपा छोडऩे वाले गंगाजल मील आरोपों में फंसे हैं।

स्पेशल न्यूज-करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़।
लोकायुक्त के आदेश से हुई गहन जाँच में मील परिवार के पैट्रोल पंप की जमीन को अतिक्रमण मानते हुए संभागीय आयुक्त कार्यालय से अप्रेल में आदेश जारी हुआ जिसके अखबारों में छपने के बाद से राजनैतिक तूफान मचा है। पूर्व विधायक गंगाजल मील का आरोप है कि सरकार उनका नाम जबरदस्ती घसीट रही है और सूरतगढ़ के ऐटा सिंगरासर माइनर के आँदोलन को कुचलने के लिए बदले की कार्यवाही में लगी है। वर्तमान में यह आंदोलन राकेश बिश्रोई के संयोजन में मार्च 2016 से शुरू हुआ और अन्य जो कोई भी इसमें शामिल हुए वे बाद में शामिल हुए और होते गए।
 मील परिवार के पंप की जमीन को अतिक्रमण मानते हुए 1 साल पहले अप्रेल 2015 में आदेश जारी हुआ लेकिन उस समय अतिक्रमण हटाया नहीं जा सका। उस समय ऐटा सिंगरासर माइनर के वर्तमान आंदोलन की कहीं भनक तक नहीं थी। मील परिवार और कांग्रेस पार्टी इस आँदोलन में किस प्रकार की भूमिका व सहयोग कर रही है वह न किए जाने के बराबर ही दिखाई पड़ रहा है।
मील इसे बदले की कार्यवाही बताना चाहें या आंदोलन को कुचलने की कार्यवाही बतलाना चाहें तो उनको कई सवालों के उत्तरों के साथ असलीयत उजागर करनी चाहिए।
1.राष्ट्रीय उच्च मार्ग नं 15 सूरतगढ़ शहर में से गुजरता है और इसके आसपास की जमीनें मुंह बोलती कीमतों तक यानि कि कई कई करोड़ रूपए तक एक एक दुकान या शोरूम पहुंच गया है। सरकार इसे अतिक्रमण क्यों मान रही है और मील परिवार इसे सही जमीन कैसे मान रहा है?
2.मील परिवार की यह जमीन राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर एकदम सही स्थान पर है तब सरकार ने राजस्व विभाग के 3 एसडीएम और 9 तहसीलदारों को आरोपों के घेरे में क्यों ले लिया है? इन सभी पर अनियमितताएं बरतने व नियम तोड़ कर गैर कानूनी कार्यवाहियां करने तथा मील के जमीन को बचाने के आरोप हैं। इनको सभी को नोटिस जारी हो चुके हैं। आरोपों के घेरे में फंसे से दो जने इसी अप्रेल 2016 में सेवानिवृत होंगे। एक मुस्ताक वर्तमान में सब रजिस्ट्रार है और तहसीलदार के पद पर रह चुके हैं। एक लिपिक प्रह्लादसिंह एसडीएम कार्यालय में हैं जो पहले तहसील में लिपिक पद रह चुके हैं।
गंगाजल मील कह रहे हैं कि बदले से हो रहा है लेकिन यह कार्यवाही तो सरकार की तरफ से नहीं हुई बल्कि लोकायुक्त को शिकायत हुई और उनके आदेश से कराई गई जाँच में गोलमाल सामने आया। सरकार केवल बदले की कार्यवाही करने वाली होती तो 3 एसडीएम और 9 तहसीलदार पर कार्यवाही नहीं होती। मील के विरूद्ध जब भी कोई शिकायत हुई तो वह अंतिम परिणाम तक नहीं पहुंच पाई।
अब अतिक्रमण हटाने के आदेश बीकानेर संभागीय आयुक्त कार्यालय से जारी हुए हैं जो जिला कलक्टर के पास पहुंचे और वहां से सूरतगढ़ पहुंच गए हैं। एसडीएम ने आदेश की पालना के लिए यह राजस्व तहसीलदार को सौंप दिए ।





इस बार आदेश का सख्ती से पालन होने की संभावना है। जहां तक सवाल है वर्तमान भाजपा विधायक राजेन्द्रसिंह भादू का तो, वे पंप के मामले में कहीं नजर नहीं आ रहे। मील भी राजेन्द्र भादू की सड़क के बीच में बने भव्य कोठी,राजेन्द्र के पिता बीरबल भादू की कोठी जिसके चारों ओर की सड़कें शामिल कर ली गई व अब कटला बनाए जाने के प्रयास हैं। इसके अलावा चौ.मनफूलसिंह के सिनेमा स्थल का कटला। तीनों स्थल आरोपों के घेरों में हें मगर गंगाजल मील और कांग्रेस पार्टी के नेता सब चुप हैं। एक प्रकार का समझौता सा लग रहा है। गंगाजल मील एक बार पत्रकार वार्ता में इन पर बोले मगर कार्यवाही करने में आगे नहीं आए। संभव है कि अब मील परिवार के पंप पर जेसीबी चले तो मील इन करोड़ों रूपयों के स्थलों पर मुकद्दमें करवाएं।
यह भी संभाना है कि पंप के प्रकरण में मील परिवार अदालत में जाएं और कार्यवाही को स्थगित करवाएं।


17~4~2016.
UP DATED  27-11-2016.


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