Tuesday, September 26, 2017

हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में खारिज:

 

हनीप्रीतत की अग्रिम ट्रांजिट जमानत याचिका खारिज हो गई है। हनीप्रीत ने सोमवार को अपने वकील के जरिए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी। हाई कोर्ट ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई की और जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि हनीप्रीत को अग्रिम जमानत नहीं दी जा सकती क्योंकि यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का नहीं है। हालांकि कोर्ट ने हनीप्रीत को दिल्ली में सरेंडर का विकल्प दिया। हाई कोर्ट ने हनीप्रीत की अग्रिम ट्रांजिट बेल की अर्जी पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे आसान रास्ता यह होता कि वह सरेंडर कर दें। मामले में हनीप्रीत की ओर से दलील पेश की गई। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस की ओर से दलीलें दी गई जिसके बाद हाई कोर्ट ने कहा कि वह ऑर्डर पारित करेंगे और ऑर्डर रिजर्व कर लिया। ट्रांजिट अग्रिम जमानत का मतलब होता है कि ट्रांजिट के दौरान गिरफ्तारी नहीं होगी। देशद्रोह के मामले में हनीप्रीत ने अग्रिम ट्रांजिट बेल की मांग की थी ताकि दिल्ली से हरियाणा जाने के दौरान गिरफ्तारी न हो। 


सुनवाई के दौरान हरियाणा पुलिस ने अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध किया। वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा कि हनीप्रीत को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना चाहिए था। दोनों ही राज्यों की पुलिस ने तीन हफ्ते के अग्रिम ट्रांजिट बेल का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के जूरिस्डिक्शन का है। वहीं हनीप्रीत के वकील ने कहा कि उनकी मुवक्किल की जान को खतरा है, इसीलिए उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर प्रोटेक्शन की मांग की है और जब तक पड़ोसी राज्य न जाएं तब तक गिरफ्तारी पर रोक हो। अगर उन्हें प्रोटेक्शन दिया गया तो वह जांच में सहयोग को तैयार हैं। 


हरियाणा पुलिस ने रामरहीम को दोषी करार दिए जाने के बाद हिंसा फैलाने के मामले में 43 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया हुआ है इनमें हनीप्रीत भी है। वह 25 अगस्त से ही फरार है। रामरहीम को 25 अगस्त को पंचकुला की अदालत ने रेप के दो मामले में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इसके बाद वहां हिंसा हुई थी और 41 लोगों की जान चली गई थी। जब 25 अगस्त को रामरहीम सजा सुनाई गई थी उस वक्त रामरहीम के साथ हनीप्रीत मौजूद थी

( NBT)


No comments:

Post a Comment

Search This Blog