मंगलवार, 3 नवंबर 2015

सूरतगढ़ राजकीय महाविद्यालय शहीद गुरूशरण छाबड़ा की देन:


छाबड़ा हुए शहीद:
- करणीदानसिंह राजपूत -
सूरतगढ़ 3 नवम्बर 2015.
राजकीय महा विद्यालय सूरतगढ़ शहीद हुए पूर्व विधायक गुरूशरण छाबड़ा की अपने विधायक काल की महत्वपूर्ण देन है। यह महा विद्यालय सन् 1977 में स्थापित किया गया था। राजकीय महा विद्यालय के लिए सन् 1972 में आँदोलन किया गया जिसका नेतृत्व गुरूशरण छाबड़ा ने किया व अनेक साथियों ने इसमें योगदान किया। छाबड़ा के चुनाव में यह घोषणा ही थी कि जीता तो राजकीय महाविद्यालय ख्ुालवाऊंगा।
भैरोंसिंह शेखावत मुख्यमंत्री चुने गए उसी रात में करीब 11 बजे उनके निवास पर पहुंच कर भेंट की गई थी और यह माँग याद दिलाई गई।
छाबड़ा के साथ इस माँग को उस रात में प्रस्तुत करने वालों में करणीदानसिंह राजपूत व उस माणकसर निवासी राजाराम कड़वासरा थे जो अब संसार में नहीं है।
राजकीय महाविद्यालय ीावन नहीं था सो पहली बार कक्षाएं सेठ राम दयाल राठी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में लगाई गई। उसके बाद सारड़ा धर्मशाला किराए पर ली गई।
उसके बाद सोहनलाल रांका की अध्यक्षता में महाविद्यालय भवन निर्माण समिति बनी और उसकी देखरेख में जन सहयोग से भवन बनाया गया। इसका शिलान्यास प्रो.केदारनाथ के हाथों से करवाया गया। वर्तमान भवन का बाद में विस्तार हुआ।

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