Thursday, October 13, 2011

नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल प्रकरण: बलात्कार के मुकद्दमें में सीडी की जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही

पीडि़ता ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को बताया कि धमकियां मिल रही है जिससे वह संकट में है
पुलिस की प्राथमिकी में एक साल पहले भी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की जो आज तक नहीं की गई
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़,13 अकटूबर 2011. नगरपालिका अध्यक्ष बनवारीलाल मेघवाल पर अनुसूचित जाति की बाजीगर महिला के साथ बलात्कार के मुकद्दमें में सीडी की प्रयोगशाला रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही होगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यादराम सांसल ने पीडि़ता से 12 अकटूबर को यहां थाने में इस पूरे प्रकरण के बारे में जानकारी प्राप्त की। पीडि़ता ने पुलिस अधिकारी को बताया कि उसे निरंतर धमकियां मिल रही है जिससे वह संकट में है। वह पहले भी अपनी सुरक्षा की मांग कर चुकी है। यहां तक की पीडि़ता के अदालत में दिए इस्तगासे के बाद पुलिस में दर्ज हुई प्राथमिकी में भी जान की सुरक्षा की मांग की गई थी। पुलिस ने अभी तक उसकी सुरक्षा के बाबत कुछ भी प्रबंध नहीं किया है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने भी रात को करीब साढ़े नौ बजे सिटी थाने में पीडि़ता को बुलवाया और सीआई के कक्ष में उससे पूछताछ की गई। पुलिस पीडि़ता से कितनी ही बार पूछताछ कर चुकी है। राजस्थान में भंवरी देवी के अपहरण प्रकरण और उसकी बरामदगी अब तक नहीं होने के बाद तो यहां पीडि़ता की सुरक्षा का दायित्व और अधिक हो जाता है, लेकिन पुलिस ने किसी भी प्रकार से सुरक्षा नहीं की है। अब पीडि़ता ने यह बात पुन: कह दी है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पीडि़ता को बताया कि उसके द्वारा दी गई सीडी फोरंसिक लैब में भेजी हुई है और उसकी जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही हो जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इसके अलावा अधिकारी ने कोई बात नहीं की ना जानकारी दी। केवल इतनी बात बताने को ही अधिकारी आए कि सीडी की जांच रिपोर्ट मिलते ही कार्यवाही करदी जाएगी। असल में इतनी बात के लिए ही आने की बात जंचती नहीं है। लगता है कि पुलिस अभी भी ढ़ीली ही चल रही है और मुख्यमंत्री से पीडि़ता के मिलने के बाद अठारह दिन बीत चुके हैं। पुलिस को भय सता रहा है कि पीडि़ता फिर से मुख्यमंत्री के पास जा सकती है इसलिए अधिकारी ने यह सूचना दी है कि कार्यवाही हो रही है। लेकिन केवल इतने कह देने से तो पीडि़ता को न्याय शीघ्र नहीं मिल जाएगा।
पीडि़ता के 26 सितम्बर को मुख्यमंत्री आवास में हंगामा करने के बाद कार्यवाही में कुछ हलचल मची थी। पीडि़ता ने रोते हुए कहा कि न्याय नहीं मिलने वाले इन हालात में वह कोई अनहोनी कर बैठेगी। पीडि़ता ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पैर पकड़ लिए और दर्दनाक हालात बताए कि प्रकरण दर्ज हुए साल हो रहा है तथा वह न्याय के लिए तीसरी बार सीएम हाऊस आई है। पीडि़ता का आरोप था कि पुलिस उसके प्रकरण में जांच को दबा रही है। पीडि़ता ने लिखित में एक शिकायती पत्र भी मुख्यमंत्री को दिया था।
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