शनिवार, 18 सितंबर 2021

राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार पर पंजाब के तूफान का असर पड़ने की आशंका

 



* करणीदानसिंह राजपूत *
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ महीनों से चल रहे घमासान का अंत आज 18 सितंबर 2021 को कैप्टन अमरेंद्र सिंह के मुख्यमंत्री पद त्याग से हुआ है लेकिन वहां नया तूफान उठने के संकेत हैं जिसका पूर्वानुमान इस्तीफे के बाद प्रेस को दिए अमरेंद्र के बयान से लगता है।
कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने त्यागपत्र के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि वे पार्टी में निरंतर अपमानित होते रहे हैं। बार बार उनका परीक्षण किया जाता रहा है। उन्होंने आगे की राजनीति के बारे में अपने साथियों से बातचीत करके कोई फैसला लेने का कहा है। 
पंजाब कांग्रेस में घमासान के बाद मुख्यमंत्री के त्यागपत्र देने का असर क्या राजस्थान में भी हो सकता है?
 राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच काफी समय से युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं।
चुनाव से पहले सचिन पायलट ने बहुत मेहनत की और पायलट को आशा थी कि मुख्यमंत्री पद पर उन्हें बैठाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
पायलट के पास राजस्थान का कांग्रेस अध्यक्ष पद था विवाद में उनको उप मुख्यमंत्री पद भी सौंपा गया लेकिन विवाद थमा नहीं। विधायक इधर-उधर बड़ा बंदी जैसे रूप में भी रहे। इस झगड़े में पायलट को पार्टी का अध्यक्ष पद और उप मुख्यमंत्री पद भी छोड़ना पड़ा। 
दोनों के बीच झगड़ा जयपुर से चल कर दिल्ली तक पहुंचा मगर कोई निर्णय नहीं हो पाया। यह माना जाता रहा कि सोनिया गांधी का वरद हस्त अशोक गहलोत के सिर पर है इसलिए अशोक गहलोत का पद पूरी तरह से सुरक्षित है। सचिन पायलट कुछ भी बिगाड़ नहीं सकते। इस कशमकश में पिछले 1 साल से राजस्थान में सरकार की छवि बहुत धूमिल हुई है और जनता का बहुत कुछ बिगड़ा है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पिछले 1 साल से नजर नहीं आते ऐसा जनता मान रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का राज जनता को निष्क्रिय जैसा लग रहा है। 
अशोक गहलोत को राजनीति का जादूगर माना जाता है लेकिन 1 साल से राजनीतिक जादू प्रभावी नजर नहीं आ रहा। एक साल से तो खटके के भय में राज चलाया जा रहा है। जनता समझ रही है कि सुपरफास्ट ट्रेन है मगर स्पीड नहीं पकड़ रही।
पंजाब में कैप्टन अमरेंद्र सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जो विवाद चला उसमें कैप्टन अमरेंद्र सिंह को आज 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। अमरेंद्र सिंह की धमकी भी चल नहीं पाई। 
 पंजाब में बदले हालात के बाद क्या राजस्थान में भी बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका हो गई है?
ऐसा लगता है कि सचिन पायलट की तरफ से कुछ होगा जरूर। 
यह आशंका बलवती हो गई है कि अशोक गहलोत की सरकार को भी आने वाले दिनों में ऐसा संकट झेलना पड़ सकता है?०0०
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