Thursday, August 10, 2017

विधायक राजेंद्र भादू की ललकार- भ्रष्टाचार सहन नहीं होगा(क्या हुआ?)


- करणीदानसिंह राजपूत -

सूरतगढ़ - पहली बार 15-12-2013.,

अपडेट 10-8-2017.

भाजपा के नव निर्वाचित विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने अपनी जीत के समस्त आभार संबोधनों में बड़ी ताकत के साथ कहा है कि भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बरदास्त नहीं किया जाएगा। माननीय मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की भी यही घोषणा है और प्रदेश के लिए स्पष्ट रूप में यही नीति लागू रहेगी। कांग्रेस के मील राज में सूरतगढ़ में हर विभाग में और खासकर नगरपालिका,पुलिस व राजस्व विभागों में जो बुरा हाल रहा है वो जग जाहिर है। इलाके की जनता को पीड़ाओं से मुक्ति दिला कर ही यहां वास्तव में भाजपा का राज स्थापित किया जा सकता है। विधायक चुने जाते ही राजेन्द्र भादू के संबोधनों की सराहना की जानी चाहिए कि वे भ्रष्टाचार को हटाने में आगे रहेंगे।

असल में जनता का कोई भी प्रतिनिधि आए,जो भ्रष्टाचारी अधिकारी व कर्मचारी होते हैं वे कोई ना कोई रास्ता रूपए हजम करने का निकाल लेते हैं। इस प्रकार के अधिकारी व कर्मचारी काम को लटकाते रहते हैं। निर्माण कार्यों आदि में भी घटिया कार्य करते रहते हैं। जब विभागों के अधिकारियों को शिकायत की जाती है तो उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती। लोग मुख्यमंत्री व राज्यपाल आदि को शिकायतें करते हैं जिनके सुने जाने में समय लग जाता है। 

सूरतगढ़ की शिकायत अगर सूरतगढ़ में ही की जाए तो उसका असर तुरंत होगा यह समझा जाना चाहिए। अब विधायक राजेन्द्रसिंह भादू ने जो घोषणा की है,उसका लाभ जनता को तभी मिल सकता है कि जनता सरकारी अधिकारी को व जयपुर में शिकायत भेजने के बजाय सीधे राजेन्द्रसिंह भादू को दे। चाहे उस पर एक व्यक्ति के हस्ताक्षर हो या समूह के हस्ताक्षर हों। इस प्रकिया से विधायक को मालूम पड़ेगा कि कौनसे विभाग में कौनसा अधिकारी भ्रष्ट है तथा जनता का कार्य सही ढ़ंग से नहीं कर रहा है। इस पर विधायक तत्काल ही कार्यवाही भी कर सकेंगे।

इससे एक बड़ा लाभ यह होगा कि भ्रष्ठ अधिकारी हो चाहे कार्यकर्ता हो वह विधायक से नजदीकियां नहीं बना सकेगा। विधायक उनको फटकार कर दूर भी कर सकेगा।

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 विधायक राजेंद्र सिंह भादू ने अपने विधायक काल के करीब साढ़े 3 साल बाद कहा है कि उनके सूरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में किसी को किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो वह व्यक्ति उनसे व्यक्तिगत रूप से मिल सकता है। इसके अलावा उनके विधायक सेवा केंद्र पर सूचना दे सकता है लिखित में और उनके मेल एड्रेस पर शिकायत भेज सकता है। 

कितने लोगों ने विधायक से अपनी बात कही है, और इस संदेश के उपरांत कितने लोगों ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है? विधायक ने अपने चुने जाने के बाद जो वक्तव्य दिया भ्रष्टाचार मिटाने का वह पहली बार 15 दिसंबर 2013 को हमने प्रकाशित किया था ।इलाके में क्या हाल है!इसके बारे में जनता अधिक जानती होगी!!  साढ़े 3 साल बाद विधायक जी ने अपील की है। इन  साढ़े 3 साल में विधायक जी को इलाके की समस्याओं के बारे में जरूर मालूम हो चुका होगा और यह भी मालूम हो गया होगा की समस्याएं दूर हुई है या नहीं हुई है? भ्रष्टाचार मिटा है या नहीं मिटा है और मिटा है तो कितना मिटा  है और बढ़ गया है तो कितना बढ गया है? 

बडा हुआ भ्रष्टाचार इलाके के अंदर उनकी खुद की छवि को प्रभावित कर रहा है नुकसान पहुंचा रहा है तो कितना? फिर भी जो समय बाकी बचा है उसमें क्या कुछ किया जा सकता है? जनता को एक बार फिर प्रयास कर लेना चाहिए। उस प्रयास का परिणाम दो तीन माह में तो जरूर ही मिल जाना चाहिए। अगर अब भी अच्छा परिणाम  नहीं मिलता है तो भगवान मालिक है  कहने के बजाय मैं यह कहूंगा कि आगे जनता मालिक है।

( विधायक जी को इतना तो जरूर मालूम होगा कि आगामी चुनाव 2018  में जीत पक्की करने के लिए पार्टी मौजूदा विधायकों की कड़ी समीक्षा करेगी। करीब 40 प्रतिशत को पुनः टिकट नहीं मिलेंगी। सूरतगढ में अच्छे दिनों की मीठी मधुर सुगंध की हवा बह रही है या लोग भ्रष्टाचार महंगाई बेरोजगारी पानी मांग व अन्य समस्याओं की उमस में तड़प रहे हैं?)

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