रविवार, 28 जून 2015

दो नामों से रहता अध्यापक:एक पीएचडी दोनों नामों पर इस्तेमाल:


बीएड की डिग्री में भी है शंका:
सूरतगढ़,28 जून। संपूर्ण देश में मंत्रियों की फर्जी डिग्रियों पर शोर मचा है तथा आम आदमी पार्टी का कानून मंत्री जितेन्द्र तोमर जेल में है।
सूरतगढ़ में भी पिछले कुछ सालों से एक सरकारी अध्यापक शंका के दायरे में घिरा है।
एक नाम सरकारी स्कूल में है और कोचिंग में दूसरा नाम है।
असली नाम से शोध कर पीएचडी ली जो फर्जी नाम के साथ इस्तेमाल व प्रचारित की जा रही है। फर्जी नाम के साथ उक्त पीएचडी दर्शाते हुए विज्ञापन अखबारों में छपवाए जा रहे हैं।
अध्यापक नाम दो रख कर फर्जीवाड़ा करते हुए सरकार को गुमराह कर रहा है मगर उसका मुखड़ा एक ही है जो दो जगहों पर दो प्रकार का नहीं हो सकता।
उसकी बीएड की डिग्री शंकाओं में है जो नियमित छात्र के रूप में ली गई आरोप है कि उस समय वह किसी संस्थान में अंशकालीन भुगतान पर नौकरी कर रहा था। एक ही समय दो अलग अलग शहरों में कोई कैसे रह सकता है? शंका यह है कि बीएड की नियमित कक्षाओं में हाजिरी का फर्जीवाड़ा रहा। जिस स्थान पर पढ़ाने का पारिश्रमिक लिया वहां तो हाजिर होना जरूरी था।

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