बुधवार, 27 अप्रैल 2011

प्राचीन शिव और प्राचीन शनि मंदिरों के पीछे गिनाणी में हो रहे अतिक्रमण

गिनाणी में अवैध कब्जों के लिए बालू रेत की भर्ती मानो रेत का टिब्बा हो। फोटो संजय भाटी
खुले आम ट्रैक्टर ट्रॉली में बालू रेत लाकर गिनाणी में डाली जाती है। फोटो संजय भाटी
गिनाणी में मिट्टी डाल कर भर्ती करके मकानों की दीवारें आगे बढ़ाई जाती है। फोटो संजय भाटी
प्राचीन शिव और प्राचीन शनि मंदिरों के पीछे गिनाणी में हो रहे अतिक्रमण
पालिका का अतिक्रमण दस्ता वहां क्यों नहीं जाता?
करणीदानसिंह राजपूत
सूरतगढ़, 27 अप्रेल नगरपालिका प्रशासन की अनदेखी नहीं कही जा सकती बल्कि मिली भगती के कारण प्राचीन शिव मंदिर और प्राचीन शनि मंदिर के पीछे गिनाणी को भरती करके अवैध कब्जे करने वालों की बाढ़ सी आई हुई है। ये अतिक्रमण कुछ वर्ष पहले शुरू हुए और प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण एक बार तुड़वाए जाने के बाद पुन: हो गए। लेकिन अभी कुछ दिन पूर्व एक तरफ तो प्रशासन वार्ड नं 4 में अतिक्रमण तुड़वा रहा था और उसी समय गिनाणी में अतिक्रमण हो भी रहे थे। ये अतिक्रमण बाकायदा ट्रैक्टर ट्रॉली में बालू रेत लाकर गिनाणी में भर्ती कराई जा रही थी। नगर पालिका को इत्तला भी दी गई मगर अतिक्रमण तुड़वाने वाला दस्ता वहां नहीं गया। पालिका की इस तरह की मिली भगती से कुछ ही दिनों में यह गिनाणी समाप्त हो जाएगी।
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