मंगलवार, 7 सितंबर 2021

परम्परागत जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित किया जायेः जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत

 




* करणीदानसिंह राजपूत *

श्रीगंगानगर, 7 सितम्बर 2021.

^^ जल प्रबंधन के लिये आमजन को भी जागरूक किया जायेः जिला कलक्टर जाकिर हुसैन ^^

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल शक्ति अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा के जल को एकत्रित कर उसे उपयोग में लेना है। उन्होंने कहा कि पानी की एक-एक बूंद को संजोकर रखना है ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिये जल को संरक्षित रख सके। 
‌श्री शेखावत मंगलवार को देशभर के विभिन्न राज्यों के जिला कलक्टर्स से वीसी के माध्यम से जल शक्ति अभियान को लेकर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जल बचत के लिये हमें हर क्षेत्र में काम करना होगा। पारम्परिक जल स्त्रोतों को पुनर्जीवित करना होगा। 
उन्होंने कहा कि पारम्परिक स्त्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिये महात्मा गांधी नरेगा योजना व अन्य योजनाओं को डोकटल कर ये कार्य किये जा सकते है। उन्होंने कहा कि जल आने वाली पीढ़ियों के लिये सुरक्षित रहे, इसको लेकर सभी जिला कलक्टर्स को एक अवसर मिला है, इस दौरान हम जल को लेकर अच्छे कार्य करे, जिससे आने वाली पीढ़ियां याद करेगी। उन्होंने कहा कि भारत को जल समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिये जिस रूप में पानी है, उसकी एक-एक बूंद को संरक्षित करनी होगी। उन्होंने कहा कि जो नदियां लुप्त हो गई है, उनको पुर्नजीवित करने के सकारात्मक प्रयास किये जाये। वर्षा जल की एक-एक बूंद को बचाने के लिये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अपनाना होगा। उन्होंने कहा कि जल में वेस्ट वॉटर नहीं होता, जल की एक-एक बूंद उपयोगी है। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के लिये गांव स्तर पर जाकर कार्य योजना बनानी होगी।

जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने कहा कि जल प्रबंधन के लिये वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर अधिक जोर दिया जाये। राजस्थान में परम्परागत टांकों में पानी संग्रहण करने की पुरानी परम्परा है। वर्तमान में शिक्षण संस्थाओं के अलावा राजकीय भवनों में जल संग्रहण सिस्टम विकसित किया जाये, जिससे वर्षा का पानी संग्रहित कर सकते है। उन्होंने कहा कि आमजन को भी अपने घरों में वर्षा का पानी बेकार न जाये, इसको लेकर टांके बनाये जाये। जिला कलक्टर ने कहा कि जल प्रबंधन के लिये आमजन को जागरूक किया जाये तथा पानी की महत्ता को बताया जाये। 

वीसी में पेयजल विभाग के अधीक्षण अभियंता श्री वीरेन्द्र कुमार बलाना भी उपस्थित थे।०0०
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