Tuesday, July 4, 2017

राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ़ में राजस्थानी भाषा विषय शुरू करने की मांग






सूरतगढ 4 जुलाई  2017.

अखिल भारतीय राजस्थानी भाषा मान्यता समिति ने उच्च शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार के नाम राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य  को एक ज्ञापन सौंपा।

 ज्ञापन में  राजकीय महाविद्यालय सूरतगढ में बीए प्रथम वर्ष से राजस्थानी साहित्य पाठयक्रम शुरू करने की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राजस्थानी साहित्य की समृद्धता किसी से छुपी नहीं है। लेकिन राजकीय  महाविद्यालय सूरतगढ़ में यह विषय नहीं होने से प्रतिवर्ष सैकड़ों छात्र इस महान भाषा के साहित्य के अध्ययन से वंचित रह जाते हैं।

 सूरतगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के पांच उच्च माध्यमिक विद्यालयों जानकीदासवाला, मालेर, बख्तावरपुरा, सरदारपुरा खर्था, 12 जीबी में राजस्थानी साहित्य विषय का अध्ययन करने वाले सैकड़ों छात्र बीए में राजस्थानी साहित्य में अध्ययन करना चाहते है। इन छात्रों की भावनाओं को समझते हुए राजकीय महाविद्यालय में बीए से राजस्थानी साहित्य का अध्ययन शुरू किया जाए। मान्यता समिति ने यह भी उल्लेखित किया है कि मान्यता समिति की ओर से यह विषय शुरू करवाए जाने पर जब तक व्याख्याता की नियुक्ति नहीं हो जाती तबतक समिति अपने स्तर पर निःशुल्क व्याख्याता मुहैया करवाएगी। ज्ञापन देने वालों में मान्यता समिति जिलाध्यक्ष परसराम भाटिया, जिला परिषद सदस्य डूंगरराम गेदर, बसपा नगर अध्यक्ष पवन सोनी, अमित कल्याणा, श्रवण सिंगाठिया, राजस्थानी साहित्यकार मनोजकुमार स्वामी, जसवंत फुलका, राजेन्द्र गेदर, रजविन्द्र सिंह, विनोद विश्नोई, सुरेन्द्र घोडे़ला, राजपाल झटवाल, राकेश मेघवाल, कुलदीप कुमावत,  मायड़ भाषा राजस्थानी लोककला रंगमच के अध्यक्ष ओमसाबणियां शामिल थे।



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