शुक्रवार, 17 सितंबर 2021

कैसा हो रहा है सूरतगढ़ का विकास और उसमें परेशानियां- अध्यक्ष कालवा से बातचीत

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 16 सितंबर 2021.

नगर पालिका सूरतगढ़ के अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा ने बताया के सूरतगढ़ नगर पालिका नगरीय सीमा को बढ़ाने की आवश्यकता है और इस बाबत उच्च स्तरीय बैठक में यह बात रखी गई थी। नगरपालिका का पेराफेरी एरिया तो है लेकिन नगरीय सीमा वर्षों पुरानी ही पड़ी है।


नगर पालिका अपनी नगरीय सीमा में ही पट्टे आदि वितरण का कार्य कर सकती है। उन्होंने बताया कि प्रशासन शहरों की ओर में नगर पालिका सरकार द्वारा निर्धारित हर कार्य बहुत कुछ पूरी तरह करने की इच्छा रखती है। अतिक्रमण के पट्टे बनाने के बारे में अभी गाइड लाइन में यह नहीं बताया गया कि किस वर्ष तक के अतिक्रमण के पट्टे बनाए जा सकते हैं यह सूचना आने पर यह कार्य  किया जाएगा। शहरी अभियान विभिन्न चरणों में चलेगा उनमें अतिक्रमण के पट्टे बनाए जाने के मामले में भी पूरी तैयारी है। इसमें सरकार ने आवासीय क्षेत्र भी बढ़ाया है।

रेलवे स्टेशन से भगत सिंह चौक तक सड़क निर्माण का टेंडर करवाया जा चुका है लेकिन उसमें एक बाधाआ रही है कि पूर्व में इंटरलॉकिंग का एक मामला भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में चल रहा है वह निस्तारित होना बहुत जरूरी है। उसकी जांच पूरी होने तक वहां कोई बदलाव नया निर्माण नहीं कराया जा सकता। एसीबी से जांच शीघ्र करने का आग्रह किया है। 

नालों पर आरसीसी निर्माण और उससे भी आगे लोहे के ऐंगल से बने अतिक्रमण से सफाई कर्मचारियों को बहुत परेशानी होने तथा अनेक बार नालों में हाथ डालकर सफाई करने का बिंदु भी अध्यक्ष के सामने रखा गया कि यह किसी भी हालत में सही नहीं बताया जा सकता।

उन्होंने माना कि सफाई में परेशानी आती है और सफाई भी पूरी नहीं हो पाती। इस मामले में बताया गया कि जब सुभाष चौक से भगतसिंह चौक तक सड़क का निर्माण होगा तब साथ ही यह कार्य संपन्न कर दिया जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह हुई कि नालों पर ढक्कन नहीं हो और यदि आवश्यकता हुई तो नगर पालिका की ओर से ही यह व्यवस्था की जाएगी। 

नगरपालिका के नये भवन और जनरल मार्केट बाबत भी बात हुई। पालिका के भवन निर्माण बाबत लोन की स्वीकृति होने के बाद लेट क्यों की बात रखी गई। उन्होंने कहा कि निर्माण की सभी तकनीक आदि से निर्माण होगा।

उन्होंने कहा कि शहर को असहाय गौवंश और पशुओं से मुक्त करने की घोषणा और कार्य पर सवाल उठाए जाते हैं लेकिन इसकी असलियत पर गौर नहीं करते। नंदीशाला में करीब 350 संख्या में गौवंश और पशु थे जिनकी संख्या अब एक हजार तक पहुंच गई है। शहर में से ही ये नंदी शाला में पहुंचाए हैं। अब असलियत यह है कि गावों से लाकर शहर में पशु छोड़ने का क्रम निरंतर चल रहा है। इन पर बहुत बड़ा खर्च हो रहा है। 

नगरपालिका में और खुद अध्यक्ष पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने की बात खुद ने ही सामने रखते हुए कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वे जबानी जमाखर्च हो रहा है, उनके पास कोई सबूत आदि हैं तो मुकदमा कर सकते हैं तथा भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। लेकिन इन कदमों से पीछे रहते हैं।

उन्होंने खुद ने ही बताया कि एक और आरोप लगाया जा रहा है कि चैयरमैन अतिक्रमण करवा रहा है। लेकिन जब कहा गया कि बताओ कहां कहां चैयरमैन के अतिक्रमण हैं उनको तुड़वाएं। इसके बाद कोई आगे नहीं आता। उन्होंने कहा कि आश्चर्य तो इस बात का है कि इस तरह के सभी जबानी जमाखर्च वाले झूठे आरोप उन्हीं के दल वाले पार्षद संगठन पदाधिकारी लगा रहे हैं। अध्यक्ष इस प्रकार के आरोप लगाने को शहर हित में बाधा मानते हैं कि इनके जवाब देने में ही रहें। 

उन्होंने कहा कि सीवरेज निर्माण तो मेरे कार्यकाल से पहले ही शुरू हो चुका था। उसकी गड़बड़ी में आरोप मुझ पर लगाना और सीवरेज कं से 25 लाख रूपये लेने का आरोप लगाना। चैयरमैन ने इस आरोप को एकदम झूठा बताया।

उन्होंने कहा कि गढ के बिखरते जाने पर सवाल नगरपालिका पर किए जा रहे हैं जबकि नगरपालिका का इस संपत्ति से कोई संबंध नहीं। यह शुद्ध रूप से राजस्व विभाग तहसील से जुड़ा है। गढ के बाहरी तरफ बीस पच्चीस फुट की खाली जगह मार्ग होने की बात भी सामने आई कि अब ऐसी मौजूदा स्थिति नहीं है। 

उनका मानना है कि पूर्व विधायक गंगाजल मील और नगरपालिका बोर्ड का भरपूर सहयोग मिल रहा है।

अध्यक्ष ओमप्रकाश कालवा की बातों से यह सारांश निकला कि वे खुद को राजनैतिक व्यक्ति नहीं मानते जो खेल करे,वे तो साधारण आदमी है जो सरलता से काम करना चाहते हैं और उस नीति पर चल रहे हैं। ०0०

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