रविवार, 5 सितंबर 2021

क्या प्रधानमंत्री मोदी ममता दीदी को भवानीपुर उपचुनाव में हराने पश्चिम बंगाल जाऐंगे?

 

* करणीदानसिंह राजपूत *

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भवानीपुर से उप चुनाव लड़ेंगी ताकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पद सुरक्षित रह सके। ममता बनर्जी को यह उपचुनाव जीतना जरूरी है। नियमानुसार विधानसभा का चुनाव लड़े बिना कोई भी मुख्यमंत्री बन सकता है,लेकिन छह माह में किसी भी सीट से उपचुनाव लड़ना और सदन का सदस्य बनना जरूरी होता है। तृणमूल कांग्रेस के भवानीपुर विधायक ने त्यागपत्र देकर ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने के लिए सीट को खाली किया है। चुनाव आयोग से उपचुनाव के लिए आग्रह किया गया। चुनाव आयोग ने 4 सितंबर 2021 को तीन स्थानों पर उपचुनाव की घोषणा की है। 

इस घोषणा के बाद फिर यह सवाल पैदा हो गया है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ममता दीदी को हराने के लिए फिर से पश्चिमी बंगाल जाएंगे। 

ममता बनर्जी को हराने के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रधानमंत्री सहित दिग्गज नेता विधानसभा चुनाव में पश्चिमी बंगाल गए थे। ममता बनर्जी ने अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से चुनाव नहीं लड़ा और चुनौती के रूप में नंदीग्राम चली गई जहां से जीत नहीं सकी। अब आयोग ने तीन स्थानों पर उपचुनाव घोषित किए हैं जिनमें 1 सीट भवानीपुर वाली भी है। ममता बनर्जी ने 2011 में इसी सीट से उप चुनाव लड़ा था और जीती थी। ममता बनर्जी को यहां 77.46% वोट प्राप्त हुए जो कि महत्वपूर्ण रिकार्ड है। उसके बाद दोबारा वे वहां से चुनाव लड़ी और 48% वोट प्राप्त हुए। यह माना जा रहा है कि भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए पूरी तरह से सुरक्षित सीट है और इसमें ममता बनर्जी की जीत पक्की है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा आदि किसी भी सूरत में ममता बनर्जी को जीतते हुए नहीं देखना चाहते। विगत चुनाव में भाजपा का एक ही उद्देश्य था कि तृणमूल कांग्रेस फिर से सत्ता पर नहीं आ पाए लेकिन यह सपना सच्च नहीं हो पाया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीदी ओ दीदी कहते हुए चुनावी सभाओं को संबोधित किया जिनमें ममता राज को खूब कोसा गया। प्रधानमंत्री के भाषणों को जनता ने खारिज कर दिया और तृणमूल कांग्रेस को फिर से राज सौंप दिया। मोदी और भाजपा कड़वा घूंट पीकर तड़पते रह गए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दीदी को हराने के लिए उपचुनाव में फिर से पश्चिमी बंगाल की यात्रा करेंगे और चुनाव रैलियों में भाग लेंगे?

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