रविवार, 7 अप्रैल 2024

मील नेताओं का भाजपा में प्रवेश: राजनीति में बड़ा बदलाव निश्चित.

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

सूरतगढ़ 7 अप्रैल 2024.

मील नेताओं पूर्व विधायक गंगाजल मील,पंचायत समिति प्रधान हजारीराम मील,पंचायत समिति डायरेक्टर हेतराम मील और पिछले चुनाव 2018 का विधानसभा चुनाव लड़े हनुमान मील ने भाजपा प्रदेश कार्यालय जयपुर में आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। गंगाजल मील ने मोदी का गुणगान करते हुए अपनी घर वापसी बताया। मील ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप भी लगाया।

* अभी एकदम से टिप्पणी में यही सवाल है कि मील नेता भाजपा की श्रीगंगानगर लोकसभा प्रत्याशी प्रियंका बेलाण की वर्तमान हालात से मजबूत करनेके लिए क्या कर सकते हैं?








👍 सूरतगढ़ भाजपा में अब बड़ा उलटफेर होना निश्चि


त है। एक प्रकार से मील भाजपा का उदय है और हनुमान मील 2028 के लिए दावेदार। राजनीति में भविष्यवाणी करना खांडे की धार पर चलना होता है लेकिन यह दिख रहा है तो लिखने से रुकना नहीं चाहिए।

* गंगाजल मील ने 2003 में पीलीबंगा से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा। रामप्रताप कासनिया ने भाजपा टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ा और मील को हराया। 2008 में पीलीबंगा अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाने पर सभी दिग्गज सूरतगढ़ में चुनाव लड़ने लगे। गंगाजल मील ने भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए भाजपा छोड़ कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ा और भाजपा के रामप्रताप कासनिया को हरा कर बदला लिया। दोनों की राजनीतिक लड़ाई रही। 2023 के चुनाव में कांग्रेस ने हनुमान मील को टिकट नहीं दिया जिस पर नाराज होकर मील नेताओं ने भाजपा प्रत्याशी रामप्रताप कासनिया का समर्थन किया। कासनिया को कांग्रेस प्रत्याशी डुंगरराम गेदर ने 50 हजार से अधिक वोटों से हराया और विधायक बन गये। कांग्रेस पार्टी ने मील नेताओं को छह साल के लिए पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया तब से मील नेता राजनैतिक दृष्टि से अधरझूल में कहीं के भी नहीं रहे। अब भाजपा में आने के बाद बड़ा उलटफेर होगा।

** लेकिन मील नेताओं को अपना संपूर्ण व्यवहार बदलना होगा। अपनी मर्जी कांग्रेस वाली भाजपा में नहीं चल सकती और 2013 से अब 2023 बीतने तक का बदहाल देख परख और भोग भी लिया। पुराने सलाहकारों को नजदीक रखना सलाह मानना नुकसान देय होगा।

👍 रामप्रताप कासनिया ने अपने बेटे संदीप कासनिया को राजनीति में आगे कर दिया लेकिन बाप बेटे के व्यवहार से अनेक भाजपाई नाराज हैं उनके लिए मील एक रास्ता हो सकेंगे। सीधे रूप में मील नयी और बड़ी चुनौती है। कासनिया के  नगरमंडल मोर्चों के पदाधिकारियों से भी लोग नाराज हैं। भाजपा में बहुत कुछ होगा। 

* भाजपा में मील ग्रुप के अनेक लोगों ने भाजपा में प्रवेश किया है जो सूरतगढ़ शहर ही नहीं पूरे विधानसभा में दखल देंगे। उनके नाम एक विज्ञप्ति में हैं जो यहां पढ सकते हैं।०0०

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